जय जय अंबे माता
जय जय अंबे माता, जय जय अंबे माता,
तेरा ही नाम है सारा जग गाता।
जय जय अंबे माता, जय जय अंबे माता।
शेरावाली तू जग की रानी,
तेरी महिमा सबने मानी।
जो भी तुझको है ध्याता,
वह सुख-समृद्धि पाता।
जय जय अंबे माता, जय जय अंबे माता।
तू ही है काली, तू ही दुर्गा,
तेरी कृपा से सारा जग चलता।
तेरा दर जो भी आता,
वो खाली हाथ न जाता।
जय जय अंबे माता, जय जय अंबे माता।
मां तेरे चरणों में शीश झुकाऊं,
मन की हर मुराद मैं पाऊं।
तेरी महिमा अपरंपार है,
तू ही जगत का आधार है।
जय जय अंबे माता, जय जय अंबे माता।
नवरात्रों में जो तुझे मनाए,
सच्चे मन से दीप जलाए।
उसके घर में मां सुख बरसाए,
सारी विपदाओं को दूर भगाए।
जय जय अंबे माता, जय जय अंबे माता।
शेर पे बैठी मां तेरा ध्यान लगाऊं,
तेरे चरणों में सदा मैं शरण पाऊं।
तू ही है पालनहार हमारी,
सर्वशक्ति की है तू अवतारी।
जय जय अंबे माता, जय जय अंबे माता।
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