00:00पाना के तामाशा जो हसते रहे, उने अधामाशा बनाया जाएगा
00:16वाव वाव तो बेगम सहब है यहां पर है
00:30मैं पूरी रात इस परेशानी में नहीं सो सकी कि तुम कहां पर हो
00:34वो तो मुझे अभी अभी अम्मो ने बताया है
00:37बहुत खुश लग रही है
00:40क्या हुआ है
00:41तुमें में वाकी खुशना सरा आ रही हूँ
00:44नहार
00:47सानी तुमें कहां से उठा कर कहां पहुँचा दिया
00:51तुम अब भी खुश नहीं हो
00:53चांती हूँ कि यह खुश ही आरजी है
00:55दो सेकंड नहीं लगेंगे इन्हें मुझे वापस जमीन पर पटकने के लिए
01:00तो यह भी हो सकता है ना
01:04कि किसमत बदल जाए
01:07मैं किसी खुश फैमी में नहीं रहना चाहती
01:11किसमत क्या पता
01:14किब किसका साथ दे दे और
01:18कब किसको दगा
01:21तुमने रात को भी खाना नहीं खाया था ना
01:26मैं तुम्हारी नाश्ता भेज़ती हूँ
01:28और हाँ साइन कहा है कि शाम को तयार रहना
01:31क्यों पता नहीं
01:35कहीं जाना होगा
01:37अम्मो ने बताया मुझे कहा तुम्हें बता दूं
01:40लेकिन मैं
01:42खामुश
01:45यह बड़े लोग हैं
01:47यहां पर इनकी मरजी चलती है
01:50हमारा काम सिर्फ यह है कि इनके हुकम बजा रहा है बस
01:53तुम्हारे नाश्ता भेज़ती हुए
01:58जो जो अम्मो प्यों बड़े बस अाश्ता
02:02कि अच्छ इनके बड़ें
02:06कि अव्यूम
02:10क्यूम
02:19को कि आए बसक्राइं
02:21कि अष्ट
02:25झाल झाल
02:55झाल
03:25झाल
03:55क्या हुआ
03:57इस खामोश क्यों इसे डर लग रहे क्या
04:01नहीं
04:03जहीं लग रहे जैसे में तुमें जब अस्तिय ले आया हूँ ऐसा तो नहीं है
04:09बस यहीं जी चाहरा था इस माहल से बाहर निकलने को वहां कुछ खबराट सी हो रहे थी
04:23यहां अब खुली हवा में दुमारे साथ सांस देना चाहरा था अच्छा है ना
04:35बहुत खुबसूरत है यह खुली फजा यह पानी यह सब अरे
04:44देखके
04:49बहुत अच्छा है
05:02एक बात करनी है तुमसे
05:08जी
05:13मुझे यू लगता था के
05:17मेरे दिल में अब कभी कोई जगा नहीं बना पाएगा
05:23कि मैं समर्जा था के
05:26शाहिद किसी और के लिए मेरे दिल में जगा ही नहीं है
05:29लेकिन अब महसूस हो रहा है जैसे मैं गलत सोच रहा था
05:36लगता है जैसे आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता नहीं दिल में किसी और की जगा बनने लगी है
05:48आहिस्ता नहीं दिल लगी है
05:56है जड़ो
05:59छोड़ो
06:19अचलाके
06:32झाल झाल
07:02झाल
07:32झाल
08:02झाल
08:32झाल
09:02किया हो गया जवार शाह कहां रह गया अभी तक बस आते होंगे मी खाना बाना सब तयार
09:10मुझे लगता है बहुत मश्रूफ है पहली बार लेट हुआ है नहीं नहीं मश्रूफ यहां चु मिल गई हैं
09:16झाल
09:26झाल
09:36झाल
09:44झाल
09:46झाल
09:48झाल
09:58झाल
10:00झाल
10:10आसलाम लेकुम अरे वालेकुम असलाम आईये आईये आपका इंतजार था
10:14अच्छा किया इसको भी ले आए घर में बोर होती
10:20इसलाम लेकुम
10:22शाम लेकुम
10:23शाम आप कैसी हो
10:24अब आओ आओ अन्दर
10:29आएं जाब
10:31आएं जाब
10:33मैंने सुनाए
10:47जब परिंदे को परवास करने के लिए पर मिलते हैं न
10:52तो वो भूल जाता है
10:54कि अभी तो उसने उनना सीखा ही नहीं
10:57मूखे बल किरता है
11:02तुम भी बहुत उची उडान हो रही है
11:12देखके
11:15मूखे बल ना गिचाओ
11:18चब इज़त नफस पर चोट लगती है तो
11:23सिंदगी बहुत कुछ सिखा देती है
11:26किसकी किसमत में आस्मान है और किसकी किसमत में जमीन
11:36यह तो बस अला ही जानता है
11:38शबाब भाबी लग्या जटका और सर पर चड़ाएं
11:52मुझे तो लग रहा है कि जवार भाई आपके हाथ से निकल रहा है
11:56क्या कहना चाहती होगा?
