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  • 2 years ago
the carnal sutra mat (1987) Full Hollywood Movie Explained In Hindi _ Masti(480P)
Transcript
00:00आज की कहानी एक ऐसे राजा की है जिसने तलवार बाजी सीखने की बजाए अपने हत्यार को बढ़ाने पर जोड दिया
00:06हत्यार बढ़ाने के बाद उस राजा ने अपने राणियों से लेकर लोकराणियों तक को नहीं छोड़ा
00:11उसको खुदाई करने की इतनी बुरी लत लग गई जिसका अंजाम देखकर आप भी हैराण रह जाएंगी
00:16तो मुवी में आगे बढ़ने से पहले आप मेरे इस नए चैनल को सब्सक्राइब कर लें ताकि मेरे आने वाले हर वीडियो आप तक पहुँच सके
00:23तो चलिए बिना टाइम वेस्ट किये मुवी स्टार्ट करते हैं
00:26कहानी की शुरुवात में हम लैला नाम की एक लड़की को देखते हैं
00:29वहीं हम एक जॉंग नाम के लड़की को भी देखते हैं
00:32और ये ठरकी ही हमारे इस कहानी का हीरो है
00:35और जॉंग लैला से शादी करने के लिए उसके बाप के सामने बैटा है
00:38जॉंग लैला के बाप को बताता है कि मेरा इस दुनिया में कोई नहीं है
00:42इसलिए शादी के बाद आपकी बेटी ही मेरी दुनिया होगी
00:45उसके बाते सुनकर लैला का बाप बहुत खुश होता है
00:48जिसके बाद वो लैला और जॉंग की शादी तया कर देता है
00:51दोनों की शादी जितनी धूमधाम से होती है
00:53उतनी ही धूमधाम से वो दोनों बलंग भी दोडते हैं
00:57वो सारा सारा दिल लैला के साथ लगा रहता है
01:00और लैला भी अपने कुफा में उसका हत्यार डाल कर ढेला कर देती
01:03जॉंग को जहां भी मौका मिलता वो लैला की कुफा में अपना हत्यार गुसा देता
01:07दोनों के दिन अच्छे से गुजर रहे थे
01:09और दोनों सरयाम सब कुछ करने लगे थे
01:11कुछ दिनों बाद जॉंग लैला के बाप के पास आकर कहता है
01:14कि मैं पढ़ाई करके अपसर बनना चाहता हूँ
01:16लेकिन उसके लिए मुझे दूसरे सहर जाना होगा
01:19जॉंग की बात सुनकर लैला का बाप बहुत खुश हो जाता है
01:21और वो खुशी खुशी उसे दूसरे सहर जाने की आग्या दे देता है
01:24अगले ही दिन जॉंग ने तूसरे सहर जाने की तयारी कर ली
01:27उसके जाने के कारण उसकी पीवी लैला काफी दुखी थी
01:30जॉंग उससे वादा करता है कि वो अपसर बन कर जल्द ही वापस आजाएगा
01:34इतना कहकर वो चला जाता है और उसे जाता देख लैला और भी दुखी हो जाती है
01:38अब कहानी कुछ दिरो बात तूसरे सहर से शुरू होती है
01:41दूसरे सहर में जॉंग का एक नया दोस्त बन चुका था और उसका नाम रामू था
01:45दोनों एक केंटीन के बाहर बैट कर खा पी रहे थे और साथ ही साथ बाते भी कर रहे थे
01:49इसे बीच जॉंग के नजर एक खुप सुरत लड़की पर पड़ती है जिसे देखकर उसका हतियार जोर मारने लगता है
01:55रामू उसके जोर मारते हतियार को देखकर कहता है कि तुम तो लड़कियों के शौकेल लगते हो
02:00यह सुनकर जॉंग उसे बताता है कि खुप सुरत लड़कियों तो मेरी सबसे बड़ी कमजोरी है
02:04इने पाने के लिए ही तो मैं अपने घर से पेपर का बहाना बना कर निकला हूँ
02:08जॉंग उसे सच बता रहा था उसका लैला से मन भर चुका था
02:12इसलिए वो उसे घर में छोड़ कर यहां दूसरे सहर चला आया था
02:16आगे हमें गुलाबो नाम की लड़की को एक मंदी में प्रातना करते हुए देखते हैं
02:20जॉंग भी यही मौझूद था और वो गुलाबो की खुप सूर्ती देखकर हैरान हो जाता है
02:24गुलाबो की शादी दो साल पहले हो चुकी थी लेकिन अभी तक उसे बच्चे का सुक नहीं मिला था
02:28वो यहां बच्चे के लिए ही प्रातना करने आई थी जॉंग चोरी चुपे उसकी प्रातना सुन लेता है
02:32वो आगे बढ़कर गुलाबो से बात करने की कोशिश करता है लेकिन गुलाबो उससे बात नहीं करती
02:36लेकिन गुलाबो को भी जॉंग अच्छा लगा था वो भी जल्दी जल्दी मा बनना चाहती थी इसलिए वो नए हत्यार की तलास में थी
