00:28।
00:35वारानसी के लंभी स्थित सुभाश भवन में दिपावली के मौके पर विशाल भारत, संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन की तरफ
00:45से विशेश कारिक्रम आयोजित किया गया जिसमें सैक्रो महिलाओं ने हिस्सा लिया
00:50मुस्लिम महिलाओं ने सजावटी थालियों में दीप सजाए, प्रभुश्री राम की आरती उतारी और उर्दु में लिखी राम आरती का
01:00गायन किया
01:01इतना ही नहीं महिलाओं ने हनुमान चालिसा का पाठ भी किया
01:11मुस्लिम महिलाओं पिछले करीब 20 सालों से दिपावली और राम नवमी पर प्रभुश्री राम की पूजा अर्चना करती आ रही
01:19है
01:19साल 2006 में शुरू हुई ये पहल आज काशी की पहचान और साजह संस्कृती का प्रतीग बन शुकी है
01:30हर साल नवे कि अदने संस्क्राण और संदेज करतों समय टोको हो सुप analog त्यागं और परिवार को प्रिवार को
01:45बांदधी रखने वाला जो एकता और संती
01:48का संदेज दिखाता है अाज के दिन प्रभुवल शूरी राम स् मुईत के जीट करक्या वांप थाह
01:55We all have a great idea of the Hindu Muslim people who have been living here, and we all have
02:12a great idea of the Hindu Muslim people.
02:23is
02:25is
02:28that
02:32is
02:34important
02:34to
02:34what
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02:35and
02:41is
02:43वारानासी से आई ये तस्वीरे बताती हैं कि मजहब अलग हो सकते हैं, इबादत के तरीके अलग हो सकते हैं,
02:51लेकिन महबत की भाषा एक ही होती है
02:53काशी के इस दिवाली ने फिर बता दिया कि नफरत के अंधेरों को मिटाने के लिए सिर्फ एक दीब काफी
03:00है
03:00और जब ये दीब भाईचारे के नाम पर जलता है तो उसकी रोशनी सरहदो और मजहबों से कहीं आगे तक
03:08जाती है