00:00पना के तमाशा जो हसते रहे उने अब तमाशा बनाया जाएगा
00:30था कर रही हो यह था कि मैंने घरने सब को काहा था कि तुम कोई काम ने करोगे क्यों कर रही हो यह सब बड़ी बेगाम साहबा वापस आ गए है तो
00:57उनके वापस आने से तुम्हारे इस काम के के पानूर आप भूल रहे हैं आपने मुझे अपनी बीवी होने का दर्जा जरूर दिया है लेकिन इस घर की मालकिन तो वो ही है यहां बस उने का हुकम चमता है
01:23तो मैं यह सब काम करने के लिए शबाब ने कहा है कि है
01:25समरा खाली करने के अपने वकाद से बढ़कर मिल रहा था सब
01:36पूल गई थी कि हो तो दूसरे दरजे के मुलाजमा ही है
01:46यहां एक मकसद की रिलाई देलू बस
01:53एसा नहीं है
02:04वो शायद उस से में होगी तो कहती होगा
02:07उसकी किसी बात को दिल पे बत देना
02:11नहीं पीसमीनों पर जा रहा हूँ वापसा के बात करूँगा
02:22हुआ को यह कुछ भी कहें
02:27सब को मना करें ले देना जवाशा का हुपना है
02:33मेरे इस घर पर इस घर की हर चीज़ पर तुम्हारा पूरा हांख है
02:43मसकरा पनी अची लगरे
03:04यह रंग भी तुम पर बहुत चाशना
03:14यह रंग भी तुम पर बहुत चाशना
03:15क्या बाक करें इसाइस
03:45कुछ लेगी वो मेरी तभीयत का बूछ रहे थे
03:50क्या भूप जफाओ की तुन रस्मुन बाई है
03:56यह तंट की आतिश जो इस दिल में चलाई है
04:02आएगा मजाद जी को इस आग में जनने का
04:08बोका ही मेले कादाब तुझ तुझ तुस अबले का
04:15नो धर सु प्याद जे काanor
04:31नो प्याद जे का बोका बूभी में ज CC यप जबले कारी तुझ तुझ तुझ टुझ तुझ तुझ तुझ तुझ तुझ तुझ
04:42करके मखावा पेतर दाउ
04:45कि हो दिए चाफावा पेतर दाउ
04:48पेतर दाउ
05:08यह क्या कर रही हूँ?
05:11काम कर रहे हूं और क्या करें?
05:13अब तुम यह काम नहीं करोगी
05:15क्यो?
05:16अब तुम साइ की बीवी हो गई हो ना?
05:18बैट के खाओगी
05:20वो तो मैं पहले भी थी
05:23अब बात अलग है ना?
05:25क्या हो रहा है हा?
05:31क्या कर रहे हो तुम दुलिया आपर?
05:34वो वो बीबी जी वो नाश्टेक और खाने का कर रहे थे
05:38यह लड़की रखी है ना किचन में?
05:40पुरा घर गंदा पड़ावा है जाओ जाके घर साफ करो
05:43जाओ यहां से और आइना मैं तुम दोनों को यहां ना देखूँ जाओ
05:50इधर आओ तुम
05:54चपडासी की बेटी?
05:58यह क्या तुधन बनकर आई भी हो इस किचन में?
06:00काम करने आई हो ना यहां पर?
