00:17इस गर का किराया में अपनी सेलरी से अदा करती हूँ
00:19और किचन में जो ठाने का समार पढ़ाए वो मेरी बहन की कमाई से आता है
00:22अच्छा एक बात बताए मुझे आखरी बार अपने पैसो से क्या लाईं थी इस गर में
00:26आप ऐसे बात कर रहे हैं जैसे आपने कोई बहुत बड़ी कुर्बानी दी है और हम पर एहसान किया है
00:30कोई
00:30आपके इनी एहसान जतलाने की वज़ा से एक दिन पागल हो जाएंगे हम सब
00:36नहीं वो फो नहीं उठा रही
00:38अम्मी आप कहा हैं
00:40हम आपके लिए परिशान हो रहे हैं कि आप ठीक है कम से कम मेसेज ही कर दें
00:46नहीं यार कहीं ऐसा नहों कि वो फिर से कई महीनों के लिए गायब हो जाएं
00:49मुराद बस कर दो अब बस कर दो सुबह से तुम तो दिमाग खराब कर रहे हो यार
00:53वो कहीं नहीं जाएंगी
00:54अच्छी तरह से जानती हूँ मैं उन्हें
00:55देखो शेजन मुझे गुस्सा मत दलाओ
00:57अब दुबारा से शुरू मत करो मुझे
00:58तुम सिर्फ अपनी गलती चुपाने के लिए बात को गुमा रही हो
01:00तुम में कितनी बतनमीजी की है उनसे
01:01घर से निकाल दिया उन्हें बस अब चुपो जाओ
01:03बताओ जूट है क्या कुछ नहीं कहा तुम दे उनसे
01:09अप अप ठीक तो है ना
01:12ठीक हूँ
01:13मैं एक बार फिर कॉल करता हूँ उन्हें
01:31खुद को धोके में मत रखे हूलिया साहवा
01:33अगर मेरी बहन बिमार पैदा ना होती
01:35और हम भी पैदा ना होते तो आपकी जिंदगी इस जिंदगी से फिलकुल मुक्तलिफ ना होती
01:39क्योंकि आप इतनी खुबसूरत और टैलेंटिड नहीं हैं
01:41जितना आप खुद को समझती हैं आप भी एक आम इंसान ही है
01:44बस बस बस बस पीटा
01:47कहा हूँ हूलिया बस चुप हो जाओ
01:49मेरी अम्मी के तब ये ठीक नहीं है ना तो मैं ही इसका खयाल रख रही हूँ
01:52चलो ना चुप हो जाओ
01:55ठीक है बस चुप हो जाओ क्या होगे है तुम्हें
01:59क्या अब हम चलें
02:03आप चलें बस आ ही रही हूँ मैं
02:05देखो हुलिया अगर ये बच्ची तुम्हारी है तो मैं तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता
02:10भूल जाना सब कुछ
02:11अरे नहीं ऐसा बिलकुल भी नहीं है
02:13ये मेरे बच्चे थोड़ी है ऐसा रिस थोड़ी ले सकती मैं
02:15मेरे होते तो क्या मुझे हर वक्ट डर नहीं लगा रहता
02:18आप चलें मैं बस आती हूँ
02:19ठीक है
02:22चुप हो जाओ
02:23चुप हो जाओ बीटा
02:27दरो मत मेरी जान
02:30हुलिया
02:31एक मिनट आओगी तुम यहां पर
02:34चीक है
02:35शुप शुप डरो मत
02:38मुझसे डरने की ज़रूरत नहीं है तुम्हें
02:41शाबाष
02:45अम्मी जान
02:54मुझे चलना चाहिए
02:55नहीं, नहीं
02:57नहीं, मच जाए
02:58प्लीज मच जाए
03:00मच जाए
03:10तुमसे कहा था रहा
03:11मैंने कि अपने बिस्तर से बाहर नहीं आ रहा
03:14तुमने क्यों किया ऐसा
03:17क्यों हुआ आगे इस तरह बाहर
03:40आखिरकार तुम यहां आए गई
03:46अम्मी की बातों का बुरा मत मानना
03:48वो अभी तक अपने गम में हैं
03:50हम भी गम में हैं
03:51घर छोड़के जाना हल नहीं होता
03:55सब ठीक हो जाएगा रहान
04:00आखिर कब
04:00इसके होने का कुई इमकान नहीं
