Skip to playerSkip to main content
Malika defies all odds for love, walking away from comfort, tradition and the safety of the family. But what she found wasn’t the fairytale she imagined. With Raza, stability turns into restraint as her spirit begins to fade. Pamaal is a story of love, loss, and rediscovery, where the end of one journey becomes the beginning of another.

#pakistani drama, #pamaal, #drama2025, #viral drama, #global drama

Category

📺
TV
Transcript
00:00ओ हर जाही तामन में क्यों आगे लगाई मधानिया
00:11में अनी को समझा दिया वाइंदर फ्रैक्निया होगा मचसे
00:33क्या का तुमने उसे के मुले यसा पसनने है
00:38हाँ
00:41कहीं उसने और कोई बड़ी प्राब्लम क्लेर कर दी तो
00:44तो कर दे मुझे क्या फरक पड़ता है
00:47मुझे किसी के परवाह नहीं है
00:50मेरे लिए यह इंपॉर्टन्ट है कि मेरा शोहर मेरे भारे में क्या सूचता है
00:55अब ऐसे भी उसकी जॉप लगी है लोहर में थोड़े दिनों में जा रहा है
01:01आपके सामने में ऐसे कुछ कहा नहीं, जो भी है, कजन है, माम का बेटा है
01:07अकेले में समझा दिया, समझ किया वो
01:10बहुत सम्मेदार हो गई है मलका
01:13क्यों? पहले समझदार नहीं थी गया
01:16तो अक्शली कल जब आपने डिनर पे भाई भावी से पूलाना के
01:21मलका रोक सकते है, उसका हख है
01:24तो मैं समझ गई
01:26अगर बीवी का शोहर पर हख हो सकता है
01:29तो शोहर का भी बीवी पर हख हो सकता है
01:32पस ये बात समझने में थोड़ी देल लगी लिखेने
01:35समझ गई हूँ
01:39तो बहुत अच्छी हो मलका
01:42कितनी बार सुनूगी रोज तो कहता हूं
01:48काफे दिनों से अपने नहीं काई
01:52तुम बहुर अच्छी हो
01:58आइनू
01:59शादी के बाद आउरत के दिल में अक्सर
02:11एक खाहिश बलने लगती है
02:14अपना घर
02:16ऐसा घर जो सिर्फ उसका हो
02:21जहां वो दिल खोल कर सांस ले सके
02:26जहां वो उप्टा एक नया जहान बनाए
02:32लेकिन अक्सर ये खाहिश
02:37कुछ रिष्टों की खातिर
02:39कहीं न कहीं दिल में तफर हो जाती है
02:43मेरी किसमत में वैसे ही बाप की छट नहीं थी
02:49बस शायद इसी बज़ा से दिल के सबसे बड़ी खाहिश वे छट की थी
02:56अपना घर अपना आशियाना एक कोना अपनी छट
03:06सलमा भावी का है वो तो मार्कीट गई है एक दू गेंडे बाद आएंगी
03:15सलमा भावी का है वो तो मार्कीट गई है एक दू गेंडे बाद आएंगी
03:32सलमा मुझे लग रहा है चेस बाद साथ जुड़ी है उदे को रास्ता कम है
03:44सेटिंग चेंज करें थोड़ी
03:46करेंगी
03:53करेंगी
03:56प्रॉब प्रॉब
04:01प्रॉब
04:05प्रॉब
04:09आएंगी
04:18मुप
04:21प्रॉब
04:26प्रॉब
04:29आएंगी
04:32कर दो कर दो
05:02सल्मा
05:07सल्मा
05:09भावी आगे हैं आप
05:12मैं फारी थी मैंने का थोड़ी घर की सटिंग चेंज करूं कैसे लगी आपका
05:16यह कॉर्नर पहले से पेते लग रहा है ना
05:18सल्मा जी बाजी यह सब कुछ वापिस वैसे ही सेट कराऊ जैसे पहले था
05:23बुलाव अजल दीन को
05:24जी अच्छा
05:26क्या हो भावी
05:28अच्छा नहीं लगा आपका
05:29भले खा
05:30तुम्हें शाइद मालूम नहीं है कि मैंने कितने बड़े इंटीरे डिजाइनर से ही सब डेकरेट कराया
05:36खास कराची से बुलाया था
05:39तुमने तो खड़े-खड़े पेरे घर की वालियूज यू हो करती