06:02हाँ? सब समझती हूँ मैं तुम्हें
06:06याद रखो कि तुम किसलिए आई हो यहां पर और कब तुम यहां से जाओगी
06:13अपनी आउकात मत भूलो आई समझ
06:16चितना भी बनाओ सिंगार कर लो ना तुम
06:22बदसूरत औरत हमेशा बदसूरत ही रहती है
06:25तुम अपनी आउकात मेरा हूँ
06:31जाओ
06:33जाके कपड़े बदलो
06:36जाओ
07:00वाजी है छोटी बेगम सब आ गए
07:12मैंने तुम्हारा कमरा अच्छे से से सेट कर दी
07:15तो रो रहे हैं
07:22हुआ क्या है
07:24फुद को दोला में के लिए इंसान समझ लिया था यह हुआ है
07:28जाओ था यह हुआ है
07:30किसे पिटे पुराने कपड़े पहने के बजाए नए कपड़े पहने यह हुआ है
07:35मुझे तु लगता है कि मैं शायद पैदा ही इसलिए हुई हुए हुए
07:38कि सब अपना घुसा मुझ पर निकाल सके
07:40जो दुनिया उनके साथ करती है उसका जिम्मेदार मुझे ठहरा सके
07:46कि मैं तो इंसान ही नहीं हुए
07:50मैं तो गूंगी हुए मेरी कोई सबान ही नहीं है
07:54मैं तो जानवर से भी बत्तर बेजार मिलकु बेजार
08:07नहाल तुम उन सब की बातों पर दिहान क्यूं देती हो
08:13सब लोग तेरे खिलाफ होगे हैं तुझे नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं
08:19पर तुने तुने सब को लात मारती है
08:22क्योंकि तु साई की अब सही तरीके से बीवी है
08:26तुम अभी में नहीं समझी नूरी
08:33वो मुझे बीवी नहीं समझते
08:36उने से बॉलाद चाहिए से बॉलाद
08:39हाँ तु अलाद होने में वक्त है
08:41उससे पहले निहाल तुम्हारे पस बहुत वक्त है
08:45तब तक तुझे को यहां से हिला नहीं सकता
08:49साइं उसकी टांगे तोड़ देंगे
08:51चाहे वे बड़ी बेगन सावे ही क्यों ना हो
08:54और हर बात पर रोना मत शुरू कर दिया करो
09:01हिम्मत करो
09:04क्योंकि आगे तुझे इस हिम्मत की बहुत जरूरत होगी
09:07समझे
09:15बैटो, बैपानी लेकर आते हैं दुआएंगे
09:45वड़े ही क्योंकि आते हैं
10:02क्यावफश्या
10:05बैटो
10:07वड़े, वम्मत कर दो
10:10साइं हो
10:11लेकर आते हैं
10:13झाल झाल
10:43तुम सब लग जाओ यहां से
10:44सवार शाब
10:55मेरा बतलब भाई
10:59सवार भाई ऐसा कुछ नहीं है
11:03जैसा आप सोच रहे हैं
11:05आपको खलिट फैमी हुई है
11:09मेरा वह मकसद बिलकुल भी नहीं था
11:12क्या बता हूँ वो
11:16फॉजिया ने बोला था मुझे
11:18फॉजिया ने
11:22फॉजिया ने
11:24यह सब फॉजिया कहने पर किया तुम्हे
11:28अजय है
11:29अजय है
11:32और यह उससे पेले किया वो
11:34मैंने कहा इससे पेले जोआ
11:38वो किसने बोला था
11:40ये वो वो वो
11:46वो ही
11:48फौज
11:51फौजिय नहीं बोला था मुझे
11:52बंत करो मुझाश
11:54कितने जूटे हो तुम
11:57तुम्हारी रग रग मे जूट भराय
12:00ये सब कुछ
12:02तुम है फौजिय नहीं कहा था ग्सको जहर दो
12:04और उसकी इसफाद से खेरो
12:07में
12:08जवाग मैं जुटा हूँ ना मेरी नस्रस में जूट भरावा लेकिन जावेद तो सच बोलता ना उजन तो जावेद ना खुद गवाई दी थी जावेद बसाना यार
12:24ना और भाई आपको तो पता कि मैं जूट नहीं बोलता मैं तो लम्ह भर के लिए वहां से गुजरा था जो देखा रिकॉर्ड कर लिया इससे जादा मैं और कुछ नहीं जानता
12:36यह बगड़ो
12:52विह उससे जिवए भिन बाता ही
13:22उसकी वज़ा से तेरे सर पे अठख भी है
13:27वरना तुझे तो कपकर कीड़े की तरह बसा चुका हो था मैं
13:33उसके सिर्फ एक शन पर माफ कर सकता हूँ