04:02फिकर मत करूं मैं अम्मी से बात करूंगा
04:04मुझे पता है उन्होंने कुछ ज्यादा ही बूल दिया
04:07मैं अपनी शर्ट पता चुके होने मती
04:09अगर मैं असली से मिल सकती हूँ
04:11तो फिर मुझे ये कबूल है
04:13क्या उस लड़की को देखना तुम्हारे लिए इतना आँ है
04:15तो लड़की मुझे मलेका का एहसास दिलाती है
04:21ठीक है
04:25उसको देखने के लिए
04:26मैं तुम्हारा साथ दूँगा
04:28लेकिन तुम्हें वादा करना होगा मुझे
04:30क्यों से घर लेकर नहीं होगी
04:31और अम्मी के सामने तो बिल्कुल भी नहीं
04:33करती हो वादा
04:38एक बात और कहना चाहता हूं रहां
04:41उस लड़की की मा
04:43वो मुस्तख्बिल में तुम्हारे लिए
04:45बहुत मुश्किलाथ प्यादा कर सकती है
04:47वो सब मैं देख लूँगी फिकर मत करो
04:51ठीक है अब चलता हूं
05:09आप रिहान साहिबा के पास गई थी ना
05:11तो क्या हुआ वहां
05:13वो जब मैं अमरी के घर से निकली
05:15मेरा मूट खराब था
05:16रास्ते मेरे हान साहिबा मिल गई
05:17ऐसा लगा कि वो मेरी बात सुने बगिर मुझे समझ गई हूं
05:21मुझे ऐसा लगा कि
05:23जैसे हमारे बीच में कोई तालुक है
05:26यह तो बहुत अजीब बात है
05:27असा रजीब बात तो इसके बात शुरू हुई है सिजन
05:31मुझे नहीं पता अब इसे मैं किसमत कहूँ
05:33या कोई बड़ा इत्वाग लेकिन
05:34बताए ना आपा मुझे तजस्स हो रहा है
05:39मैंने उस दून उनकी बीटी को देखा था
05:41किस दिन?
05:43अपरेशन वाले दिन पिट्रॉल पमपर
05:46ये क्या कह रही है आपा?
05:47मैंने वागए उससे देखा था
05:49उस दिन जब तो मैमरे के साथ गाड़ी में बैठी हुई थी
05:52मैं जब पिट्रॉल पमपर दाखिल हुई
05:54तो मेरी आराज से भी मुलाकात हुई थी
05:56ये कैसे हो सकता है?
05:58जब मैं अंदर जा रहे थी तो मेरी नज़र मलिका पे बड़ी थी
06:07मेरे तो रॉंक्टे ही खड़े हो गए आपा
06:10तुम इसे क्या कहोगी?
06:12पता नहीं लेकिन बहुत अजीब है
06:19क्या?
06:20मलिका की उस कार का एक्सिडेंट हो गया था
06:23वो ही कार जो उसने अराज से चोरी की थी
06:27सोचो अराज पे क्या गुजर रही होगी?
06:29कितना दुख होगा उसे?
06:40हाँ बोलो
06:45कहां काम करता है?
06:48फूड इंजिनेर है? ठीक है
06:51इकलाता बेटा है
06:53अपनी मा के साथ रहता है वो
06:54ठीक है?
06:56मेरे पास लेकर आओ फिर
06:58शुक्रिया
07:04अइंड़ म म अढ़ाई है थेकरड़ोषह सकते हैं
07:29कर दोग करता है
07:29कर दो
07:44करता है
07:56करता है
07:59परिशान नहो बस अपना समान लेने आई हूँ मैं यहाँ हमेशा के लिजारी हो अब तुम लोग हराम से यहां
08:05रहना
08:05सिजन माफी मांगो चला रुख जाये यह मेरा है अच्छा ठीक है रखो इसे अपने पास वैसे भी मुझे लिपस्टिक
08:15की जरुवत नहीं है
08:16अमी बस कर दें बैट जाये है क्या करें आजाएं पहले बैट के बात करते हैं ऐसा मत करें प्लीज
08:21अब मेरी टीशिट क्यों लेकर जा रहे हैं
08:25यह लो तुम्हारी जाड़न जैसे टीशिट की जरुद नहीं मुझे
08:28कमाश पै तो सही कहा जा रही हैं आप
08:32तुम्हें इससे क्या है?