05:43नहीं आई हो
05:45समझाओगी
05:47साब के आने से पहले सब कुछ अपनी जगह पर वापिस रखवा तो
05:52परना वो कहेंगे डिसाइनर के पैसे देगे मैं तू लूट क्या
05:55क्या हुआ
06:09क्या हुआ
06:11मेरे आने के बावजूद भी इतनी सजीद की
06:14अज़ा
06:16अज सुबूर जब आप आफिस में थे
06:20भावी भी घर पर नहीं थी
06:23तो
06:25साथ दिन मैसे भी कुछ करने के लिए नहीं होता
06:28तो मैं दिल चाहके मैं
06:30थोड़ी सी सेटिंग चेंज करूं लाउंज की
06:33मैंने की
06:34मुझे तो अच्छे लगी
06:36पर
06:38फिर मुझे पता चला के इस खर को किसी
06:43इंटीर डिजाइर ने सेट किया है
06:46तो मैं इसकी किसी चीज़ को हाथ नहीं नगा सकती हूँ
06:50हाँ
06:51भाबी की खुआश थी कि इंटीर डिजाइनर कराची से बलाए जाए
06:55मैं और भाई चाहते थे के भाबी खुद मट जो उनकी मर्जी
07:01जब भाबी की मर्जी से इतना कुछ हो सकता है
07:06थोड़ी बहुत मर्जी तो मेरी भी चल सकती है
07:09लेकिन भाबी को अच्छा नहीं लगा
07:13यह तो भाबी पर डिपेंट करता है मलका
07:17जो चाहें करें
07:20उनका घर है
07:27क्या मतलब
07:30क्या मतलब
07:33भाबी का घर
07:35हाँ
07:37घर शब भाई कता शादी के बाद उनने भाबी के नाब पर करती
07:41क्यों
07:44तो यह आपकर यह नहीं हमारा कर नहीं है
07:48मैं
07:49
07:52कभी भाबी ने कोई लियास नहीं किया
07:56मैं समझी किसन मुझ में महरवान हो गई है
08:06तो जो मेरा खर मिल गया है
08:10ना मेरी माग को अपना घर मिला ना मजए
08:16सारी जिंदगी हमने माम के दर पे खुसारती है
08:20हम दो भाई है मुलेका
08:24हमाला अलग घर में तो नहीं रह सकते ना
08:27अपना मों ठीक करो तुमारे माम की दर चलते है
08:39हाँ चलो श्मायर बिंग स्मायर चलो
08:46चलो
08:57हम यह वारत का अपना घर कौन सा होता है
09:00वारत का घर
09:03शादी से पहले उसके माबब का घर
09:06और शादी के बाद उसके शोहर का घर ही उसका घर होता है बटा
09:10और अगर उसके शोहर का अपना घर ना हो तो
09:14तपर शोहर का साथ ही उसके लिए सबसे बड़ी नेमत होती है
09:20कुछ हुआ है क्या
09:24माई उसी हुए
09:27काश
09:33ये मामू का नहीं अब्बा का दियावा खरोता
09:37पिटा सब की नसीब में सब कुछ नहीं होता
09:40कुछ लोगों के पास जिन्दगी जरूर होती है
09:45लेकिन मुझ सेहत के लिए दरसते हैं
09:49और कुछ तो बेवकूफ होते हैं
09:53कोई सारी जिन्दगी दौलत के बीचे भागते भागते मर जाता है
09:58और किसी के पास उलाद ही नहीं होती
10:02शायद ये ही अल्ला का निजाम है
10:10उसके भाई के भाई ने भी भाभी के नाम किया
10:14यानि वे अपने शोहर के नहीं
10:18उसकी भाभी के घर में रहती हूँ
10:20तब बेटा ये बात तो रजा के भाई नहीं में शादी से पहले बता दी थी
10:24कि रजा उनके साथ रहता है
10:27अलिका इसमें इतनी घवराने वाली कौन सी बात है
10:30वक्त के साथ सब कुछ मिल जाता है
10:33वा तब तक मैं सिसक सिसक के जियू
10:34हरकिस नहीं
10:36बलके खुश रो, इज़त और इज़त लो
10:40अलिका, रजा के भाई भाई भाई उसके बड़े हैं
10:46कभी उनके साथ बत्तमीजी करके उनका दिल मत खराब करना
10:50काम्याब वारत वो नहीं होती
10:54जो अपनी खौाहिशें पूरी करने के लिए
10:57अपने रिष्टों का ये गला गूंटे
11:00तो फिर मैं क्या करो?