13:39आज रात घर में सब के सामने तुझे नहाथ से माफ भी मांगनी होगी
13:43बॉल बांगे का या नहीं
13:45खुर… उसके बार जहां नहाल होगी
13:50अगर तु उसके पास दिखाए भी दिया तो ना मैं तेरा लेहाथ करूंगा
13:54न पच्छी का ना फौज येगा और न तेरे बच्छी का
13:57छोड़ूगा नी तुझे
13:59नहीं नगे, नहीं, नहीं नहीं- नहीं नहीं।
14:02तेरा वो हाल करूँगा किस चणक पे भीक मांग दे के कापिल ही रहेगा तू
14:07सुना तुने
14:09निहाल का नाम मेरे नाम के साथ जुश चुका है
14:14उसकी इज़त पे हम लेखो
14:17मैं अपनी इज़त पे हमला समझता हूँ
14:21ले जो इसको यहां से
14:30art
14:34व्यर्ड़ म 드�व जय कर ब दिज़ो
14:38व्यर्ड़ो
14:39ऊच्टे रू�
14:40अाथ
14:41व्याव
14:41व्याव
14:42व्याव
14:44पार
14:45व्याव
14:46व्याव
14:47व्याव
14:47व्याव
14:58थार
14:59एडने ब कर दो को अगतरो ब में दो कि एडने हैं
15:19एडरां
15:24भारां
15:26जी बड़ी विकम साहिबू
15:31अब लग रही हो ना मुलासमा
15:40आज खाना जल्दी तयार कर देना
15:47वरना वही भेगाओं की जहां से लेकर आई थी
15:56जाओ
16:02जाओ
16:07नहाल यही रुको
16:14जवार्शा आप कब आए
16:18अभी आया न तुम्हारे सामने
16:21तुम्हारे सामने है
16:25जवार
16:27मैंने आप से खेली में बात करनी है
16:35कहो
16:41अकेले में क्यों यहां सब के सामने क्यों नहीं
16:45कि स्टडी में चले
16:47क्यों
16:51यही करो ना सब के सामने
16:55ऐसी क्या बात है
16:57सवार आप
16:59मुलाजमों के सामने बात मुनासिब नहीं होगी
17:03मुझे तो यहां कोई मुलाजम दिखाई नहीं दे रहा
17:17किसकी बात कर रही हो तुम
17:19вызवार ओसी कि बात कर रही हो 하고
17:21जो बात करनी हैं सबके सामने बोलो
17:23क्या कहना चाह रही हो
17:29उस दिन जो हुआ हो
17:31उस दिन की बात कर रही हो
17:33जब तुमने जहर बरा та Ll91 बरा按 दे कर अपने शोहर को
17:35नहाल के पास भ diversion एपर इबund प्हार ओना खेला दो
17:39उस दिन
17:39सबार ऐसा नहीं हुआ अच्छा ऐसा नहीं हुआ तो फिर क्या हुआ था फॉजिया ने क्या मैं तुम्हारे शोहर ने तो मुझे सब कुछ साफ साफ बता दिया है
17:50उसने तो ये कहा कि तुम ने अपने हाथों से खाने में जहर मिलाया ताकि वो निहाल को खिला सके
17:59उसने ये भी कहा है कि सब तुम्हारा किया धरा है
18:09बहुत अफसौस की बात है
18:11कभी सोच बहीं सकता था
18:15कि मेरी बेहन ऐसा करेंगी
18:19कितनी मुनाफ़त
18:23कितनी अबादते करती हो तुम फॉजिया
18:36कितनी नमाजे पढ़ती हो तुम
18:43हर वक्त तुम्हारे हाथ में एक तस्वी होती है
18:46तहां गया सब कुछ
18:47तुम ही कहते हो ना
18:51अल्ला को राजी करना आसान नहीं
18:54तो क्या ये तरीका ढूड़ा तुमने अपने रब को राजी करने का
18:58क्या तुम्हारी इस घटिया हरकत से
19:04तुम्हारा रब राजी हो जाता है
19:07तुमने ये नी सोचा कि तुम्हे अपने रब को भी मुझ दिखाना है
19:12बोलो फौजिया
19:15मैं तुमसे पूछ आप बोलती क्यों बाद होगे तुम्हारी
19:18नफरत करती हूँ भेस लड़की से
19:20बरदाश नहीं है हमारे घर में
19:28आप सब भूल गए
19:30मैं उने इनको नहीं भूली
19:32आइस्दा बोलो
19:33अपनी आवाज आइस्दा रखो
19:36तुम शायद भूल रही हो
19:39तुम अपने बाई से बात कर रही हो
19:41आप मेरी सबाल का चवाब दे
19:44इस लड़की को क्यों नहीं सजा मिली