11:57वही जो नज़र आ रहा है
11:59ऐसा कुछ नहीं है
12:02हमें तो एक चीज़ नज़र आ रही है
12:05अपनी राजधानी छोड़कर यहां आकर
12:08आपका एहमकाना फैसला
12:10सिर्फ वो नज़र आ रहा है
12:12सवार जो कर रहे हैं मेरी मर्जी से कर रहे है
12:16मेरे इस मामले में
12:22दखल अंदाजी करने का किसी को हग नहीं है
12:24चाहा
12:26सब कुछ देखकर भी आप यह कह रहे हैं
12:28अब कोई और हग रहता है देना
12:30वो लड़की जवार भाई पर अपना कब्जा जमा रही है
12:37और उन्हें सबसे दूर कर रही है
12:40और इस सब की वज़ा आप है
12:43एक छोटे घर की लड़की को हमारे सर पर मुसल्लत कर दिया
12:48उसका बाप कातिल है
12:50वाह
12:51बड़ी अकल
12:52मेरी अकल पर माथम करना आप दुनों बंद करें
12:57और अपने काम से काम रखें तो बहतर हो का
13:02सवार्षा सब कुछ मेरी मर्जी से कर रहा है
13:07जो मैं कहती हूँ वो वही करता है
13:13लग तो नहीं रहा ऐसे
13:22करने गया भी तक
13:29खुदी भुक्तेगी
13:32कैते ना जैसी करनी वैसी भरनी
13:52माजी
14:14हमेशा कितना काना बहुत अच्छा है
14:18आपके हाथ में बहुत जाइक है
14:21शबाब
14:23सब को शबाब ने अपनी निगरानी में तयार करवाया है
14:27उसे पता है ना तुम्हारी पसंद ना पसंद का
14:30लाहर है
14:35क्या हो तुम ठीक से खाने रही
14:43ने ने खा रहूं बहुत अच्छा है
14:48थांक तुम्हार तुम्हार तुम्हार ना पात करो उसे
14:50कहां गए शुबाद बिता तुम जो ना बात करो उसे
15:20शुबाब शुबाब शुबाब यह क्या तरीका है क्यों उस समय दर चली आई तुम यह मेरी मां का गर है
15:46और यहां पर आपकी बीवी की हैसिया से सिर्फ मैं आ सकती हूँ यह सब क्या हो रहा है जो तुम चाहती दी वही हो रहा है
15:56मैं यह नहीं चाहती थी, आप भूल रहें शायदी, शादी एक मोहेदे के तहत हुई है, तुम भी भोल रही हो शबाब, नेहाल भी इंसान है, कोई मट्टी की मोरत नहीं है, आपको बड़ी हम दर्दी होने लेगी उससे, बात हम दर्दी की नहीं है, तो मुझे अच्छी तह
16:26चाहिए वो कोई भी हो, समझते हैं कि कोशिश करो शबाब, जो तुम सोच रही वैसे कुछ नहीं है, क्या हो गया है?
16:34सब लोगों के साथ बैठ के खाना खाओ, आओ
17:04कुछ नहीं हो गया है?