11:02सबर
11:03पेटा भी शादी को दिन ही कितने हुए है
11:07एक तो तुम लड़कियों का ये ही बहुत बड़ा मसला है
11:11इतने अर्मान से जाकर शादी करती है
11:14कि बाद में ये ही अर्मान जिन्दगी के रामिया से बनकर डराते है
11:18मेरा भी दिल चाता है मेरा अपना घर हो जहां मेरी मर्जी चले
11:21पहले खुद को उस मुकाम पे तो पंचा
11:24कि शोहर तुम्हारा एहसास करे तुम्हारी खौईश का इतराम करे
11:29और अगर उन्हे एहसास नहुआ तो
11:30होगा पहले उसके रंग में तो रंग ही जाओता
11:34पर तुमने उजलत दिखाई
11:40तो यही एहसास उसे में भी बदल सकता है
11:44पिटे इनसान पे अगर कोई बात मसल्लत की जाए
11:49तो वो चुड़ जाता है
11:51इस तरह उससे बात मनवाई जा सकती है
11:54लेकिन एहसास नहीं दिलाया जा सकता
11:58और अगर तुमने भी अपनी खौईश की जिप पकड़ ली
12:01तो हो सकता है रजा तुम्हारी बात मांगले
12:04लेकिन इस तरह तुम खुश नहीं रह सकोगी
12:08और यही जिद बाद में तुम्हें खौन भी तुकवा सकती है
12:15इसलिए बिटा थोड़ा सबर अरदाश्ट और अतात
12:31आज सर्णियता मैंने सुचा सब घर पे तो किस स्पेशल बनाया जाए
12:36मिनी नामी की डेश है यह वो बनाया करके थी हमारे घर की स्पेशल डेश है
12:41कभी मैं कहूं के वही आज तो किसी एक्सपर्ट के हाथों का कमाल लग रही है
12:45वा शेकल भी बड़ी इच्छी है
12:48खाली शेकल नहीं भाए आपको टेश भी बाजचा नहीं गएगा
12:50क्यों नहीं होगी भई चोटी बहुने जो बनाया गया
12:53सफ्या
12:55वा थैंक यू
13:01अबी
13:03थोड़ा अलग लग लग रहा है
13:07मसाले तो यह डिफर्ट लग रहा है
13:10आपको क्च्छी बहुने जोग है 안녕
13:24ये इस टीम में गोशकों गलाते है
13:26गलावा है गोश्ची
13:27अबी क्च्छ नहीं ये खाए
13:29सFromya तू शुकर करो के घरी कोい खातून किचन में गई है
13:32गों का किचन बनाया और सल्मा अर्वा घड़ी होती है
13:36कर दीना टपकल मर्दों वाली बात
13:38आरक मस किचन में ही खड़ी रहे
13:42मैली कुछ ऐली
13:43भई
13:45मेरे जौकी तो जमाना तारीब करता है
13:48मेरे किचन की
13:50मेरे सरीखें की
13:52इस पे तो कुई शक नहीं
13:53भावी का किचन तो बहुत साउस तो रहा है
13:55खुबसुरत है
13:56सुलिया
13:58अच्छा मैं ये दई भुलकी और सालड खाके गुजारा कर लेते हूँ
14:04ऐसे मलिखा तुम
14:08नेक्स टाइम जब कुछ बनाना हो तो स्नैक्स पे एक्सपरिमेंट कर ले ना
14:12क्योंकि स्नैक्स खाएं ना खाएं को फर्क नहीं बढ़ता
14:16क्योंकि लंच और डिनर के बगए तो गुजारा नहीं है ना
14:19बढ़े मर्या जबर्यानी बहुत अच्छी लेगी
14:21कैसी बाते कर रही हो इतनी इच्छी तो बनाई है इतनी मेहनत की है इतनी कर भी में
14:25मेरा किच्छन एर कंदिशन है शाहू
14:29जी बिलकुल बेगम साहिबा पर दुखी है के वहाँ सल्मा होती है हर वरत
14:33सफिया भावी बुरी नहीं थी
14:39अल्ला ने उन्हें एक निमत से नवाजा था जिस पर वो अपना भरपूर हग जिताती थी
14:46वो साथी एक अलर्ट फॉर्जी की तरह थी
14:50होना भी चाहिए
14:52घर हर आउरत की सल्तनाती तो होता है
14:57पस शिद्द से दिल चाहरा था के
15:01मेरी भी अपनी सल्तनात हो
