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00:19यह बात सिर्फ तुम्हारे और मेरे दर्म्यान रहनी चाहिए
00:26किसी को भी पता चला
00:30तो बहुत पराओगा
00:40अल्ला करें आपको कभी किसी की बुरी नजर ना लगे
00:49जमीर भाया
00:52अभी तो इत्तदा है
00:55आगे आगे देखें मैं अपनी कैसी कैसी रस्मे पूरी करती हूँ
01:11यह का की शराफत है अमा मेरे भाया की शादी और मेरे लिए सिर्फ एक जोड़ा मुझे तीन जोड़े शाएंगे
01:17बेटा तरे अबबा का हाथ आजकल जरा तंग है
01:19जब हाला ठीक हो जाएंगे तो खूब जोड़े से लवा लिजो
01:23फिलाल इसी से गुजारा कर ले
01:24क्यूं क्यूं क्यूं गरूँ जरा इत पर भी यही पैना था अब शादी निका और वली में भी यही पैनूं
01:30मैं दूले का छोटा भाई हूं कोई फकीर नहीं जो एक जोड़े पर पूरा साल निकाल जाओं
01:34इतन मत कर शकी अब कहां से लाओं है तरे ले कपड़े मेरे अबबा की खड़िया लगी हैं क्या
01:39आपके बावा की लगी हो या ना हो मेरे बापकी तो कपड़े की दुकान है आप इसरार चार्चा से कहें
01:44कि कल जाके मेरे लिए दो जोड़े और ले आए वरना मैं शादी में शिरकत नहीं करूंगा
01:49सुबान आपकी तुझी क्या लगता है तुषादी में शिरकत नहीं करेगा तो क्या शादी नहीं होगी तू कौन सा मॉल
01:57वी है जिसने जमील भाया का निका पढ़ान है वाया बड़ा देख चमी हमारे घर के मामले में मद बोल
02:02वरना दिवार पर अठागे मार दूगा दू�
02:17अच्छ चोड की बच्ची किसे का आज तर तुझे में बताओ अच्छ बचा रख अच्छ बचा रख अच्छ बचा रख
02:31यह घर बे जवान मौत हो गई या तुबारे चौजले घब नहीं हो रहे या ला किसकी मौत हो गई
02:41तहमीना बिटिया को दिल का दॉरा पढ़ा है त�
02:48मजर का तार आया है त्रेन पकड़ दी है जैसे ही तुम्हारा तार मिला मैं उसी विक वहां से चल
03:15पढ़ा था
03:16हलांके आज कलेक्टर साथ के हाँ मेरी दावत भी थी लेकिन मैं उन्हें भी इतला दिये बगएर वहां से यहां
03:24चला आया खेर कोई बात में वहापे जाकर उनसे माज़रत कर लूँगा
03:31आपका बहुत बहुत शुक्रिया भाईया कम से कम मुझे यह एहसास तो है कि इस गम्मे मैं अकेली नहीं हूँ
03:42आपने खामखाँ जहमत की मौत जनाजे यह तो रोज रोज होते हैं कलेक्टर साब की दावत तो कभी कबारी होते
03:55हैं
03:59हाँ बिल्कुल बिल्कुल मेरा मतलब है के अल्ला पाक तहमीना बेटी को जन्नत अल्फिर्दास में आला मुकाम नसीब करे आमिर
04:09अब एक फात्या पढ़ लें
04:24कैतराइन वीद से है इसलिए वो नहीं आ सके वरना वो जरूर आती
04:31उसको भी बहुत गहरा सद्मा है
04:33गहरा सद्मा होने वाले बच्चे के लिए अच्छी बात नहीं है भाया
04:38बहतर है कि वो एहत्यात करें
04:40हाँ तुम ठीक कह रही हो
04:43एहत्यात के मामले में वो काफी सक्त है
04:46डॉक्टर्स जो जो भी एडवाईज करते हैं उस पे वो काफी पाबंद रहती है
05:01बस भाया हम पे तो गम का पहाद तूट पड़ा
05:05सबर करो इंशाला सब ठीक हो जागा
05:19सबर कर मेरे लाँ
05:22मेरी बेटी, मैं आगया मेरी बेटी, मैं आगया, मैं आगया
05:46यह परपर्दिगार
05:49यह कहां का इनसाफ है कि मैं
05:53अभी तक धर्दी पर बोजबनी जिन्दा हूं
06:00मेरे मासूं बच्चे
06:04मेरे सामदी मरे जाते हैं
06:10पहले बेटा खोया