08:33तुम्हें वो मिल कहा जो तुम्हें चाहिए था
08:36मुझे घर से निकाल गया न तुमने
08:38और जैसे ही मैं घर से बाहर गई
08:40तो वापस आ गई
08:41अब तुम्हीं इन दोनों की मा बन के रहना
08:44फिर बताना मुझे कितना असान है
08:47यही ड्रामे कर रहा था
08:48कि अम्हीं आई क्यों नहीं अभी तक कहां गई
08:50आपा तो रेहान साहिबा के पास्तियां और वही रहने वाली थी
08:53लेकिन जब मुराद ने जिद की
08:54तो यह परिशान होकर वापस आ गई
08:55शिजना बहुत हो गया
08:56चुप हो जाओ
08:57वाँ भाई
09:00मेरे पैसे लेने पर वाबाल मचा दिया
09:02और खुद उनके पास चली गई
09:03उसका इससे क्या तालुक?
09:05उन फजूल लोगों के लिए पहले तुम अपनी मा का दिल दुखाती हो
09:08और फिर उनके पास ही रहने चली गई
09:12ये आखिर कैसा दोखलापन है तुम्हारा
09:14अम्मी वो इसरार कर रही थी तुम्हें क्या करती?
09:18क्या करती मैं?
09:19इसरार कर रही थी?
09:21आसली?
09:24मेरी मगरूर बेटी आसली
09:26मुझे समझ नहीं आ रहा है
09:27उस बिचारी और उत को तुम्हारी माफी कैसे मिल गई?
09:31या कहीं उसने मुझसे भी जादा तुम्हें पैसे दे दिये
09:33उन्होंने माफी मांगी है मुझसे
09:35वो आपकी तरह बिल्कुल भी नहीं है
09:37अपनी गल्ती मानी है उन्होंने
09:43तुम पर अपनी जिन्दगी लुटा ही है मैंने?
09:46तुमसे भी जादा जवान थी जब तुम्हें पहली बार गोत में लिया था
09:50क्या मेरी कोई उकात नहीं है
09:55ठीक है फिर तुम उसे ही आद से मा कहना
10:00अमी बात इतनी बड़ा चड़ा कर ना करें प्लीज
10:04अमी ये बहुत अजीब है
10:05कि आप अपना मावाजना उस औरस से कर रही है
10:08उनकी बेटी मर चुकी है अमी
10:10उसकी बेटी मर गई है जानती हूँ मैं
10:13अरे अमी, अमी
10:15क्या आप वाकई इतनी सी बात पर घर चोड़ कर जा रही है
10:17फिकर मत करो बेटा
10:20है तो तो सी जी मा तुमारे पास
10:24मेरी कमी तुम्हें मिलकुल महसूस नहीं होगी
10:26अमी
10:28अमी
10:31अरे वो तो मेरा बैग लेग जो मैंने अभी खरीदा था
10:33क्या तो मैं अभी अपने बैग की पड़ी हुए सेजिन
10:35तुम्हें क्या है
10:41उनकी बेटी मर गई है
10:43बहुत मुश्किल वक्त से गुसरेगा है रहान साहिबा
10:45होती कौन है वो रहान साहिबा
10:47ठीके उन अमीड लोगों के साथ जाकर रहो तुम
10:51अपनी जिंदगी बनाओ उनकी जैसी बन जाओ
10:54अब ये कौन है
11:00हलो कौन है
11:01हुलिया साहिबा मैं फिगन अलकान बूल रही हूँ
11:03शायद मैंने गलत वक्त बेफून कर लिया
11:05माफ कीजिए गा
11:06ओ नहीं
11:08कैसी बाते करी फिगन साहिबा मुझे तो खुशी है आपकी कॉल आई है
11:11मैं आपसे मिलना चाहती हूँ
11:13अब जब फारिखों बता दीजे
11:14जरूर
11:15जरूर
11:16अभी मिल सकती हूँ मैं आपसे
11:18कहां आना है मुझे
11:25क्या तुम बाग में इसलिए गूम रहे हूँ
11:27कि अपनी माँ को सुब खेर ना कहना पड़े
11:29आप मसरूफ थी आपको परिशान नहीं करना चाहरा था मैं
11:32अगर तुम मुझे नजर अंदाज ही करना चाहते हो
11:34तो कमसकम घर से निकलते वक्त थोड़ा इहतियात किया करू