02:44रात होते होते जॉंग ने अपने दोस्त रामू को भी बता दिया कि आज मुझे एक लड़की दिखी जो बच्चे के लिए प्रातना कर रही थी
02:50उसकी बात सुनकर रामू समझ गया कि जॉंग किसकी बात कर रहा है इसके बात वो उसे गुलाबो के बारे में बताने लगता है गुलाबो का जनम एक गरीब परिवार में हुआ था वो सुरु से ही गहरी गुफा वाली थी इसकारण उसकी गुफा से पानी निकालना असान �
03:20की बात पर यकीन नहीं होता और वो उसके
03:22हत्यार को नापने का फैसला कर्लेता हैं फिर एक लकड़ी
03:24से उसके हत्यार को नापने के बाद रामू कहता है इतना
03:27चोटा इससे तो गुलाबो की गुफा के बाल भी नहीं
03:30बड़े आय उसके खुदाई करने वाले
03:32तुम्हारा हतियार देखकर लगता है
03:34कि तुम्हारी बीवी भी अपनी आग बुज़वाने
03:36किसी और के पास जाती हो। ग्रामू के बात
03:38सुनकर जॉंग बहुत परिशान हो गया। इसकारण वो
03:40सारी रात सो नहीं पाया। अगले तिन जब
03:42उदास जॉंग बाजार में तैल रहा था
03:44तो उसकी नजर एक बोर्ड पर पढ़ती है
03:46बोर्ड पर लिखा था कि आप अपना हतियार
03:48बड़ा कर सकती हैं। बोर्ड के रीचे एक
03:50बंगाली बाबा का पता भी लिखा हुआ था
03:52वो पढ़कर जॉंग जल्दी जल्दी उस बाबा के
03:54पास चला जाता है। इसके बाद बंगाली
03:56बाबा उसका इलास सुरू कर देती हैं
03:58और एक गदे का बड़ा हतियार उसके हतियार
04:00जल्दी उसे बाजार में एक उरत मिल जाती है जो पैसे लेकर कुछ भी करने को तैयार थी
04:10रात होते होते जॉंग उस उरत के घर पहुँच जाता है और फिर अपना बड़ा हतियार उसके गुफा में गुसा देता है
04:16बंगाली बाबा का इलास काम कर गया था
04:18यानि अब जॉंग का हतियार गुलाबो के गहरी गुफा में जाने के लिए पूरी तरह तैयार था
04:24अगे हम गुलाबो के पती जैन को देखते हैं और जैन का पिता भी उसके पास ही बैठा था
04:28और वो उससे कहता है कि तुम्हे गुलाबो को तलाग दे देना चाहिये
04:32क्योंकि वो कभी भी मा नहीं वन सकती
04:34उसकी बात सुनकर जैन बहुत गुसा हो जाता है
04:36जिसे देखकर जैन का पिता आगे कहता है
04:38कि मेरे नजर में एक आदमी है
04:40गुलाबो के बदले तुम्हे काफी पैसे दे सकता है
04:42उनकी बात चल रही होती है तभी उनके पास रामू और जॉंग बहुत जाते है
04:46जॉंग ही जैन को पैसे देने वाला था
04:48ताकि वो गुलाबो को छोड़कर चला जाए
04:50पहले तो जैन काफी गुस्सा करता है
04:52लेकिन जब उसके नजर पैसो पर पड़ती है
04:54तो वो पैसे लेकर वहाँ से चला जाता है
04:56अब जॉंग आराम से गुलाबो के पास बहुत सकता था
04:58क्योंकि अब उसे किसी से कोई खत्रा नहीं था
05:00कुछ दिनों बाद जैन लैला के बाप के पास आकर कहता है
05:02कि मैं काफी गरीब हूँ
05:04मुझे काम के जरूरत है
05:06लैला का बाप पूछता है कि तुम सकल से गरीब तो नहीं लगते
05:08तो इसपर जैन कहता है
05:10कि मेरे पास काफी पैसे थे
05:12किन वो सब चोरों ने चुरा लिए
05:14जैन के बाप सुनकर लैला का बाप उसे काम पर रख लेता है
05:16अब एक तरफ जॉंग गुलाबो के पीछे
05:18लगा हुआ था ताकि मौका मिल ले पर
05:20वो उसकी गुफा का रस निकाल सके
05:22दूसरे तरफ जॉंग के बीवी लैला भी काफी प्यासी थी
05:24उसकी गुफा भी कई दिनों से सुकी पड़ी थी
05:26और उसकी नजर जैन पर जम चुकी थी
05:28कुछ दिनों बाद इस सहर में एक अत्यारा आ जाता है
05:30जो लड़कियों के इच्छत लोट कर
05:32उन्हें तड़पा तड़पा कर मार डालता है
05:34गुलाबो का पती उसे छोड़कर चला गया था
05:36जिस कारण वो घर में अकेली रह गई थी
05:38अत्यारे के खोफ से वो काफी ड़री हुई थी
05:40और यही मोका देखकर जॉंग उसके करीब आ जाता है