15:04जिसकी मैं भी बेकुल इसी तरह हिफाज़त करूँ
15:18इसमें ये भी लिखता ना के आज की बिर्यानी बहुत अच्छी बनी थी
15:20अब मजा करें
15:24सच में बहुत अच्छी बनी थी
15:27अगर आपको अच्छी लगी ये तो
15:30फिर में खुश हूँ
15:32मैं सच में किचिन में काम करना इतना अच्छा लगता है
15:36पता है मैं सूची थी कि
15:42वो मानी कि पी अच्छी है
15:45उन्हेंने कभी यह प्रचुनी में दिया
15:47क्वीछ एम ऑनके गर में रहे एब फिलाल जोहर दिखाने में बज़ाए।
16:14कि एधर रहो रहो
16:15क्या हो गया हो ग्या हो गया हिए फिर अप्रा लगा
16:34क्या बुरा लगा
16:35अट्फेरेंज पिसकी बाई
16:38किसी का भी
16:40सहुत इज फिरोग है और ज तह किसी नहीं ट्फेर नही है
16:43आज आपने इंटरफेर किया मलिका के सामने
16:46मलिका के लिए
16:48वो कल की आई छोटी बहु घर की
16:51क्या सोचेगी मेरे बारे
16:52यह है मियत है मेरी आपकी नजब है
16:55इस तरह टोकते हैं मुझे
16:57देखो मुझे सिर्फ उस वक बुरा लगा
16:59जब तुमने कहा मेरा किचन है
17:01तो मेरा किचन है ना
17:02मेरा घर है नहीं
17:04नहीं लेकिन वो भी तो शादी होकर
17:06इस घर में आई है उसको भी लगना चाहिए
17:08के घर उसका है यह मैं नहीं लगने दूगी
17:10क्योंकि यह मेरा घर है
17:12अगर मलिका रजा की बीबी की हैसियत से इस घर में रहना चाहती है
17:16तो उसे मेरी कंडिशिन्स पर रहना होगा।
17:19देखो, रजा भी इस घर का फ़र्द है और उस फवाले पे…
17:22रहूद रजा एक अर्से से हमारे घर में रह रहा है।
17:25उसका अपना कमरा है।
17:27कभी उसने मेरी लाइफ में इंटरफेर नहीं किया ना ही अपनी लाइफ में इंटरफेर करने दिया।
17:31खरारत की कमजोरी होता।
17:34और मेरा घर मेरी कमजोरी है।
17:38अमी, मेरा दिल बुझ सा क्या है।
17:57मुझ ऐसे अपने जिसे कोई जिन्दगी को मक्सब नहीं रहा।
18:02अब इतनी भी मायूसी की कोई बात नहीं है मलका।
18:05अमी, सच माने, मुझ अगर प्रता हो जाना,
18:08कि रजा का अपना कोई घर नहीं है या कोई अरादा नहीं है उसका।
18:11अपना घर बनाने का।
18:14तो मैं सोचती है, कि असब करने से पहले है।
18:19मलका, इतनी जल्दी।
18:21इतनी जल्दी पश्टावा वो भी बर्यानी ना बुसंदाने पे।
18:24मैं बात बर्यानी की नहीं है, आप समझ नहीं रही।
18:27मुझ ऐसे तर जिसे मैं खोटेल में रह रही हूँ, घर में नहीं रही है।
18:33होटल भी ऐसा वैसा नहीं फाइव स्टार होटल।
18:37पेटा अच्छा भला नेक शरीफ पड़ा लिखा लड़का है।
18:41मुझ से बात निकालती नहीं हो वो पूरी कर देता है।
18:44मुझे तो समझ नहीं आती है तुम लड़कियां अपना पुराना महला एती जल्दी कैसे भूल जाती हो।
18:49जो चीज है तुम्हारे पास वो तुम्हें दिखती ही नहीं और जो नहीं है उसके लिए बिलगती हो।
18:54तो क्या करूँ मैं? आप ये बताए।
18:56शुकर अदा करो।
18:58पेटा अल्ला ने कहां से कहां पहुंचा दिया तुम्हें।
19:01अपने एर्दगिर नजर डालो।
19:03कुछ लड़कियां तो ऐसी हैं जिने शोहर ले जाते साथी बेच देते हैं।
19:07कुछ के शोहरों को जुए और नशे की लात होती है।
19:11तो किसी को? औरत की?