19:47मेरे बाई को क्यों दुनिया से जाना पड़ा
19:50बताए मुझे
19:52क्या लगता है तुम्हें
19:57इसको सजा नहीं मिली
19:59क्या ये बहुत खुश है
20:02जो इस घर में जुम कर रहे हैं उसके साथ
20:08तुम लो
20:08वो कुछ नहीं है क्या
20:10एक एक लम्हा इस लड़की की जिन्दगी का
20:15एक अज़ाब बन गया है
20:16सब देखता हूँ मैं
20:17सब नज़र आ रहे मुझे
20:19तुम सब लोग अच्छी तरह जानते हूँ मैं
20:25किसी भी औरत के साथ
20:26जल्म ज्यात्ती बरदाश्ट नहीं कर सकता
20:28चाहे वो कोई भी हो
20:30मेरी मुलाजमा ही क्यों नहीं नहीं बरदाश्ट कर सकता ये
20:35और ये तो फिर
20:37कान खोल के सुलना फाजिया
20:49तुम और तुमारा शोहर जो भी तुम दुमा के भागाई आसे
20:54तुम दोनों को आज ही नहाद से मभी मागनी होगी
21:07और अगर नहीं मांगोगे
21:11तो बेरे इस घर में तुम दोनों के लिए कोई जगा में है
21:15अपने लिए एक नया घर तलाश कर लेना तुम दोनों
21:37अपने लिए एक नया चुम दोनों
22:07अपने लिए एक नया चुम दोनों
22:37ये सब क्या हो रहे है जवाशा हाँ
22:43आपको अंदाजा भी है आप क्या कर रहे है उस लड़की के लिए
22:47उस लड़की के लिए नहीं बस एक लड़की के लिए
22:51तुम लोगों को ये बात क्यों नहीं समझ आ रहे हैं
22:55अच्छा अब वो एक लड़की हो गई
22:59कहा थी आपकी हमदर्दी उस वक जब इस घर में उसको मारा पीटा जाता था
23:05तब तो आप खामोश थे शबाब हर चीज की एक हद होती है
23:12उस लड़की को जहर दिया जा रहा है एक महसूम लड़की को
23:19क्या मैं खामोश रहूं तमाशा देखता रहूं बोलो
23:23जो भी है उसको आपको फॉजिया से इस तरह बात नहीं करनी चाहीं थी
23:32तुम्हारी सोच क्यों तबदील होगे ये शबाब
23:38इस तरह से क्यों सोच रही हूँ
23:42इससे पहले तो इस लड़की की खातिर तुम लड़ा करती थी मुझसे
23:45अब क्या हुआ तुम्हें
23:47क्या होगा मुझे
23:49कुछ नहीं हुआ मुझे
23:51आपने कभी मुझे तो इजाज़त भी दी कि में फौजे से इस तरह बात करो
24:00लेकिन अब अब उस लड़की की खातिर आप अपनी बेहनों को नीचा दिखा रहे हैं
24:09शबाब तुमनेक्ष़टर वनते खातिर
24:17तुम्हें इक महमूरी लड़की से जल रही हैं
24:21तुम ऐसा कभी ना सोच्थती
24:25आज तुम उस लड़की के लिए हंगामा करती अगर तुम ना जलती दो
24:29तुम्हें क्या हो गया तुम ऐसा क्यूं सोच्च रही हो
24:33मैं डर गई हूँ जवार शाह किस बात से
24:40अपने उस बुरे खाब से जो लग रहा है कि पूरा हो रहा है
24:46क्या हो गया शबाब तुम ऐसा क्यों सोच रही हो
24:51जो तुम चाहती थी बस वही हो रहा है
24:57एक बात याद रखना
24:58तुम्हारी जगा कभी भी कोई दी ले सकता
25:03इस बाग को अपने दिल और पबाग में बढ़ा लो
25:06ऐसा मत सोचो
25:10जो तुम चाहती थी बस मगरी कर
25:15ना इतना मेरा इंतिहान ने बेदर गया
25:24ना इतना मेरा इंतिहान ने बेदर गया
25:30यू जी ते जी ना मेरी जान ने बेदर दया
25:36ना इतना मेरा इंतिहान ने बेदर दया
25:42और चाहिए यह प्रस्ट
25:52साय
25:56गुरी
26:02जी सांग
26:06नहाल को बुला के लाओ
26:08निहाल को बुला के लाओ
26:13जवार भाई रहने में ना
26:35नोरी जो मैंने कहा है वो करो
26:37ची
27:07निहाल, यहां आओ.
27:23खौजिया, और आमिर, तुम दोनों को निहाल से कुछ कहना है ना?
27:35कहो?
27:41साही, इसकी कोई जबरत नहीं है.
27:48खौजिया, बोलो.
28:06बोलो.
