00:00तेरे बिना धूरी सी है राधा कीता बिना तेरे सूनापन है वुन्दावन का जहां
00:22तुझो कहदे लोट आओ तो वक्त रुक जाए राधे का ये इश्क अभी तुझ में सिमत जाए
00:33बुजरे है सदिया पर दिल नहीं बदला तिर यादों का मौसम हर पल मुझे जला
00:45कभी अमूना के किनारे कभी कुझ दलियों में हर मोण पे ढूना तुझको इन सूनी पंखुरियों में
00:57सपनों में आता है तू बंसी कीतान बंकर तेरे बिना जिन्दगी है जैसे एक वीरान मंजर
01:08तेरे बिना धूरी सी है राधा की तान किशना तेरा नाम ही है उसका रमा
01:18वक्त ने बद्वीरा है परिष्ट न बदला राधा किशनन का मिलन रूहों से जुरा सिलसिला
01:30तू गया मथुरा की ओर और मैं धन्दावन में रह गई तेरे बघैर रास की राते भी तनहा से रह गई
01:53कहा तू ने ये प्रेम कभी खत्म नहीं होता बस समय बदलता है पर इश्क तो वही होता
02:05तेरी हर लीला में थी मैं इतमान की जैसे बासुरी के सुरों में छुपी कोई प्री
02:23ना तन से जुराव था ना चुंबन की चा बस तेरी रूह को चुमा हर जन में सरा
02:39तेरे स्परश की जरूरत नहीं थी कभी तेरी माजूद की ही सुकून थी सभी
02:49आज भी जब कोई तेन में डूबा होता है तेरा नाम लेकर ही राधा रोता है
03:01अब रूहे इंगली है देह के बंधन से बरे नकस है ना युग का दर बस हम और तेरे
03:15तेरे बिला धूरी थी राधा की दासता अब ते संध पूरी हुई प्रेम की आरती दाधा
03:45तेरे बिना धूरी सी है राधा की दान बिना तेरे सूनापन है वुन्दावन का जहान
03:57तुझो कहदे लोट आओं तो वक्त रुक जाए राधे का ये इश्क भी तुझ में सिमत जाए
04:09बुजरे है सदिया पर दिल नहीं बदला तिर यादों का मौसम हर पल मुझे जला
04:21कभी अमूना के किनारे कभी कुझ गलियों में हर मोण पे ढूना तुझको इन सूनी पंखुरियों में
04:33सपनों में आता है तू बंसी की तान बंकर तेरे बिना जिंदगी है जैसे एक वीरान मंजर
04:44तेरे बिना धूरी सी है राधा की तान किष्णा तेरा नाम ही है उसका अरवा
04:55बक्त ने बद्वीरा है परेश्ट न बदला राधा किष्णन कम लन रूहों से जुरा सिलसिला
05:06तू गया मथुरा की ओर और मैं भंदावन में रह गई तेरे बघैर रास की राते भी तनहा से वह गई
05:30कहा तू ने ये प्रेम कभी खत्म नहीं होता बस समय बदलता है पर इश्क तो वही होता
05:42तेरी हर लीला में थी मैं एक मौन की जैस बासुरी के सुरों में छुपी कोई प्री
06:00ना तन से जुराव था ना चुन बन थी चा बस तेरी रूख को चुमा हर जन में इस रात
06:16तेरी स्मरश थी जरूरत नहीं थी कभी तेरी मौजूद की ही सुकून थी सभी
06:26आज भी जब कोई प्रेम में डूबा होता है तेरा नाम लेकर ही राधा रोता है
06:38अब रूहें इंगली हैं देह के बंधन से परें ना कस है ना युग कादा बस हम और तेरे
06:52तेरे बिला धूली थी राधा की दासता अब तेरे संधु पूरी हुई प्रेम की आरतिदा था
07:04झाला झाला युग के बंधन से परें प्रेम की दोली थाज़ प्रेम की आरतिदाए