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  • 6 years ago
वीडियो जानकारी:

शब्दयोग सत्संग
१६ नवम्बर २०१४
अद्वैत बोधस्थल, नॉएडा

दोहा:
देह धरे का गुन यही, देह देह कछु देह |
बहुरि न देही पाइए, अबकी देह सो देह || ( गुरु कबीर)

प्रसंग:
शरीर का महत्व कितना है जीवन में?
क्या शारीरिक मृत्यु के बाद भी कोई जीवन है?
मृत्यु का मनुष्य के जीवन से क्या सम्बन्ध है?

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