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  • 1 year ago
Dastakhat - Episode 03 1st May 2025 [ Amar Khan, Affan Waheed & Ali Ammar ]

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Transcript
00:00कॉल बेंके तू बेजा निवास है
00:15उस बद नसीब की किस्पत में नहीं था
00:18तुम्हारी ज़से अच्छी लड़की का साथ
00:22पता नहीं कहान धूल जोक रहा होगा
00:27कर एमन को कुछ हुआना
00:31विल पी हिस्ट्री
00:33यह क्या हरकत किया तुमें सल्मान
00:49कहा हो तुम जितनी जल्दी हो सके घर आजा
00:54हरो सर्मान
00:58जवाब दो मुझे
01:00कितनी देर में आ रहे हो तुम
01:02बाबा
01:04देखो बटा तुम आ जाओ
01:06मुझे पता है तुमसे घल्टी होगा
01:09यह तुम ऐसा नहीं करना चाहरे था
01:10लेकि मैं मैं
01:13मैं सब सम्हाल लूँगा
01:14कोई तुम से कुछ नहीं पोचे दा
01:16मैं वादा करता हूं तुम से
01:19मैं नहीं आसकता भाब
01:21क्यों
01:21क्यों नहीं आसके बटा
01:27कहां पर बताओ
01:28मैं
01:28मैं खुद तुम्हे लेने आ जाता हूं
01:30देखो इस तरह मत करो बटा
01:33सारे
01:33सारे खंदान की इज़त का सवान है
01:35मैंने गार फिक्ता बाब
01:37अगर मैं आया वो मर जाएगी
01:42बाबा उसने खुदकुशी कर ली
01:44तो नहीं आये तो हम बगार खुदकुशी के मर जाएंगे सारे के सारे
02:03सब्सक्राइब जाएब अर्यस्यक्पार बत्रती आसरे लीचशी medाड़ मैंने और्यस्यक्त धalen मैंने लुछ उसके सारे करे एंदान शुछी
02:19कर दो कर दो
02:49कर दो
03:19माफ करना विटा
03:24मैं तुनारा बाप नहीं बन सका
03:30लेकिन मैं आपकी बेटी यूँ बड़े पूछी
03:41आप स्वारी कहके मुझे उझे शर्मिंदा मत कीजिए
03:48रोने से कुछ नहीं मिलता तारा बेटा
03:54हिम्मत करनी भड़ती है मेरी बहादूर बेटी
04:00जोटी तो है
04:04दो चार दिनों में ठीक हो जाएगी
04:09और तब तक हम अपनी बेटी का बहुत खयाल रखेंगी
04:16आपने ये बाद मुझे से बश्पन में गई थी
04:22आपने बाद तब गई थी बड़े बूँ
04:26जब सल्माद ने मुझे सीड़ेों से नीचे गिरा दिया था
04:29बूल कहा है न आप
04:35लेकिन मुझे याद है
04:40लेकिन बड़े अबू इस पाद सल्माद ने मुझे सीड़ेों से ने
04:46भी नजरों से गिरा है
04:53अब आपको दो चार दिन नहीं
04:59पूरी जिन्दली
05:02हमेशा के लिए अपनी दारा का खयाल रखना होगा
05:06क्यों नहीं रखोगा
05:16मैं साही जिन्दगी तुमारा खयाल रखोगा
05:22तो मेरी
05:26मेरी अपनी बेटी होगा
05:29क्यों नहीं रखोगा तुमारा खयाल
05:33इस तरह रखेंगे खयाल आप
05:37वस कर दें बढ़े अपू
05:40अब जितनी जल्दी हो सके आप सब इस सदमे से बाहर आ जाएं
05:47मुझे किसी से कोई गिला नहीं है
05:49सलमान से भी नहीं है
05:55मितादी के कमरे में जा रहे हो
05:59अब यह में अंतर है
06:19हलो
06:34खुद कुछी की दी
06:36मरी तो नहीं थी ना
06:37प्लीज बताओ मुझे कहा हूँ आप
06:42मैं अपने दोस्त के साथ लेने आता हूँ आपको
06:45अम्मी कैसी है अम्मी का रो रोकर बुरा हाल है
06:50दादी का शूगर लेवल डाउन है
06:52अबू उनको समाल ले और मेमानों ने हमारी बेज़दी की है
06:55और मैंने सब को घर से मार निकाल दी है
06:58इतना काफी है ना
07:00कि कुछ होड़ जाना चाहते हैं आप
07:02यर सल्मान भई पीज आ जाओना यर क्यों कह देऊ ऐसा
07:07याम्जा मैं अकला कुछ उसूर बार नहीं है अब क्या बाबा को मना किया था
