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  • 9 months ago
Tu Sooraj Main Saanjh, Piyaji" – A Heartwarming Tale of Love & Redemption

This popular Indian romantic drama, a sequel to Diya Aur Baati Hum, follows Kanak (Rhea Sharma) and Uma (Avinesh Rekhi) in a journey of love, betrayal, and second chances. After a forced marriage, Kanak transforms Uma’s superstitious nature, only to face separation, deceit, and a shocking remarriage.

Two years later, Kanak re-enters Uma’s life as a strong, independent woman, uncovering painful truths—Uma was blackmained into marrying Meera. After exposing villains Nanda and Aditya, they reunite, but new challenges arise. Kanak pursues paramedics, while Uma supports her despite obstacles, including memory loss (later revealed as a ruse to strengthen her resolve).

Filled with emotional twists, sacrifices, and a triumphant ending, this series celebrates love, resilience, and empowerment.

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Transcript
00:00पुजवजदे में शुरू होगी
00:15रे नंदा
00:22मैंने तो विश्वास कहनी हो वे
00:25तू तो बोल रहे थी कि सोला स्रिंगार कर के आवे जी
00:28और ये उमा की बींदनी कैसे कपड़ पहिनकर आगे पुजा में
00:32काकी साम जे उमा की बींदनी है
00:36अनोखी रंगीनी ना होवे तो क्या बात? क्यो?
00:41बिल्कुर सही कहा नंदा तुने
00:42दुनिया से निराली है उमा की बींदनी
00:58ये आप ये आप क्या कर रहे आप से दर्वाजा की बन किया बस
01:09जन दन की वही महिए
01:37देखो मुझसर बैरो मात
01:38मैं कुछ गलत नहीं करने वाला हूँ
01:42उदर देखो
01:44दर्वाजा बंद में है
01:47मैं नहीं जानता कि तुम किस तरह के परिवार से संबंद रखते हो
01:55पर तुम इतना समझाना चाहता हूँ
01:59कि हमारे यहाँ पूचा में इस तरह के कप्ड़े नहीं पहने जानता हूँ
02:08सम्मान सम्मान उसके पती के साथ जुड़ा होता है
02:10शादी से लेकर अब तक तुम ने जो भी किया
02:15मैंनों से तुम्हारी नादानी समझ कर बताश्त लिए
02:18पर धर्म और मर्यादा के तरह कोई भी गलती
02:22मैं बताश्त नहीं कर सकता हूँ
02:25सफरदस्ती किन्याब करके शादी करने सिधार मर्यादा नहीं तूटी
02:30थड़ा उच्छा बोलोगी
02:32अब और बहुत नहीं करना चाहता हूँ
02:38जल्दी से एक अप्रे पहन कर पूचा में आजा
02:42मैं एक अप्रे नहीं पहनूँगी
02:45क्या ता तो
02:55मुझे नहीं पता धर मर्यादा क्या कहता है
02:58मैं वो नहीं हूँ जिसे तुम मुझ में देखना चाहते हूँ
03:01बंसाली वाली हिरो इन नहीं है
03:03कि हवा में बाल उड रहे हैं
03:05और मेरी सारी का तंबू जितना लंबा कपड़ा मेरे पीछी पीछा है
03:08और मैं सारे लंग्स तोड़ दूँ
03:11पीदनी साइड
03:14मने कोनी ध्यान
03:20कि थारे मन में क्या चल रहा है
03:22लेकिन आज पूरे लाड़नों के लोगों के सामने मारे उमा का अपमान हुआ है
03:26क्या बच बनाये
03:30मान सम्मान कपड़ों से नहीं होता
03:34मैं जैसी हूँ सो हूँ