06:15फिर बेटी
06:18और अब बोटी
06:24आखिर तु मुझलाचार से क्या चाहता है मेरे मालिक
06:44अब बोटी
06:46मेरे मेरे जाते हैं
06:48अब बोटी
06:48यह जाते हैं
06:56अब बोटी
07:03कहा सुना माफ चमील भाईा
07:08तिम्हारी बद्दुआ खा गयो से
07:14अगर मेरे बद्दुआ मे इतना असर होता छॅब भी चक्प हा मच चुका होता
07:19जश्यूमेरा बॉल जात राट बद्दुआ देती हूँ
07:24तुम ना मानो मगर ये हकीकत है
07:29अब सद्बे में इसलिए ऐसे लगा रहे हैं
07:33मेरा खुदा गवाय है मैंने तेमीना को कभी कोई बड़ द्वा नहीं दी
07:38मैंने तो इसे आज तक देखा भी नहीं था
07:42तो पर किस की लिए दी
07:46मेरे लिए
07:47नहीं
07:50अपनों को बद्धवा नहीं दी जाती
07:54उन्के लिए तो सिर्थ द्धवाइं होती
07:58कभी अपनों की घज़र रिसाले में चप जाने की द्धवा
08:01और कभी बियाए पास हो जाने की मन्नते
08:09तुम में उन्टे ताजियत करने आई हो या और अपने हैसानाद गिनवाने
08:14ताजियत करने
08:18कबूल कर ले
08:19अब जाओ यहां से
08:23मैं कहां जाओ
08:26मेरा और दादी का कमरा है
08:32जाना तो आपको पड़ेगा जमीर भाया
08:37लेकिन मैं कभी भी आपको जाने का नहीं कहूंगी
08:43तुम क्या काओगी
08:47मैं खुच चला जाता हूँ
09:12दो रातें पहले
09:14वहां अंदर फीला जोड़ा पहन कर
09:18कुर्सी पर दुलन बनी बैठी थी
09:22और अकले दे
09:34अल्ला की मसलिहत और मर्जी न तुम जानते हो न मैं
09:39सब उसी का दिया माल है
09:42जब चाहे वापस ले ले
09:46यह हम दोनों का मुष्टर का दुख है
09:52हर खुशी में शिरीक रहे हैं तो इस दुख को भी साथ ही निभाएंगे
09:57पड़े चचा
09:58आपके लिए खाना ले आओ
10:01हम इतनी दूर से खाना नहीं
10:06घम खाने आए
10:09बैठो
10:17जब तुम्हे आखरी बार देखा था तो तुम्हें इसी थे
10:22अब तो मुझसे भी कद निकाल रही हो माशाला
10:26अब मा का क्या हाल है बड़ बैए
10:29यह सुनकर उने तो बहुत तकलीफ हुई होगी
10:37तकलीफें देख देख कर सुन सी हो गई है
10:42पास लगाए बैठी थी कि इस जुम्हे पे अपनी सारी आउलाद से मिलेंगी
10:51जैंशायद खुदा को अभी मनजूर नहीं है
10:54तुम ऐसा करो एक हफ़ते दो की छुटी लो और मेरे साथ चलो
11:00इस घड़ी तुम्हारा अकेले रहना ठीक नहीं है
11:03कुछ समझ मैं नहीं हो रहा
11:06क्या ठीक है
11:09क्या खलत
11:20तुम मुझे काफी समझदार लगती हो बिट्टो
11:23अपने माबाब को अब इस दुख से निकालना तुम्हारी जिम्मेदारी है
11:28पूरी कुशिश करोंगी बड़े चचा
11:32अल्दा तुम्हे अपनी अमान में रखे मेरी बच्ची
11:37जमील भया क्यों नहीं आए
11:41अपनी होने वाली तुदहन की कपरी थेख लेते हैं
11:50विट्टो
11:55विट्टो
11:59विट्टो
12:00अमा
12:06विट्टो
12:06क्या हुआ
12:07मैं डर की थे
12:27याद है अब तक जिगर वो बेखरारी के मज़े
12:30दर्दे पैहम की लगावट सखमे कारी के मज़े हैं
12:37वो सकुने बेखुदी वो चल्वा हैरत फरोश
12:44वो जनून शौक
12:47वो भी इख्तियारी के मज़ें
12:52अब आओ
12:55वो बेटो बेटो
12:59अब आप सारा दिन यहां बेटे रहते हैं
13:02घर के अंदर भी नहीं आते, किसी से बात भी नहीं करते
13:09तुम्हारी माँ ने मुझे घर से दूर कर दिया
13:13मुझे कभी समझी ही नहीं
13:27क्या सोच भी?