11:37ताके मुझे सुनाई न दे
11:38मैं तो उल्टा बहुत जादा शोर मचाता हूँ
11:41ताके जब आप खाने पे अपने खानदान के साथ बैठें तो आपके पास बात करने का मवाद हो
11:44अगर तुम खुद को इस खानदान का हिस्सा समझते हो तो इन खानों में जरूर शरीक होते
11:49तो तुम्हें मालूम होता कि हम उन मेजों पर ऐसी बाते नहीं करते
11:53बलके इसके बरक्स हम हर बात करते हैं और मसाइल का हल निकालते हैं
11:57वरना मेरा यकीन करो हमें घटे नहीं रह सकते थे
12:00कितनी अच्छी बात कि आपने
12:02बात को मत टालो
12:03क्या तुम्हारी किसी से लड़ाई हुए
12:05ने ने ऐसा कुछ भी नहीं है आप बस जाने दे इस बात को
12:09बेटा देखो अगर बात उन पुराने मसाइल की है तो
12:12कौन से पुराने मसाइल अम्मी इससे कोई लेना देना नहीं उस बात का
12:15इस बार मेरे बारे में नहीं है ये सब कुछ
12:18ठीक है
12:19क्या बनेगा तुम्हारा आखिर
12:22क्या मतलब इस बात का
12:24तुम दरख से तूटे पत्ते की तरह हो जहवा के साथ उड़ता फिरता है
12:28शादी करो
12:31घर बसाओ बेटा
12:34बीवी लेकर आओ
12:36एक निजाम कायम करो
12:38चड़े मस्बूत करो
12:39शायद बच्चे भी हो
12:40फिर तुम यूँ इधर उधर नहीं बढ़कोगे
12:42सब के पास बस एक ही सलूशन है
12:44कि एडियों में जमजीरे बांदो
12:48तुम घलत हो बेटा
12:52बतकिस्मती से मेरी कभी शादी होगी तो नहीं
12:55तो अम्मी पता तो नहीं चलेगा ना कि मैं घलत था यह सही
13:06मैं जा रहा हूँ अम्मी
13:07खुदा हाफिस बेटा खयाल रखना अपना
13:19खैर मुझे भी थोड़ा काम है
13:27तुम क्या करने जा रहे हो
13:31थोड़ी देर हवाओं में उनने जा रहा हूँ मी
13:34चलें खुदा हाफिस
13:52जल्दी उठाओ
13:53इस तरह बेट जाओ
13:59हलो
14:00आसली सुबा बखेर
14:04सुबा बखेर रहान साभा
14:05कैसी हो
14:07क्या कल रात अपने घर पर थी तू
14:09मुझे बहुत फिक्र हो रही थी
14:10जी जी मैं घर पर रही थी
14:12मैं तुम्हें कॉल नहीं कर सके बेटा
14:14क्योंकि तुम अचानक चली गई थी ना
14:16तो मुझे बहुत बुरा लगा था
14:17मैं सोच रही हूँ के
14:19मैं तुम्हारे पास आ जाती हूँ
14:21फिर हम साथ में कहीं बैठ जाएंगे
14:24असल में आप मुझे बहुत से काम है
14:25आसली मना मत करो मुझे
14:27मैं कल रात की तलाफी करना चाहती हूँ बेटा
14:33ठीक है ठीक है
14:35तुम्हें तैयार होकर आ रही हूँ तुम्हारे पास
14:40क्या कहीं जा रही हो तुम
14:43हाँ बाहर जा रही हूँ
14:44हाँ
14:45मलाइका से मिलने के लिए
14:47उस लड़की का नाम आसली है
14:49तुम खुद को बहुत चलाग समझती हो रेहान
14:51क्या बेवकूफ समझा है मुझे
14:53तुम जानती हो कि तुमने उसका नाम मलाइका लिया था
14:55वो सकते है कि तुमने गलत सुना हो मरिया
14:58मुझे लगता है तुम्हें यकीनां मदद की जरूरत है
15:01लेकिन तुम वो कहीं और तलाश कर रही हो
15:04मतीन आजकल बहुत मसरूफ है
15:06वो तुम्हारी मदद नहीं कर सकता
15:08मैंने किसी से भी मदद नहीं मांगी है
15:10लेकिन तुम्हें अच्छा लगता है जब मतीन तुम्हारी मदद करता है
15:13क्या ये जूट है?