03:37मुझे इन कपड़ों में कोई बुराएं नहीं लगती
03:40बस
03:41जब से इस परिवार में आई है
03:47सब को तेगानी का नाचन चारे है
03:49किस बात का घमंडे
03:52सुन्दरता का
03:53जो मिट्टी हो जाना है
03:54शुकर कर
03:58कि भोले नाच की कृपा है कि ऐसा परिवार मिला
04:01ऐसा भरतार मिला
04:02ये थारे जीवन की सबसे शुब गड़ी है
04:08नहीं
04:09ये मेरी जिन्दगी का सबसे खराब टाइम है
04:14कि मुझे इसे जबर्दस्ती शादी करके फिंजरे में बांद दिया गया है
04:17उच्छी अवाज में बात करो
04:28मेरे जीवन में जैसे धर्म के जो माईने है
04:37उतनी इजद में मासे सागी भी करता हूं
04:40इस बात का हमेशा धहन रटना
04:47आज तर भूली नात का संकेत समझने में थार से कोई गलती न हुई
04:55तुने कहा था कि भूली नात का संकेत है इस लड़की को अपनी धरम पत्नी बनाने का
05:00लेकिन जब से इसके पैर इस घर में पड़े हैं कलेश की सिवार कुछ न हुआ
05:06जे मैंने संकेत कम संकट जादा लगे है
05:13संकेत संकट ऐसे लगता जिसे मैं रमार्ण महबारत की जमाने में खड़ी है
05:19अजकल सुनने को खा मिलती है
05:22सच कहूं तो अगर में इस अजनों में नहीं होती और परिशानियों में नहीं होती ना
05:30तो आपकी तारी जर्म करती है
05:32वाह
05:36क्या बोलती है आप
05:38नुसार, धरम, संकट
05:40और भी बहुत कुछ
05:42जो सुनने में बड़ा मीठा गरता
05:44तो कुछ समझ नहीं आता
05:46और आप
05:50आपकी तो बिलकुल भी तारीथ में करती है
06:00दादू सब असी सब
06:04पंडित जी कह रहे है कि
06:10मूरत का समय हो गया
06:12तो
06:14मैं ये कपड़े नहीं पहनने वाली है
06:18ठीक है
06:28जैसी थारी मरसी
06:30पर मैं चाहूं कि तु ये कपड़े पहने
06:34और ये जेवरात
06:36ये आम को नहीं
06:42और नहीं नकली हैं
06:44जैसा कि आजकल रिवाद चल रहा है
06:46शुद असली सोनी के बने खांगदानी जेवरात
06:50परसू से चली आ रही धरोहर है
06:56ये रानी हार
06:58ये जडाव कमर बंद
07:00ये बाजू बंद
07:02ये कुंदन का मांग ठीका
07:04जे सोला सिंगार
07:06मुल्यवान जेवरात
07:08जमीन जायदाद
07:10पूरे शहर की पत्रानी होने का मान सम्मान
07:12जे सब एक लड़की का सपना होवे हैं
07:14जे सब एक लड़की का सपना होवे है
07:16कंदी के लागे है
07:24कि जे सब भागे के बिना इश्वर की इच्छा के बिना संयोक से हो गया
07:30जैसे भाबो की दुकान हडप लाए
07:34वैसी नजाने कितनों का माल अंणर किया होगा
07:36मुझे अमीरी का रॉप दिखा रहे है
07:40बस कीजे मासिजा
07:46और समझाने की जरूत नहीं
07:48क्या बूल रहे हूं
07:50घर में सत्यनारण की पूजा है
07:52वहाही जोड़े को बैठना है
07:56देखो
07:58कुछ देर और इंतिजार करेंगे
08:02परना पूजा में गबबास और उनकी पत्नी बैठेगी
08:06चलिए
08:08दादो साको तो आदत ही नहीं कि कोई उनके बात के उपरान जाए
08:22और उन्हें तो वह भी समझ नहीं आ रहा होगा कि भाबी सा की अकड और उनकी जिद को वह काबू कैसे करें
08:30तो चिंता मत करें
08:32उमार के पास रास्ते से भगगे की लगाम खीजकर उसे रास्ते पर लाने का हुनर है लेग दी जिए
08:38कहने जमीन जाएदाद
08:41कहने जमीन जाएदाद
08:44मतलब तोनों की इंती चीज़े एक की जगर रखी हैं
08:48आपों के दुकान के वेपर्स भी वहीं होंगे
