Skip to playerSkip to main content
  • 1 year ago
कुछ महीनों पहले मेरा और मेरी पत्नी का ज़बरदस्त एक्सीडेंट हो गया था। हम दोनों मरते मरते बचे हैं। तब मेरे मन में एक बार भी कारवाला दोषित नहीं लगा, बल्कि मैं उसे धन्यवाद देता हूँ की वो वापस चला गया वरना शायद हम आज ज़िंदा नहीं होते।
Comments

Recommended