15:15तुम्हारा शोहर मेरा ख्याल रखता है ये तुम्हें अच्छा नहीं लगता ना?
15:18और यही तुम्हारी परेशानी की वज़ा है मेरे ख्याल से
15:23जर्रा अपनी अकल इस्तमाल करो
15:46जर्रा शोहर मेरे ख्याल रखता है
16:29चलो रिहां चलो असली इंतिजार कर रही है
16:38अपने साथ ऐसा क्यों कर रही हो तुम?
16:40क्या कर रही हूँ?
16:43तुम उसी लड़की से मिलने जा रही हो ना?
16:45मैं तुम से बात नहीं करना चाहती हूँ मरियम
16:47जा रही हूँ मैं हटो सामने से
16:50देखो
16:52मैंने तुम्हारी बात को इसलिए नजर अंदास किया क्योंकि तुम गमजदा हो
16:55मकर तुम जो कर रही हो वो गलत है
16:57पता नहीं इसका क्या अंजाम होगा
16:59इससे कोई तालुक नहीं है तुम्हारा
17:00तालुक है मेरा
17:02हम एक खांदान है
17:03हम एक ही घर में रहते हैं
17:06तुम्हारी ये हरकतें पुरे खांदान को मतासर कर सकते हैं
17:09तो फिर दूसरे घर में जाकर रहना शुरू कर दो मरियम
17:27क्योंकि ये सब मुझे बहुत बुरा लग रहा है।
17:28क्यों लग रहा है बुरा तुम्हें?
17:30मैं बिल्कुल ठीक हूँ, खुदा का शुकर है।
17:32मत सोचो मेरे बारे में और ना ही तुम्हारी कोई हमदर्दी चाहिए मुझे।
17:37नजर आ रहा है के तुम कितनी ठीक हूँ, लेकिन तुम ठीक नहीं हो, याद है फेगन अम्मी ने क्या
17:41कहा था?
17:42कि अगर अब उस लड़की से मिली, तुम्हें तुम्हें इस घर में नहीं रहने दूगी।
17:47मरियम, मेरी बात सुनो, इस उमर में मुझे किस से मिलना है और किस से नहीं मिलना, इसका फैसला फेगन
17:53आपा नहीं कर सकती, समझ गए?
17:54जब फेगन अम्मी आ जाएं तो तुम उनसे बात कर लेना, लेकिन उस वक्त तक कहीं नहीं जाने दूगी।
18:27अला, अला, तब तुम मुझे जाने से रोकोगी।
18:52वो काफी लीट हो गई है ना.. उन्हें कौल करो।
18:59मेसेज कर देती हूँ
19:14क्या हुआ
19:15प्रिहान साहिबा कह रही है वो नहीं आ सकेंगे उन्हें कुछ काम है
19:18मुझे देखाओ
19:20ये अमीर लोग भी बहुत अजीब होते हैं
19:22खुद ही तुमसे मिलने का इस्रार कर रही थी और अब देखो मेसेज करके मना कर रही है
19:26अफसोस होता है मुझे तो ऐसे लोगों पर
19:28ऐसा मेसेज करने के बज़ाए उन्हें तुमसे माफी मागनी चाहिए थी
19:36मरिया दर्वाज़ खोल दो मैं अपनी पेटी से मिला चाहती हूँ
19:39खोल इस दर्वाज़ को
19:41मरिया दर्वाज़ खोलो
19:43पता नहीं क्या काम आ गया होगा
19:54वाओ
19:57मैं तो यहां असली से मिलने आया था
20:01अच्छा मजाख है
20:02मैंने तो तारीफ किये तुमारी जानती हो
20:05बहुत प्यारी लग रही हो तुम
20:10तुम यहां क्या कर रहे हो
20:14तुम से मिलने आया हूँ
20:15मुझे फिकर हो रही थी
20:16मेरी फिकर थी तुमें
20:17हाँ मेरा मतलब है कल तुम पूरा दिन धूप में निकली वी थी
20:20तो मैंने सोचा पूछलू कैसी हो तुम
20:24फोन भी कर सकते थे
20:25नहीं मैं आमने सामने बात करने को तरजी देता हूँ हमेशा