07:12पिर भी बाबा का खयाल करते हुगे मैं शादी कह रहा था
07:15किसी ने कभी मेरा खयाल क्यों नहीं किया
07:19क्या मेरी अपनी कोई जिंदगी नहीं है
07:21हर कोई मुझे सुना ही जा रहे
07:24तुम्हें किसने का है मुझे कॉल करने के लिए
07:26तो नहीं करते हैं ना ख्याल
07:28मना करने थे उसी वक्त
07:30तो जरा शर्म नहीं है सलमान भई
07:34अब भी हम सब को बोल ले
07:37यहां नहीं है शर्म मुझ में, खुदगार्ज रूम है, नहीं कर सकता है मैं शादी, गलती होगी थी मुझसे कि मैंने भाबा को कह दिया कि मैंने तारा से शादी कर नहीं, यह होगा मुझसे यहार यह सब इतना असान नहीं है, किसी ऐसी लड़की से शादी करना जिससे आपन
08:07आप भी तो ऐसी हैंना सिल्मान भाई
08:11अश्लिके तारा आपी तो आपसे बहुत अच्छी है
08:14आप तो खुशक्शमन थे कि आपकी शादी उनसे हो रही थी
08:18आरे भाई नहीं चाहिए ऐसी खुशक्रिस्मती मुझे
08:20तुम्हें मुबारे को ये खुशक्रिस्मती
08:23इतना मरे जा रहे हो ना तुम कर लो शादी मुझसे नहीं होगी
08:26और आज के बाद मुझे कॉल मत करना
08:30हाँ तो मैं कड़ लेता शादी
08:33अगर मेरी शादी तारा आपी जैसे लड़्की से हो रही होती तो
08:36आपके जैसी घटिया हरकत कभी नहीं करता
08:41आपका तो जमीर बिलकुल मर चुक है सिल्मान भई
08:47आपने मेरी और टारा आपी की शादे की बात कैसे कर दी
08:51कुछ अहसास है आपको आपने बोला क्या है
09:11बेटा तुम्हारे बाप की खोहिश थी कि तुम इस घर की बहु बनो
09:33और हम सब भी है जाते हैं
09:37अपने खांदान का पता है न बेटा
09:40साथ पुष्टों में आज तक भाशाती नहीं हुए
09:46आपकी तबियर ठीक नहीं है दाटो
09:53आप ये सब बातों के बार में सुचना छोड़ दे
09:57मैंने फैसला किया है बेटा
10:02तुम अब भी इसी घर की बहु बनोगी
10:11हमसा से निका कर लो
10:18नहीं दाटो
10:21नहीं नहीं दाटो
10:25मान जाओ बेटा
10:28सल्मान के बाद
10:31इस घर के इज़त अब तुम्हारे हाथ में है
10:35हम लाख चुपाएं दर्द मगर
10:49हम फिर भी तमाशा बन जाएं
10:52घर में ही आगर लगी हो तो
10:55कहा खुद को बचा कर ले जाएं
10:58ये नफरत हमको जना देगी
11:04ये नफरत हमको जना देगी
11:10इसे यू देखके
11:13अपी, मेरी सोक कहा है
11:16आप लोगों का इमोश्टन सीन होगे तो मैं अपनी आपी से मिल लूग
11:20सुना दुलाल, मेरी आपी थी या
11:22कहा गई या
11:24खुश सोहो, आबाद रहो
11:30मेरा सर कभी जुकने पर देना
11:32क्या
11:42सल्मान भाई की गलती के सिदा आप मुझे क्यू दे रही है
11:46सोच भी नहीं सकता ऐसा कैसी बाते करें आप
11:50यह नहीं हो सकता
11:52क्यों नहीं हो सकता हमजा
11:54हो सकता इसमें हर्जी क्या है
11:56आपी कहता हो मैं उन्हें
11:58आपी है वो बेरी
12:00कर सकता हो मैं उनसे
12:02बेटा इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता
12:04देखो अभी
12:06तारा सल्मान की शादी की बात शुरू होने
12:08से पहले तारा सल्मान को भाई
12:10कहती थी थी ना
12:12खांदान के रिष्टों में ऐसे ही होता हमजा बेटा
12:14आप जाकर दारी को मना करें
12:16मैं ने करूँगा ये शादी
12:18सवाल इपैजा नहीं होता
12:19सल्मान भाई के आने का बेट करें
12:21उनकी शादी करवाई तारा आपी से
12:23मैं ने करूँगा
12:24हमसा तुम अमारे सथ ऐसा
12:26क्यूं कर रहे और जायसा सल्मान कर रहे
12:28आद को समझते ही कि खुश करो इस घर की खुशी को भचा लो
