नवरात्र का छठा दिन है और इस दिन देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है। मां कात्यायनी ही देवी दुर्गा का छठा स्वरूप हैं। स्कंद पुराण में कहा गया है कि देवी के कात्यायनी रूप की उत्पत्ति परमेश्वर के नैसर्गिक क्रोध से हुई थी और इन्होंने देवी पार्वती द्वारा दिए गए शेर पर विराजमान होकर महिषासुर का वध किया था। मार्केंडय पुराण में भी देवी कात्यायनी के स्वरूप और उनके प्रकट होने की कथा बताई गई है। नवरात्रि का छठा दिन कात्यायनी देवी की पूजा कुंवारी लड़कियां मनचाहा वर पाने के लिए भी कर सकती है । आचार्य अजय द्विवेदी जी से जानें कात्यायनी माता मंत्र, कात्यायनी माता पूजा विधि और कथा ।
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