20:28ये बिल्कुल ठीक है अल्ला का शुकर है आप कैसे हैं
20:33शुक्रिया
20:34शुक्रिया
20:39वो तुम्हारी चोट कैसी है
20:41ठीक हूँ कोई मस्टा नहीं जी लूँगा
20:55अच्छा
20:57तुम ठीक हो मैं ठीक हूँ
20:59चलो खुदा आफिस
21:00एक मिर्ट एक मिर्ट
21:03देखो
21:05मैं जानता हूँ हमारा
21:07स्टार्ट कुछ अच्छा नहीं हो लेकिन
21:08जैसे जैसे मैंने तुम्हें जाना है
21:10तुम्हारे भेनभाईयों को
21:11तुम्हारी फैमली को
21:14मुझे नहीं लगता
21:15तुम लोग इतने बुरे लोग हो
21:18वागी तुम कितने अच्छे इंसान हो
21:20खुदा तुम्हें हमेशा खुश रखे
21:23तेखो
21:23मैंने बहुत सोचा
21:26और खुद को तुम्हारी जगर रखके सोचा
21:28मुझे एहसास है
21:29तुम्हें जिस इंसान का दिल दिया गया
21:31तुम उसे जानती तक नहीं थी
21:32और इसमें तुम्हारी मर्जी भी नहीं थी
21:34अब वो कैसी थी?
21:35कौन थी?
21:36उसके बारे में जानना
21:37तुम्हारा हक है
21:38तो अगर तुम मुझे अजाज़त दो
21:40और तुम वाकरी जानना चाथिए।
21:41उसके बारे में
21:42तो मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूँ
21:44मैं तुम्हें मलेका के बारे में बताऊँ गा
21:46तुम मुझे अपने बारे में
21:47ठीक है?
21:48क्या कहती हो तुम?
21:49मेरा मतलब है
21:51तुम हमारी जिन्दगियों में शामिल हो चुकी हो
21:55क्या भी?
21:57हाँ अगर तुम मस्रूफ नहीं हो तो
22:01ठीक है
22:03मतलब ठीक है?
22:05तुम नीचे जाओ मैं आती हूँ
22:20वो मुझे मलिका के बारे में बताना चाहता है
22:23अरे ये तो अच्छा है ना?
22:25क्या पता वो आपको सब कुछ बता दे?
22:26हाँ मैंने भी यही सूचा
22:28मझे उस पर तरस हा रहा है बहुत
22:30बस कोई मसला नहीं होने दीजेगा आपा
22:32बिल्कुल भी नहीं होने दूँगी
22:34अच्छा एक और बात है आपा
22:39वैसे अराज बहुत हैंसम है
22:41विल्कुल आपकी टाइप का है
22:43अरे सिजन उफ
22:49चलो मैं जा रही हूँ
23:07ये पकड़ो
23:09ये क्या है
23:11बताओ मुझे
23:12तुम्हारे पास आने से पहले कुछ चीजे खरीदी थी
23:14अच्छा यहां के महौल के हसाब से कपड़े खरीदे थे
23:24मेरा ख्याल है मेरे कपड़े बिल्कुल ठीक हैं
23:26नई मैं तुम्हारे ड्रेस की बुराई ही नहीं कर रहा हूँ
23:28लेकिन हर जगा का एक ड्रेस कोड़ होता है
23:29तुम जानती हो
23:30कि कभी कबार आपको मौका मुनाजबत के हसाब से तैयार होना होता है
23:33मुझे अच्छी तरह मालूम है
23:34कब कहा क्या पहन के जाना है
23:36अच्छी बात है
23:36अगर तुम पहले बता देते के हम कहा जाने वाले हैं
23:40तो मैं उसी हिसाब से त्यार होती
23:42और मुझे लगता है मेरे कपड़े बिल्कुल ठीक है
23:45और अगर तुम्हें ये कपड़े पसंद नहीं आ रहे तो ये तुम्हारा मसला है
23:49कल मुझे लगा कि मैं तुम्हारे बारे में घलत सोच रही थी
23:52लेकिन अब ये लो
23:55क्या?
23:56जा रही हूं मैं
23:58क्या करी हो?
23:59ये क्या कर रही हो?