05:42जॉंग इस मोके का कई दिन उसे इंतजार कर रहा था
05:44और आज मोका मिलने पर वो गुलाबो के गुलाबे कुफा में
05:46अपना रस निकाले देता है
05:48उधर लैला के कुफा भी अब पुरी तय से सुक चुकी थी
05:50और एक दिन जैन उसके कुफा को भी गीली कर देता है
05:52अब इधर जैन जॉंग की बीवी के साथ था
05:54जबकि उधर जॉंग जैन की बीवी के साथ मजे ले रहा था
05:56थोड़े दिनों पार जॉंग और गुलाबो
05:58एक साथ ही रहने लगे थे
06:00अब उसी बीच एक दिन गुलाबो के चाचा
06:02उससे मिलने के लिए आते है
06:04उसके साथ उसके ज़वान बेटिया भी आई हुई थी
06:06जॉंग का मन गुलाबो से भी बढ़ने लगा था
06:08जिसकारण उसका ध्यान बार-बार
06:10चाचा की बेटियों की तरफ जा रहा था
06:12गुलाबो ने जॉंग की नज़रे पैचान ली थी
06:14उधर लैला जैन के साथ खर छोड़ कर जा रही थी
06:16लैला अच्छे तरह चानती थी
06:18कि जब उसके बाप को उनके बारे में पता चलेगा
06:20तो वो दोनों को मार डालेगा
06:22लैला जैन के बच्चे की मा बनने वाली थी
06:24इसलिए उसे चलने में परिशाने हो रही थी
06:26इससे दोरान आगे बढ़ते बढ़ते
06:28लैला नीचे गिर जाती है
06:30नीचे गिरने से वो बेहोष हो गई थी
06:32और उसे काफ़े चोट भी लगी थी
06:34थोड़े दिर बाद दोनों एक घर में पहुंच जाते हैं
06:36यहाँ आकर लैला को होस आ गया था
06:38इसलिए मैं तुमसे प्यार करने का बस नाटक कर रहा था
06:40उसके बाते सुनकर लैला बहुत हैरान होती है
06:42क्योंकि वो जैन से बहुत प्यार करती थी
06:44फिर जैन आगे कहता है कि
06:46अब मैं तुम्हें महल में बेज़ दूँगा
06:48उस दिनों बाद हमें महल दिखाया जाता है
06:50यहाँ बहुत सारी जमाल लड़किया थी
06:52यह सभी लड़किया बैसे लेकर किसी का भी हतियार
06:54अपनी गुफा में ले सकती थी
06:56जैन ने लैला को भी इसी महल में बेज़ दिया था
06:58उस दिनों बाद जोंका मन गुलापो से पुरी तरह बर गया
07:00और उसे लैला के याथ सताने लगी
07:02वो जब लैला के घहर आता है तो उसे बताया जाता है
07:04कि लैला कई दिनों से गायब है
07:06हमें लगता है कि जोंका मन गुलापो से पुरी तरह बर गया
07:08अब दीरे दीरे दिन बीटने लगे
07:10और हवस से बहरा जोंक अपनी प्यास पुछाने
07:12उसी महल में जाता है
07:14और फिर वो अपनी प्यास पुछाने
07:16लैला के कमरे में पहुँच गया
07:18वो पहली तो लैला को पहचान ही नहीं पाता
07:20मगर जैसे ही वो कुछ करने लगा
07:22तो लैला को देखकर है हैरान हो गया
07:24अपनी लैला को धन्दा करता देखकर जोंक पागल सा हो गया
07:26वो महल वालों से गुस्ते में पूछता है
07:28कि लैला को कौन यहाँ लेकर आया
07:30तब महल वाले उसे पताती है कि लैला को
07:32जैन यहाँ लेकर आया
07:34उनकी बात सुनकर जोंक सब समझ गया
07:36कि जैन यहाँ लेकर आया
07:38उनकी बात सुनकर जोंक सब समझ गया
07:40कि जैन यहाँ लेकर आया
07:42तब महल वाले उसे पताती है
07:44कि लैला को कौन यहाँ लेकर आया
07:46तब महल वाले उसे पताती है
07:48कि लैला को जैन यहाँ लेकर आया
07:50तब महल वाले उसे पताती है
07:52कि लैला को जैन यहाँ लेकर आया
07:54कि लैला को जैन यहाँ लेकर आया
07:56तब महल वाले उसे पताती है
07:58कि लैला को जैन यहाँ लेकर आया
08:00तब महल वाले उसे पताती है
08:02कि लैला को जैन यहाँ लेकर आया
08:04तब महल वाले उसे पताती है
08:06कि लैला को जैन यहाँ लेकर आया
08:08कि लैला को जैन यहाँ लेकर आया
08:10तब महल वाले उसे पताती है
08:12कि लैला को जैन यहाँ लेकर आया
08:14तब महल वाले उसे पताती है
08:16कि लैला को जैन यहाँ लेकर आया
08:18तब महल वाले उसे पताती है
08:20कि लैला को जैन यहाँ लेकर आया

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