दुश्मन ना करे दोस्त ने वो काम किया है दिल का जख्म छुपा, सबको आज पता चला है। यारी की बातों में, ये क्या खेल हुआ है। सपनों की रेशमी डोर, अब क्यों टूट गया है। दुश्मन ना करे दोस्त ने वो काम किया है।
चाहत के रंग में, अब धुंधलका छा गया है। हर मोड़ पर तन्हाई, साया संग चला है। आँखों में आँसू हैं, दिल में बस एक सिला है। दुश्मन ना करे दोस्त ने वो काम किया है।
यादों की खुशबू में, खोया सा ये जहां है। खुशियों की चादर में, गहरा सा ग़म छुपा है। वादा किया था तुमने, क्यों ऐसा कर दिया है। दुश्मन ना करे दोस्त ने वो काम किया है।
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