24:01रुको
24:02हां? ये क्या करी हो तुम?
24:04सिर्फ इसले कि मैंने तुम्हारे ड्रेस की बारे में कुछ कह दिया
24:06तुम इतना घुस्सा हो गई हो, हाँ?
24:08दीखो तुम तुम अब भी मुस्कुरा रहे हो,
24:10खुद पर हसो में जा रहे हो,
24:11नई, ने, एक मिनट, एक मिनट, एक मिनट, रुको तो सही,
24:15अरे तुम इन कपडों की तरफ एक दफा देख तो लो,
24:18स्पोर्ट्स्वेर है ये?
24:21स्पोर्ट्स्वेर?
24:22हाँ, देखो, तुम वैसे ही बहुत खूबसूरत लग रहे हो,
24:25ये पहले भी बता चुको मैं तुमारे घर पे,
24:27लेकिन अब हम समंदर के बीच में जा रहे हैं,
24:29और मैं नहीं चाथा कि तुम्हारे कपड़े घीले हूँ आपर,
24:31और इसलिए मैं ये लिया है,
24:34समंदर के बीच जा रहे हैं,
24:40ठीक है,
24:45आँ, ठीक है चलते हैं, उस तरफ,
25:05कितना बड़ा दिल है कि आपने मुझे यहाँ बुलाया,
25:08विगिन साहवा,
25:09ये सिर्फ आपके मुँपर तारीफ नहीं कर रहे हूँ,
25:11सेकर हान मेरी सबसे पसंदीदा चॉकलेट है,
25:14और भी ब्रांच जान है इनकी,
25:15लेकिन ये जगा मेरी पसंदीदा है,
25:18मुझे ये बस ये ही ब्रांच जाता पसंद है,
25:21ये ब्रांच हाल ही में खुली है ना,
25:23हमने तस्वीर देखी थी इसकी,
25:24अभी एक महीन हुआ है मैड़ा,
25:25अच्छा,
25:28ये थोड़ी मिलती जलती ब्रांच जान है ना,
25:31तो मुझे खलत वहमी हो गई होगी,
25:33अब कितने कैफिस खो लिया आप ले,
25:35पिछले हफते मुल्क भर में हमारी ये ब्रांच नंबर 302 है,
25:39माशाला,
25:40क्या वाकई ये ही तादाद है कैफिस की,
25:43बिल्कुल 302,
25:44कसम से फिगिंट साहिबा,
25:45आप बहुत जहीन है,
25:46इस उमर में भी आपको सब कुछ पता है कारोपार का,
25:50क्या लेंगे आप?
25:52अभी सोचा नहीं है मैंने,
25:54आप बताए मुझे क्या ओर्डर करना चाहिए,
25:57आप मालकेन है यहां की आखिर?
25:59मैं इस वक्त मीठा नहीं खाती,
26:01ये देखो,
26:02ये चीज़ केक बहुत अच्छा है,
26:04और मुझे चॉकलेट बदाम केक भी बहुत पसंद है,
26:07ये नई रेसिपी है,
26:09मुझे लगता है कि आप भी खाने पीने की शौकीन है हां,
26:12देख के लग भी रहा है,
26:15अच्छा ठीक है, फिर मैं,
26:16एमल सहबा जो कह रही है,
26:17ये वही ओर्डर करूँगी,
26:19लेमन वाला, और फिर इसके साथ एक काफी भी,
26:21ठीक है माँ,
26:23हमारे लिए दो सादा तुर्क कहवे ले आना,
26:25मैं साथ में कुछ स्नेक्स भी लोंगी,
26:30रहने दीजिए,
26:31बाद में ले लोंगी मैं,
26:33जी ठीक है,
26:34एक बात कहूँ फिकन साहिबा,
26:35मुझे आपके गले का सकाफ बहुत अच्छा लग रहा है,
26:39बहुत सूट कर रहा है,
26:40मैं आपका जादा वक्त नहीं लोंगी,
26:42सीड़ी बात करती हूँ,
26:43आप ये बात बहुँ भी जानती है,
26:45कि रहान ने अपनी बेटी को दी है,
27:05साफ बात ये है कि हम नहीं चाहते कि आपकी बेटी रहान से मिले,
27:11रहान को रोकना हमारे लिए बहुत मुश्किल है,
27:14इसलिए अब आपकी बारी है,
27:19ठीक है लेकिन,
