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  • 2 years ago


21 वीं सदी की शुरुआत में महाशक्ति अमेरिका को दो लोगों ने हिलाकर रख दिया। पहला व्यक्ति था ओसामा बिन लादेन, जिसने 11 सितंबर, 2001 को न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमला करवाया था। इस घटना के नौ साल बाद एक और शख्स सामने आया, जिसका नाम है जूलियन असांजे 2006 में असांजे ने विकीलीक्स की स्थापना की, लेकिन सुर्खियां अप्रैल, 2010 में बटोरीं, जब उन्होंने एक फुटेज जारी किया, जिसमें अमेरिकी सैनिकों को इराक में एक हेलिकॉप्टर से 18 आम नागरिकों को गोली मारकर हत्या करते हुए दिखाया गया। इस तरह अलग-अलग तिथियों में विकीलीक्स ने करीब नौ लाख अमेरिकी सैन्य दस्तावेज लीक किए, जिसे केबलगेट कहा गया। इसमें उनके मददगार बने अमेरिकी सेना में रहे चेल्सी मेनिंग, जो बाद में लिंग परिवर्तन कराकर महिला बन गए। अमेरिकी इतिहास में पहली बार खुफिया जानकारियों में इतनी बड़ी सेंध लगी थी। इससे जुड़े 18 मामलों में असांजे को 175 वर्ष की सजा हो सकती थी।
साल 2010 में उन पर स्वीडन में दुष्कर्म के आरोप भी लगे थे और उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय वारंट भी जारी हुआ था, जिसके बाद उन्हें ब्रिटेन में हिरासत में ले लिया गया। हालांकि स्वीडन ने 2017 में दुष्कर्म के आरोपों को वापस ले लिया था। 2012 में उन्हें लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में सात वर्ष तक शरण मिली। 2019 में इक्वाडोर से असांजे के संबंध खराब होते ही ब्रिटेन की पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया। असांजे के इस तर्क से कि यह उन्हें अमेरिका को प्रत्यर्पित करने की एक चाल थी, चौदह साल तक चलने वाली एक ऐसी कानूनी लड़ाई शुरू हुई, जिसने पांच देशों को उलझा दिया और जिसकी गूंज दुनिया की कुछ सर्वोच्च अदालतों में सुनाई दी। लेकिन अमेरिका से हुए एक समझौते के तहत अब उन्होंने दोष स्वीकार लिए हैं, जिसके बदले में सजा नहीं झेलनी पड़ेगी, क्योंकि इंग्लैंड की जेल में वह पहले ही काफी समय बिता चुके हैं। लिहाजा अब वह रिहा हैं।

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