08:50सुनी
08:54सुनी
08:56मैं पूजा के साब से कपड़े पहनने के लिए तैयार है
09:07पर वो गेहनों को लेकर थोड़ी सी प्रॉब्लम है
09:13बहुत भारी है
09:14क्या मैं कुछ और देख सकती है
09:17मैं आपकी पसंद का लेंगा पहनने के लिए तैयार हूँ
09:33वो बलत थी मैं
09:43फिर मैं अपसे बहस नहीं कर रही थी
09:47हमारे घर में भी बड़ों से बहस नहीं की जाती
09:51अब बस
09:55पर फिर भी अगर मेरी किसी बात का आपको बुरा लगा हूँ
10:00तो मुझे माप कर देजी
10:02मैं अभी आई
10:06कच्छम मासी सा दादो सा का तो जादू चल बैठा आपने सही का था दादो सा इसे सही रस्ते पर लेए आएंगे
10:20उमा के जादू से ज्यादा उन जेवरात का जादू गूर जिसे देखकर इसकी आखे चुनिया गई हैं
10:30हाई यह लहंगा है कि लड़ाई में पहने पाला कवच आई होप इतनी में पेस नाम तेरा अंदाज़ा सही निकले कि इस तिजोरी में घहनों के साथ प्रपर्टी की पेपर्स भी रखते हैं यह लोग बाभू की दुकान की पेपर्स यह मिल जाए बदवान
10:59इस सब खांदानी हैं और बहुत कहिंती हैं इसमें से थारे को जो पसंदावे पहन लें
11:11कि जोरी बन करके चाबी मारे को दे दे लीजे आपको जो चैये वो निकाल लीजे
11:23हां थोड़ा जल्दी हां क्योंकि पूजा का महुरत हो गया है
11:35अब यह सर पर ही खड़ी रहेगी तो मैं पेपर्स देखूंगी कैसे
11:47क्या हुआ तुम्हारा ही डुपट्टा है ना कुछ मिसमाट सा लग रहा है और नेरा मतलब है कुछ अटपटा सा लग रहा है
12:03I think she should change. यह जो मैंने पहना है ना उत्तम है और पूजा में तो आपको ही बैठना है ना
12:13तो अब फटा फट तयार हो जाएए
12:17अब ऐसा कीजिए
12:25अब तयार हो जाएए
12:27मैं अभी आती हूँ
12:29कोई आती हुत्तम डुपट्टा पहन कर आना
12:32यहां भी पेपर्स नहीं पता नहीं कहां रखे होंगे
12:50यह भाबी सा कर क्या रही है
12:57मुझे मासी सा को बोलाना चाहिए
13:03यह तो जोल्टी के दन के पेपर्स है
13:05आपकोटी के पेपर्स कहां रखना है
13:07मासी सा क्या बात है बाई सा मासी सा
13:17मैं कैसी लग रही हूँ
13:21कि यहने जच नहीं तुम पर
13:32अथा की महरबानी के धंकी कपड़े पहने
13:35मासी कपड़े पहनागा
13:37मजाग को नहीं
13:40चलो अब
13:43इजोरी बन करके चावी मनने दे दे
13:45जब तक दुकान की पेपर्स हाथ नहीं लग जाते
13:55इन पागलों की टोली के साथ साथ एखिल खेनना ही पड़ेगा दुझे
13:59पाबो के लगाव की वज़े से तुकान का हर सही गलत अंदेखा क्या है पर कब तक
14:13पाबो का शेरीड दुकान की जीत और मैनत नहीं कर पाएगा
14:18पता है अज क्या हो उनके हाथ से कडाई किर गए वो तुम्हें था चोड लग सकती थी उनको
14:24पर ऐसा कब तक चलेगा
14:27सही कह रहा है यार तुम
14:29कभी भी बड़ा हाथसा हो सकता है
14:31कभी कभी ना मुझे अपने पर घुसा आता है
14:34तुने तो मम्मी के नक्षी कदम पे चलकर पोलिस ऑफिसर के वर्दी पहन ली
14:38मेरा क्या
14:40कभी कभी सूचता हूं कि पापा की हलवाई होने का दस्वाग गुंभी अगर मेरी में होता ना
14:45तुम्हें भाबो की मदद कर देता यह तो अच्छे कि भाबो की मदद नहीं करना हूं
14:50तेरी हाथ की बनी मिठाई है खाज रोगे हम सब दातन तूटी जाते हुजने मारे सपके