27:21मैं अपनी बेटी से बात तो कर लूँगी,
27:23मगर मुझे लगता है,
27:24ये इसका कोई ठोस हल नहीं है,
27:27रहान साहबा जानती हैं हम कहां रहते हैं,
27:29अगर मैं आसली को मना भी लेती हूँ,
27:32तो रहान साहबा को तो नहीं रोक सकते हैं न,
27:34ये तो नाइंसाफी होगी न उनके साथ,
27:37ये मुश्किल है लेकिन एक हल है मेरे पास,
27:40शुक्रिया,
27:43हम लोग कहीं और चले जाएं तो शाहद बेटर हो जाएगा,
27:51जैसे के अगर हम शेहर से दूर चले जाएं,
27:57जैसे शेहर से दूर जो घर बने वे होते हैं,
28:01बसलाँ जो दरखतों के बीच में जो घर होते हैं न,
28:04ये ही हल लग रहा है,
28:06आसली को भी मना लोगी न,
28:08और अपना फोन नंबर भी चेंज कर लेंगे,
28:10हम लोग तो रहान साहब बात ही नहीं कर पाएंगे,
28:13ढूनना मुश्किल हो गॉन के लिए,
28:15ना पता होगा हमारा,
28:17यानि इस तरह वो आसली को भूल जाएंगी,
28:19हम अगर इस सब में बहुत पैसा लग जाएगा,
28:23जब नए घर में शिफ्ट होते हैं,
28:24तो स्टेट एजन के पैसे डिपॉसिट देना होता है,
28:27उपर से मेरी बेटी की अभी,
28:30अभी ही तो दिल की सरजरी हुई है,
28:32उसका बार-बार मौइना भी तो करवाना पड़ता है,
28:34पुराने घर नहीं जा सकती,
28:36कोई नया घर होना चाहिए उसके लिए,
28:38आपको पता है कितनी हसास है वो भी,
28:41और महला भी तो बहुत ज़रूरी है,
28:43दो बेटिया है मेरी,
28:45किराए बहुत भड़ गए हैं,
28:47खरिदारी बहुत मुश्किल है,
28:49ऐसे में बहतर है घर अपना हूँ,
28:51आखिर आप कहना क्या चाहती है,
28:52अब तक तो आपको अंदाजा हो गया होगा,
28:55मेरी बहुत बड़ी फैमिली है,
28:57तीन-तीन जवान पच्चे है मेरे,
28:59अगर हमें कोई ऐसा घर मिल जाए जो,
29:17एशो इश्रत की जिंदगी नहीं है,
29:19मुझे माफ कीजिएका जब आपने मुझसे पूछा के,
29:22मैं क्या चाहती हूँ तो,
29:24बिला जजचक बोल दिया मैंने आपसे,
29:26तो फिर आप सोच लें अच्छी तरह,
29:27घर होगा, यकीनन,
29:29मगर किसी ऐशो इश्रत की उमीद ना रखिएगा,
29:33ठीक है तो फिर ऐसा कर लेते हैं,
29:35कि हम चार कमरों वाला अपार्टमेंट देख लेते हैं,
29:39थोड़ा खुला हो,
29:40200 मुरब्बा मीटर तक,
29:42या डूपलिक्स भी हो सकता है,
29:43मगर इलाका फिर भी अच्छा होना चाहिए,
29:45बोस्तांग भी देखा जा सकता है,
29:47क्योंकि ये मेरे लिए ज़रूरी है बहुत,
29:48इस तरह बात नहीं बनेगी,
29:50ठीक है ठीक है, इतिलार भी ठीक होगा हमारे लिए,
29:52लेकिन बैट कर बात तो कर लें,
29:58अगर कोई मुनासिब बात है तो कीजिए,
30:01वरना हम कोई और आसा देखेंगे,
30:03अरे फिगिन साहिबा, अफसोस है,
30:05मैं तो सिर्फ अहल बता रही हूँ आपको इसका,
30:07कैसा भी हो सकता है,
30:08मेरे पास स्टेट एजन का नंबर है,
30:10लासमी इसके पास को घर होगा,
30:12हो सकता है, ऐसा कुछ मिल जाए,
30:14जो आपके लिए भी मुनासिब हो, हाँ?
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