19:13कुछ तो कहते हैं कि खुद कमा कर लेकर आए।
19:16पिटा एक घर की चाहने तुम्हें बिलकुल ही अंधा कर दिया मलेका।
19:21तुम्हें अपने शोहर की कोई खुबी नजर ही नहीं आ रही।
19:25मेरे चाह कोई गलत नहीं हैं मी।
19:27सदा की तरसी हुई अपने घर के लिए।
19:30हनारत की वाइश होती हैं अपने घर की।
19:33सबर करना सीखो दरगुजर के साथ।
19:39बिटा वो सारी जिंदगी अपने भाई के साथ रहा है।
19:43अब तुम्हारा साथ मिलते ही उसे छोड़ दे क्या।
19:46भावी बेजार है हमसे अमी।
19:49अगर ये बेजारी तुम्हें दिख रही है तो उसे भी दिख जाएगी बिटा।
19:53लेकिन याद रखना अगर तुमने उसकी बेजारी को इलफास दे दी है ना।
19:58तो हो सकता है वो अपनी अना का मसला बना ले।
20:02मेरे चान जैसे एक भीकारी भीक मांगे नामुतबर हो जाता है ना।
20:08ऐसे ही अलग घर का मतालबा करके वारत भी नामुतबर हो जाती अपने शावर की नजरों में।
20:14वो दे जरूर देता है लेकिन खेरात की तरह।
20:18यह।
20:22चले मैं आपसे भी बात करती हूँ।
20:26तरफिस।
20:33मेरे एक आदत थी।
20:35मैं अपनी मा की हर नसियत पे अमल करती थी।
20:39लेकिन उस वक्त
20:41मेरे नसीब में सिफ सबर और इंतजार ही आ रहा था।
20:45पता है
20:47शादी का हर रंग दिल फरेब नहीं होता।
20:50कोई रंग सेया भी होता है
20:53कोई बता, कोई फीका।
20:57ममा मैं थक गया हूँ अब बस करूँ।
21:01नहीं।
21:02पूरा होमवर्क कंप्लीट करके उठना है।
21:04आपकी बहुत कंप्लेंट्स आ रहे हैं स्कूल से।
21:07आपकी हैंड राइटिंग ठीक नहीं है।
21:09लिखो।
21:11पूरा हमाँ एक पेसुरा लिखे लिए है, हाथ में दर्दो रहा है।
21:31नहीं हुमर, लिखो।
21:33पाभी तोड़ा रेष दे दे, वेस्ट की बातों अच्छे से काम कर सके य।
21:37मालेका।
21:40मुझे ये बात बिलकुल पसंद नहीं है
21:43मैंने कुछ रूल सेट की उमर के लिए
21:46भाव यूर तो वसी
21:47मैं शहूत तक को इस पात की इजासत नहीं देती
21:50कि वो मेरे बच्चे की तरभियत के मामले में मेरे साथ इंटिफाय करे
21:54साई भावे
21:56आंदल दियाद करना
21:59सावले तुम
22:01हरी कुम साव
22:03वाले कुम साव
22:05वै
22:06हाँ, सुका
22:07बिंके सारव
22:11अच्छ
22:12अभी के मामलाथ में मत बोला करो पीस
22:25इंसानु रसा
22:26काम नहीं कर सकती, बात नहीं कर सकती
22:29तो क्या कर सकती है
22:30मरजी है
22:31आप ही थोड़ी कॉम्प्लिकेटेट है यार
22:35उनको समझना थोड़ा मुश्किल है
22:38चले आएंदा खोशिश करो
22:41अच्छ प्लीस कोने हैं बैठके रोने मत लग गया है
22:44आपके सामने बैठके रोहूंगे
22:48कुछ लोग मनाते इतना अच्छा है
22:51कि दिल चाते जिंदगी भर उनके सामने बैठके रोया जाए
22:55रोया ही क्यो जाए
22:57जम हसा भी जा से पार
22:58अच्छ अच्छ रोड़ी ना रेजा