12:31दादी को पता चला ना कि तुम अंगार करें तो उनको खुदारागासता को छोना जाए
12:37वो तो इसी उमीद पर उट बैटी है ना कि तुम बचा विया इस घर की इसको
12:42माच जो प्लीज
12:44माच जो फिर फाग तीस देखें तुमारे हाँ जोटे मिड़ा
12:48करी याप अम्मी को धंगार नहीं करें मुझे
12:51ठीक है मैं आपके आगे हाँ जोटता हूँ
12:54सबचते की कोशिश करें ना प्लीज
12:59नहीं यह नहीं हो सकता
13:09हमसा हो सकता है बिटा अगर तुम चाओ तुसब हो सकता है
13:15तुम इस घर को बिकरने से मच आ सकते हूँ
13:19अगर तॉर्य मान जाए तुट तुम मान जाओगे
13:22वो भी नहीं मानेगी
13:24आप लोग समझ क्यों ने रे
13:25तारा अपी के मानने का सवाल ही पैदा नहीं होता
13:27अगर तारा मान जाए
13:29और हमसा मना ले
13:31तो तुम भी मान जाओगे ना
13:33कर लो कर दो उससे शादी
13:35अच्छा ठीक है
13:36आप अपी को मना ले
13:38वो मान जाती है तो मैं भी मान जाओगा
13:40थैंकियो आपसा भीटा
13:42जी देरे
13:44सबस्दाने में आपी
13:46खुश्रू
13:46आपी मान जाए तो बताएगे जरूर
14:03अजीब है यार ये लोग
14:05शादी होने जरूरी है
14:06सिल्मान भी भाग गये तो बच किसी के साथ
14:09भी पकड़के करवा दो शादी
14:10वो भी इसलिए कि लोग क्या करेंगे
14:13लोगों की ऐसी की तैसी मैं देखता हूँ
14:16कैसे मानती है तारा अप शादी के लिए
14:17देखना
14:19अभी थोड़ी देर में देखना
14:21खुद हैंगी मना करेंगी
14:22महाँ शुक्रिया में अबच्चा
14:31तुमने ना सिर्फ मेरी बलकेव
14:38पूरे खान्दान की इज़त रख लिया
14:42खुश रहो आबाद रहो
14:47खुदा तुमें हमेशा
14:51सुखी रखे
14:54मैं तुम्हारी मा को पेश्टा हूँ
15:03अब दुरुरुईन साब मुबारे को आपको हमजा मान गया है
15:13अम्मीत उठके बैठ गई यह आ रही थी आपसे मिलने के लिए मैं प्रोग दिया उनको
15:23आप में लिए उन से जाके हूँ
15:25मैं जूट तो नहीं कह रही है अगर आपको मेरी बात पर यक ही नहीं है तो आप खुछ लें हमजा से
15:52वो राजी ए शादी के लिए गह रही है कि अगर तारा राजी है तो वो भी राजी है
15:58तारा ने भी मुझसे यह कहा है अगर हमजा मान जाए तो वो कर लेगी उससे शादी
16:03तो इसका मतलब यह हुआ कि दोनो राजी है
16:09बस थोड़ा जिज़क रहे हैं जाहरे उम्रों को थोड़ा फर्क है कल तक वो उसकी भापी बनने वाली थी जाहरे अजीब तो लगे गा ना दोनों को
16:28अब्दराहिम साब इसमें इतना सोचने में नहीं क्या बात है अगर दोनों राजी हैं तो फिर आज ही निकाह कर देता है
16:42हाँ ठीक है बस उन दोनों से बात मत करना आज ही शाम में निकाह होगा तारा और हमसा का
16:54इक पर मेरा फोन उठालो सल्मान भई
17:24अजीब बंडियो यार कपसे फोन कर रहो फोन कुने उठा रहे हो
17:52अब घर में सब्टी के नाद दादो अमी बाबा सब को छोड़ो सल्मान भाई घर वापस आओ यार
18:04आपको पता है ये लोग मेरी शादी करवा रहे हैं आपकी जगा
18:10कैसे शादी कर सकता हूं तारा पी से आप तो समझो मेरी बात
18:15तारा मान गई है आपको दूर बैट कर सब की बाते क्यों पूछनी है वापस आए इदर पंगा खड़ा की है इसको आकर सेट करें आप बस आजाओ निकाह करके चले जाओ
18:29मुझे तो निकालो ना इस मुसीबत से मैंने आज सर्ता हम्जा अगर तुमने शादी नहीं करनी ते तुम इंकार करतो तुम्हारा दिमाग खराब हो गया सल्मान भाई तुम सिर्फ अपनी सोच रहे हो तुम वापस आओ ना यार
18:59जाओ झालो

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