17:13कहनो अच्छाथा दिए, काना अच्छाथ दो, मा जी तो हमेशा है अच्छाई बनाते हैं
17:32मेरी बात सुनू
17:34इन सब जिल्स दे कुछ नहीं होगा
17:47मेरे मिया को
17:50अगर अपनी तरफ काहिं करने की कोश़श की न
17:53तुम सोच भी ने सकते कि मैं तुमरा क्या हाल करोगी
17:57ऐसा कुछ भी नहीं करी बड़ी बेगम साहिमा
18:00आप विक्र मत करें
18:02जितु यह समझ नहीं आ रहा कि आप इतना इंसेक्यूर क्यों फील करें
18:12सब्षाना मेरा खुरूर है
18:15मेरा मान
18:17वो आप बत करता है मुझसे
18:21और तुमारी कोई हैसियत नहीं है
18:26उनके यो कहा से लेकर आई थी मैं तुम्हें
18:30कुछ भी नहीं भूली है
18:34क्या हो अशवाब
18:36क्या कर रही हो
18:38सब्षा है मेरी माँ का कर है
18:40और मैं यहां ऐसे बिल्कुल पर्दाज नहीं करूंगी
18:44तामल मुझसाची से काम लो
18:54क्या हो किया तुम्हे
18:56मैं ने आल को घर ले जाता हूँ
19:02ठीक है
19:04नियाल
19:08चलो
19:10चलो
19:24यह सब सरूरी नहीं था शबाब
19:30माजी मैं नकल रहा हूँ
19:40बेदर्द जहां से दिल शिक्वा भी करे कैसे
19:46एक तुझ से वफाओं की उम्मीद लगाई थी
19:52लेकिन यह जफा तेरी फित्रत में समाई थी
19:58मत कर ये खुद घरजी मान ले बेदर्द या
20:10ना इतना मेरा इंतहान ले बेदर्द या
20:20यू जी तेजी ना मेरी जान ले बेदर्द या
20:26ना इतना मेरा इंतहान ले बेदर्द या
20:32बहुत कुछ गलत हो गया
20:34अब अकलमंदी से काम लेना होगा
20:36हवा करो कुछ बदल गया है
20:54ओ मासूब से एक दुपे
21:01क्या क्या ना सुतं टूटे
21:06जो तुछ से जुड़े थे वो
21:13सारे ही भरं टूटे
21:18हो खुशियों की तमंदा थी
21:23तनहाई आदी तूने
21:26रुसवाई आदी तूने
21:29अरजी मेरी मान ले बेदर दिया
21:38ना इतना मेरा इंतिहान ले बेदर दिया
21:47यू जीते जीना मेरी जान ले बेदर दिया
21:58ना इतना मेरा इंतिहान ने बेदर्देया
22:05सुपार्शाना मेरा हुरूर है
22:24मेरा मान
22:25मौबत करता है मुझसे
22:29और तुमारी कोई हैसियत नहीं है
22:34उनके यो कहां से लेकर आई थी मैं तुम्हें
22:55कैसी ही हूँ ठीक हूँ यह तुम्हारे लिए
23:04यह तुम्हारे लिए यह क्या है
23:18यह क्या है
23:20वो दिखाई है तुम्हारे लिए
23:22वो दिखाई
23:24बीवी हो तुम मेरी
23:26हमारे में रिवाज है
23:29तुम्हारा रहक भी बनता है
23:31लो
23:37गेगो
23:44यह मैं नहीं ले सकती
23:47क्यों नहीं ले सकती
23:49मैंने कहा ना तुम्हारा हक बनता है
23:51यह बहुत घीमती है और वैसे भी मैं तो यहां से इस सब बाते बेमानी है तुम जब तक इस घर में हो और जब तक तुम्हारा रिष्टा है मेरे साथ मैं तुम्हारा पूरा हाग देना चाहता हूँ
24:14सुच क्या रहे है यो पहन हो ना इक रहां भांशन हाद काव पूराना बोसा हाद बूसा हाद हो
24:44तुम्हारी कलाईयों वे एक अंगन और भी जादा खुबसुत लग रहे है देखो
25:14कर सकता है
25:44कर दो कर दो
26:14कर दो
26:44कहा है साइंस्टडी में अच्छ ये बता साइं ने तुम्हें क्या कहा है कुछ तुछ भी नहीं हुँ नूरी इतनी भी बेवकूफ नहीं है
27:05चाना शर्माना बंद करो चलो साइं के लिए जल्दी-जल्दी नाष्टा लेकर जाओ वन्य ठंडा हो जाएगा
27:16मैं?
27:19तो क्या मैं लेकर जाओगी?
27:22तुम साइं की बीवी हो अब इसमें कोई शक निये नहाल इसलिए नाष्टा तुम ही लेकर जाओगी
27:35क्या सोच रही हैं?
27:45शी चगा तो महारी है
27:47इसे जाने मत देने
27:50अब कुछ हो जाओ
27:53नाश्ता लेकर जाओ साइंक लिए
27:56साइंक लिए
28:26आश्ता लेखाँ
28:28शीत्व
28:39शीत्व
28:41बड़ी बेगम जभाए
28:44नेहार रुक जाओ
28:47कहां जा रही हो?