23:01मुझे आपसे बात करनी थी
23:04आँ बालो
23:05क्या हम एस घर में किसी को डियनर पर बुला सथे हैं
23:10क्यों मैं किने बला स सकते हैं
23:12मैरे बहुत सफ़े की बिली हैं और भ्लाग法
23:14क्यों तुम गे किसको डियनर पर बलातोсьoke
23:19मैं शूची थी मामोगमानी उनकी बिड़िगनिवे ए
23:22इसका भी इनको डिनर तो आम उने बहुत किया मेरे लिए उमाने ही मामो मेरा अमीगा सारे जिन्दक इतना खयाल रखाया है आज तक हम उनको बतले में कुछ देन नहीं पहें बेटियो के दरा पाला में मुझे
23:37कुम यह तनी लंभी तम हीद बानने के जरूरत नहीं तुम जब चाहें उन देनर पर बिला से थे
23:45जाहरे सबका साथ होने जरूरी है
23:54मैं आपके सामने ही बात करूँगी
23:57वना भे मुझे डान पड़ जाएगे
24:15भाई, भावे, मैं मामू, मुमानी और ममी को परसु खाने पर बुलाना चाहे थी
24:21अगर आपके ही चाहसत होतु है
24:23हाँ हाँ, वाइन इसे पूछने माली क्या बात है, तुम्हारा अगार है
24:28परसु?
24:32कोई खास बात है?
24:34मालगा के मामू, मानी की 40th वारे गान पर इसरी यह, तुम्हारा है
24:39हमने पवले तो कभी नी मनाई, लेकिन इस पाव मेरा दिल चाहरा है
24:45हाँ भई, मेरा गर है ही इतना खुबसूरत कि हर किसी को बुला बुला के दिखाने बगी चाहता है
24:51मैं इसलिए बुलाना चाहरी हूँ भावी के बावर मुमानी ने मेरा बहुत ख्याल रखाया हूँ
24:59तो मैं सोचे थी के शादी के बार में तरफ से और रजा के दर से
25:05बहुत अच्छा जैसे चुरू होगा हूने खाने पर बुलागा है
25:08चाहचा ज्यादा एमोशनल डायलोग्स दें बोलो यह बताओ लंच पर बुला रही है या डिनर पर
25:12जैसे आपकी मरसी आपका है
25:15डिनर पर बुला लो
25:16डिनर पर ठीक है
25:18मैं खाना खुद बराओंगे
25:21ने ने ने खाना सलमा बना लगी
25:23सिंपल साथ हो बनेगा
25:24और बरतन वगयरे जो निकालने मैं सुबह बता तुमी
25:26वैसे हम डिनर होटल में भी कर सकतें ना इस नौर प्रॉल
25:30लो
25:32मैंने ऐसा ग्या कह दिया कि माइंड ही कर गए
25:35अरे भाई उसने माइंड नहीं किया है
25:37इसने पर सैसी तकल्लफ उन पूछ लिया
25:39तरजा बेरे साथ सालों से रह रहा है
25:41मैं सो डील तर सकती
25:42आपीश में ना पड़े
25:43भाई है मेरा
25:45जब अकेला होगा बोल पड़ोगा
25:47तो मेरे तो जैसे जासी की रानी हूँ
25:48हाँ भई मेरा घर है
25:53ही इतना खुबसूरित
25:53कि है किसी को बुला बुला के दिखाने बुजी जाता है
25:56नेक्स टाइम जब कुछ बनाना हो
26:00तो स्नैक्स पे एक्सपेरिमेंट कर ले न
26:02मैं शहूत तक को इस बात की इजासत नहीं देती
26:07कि वो मेरे बच्चे की तरपियत के मामले में साथ इंटिफायर करें
26:10रजा कहां हैं आप
26:15आपको मैंने बटाया थारा कि मामूर मुमानी के लिए गिफ्ट लेना है
26:18आपको याद भी है कि नहीं
