सहकारिता मंत्री ने कहा कि देश की हर पंचायत में एक पैक्स की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है और पैक्स की वायबिलिटी के लिए मॉडल बायलॉज़ बनाए गए जिन्हें सभी राज्यों ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि मॉडल बायलॉज़ के तहत अब पैक्स कई प्रकार की अलग-अलग नई गतिविधियां शुरू कर सकते हैं। मोदी सरकार ने 2500 करोड़ रूपए खर्च कर हर पैक्स को कंप्यूटर और सॉप्टवेयर दिए हैं और कई प्रकार की नई गतिविधियों को पैक्स के साथ जोड़ने का प्रयास किया है। इसे सफल बनाने के लिए हमें तकनीक को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि पैक्स में प्रोफेशनलिज़्म लाकर इसके माध्यम से पूरे सहकारिता क्षेत्र को मज़बूत करना होगा। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि बैंक हो या पैक्स, हमें विश्वास के साथ नई तकनीक को जानने वाले युवाओं को साथ लाना होगा, तभी हम सहकारिता को आत्मनिर्भर बना सकेंगे।
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