28:51इस इतने कम्रे में
28:54पर बेगम जीना अगर मुझे यहाल देख लिया तो फता नी क्या करेंगी.
28:58निहार, साई ने ये कम्रा तुम्हें दिया है.
29:04क्या?
29:06हाँ, साई ने मुझे गाया है कि तुम्हारे सारा समान, उठाकर मैं इस कम्रे में ले या।
29:11अकर साही ने कहा है न तो बड़ी बेकम कुछ नहीं कर सकती
29:41ये इस कमरे में क्या करी है नूरी इसको वापिस इसके कमरे में भेजो
30:05क्या तुम्हें मेरी बास समझ नहीं हारी नूरी इसको इसके कमरे में भेजो और तुम मेरे साहथ आओ
30:24साही ने कहा है कि नहालव भीस कमरे में रहेगी और इसका समान भी इस कमरे में लाने कलिए का है
30:35अज सामने को शवाब भावी आपका मैं
31:05झाल शवाब झाल
31:35इतनी बड़ी कुशी तो पड़े दिनों बान मिले हैं।
31:54अल्ला ऐसी कुशियां देता रहें।
31:57सदा देता रहें।
31:59आमीन।
32:01दिखलो
32:02सिनान
32:12बड़को
32:15सबस्त्राइव
32:17करेंड़ करना
32:19विले वार
32:20बड़को
32:21अल्ला
32:23शर्वको
32:25शर्वको
32:28कर दो कर दो
32:58कर दो कर दो
33:28तुम आगे हो शबाव
33:33मुझे मालम था तुम
33:37सुबह सुबह आ जाओके
33:38ऐसे क्या देख रहे हो
33:45सब खेरियत तो है ना
33:50माजी ठीक है क्या
33:55आपने आल को यहां क्यों लाए
34:00नहाल को यहां लाना मेरी मश्बूरी थी
34:10अगर उसको नहाल आता तो
34:15ना जाले उसके साथ क्या हो जाता
34:18मैं समझी नहीं
34:21गिदारा
34:36शापर्श के बढ़ा दो मैं
34:40बस तुम यह समझ लो के हमारे घर में हर दरफ सिर्फ साम पर एसे मैंने हाल को वहां के लाए नहीं छोड़ सकता था
35:01आपको कब से फिकर होने लगी
35:03वो भी एक चपरासी की बेटी की
35:06कि उसके साथ क्या हो रहा है क्या नहीं
35:10आपको उसको मेरे बरावर वाले कमरे में नहीं लाना चाहिए था
35:17वो मेरे बरावर नहीं है वो एक मुलासमा है और एक कातल की बेटी जो हमें यहां सिर्फ अलाद देने आई और कुछी दिनों में दफा हो जाएगी यहां से
35:37सवार शाथ दे खरत किया मेरी खेर बुचूद्गी में उसको इसको आहमियत दे थी
35:47तुम्हें क्या हो गया शबाव यह कैसी बाते कर रहे हैं तुम
35:52तुम सोच भी नहीं सकती अगर मैं नहाल को महां रहने देता तो आमेर उसके साथ क्या करता
35:59तुम्हें बताना भी दी चाहता तुम्हीं तो कहती यह वो बीवी है मेरी
36:10मैं गर की ज्च्च प्लख तू किसी जानवर के साथ नाइनसाफ नहीं आो सकती
36:13उसके साथ कैसे उने देता निकाह मैं है वो मेरे
36:19और जहां तक बात है तुम्हारे बराबर बोले कमरे में लाकर उसको बठाने ची तो इस घर में सिरफ एक ही कमरा खाली था
36:31जो वो और नुरी नुरी का कमरा खाली करा थी हूँ
36:45निहाल को वहाँ शिफ्ट करूँगी वो कौन सा घर से बाहर है
36:49नहीं
36:49नहीं
36:59निहाल कहीं नहीं जाएगी
37:06यहीं रहेगी
37:09और याद रखना शबाव
37:15तुम्हारी जगा कोई नहीं लेगा
37:18पर मुझे ऐसा क्यो लग रहा कि उसने मेरी जगा ले ली है
37:26शबापे मतलब की बाते मत करो
37:28तेरो रही है मुझे जाना
37:32तेहाल कहीं नहीं जाएगी
37:45पर मुझे जाएगा
38:02बना के तमाशा जो हसते रहे
38:10उने अब तमाशा बनाय जाएगा
38:14पर मुझे जाएगा बनाय जाएगा
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