00:00देखे उस बैठक में नीति आयोग की
00:03उस बैठक में मैं भी मौजूद था
00:06और ये सरासर गलत एलजाम है
00:09कि किसी का माईक वहाँ पे बंद कर दिया गई
00:12पहली बात तो जब ये विपक्ष बोलता है
00:15कि माईक बंद कर दें
00:17उस माईक का कंट्रोल
00:20वहाँ पे बैठे किसी भी वेक्ति के हाथ में नहीं होता है
00:23उस वेक्ति के खुद के हाथ में होता है
00:26ना लोकसभा में, ना राज्यसभा में, ना एसी किसी बैठकों में
00:30एसी बैठक में माईक सामने लगा होता है
00:32ओन ओफ का स्विस्ट सामने ही होता है
00:34तो ये बात बोलना सरासर छूट है
00:37जब कोई ये बोलता है कि मेरा माईक बंग कर दिया गया
00:41हाँ, हर मुख्य मंत्री को
00:43क्योंकि समय की बाधिता थी, ओपन एंडट अगर डिसकर्शन को रखा जाता तो
00:48समभवता हफतों तक ये बैठक ही चलती रहती
00:51ऐसे में हर मुख्य मंत्री से ये विनम्रिता पूर्वक आगरा किया गया था
00:56कि अपनी बातों को संशेप में
00:58एक तै समय सीमा के भीतर रखा जाये
01:02जब वो समय सीमा पूरी हुई, सिर्फ एक रिमाइंडर के तौर पर
01:06उनको जरूर जैसे तमाम मुख्य मंत्री को
01:10दुबारा से नोटिफाई किया गया कि बही आपका समय समाप्थ हो रहा है
01:14इस तरीके से, बढ़ उसके बाद जिस तरीके से
01:17बंगाल की मुख्य मंत्री मम्ता बैनर जी जी एकदम से उत्तेज़त होकर
01:21उस बैठक को बीच में ही छोड़ कर चली गये
01:25मुझे लगता है ये आचरन गलत है
01:28अगर आपको अपनी बाद को रखना भी है, कोई नाराज़गी भी है
01:32तो आप वहीं पर रखती ना, बोलती कि अभी मुझे और बोलना है, मुझे और कहना है
01:36हम सब वहाँ पर मौझूद थे
01:38प्रधान मंतरी जी स्वेम उनको सुनना चाते थे
01:42वित मंतरी जी स्वेम वहाँ पर मौझूद थी, वो भी चाती थी
01:45कि बाईया क्या बजट को लेकर वो अपनी बातों को रख रहे है
01:48बट जिस तरीके से उनका आचरन था
01:51इस से ऐसा लगता है
01:53कि विपक्ष की पहले से ही ये सोची समझी
01:56एक रणनीती का ये हिस्सा था
01:58कि वो जाएंगी, हंगामा खड़ा करेंगी
02:02और नीती आयोग जिस मकसत के साथ हम लोग वहाँ पर बैटे थे
02:06उसके मकसत को डाइवर्ड करकर
02:09सिर्फ अपनी ओर पूरा ध्यान केंडर करने के उद्धेश से
02:13ये इस तरीके की कारवाई की गई है
02:16मेरी समझ के परे है, अगर आपको ऐसा लगता भी है
02:19किसी भी राज्य को अगर ऐसा लगता है
02:22कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है
02:24तो यही वो उच्छत फोरम है ना
02:26नीति आयोग की बैठक ही वो मंच है
02:30जहांपर जाकर आप प्रधान मंतरी जी के समक्ष
02:34अपनी शिकायितों को आप रख सकते थे
02:37इस मंच पर जाकर अपना एतराज
02:40आप दर्ज करा सकते थे, अपनी आपत्ती
02:43आप दर्ज करा सकते थे
02:44और जो लोग ये बोलते हैं कि हम लोग के साथ बेदबाव हुआ
02:48पहली बार देश में एक ऐसा बजट
02:51एक लंबे समय के बाद देखने को मिला
02:54जिसने पिछले दस सालों में
02:57देश की मजबूत होती अर्थविवस्ता का लाव
03:01जनता को पहुँचाने का काम किया था
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