14:55मेटा याद है मुझे ऐसा लग रहा था कि पत्थर की टुकड़ों को चाशी भिगो के रखाओ
15:01मा पर गया हूं ना इसलिए
15:04सारी दुनिया जानती है कि मा को कभी किचिन की काम नहीं है
15:08अच्छे यह सारी बाते छोड़
15:11और यह सोच
15:13इस भाबो के दुकान पे जाने से कैसे रोके हैं
15:15मौत को फुराई के चुकी हम दोनों
15:18कुछ आरहे दे मारे
15:19सच में
15:21बाबने बाब
15:23तुम दोनों फोटों का प्यार देखे
15:29भाबो के प्रतिम
15:30मारा ना कलेजा
15:32ऐजा उंशू बहे गए मारे तो
15:36पता रहा है आज की तारीक में कोई इतना प्रेम करेंगे अपने भाबो से
15:42सच में आपके आशू है मजाक कर रही हूं मैं मजाक लग रहे हैं तुम दोनों को
15:48तुम दोनों जो अपनी भाबो का भार काम करने की जुगल बंदी कर रहे हो ना
15:55मैं तुम्हें बाद बताओ कि भाबो ना अपना भार 65 टाइम्स बढ़ा रही है क्या मैं समझा नहीं राणी टेल बॉइस हाई कोई सेल्फी ले लो महारी परेशान से लगूंगे कबसे अपनी बात बताने के लिए मरी जा रही हूं मैं
16:17वेख भाईया, वंच भाईया, वो बात व है ना
16:23बॉर्डर नो क्रोस
16:24सुरी
16:27वो अपनी भाबो है ना भाबो अपनी अपनी
16:32सुरी वो वो भाबो है ना भाबो बहुत बड़ा प्रोग्राम रचाने वाली है
16:43कनक मिश्थान भंडार की पैसटवी साल गिरा है ना
16:49क्या?
16:51क्या?
16:55सुनी सुनाई बातों की खबर कोनी देवरानी
16:58मैंने खुद अपनी आखों से सुना और कानों से देखा है
17:04जवान की फिर की हो गई मारा मतलब है कि मैंने मतलब
17:14स्टेप पीछे पीछे
17:16मतलब मारे दोनों भतीजे बहुत अच्छे से समझ गयोंगे कि भाबो को समझाना
17:22अपना सर दिवार में देने के बराबर है देखो तुम दोनों को बताना मारा फ़र्ज था और स्वार्थ भी मेरे पेट पर पच्छती को ने इसलिए पता चला तो अब तुम जाने और तुमारा काम जाने रानी यह जो परात में पानी है
17:46अशू है ना इसे फैक दे और माच के अच्छा साना अच्छ पास्ता बना गोलू के लिए
17:57अच्छ टेश्टी टेश्टी पास्ता खाएंगे
18:01चिनता किसी और को ही दे देते हैं चला ओके माड़म
18:16उम्मा जी के हाँ पोजा कराना मतलब सूरज को रोशनी दिखाने जैसा है
18:36वही सास्त्रों का जितना ग्यान उम्मा जी को है इतना किसको है
18:39भला हम ब्रह्मान हीने क्या सिखाएंगे हम तो स्वयमिन से सीखते हैं
18:44सही कहा आपने पंडित जी उम्मा संकर जी चार विदो के ग्याता है
19:14इसे कहने है नई नवेली भींदनी
19:21दादो जा देखो आग भाबी जा कितनी कमान लग रही है
19:36अरे उम्मा के बिनमी पड़ तो स्रिंगार का भी मान बढ़ गया है
19:53था तो साब बहुत नाराज है भाबी सासे
20:03मेरे बस में होता तो इनकी कुशी के लिए कुछ भी कचाती
20:09तुम तो पहले ही इतना कुछ कर रही हो नी स्वार्थ भाब से
20:13मेरा मतलब वो नहीं था
20:18चाही जो हो जाए कनद तो पीछे नहीं हटेगी
20:38अब का प्यारपन है तो यह परिशत देनी ही होगी
20:43कि अब अपनी धर्म पत्नी का नाम लेकर संकल प्लीजिए कम से कम पूझा के लिए इस ही अपना नाम बताता
20:54कि
20:56कि
20:57कि
21:00कि
21:02कि
21:04कि
21:06कि
21:09पंड़ी जी
21:10कनक
21:11कि
21:16कि
21:17कि
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