26:20आप अभी तक बैंस में हैं
26:23एक देट घंथा रसा आपको घर होना शाहिए था भी
26:30आप भी ना आ रही हो मैं
26:35ते जूट बोलते हैं क्या
26:39एक घंटे भी आरो सचा लायर मैं इसलिए कॉल करी थी ताकि अगा तेर नहो जाए
26:51एकम साहिब है वो कल आ रहे हैं आज नहीं
26:54हा लेकिन अच्छी चीज लेने में टाइम तो लगता है ना
26:56पता है पहली बार बुला रही हूं घरवालों को
26:59मैंने चारी किसी चीज़े कब भी रहेंगा
27:02चले
27:03अब क्या देख रहे हैं आप अब क्या देख रहे हैं आप अब अच्छी लग रहे हैं चलो
27:21गार्ट जेकें क्या सोचें कि भाई पादल होके हैं
27:28गार्ट यही सोचें कि मिया भी रोमैंस कर रहे हैं
27:30हाँ हाँ कुछ अगा तोने मिलनी चले लो धेर हुरी है
27:38यह शाप यह चाहँ
27:44हम यह करें हैं मालगा
27:45श्ष्ट आइस दावसूट रहे
27:47कर तो कुछ नहीं रहें
27:50वैसे मज़े घर के चीजों का वहाँ शॉक है
27:52और वो सबता मुबाने के लिए कुछ पसंदार है
27:54काफे कुछ हैं के पार
27:56के डिकोर आइटम्स पे कितने अच्छ हैं दिखें
28:17माला शॉक पसंदार हैं
28:23माला शॉक अजार खर का वहाँ शॉक कुछ अच्छ आइस
28:28के लिए कितने वाँ, इसक बढ़ताम जो वहाँ लोगगनों का वहाँ वहाँ
28:31मैं आपे निवाटाख म आप
28:40मैं ज़िए एफ एआपे
28:50अलिगा
28:51मैं लगता ही एच्छा लगा अमामोतया
28:57रहा तलर तो अच्छा है
28:59आपे पुसंग किया तो अच्छा ही होगा
29:01साइस ठीक
29:02साइस मामू लाश पहनते हैं, यह स्मॉल है
29:05बाच ले इसे
29:06इसक्यूस मी
29:08सर्मा
29:10जी बाजी
29:12महमानों के लिए पुलाव बनेगा, कडाही बनेगी
29:15और साथ रायत और सलाग बस
29:17और यह वले बरतें नहीं निकाल ले
29:19इनको वापिस रखो
29:21और जो किचिन में बरतें लगे वे ना वही उनके सांदेर रखने है
29:24पर भाभी ने तो यह
29:26फ्रांस वाला सेट पसंद किया है
29:28साफ मना करते ना
29:30यह वी आई पीस के लिए है
29:32आप कह दीजिएगा
29:34किसी मना कर सकती हूँ
29:35भाभी
29:36तुम सुस हो रही देर हो गई हमें
29:38शॉपिंग के लिए कहते
29:40पुझे बताएं क्या करना है
29:41कुछ भी नहीं करना
29:42जो भी करना है मैंने समझा दिया
29:44कौन से बढ़तने लगाने हैं
29:45क्या पकेगा
29:46सब बताते
29:47कुछ तो करो
29:48तुम सिर्फ अपने तयार होने पे फोकस करो
29:50थांक यू सो मच भाभी
29:51थांक यू
29:52ओकी
29:56बाजी
29:57मेठा
30:01खाब खाब परिशान हो रही हो तो
30:03क्या
30:04क्या है
30:05पता नहीं
30:06अज दावत है भी या नहीं
30:08है
30:09तुम किछन में गही थी?
30:12में गही थी
30:13किछन में भाभी सल्मा को समझा रही थी तो फिर बने जाला फोर्स नहीं
30:17मैंने क्या कोई बड़ी लग चावने
30:18तो बस
30:20है
30:22तुम किछन में गही थी?