28:15नहाल, मुझे माफ़ करत।
28:20करते हैं आमर हम पुझे माफ कर तुन्हार लब आंदा आंदा ऐसा नहीं होगा मैं आज से तुम तुम बहन हो
28:50और बार मैं ना भाई हूं बड़ा भाई हूं किया तुम देने माफ कर दिया है जी साहिं
29:20ठीक है तुम जा सकते हैं फॉजिया खाना खत्म करके जाओ
29:34झाल झाल बार मैं तुम थाल खत्म करके जाओ टॉजिया लग्षण तुम तुम में हो चाहिं थाओ जाओ
29:38झाल झाल
30:08क्यों खुद को हलकान कर रही हो
30:17मो भी उस चप्रासन के पीछे
30:19उस चप्रासन के पीछे नहीं
30:23अपने भाई के पीछे
30:26क्या कि असा बार्शा ने मेरे साथ
30:29इस तो कौरी की लड़की के साफ ने
30:33अपनी आपा का सर जुका है
30:37वोही जवार्शा है
30:42नजरे मिला कि मुझसे बात नहीं करता था
30:48इतनी इज़त करता था
30:49मेरा हाथ चुमता था
30:52अम्मा के बाद सिर्फ मेरे द्वा पे पर रोसा
30:58और आज अज़े
31:03अज़े
31:05इसे माफी मांगी क्योंके मेरे भाई ने मुझे मजबूर किया
31:14आमिर भाई लेके नाम कैसे रो रही आपी समझाएं
31:22अरे भी मैं क्या समझाओ
31:24समझाया तो उसे जाता है जिसे अकल ना हो
31:27अकल की दुकान है
31:29बोला भी था मैंने
31:31मत भेजो मुझे मत भेजो मुझे
31:33हाँ अमिर
31:35मैंने तो तुमें धक्के माल के भेज़ा था ना
31:38फोर्स तो किया था ना
31:41क्या मैं आ सकता हूं
31:47अरे अरे अरे ये कैसी बाते कर रहे हैं आपका अपना घर है? बोच क्यों रहे?
32:00देखे ना जवार भाई, कब से रो रहे हैं? ना खाना खाया है और ना ये हमारी बात मान रहे हैं? आप ही संजाएं?
32:14देखा फॉसी हाँ
32:17तुम बेहन हो मेरी, मेरा खुन, मुझे अच्छी तरह जानती हो, मेरे बारे में सब कुछ मालू मैं तुमें, मुझे खुब समझती हो, तुम ये भी जानती हो के,
32:42अम्मा के चले जाने के बाद, इस घर में तुम्हें वही दरजा दिया, जो उनका था,
32:54और तुम ये भी जानती हो के मैं, कभी किसी के साथ, ना इनसाफ ही नहीं करता हूँ,
33:08ना सुन बरदाश करता हूँ, और वह भी किसी लड़की के साथ, कभी भी नहीं, हरकिस नहीं,
33:26तुम सोचो, जो तुम करना चाहती थी, अगर वो हो जाता, तो क्या खुब को माफ कर बाती ही, उसक्रने के बाद, एक बिनान से जिन्दा रह बाती ही, नहीं ना,
33:51पर तुम सोचो, मैंने जो कुछ किया मो, तुम्हें नीचा दिखाने के लिए लेकिया, बलकि तुम्हारा मकाम पुचा किया है मैंने,
34:11इसमें तुम्हारी इसत अफ़ाई हुए, तुम्हें एक बहुत बड़े गुना, बहुत बड़े सुम्ह से बचाया है, उसक्रन तो नहीं किया ना,
34:27मैं क्या करूँ जवार? मुझे उने इन बहुत याद आते हैं, और वक्त मेरी आँखों के सामने, क्या करूँ? क्या करूँ?
34:45लुए ने ने तुम सब को ह्यादाता है फ़सिया, उसका गम उसका दुक्त वो तो शायद हमारे दिल से कभी निकल ही नहीं सकता, कबर में ये गम साब लेके जाएंगे हमसे?
35:12लेकिन इसका ये मतलब तो नहीं है,
35:15कि उसकी मौत का बदला किसी और से ले आ जाए, किसी बेगुना से, ये फैस्टा तो अल्ला का है, अपने हाथ में ये सब कुछ नहीं ले सकते हैं, क्यों तो अपने हाथ किसी के खुम से रगना चाहती हो, नहीं,
35:41हमारे माबाप ने हमारी ये तर्वियत नहीं की, खुछ सूचो, एक दिन हमने भी अल्ला को मूँ दिखाना है, क्या ऐसा करने के बाद तुम वहां सुर्खरू हो पाओगी,
36:02खुनैन का सोचो, क्या उसको ये सब अच्छा लगेगा।
36:10उस्या सिंदेगी में बहुत सी चीज़े हमारे हाथ में नहीं होती,
36:26इनसान सोचता कुछ है, अगर होता वोई है जो रब की बरसी होती है,
36:33तुम आने इनके लिए दुआ करो, तुम्हारी दुआ बहुत कबूल होती है,
36:47सबको मेरी बात समझ आए होगी,
37:07सक्या, तुम भी समझाओ इसको, मैं ठीक क्या रहा हूँ है,
37:17पना के तमाशा जो हसते रहे, उन्हें अगता माशा बनाया जाएगा,
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