30:24में गही थी किछन में भाभी सल्मा को समझा रही थी तो फिर बने जाला फोर्स नहीं
30:29मैंने क्या कोई बड़ी लग चावने
30:31तो बस
30:33भाभी
30:35इंते दाम भाभी ने की?
30:37हाँ
30:39चले
30:41चले
30:43अच्छे लग रहे
30:45है अमी
30:47पुर करने खेंग सुनका
30:49भाभी
30:51पूर को था ब्ली
30:55तो भाभी आथ
30:57तुम्पली आथ
30:59अम्रिकम
31:01भाभी को असल
31:03कमल शाभ
31:04कि व स्रुम् असलमा ड्यूम
31:05गाष्ट के रह रहे
31:09शपनिया
31:10एक रखी के बाद तो आप लोग नजरी नि आए
31:12कि अभी हमारे गठ तशीफ लाई ना ने बिल्कुल जरूर आएंगा है अरी इतना बड़ा मौका है आप मुबार्क बात तो देते हैं
31:20हैपी अनिवर्सरी यह तो बस मलिका की खुछी के लिए किया है वरना हम नहीं मनाते बनाते ही शादी की सारगिरा
31:28इसमें क्या बुरा ही है मनानी चाहिए मलिका अपने घरवालों की खुछ खाते मदारत करना अच्छा हम चलते हैं हमें कहीं और पर चाना अब लोग कहां जा रहे हैं आप वह सफिय की कजन आई है कैनडा से तो से मिलने जा रहे हैं लेकिन कोई बसला नहीं है मेरी देवरानी म
31:58सही आप अपना घर समझ के इंजोई की जएगा ठीक है चले है हाँ आओ चले अमर अच्छा अच्छा फिर मरकाद होगे आपसे इंशाल्वान अमानी आपका है थेंक्यू बेटा बहुत प्यार है मेटा लिकिन वेटी से कुछ लईते विए अच्छे नहीं नहीं अग रहे ह
32:28मुझे तो यह था कि पता नहीं आपको अच्छा लगी के नहीं नहीं बहुत प्यार है विटा भाई-भापी से पूछ कर बुला लेते हैं को लोग दिशामील हो जाते है तो अच्छा लगता है अरे नहीं मुझे लगता हमका अचानक प्लान बन गया इस वचे से
32:44अब अगर पूछ के बिला लेती तो अच्छा होता है पूछ के बिलाया था महापी नहीं अचानक कूई प्लान मेरा राया है वाजियो नहीं थाओ
32:58कोई बात हो यह तुमनों के दर्में में?
33:01नहीं तो, कोई भी जा तो में कोशिश होती कि में इन्वार करता हूँ
33:05आप हुमारी बेते को चिपके चिपके क्यों डानते रहेंगे जै?
33:09काम भाई साब, मैं कब डानते हुए? मैं तैसी बात कर रहे थी
33:13तुमारी कजन के घर जाने का तो फ्राइड़े का प्रोग्राम था
33:27तो अचानक चेंज यूं किया?
33:31तो वे अच्छी तरह मालूम था कि मलका ने अपनी फैमिली का इन्वाइट किया है
33:35तुमारी मर्जी से किया था और सारा अरेंजिट भी तुमसे पूचकर हुआ था
33:41इसके बाद तुमारा यू अचानक घर से निकलना मुझे बहुत आउक्वर्ड लगा था
33:47क्यों इतना डीप चले जाता है जरा से बात कुले की?
33:53जरा सी बात तो नहों ही ना
33:54मलका हमारी फैमिली मेंबर है
33:58तुम घर की बड़ी हो
34:02उस दिन वो बिर्यानी वाली बात और अब ये दावत
34:06मूड नहीं था मेरा उन लोगों से डील करने का
34:10डील?
34:13महमान थे वो मलका की फैमिली थी
34:15तुम थोड़ी देर बैठ कर अपने कमरे में भी जा सकती थी
34:18लेकिन तुम अबसकर तुम घर पे तो होती ना
34:21लेको अब हम एक पूरी फैमिली है
34:27ऐसा तो नहीं चले काना हो
34:30तुम इस सराओं के बेवियर सूट नहीं करता है
34:45इश्क तेरे में हो गई पामाल
35:06मैं ना रही मैं हो गई कुछ और
Be the first to comment
Add your comment

Recommended