13:35अपा, किया अपारी सारी सिंदगी, यो ही एक उसरा को नजर अंदास करते बेगा को उस्चेज़ जये कि
13:44मेरे बिट्टों कितनी बड़ी होंगी
13:51आउ बहार चुलते
13:52अबब बैठे मैं आपके लिए चाय बनाकर लाती हुआ
13:59नहीं अभी तलब नहीं है
14:04कल मेरा इंग्रेज अफसर आ रहा है मौईने के लिए
14:09वो रात के खाने का इंतजाम करे लिए
14:12सुबा मौईना करेगा और फिर रात को घर पे दावात है
14:16जी
14:20खुब अंग्रेजों को गालियां देते हैं
14:23और अब वो अफसर आ रहा है तो सिटी गुम है हज़रत की
14:27भईयात है खाली खुली नफरत करते हैं
14:30और अब खुशामत भी कर रहे हैं
14:34मैं अगर खुशामत ना करू ना तो तुम भीक मांगने पर आज़ो
14:42इस नहीं में अंदर नहीं आता
14:46बीबी ती
14:48कबाब के मसाले में मिर्चें कम लग रही हैं और डाल दो थोड़ी
14:51अरे पागल हो गई है क्या
14:53इंग्रेज मिर्चे नहीं खाते
14:55खबरदार जो और मिर्चे डाली तो
14:57लो बताओ
14:59मिर्चों के बग़र सबाद क्या आएगा
15:02खुदा समझे इन हिंदुस्तानियों को
15:04अरे मिर्च भी भला कोई खाने की चीज है
15:07इसलिए मेरी भाबी
15:09हिंदुस्तानियों की दावतों में नहीं जाती
15:11मिर्ची ले खाने जो खाने पड़ते हैं
15:14इंग्रेज को नफरत है मिर्चों से
15:18इसी आएगा बेकम सहबा बेकम सहबा
15:22बेकम सहबा
15:25वह पिपजी घजब हो गया जी बाभुजी मुएना करा ता बें अंग्रेज असरो साफ़
15:29शिर्षे का बुल्जान मार दिया जी शर पटगया उसका
15:32कहा है आप ऑबा मुझे जाना है
15:33आप वहाँ जाएंगे जी, बाबुजी देशिक थाने में हैं
15:39आमा, आमा, आमा, आमा, मामा, सामालो, आमा, आमा, आमा, आमा, अबीना उट्थ हुआ, तो कौन जाएगा तुमारे बाप के बीचे,
15:59या आमा, इसन क्या हो गया, उसने ये भी नहीं सोचा कि
16:03अजरी हमारा क्या होगा अजरू
16:05तू जा
16:07अपने मामू को तार कर बना मैं खुछ जारी उतार कर अजरू
16:09मां राय साब को बिलवा बेजाए आते ही होगे
16:14बीबी
16:15वो कुसम दीदी के अपबा है
16:17जा आप बेटे
16:19मामा उन्हें अंदर बुलवा लो
16:32राम राम बेन जी
16:33आदा आप भाई साब
16:35अपने दोस्त की कुर्टूत होगा तो इल्म हो गया होगा आपको
16:40जी
16:41मामा ने बताया है मुझे
16:44मैं जरा ठाने जाकर जानकारी लेता हूँ
16:47अप जानकारी से बात बहुत आगे निकल चुई है भाई साब
16:50उसने अंग्रेज अफसर की
16:52जान पर हमला किया है
16:54अब अंग्रेज उसकी जान लेकर ही
16:56चैन से बैठेंगे
16:57नई नई ऐसा कुछ नहीं होगा
17:00आप तसली रखें
17:03उससे जो बन पड़ा
17:04अवश्य करूँगा
17:05बगवान की केरपा से कुछ नहीं होगा
17:10फिलहाल तो आप ये कीजिए
17:11कि मेरे भाई को एकतार कर दीजिए
17:13वो सब कुछ समभाल लेंगे
17:15बेजनोर के डिप्टी कलक्टर है वो
17:19जा बिट्टो
17:19अपने वामों का पता लाके दे दे भाई साब को
17:23जा
17:25और भाई साब ये जरूर लिखवा दीजेगा
17:27कि जल्दी से यहां आजाए
17:29उनकी बेहन और भाई जी बहुत बड़ी
17:31मुसीबत में बस गए है
17:32बहुत बहतर बेहन जी
17:35मैं चलता हूँ
17:38कलेक्टर साब का पता
17:39मैं आलिया बिटिया से ले लूँगा
17:42राम राम
17:42खुदा हाफिस भाई से
17:48ये मामों का पता है
17:57बड़े चचा को जरून पेश दीचेगा
18:00शिंता ना करो बिटिया
18:02मैं दोनों को तार पेश तूँगा
18:06और कोई काम हो तो मामा के हाथ कहलवा देना
18:10जिती रहो
18:11शुक्रिया
18:22ऐसी खूनी हरकते वो बाप करते हैं
18:25जिनके पीछे चार पांच बेटे खड़े हो
18:29अल्ला जाने कौन सी गेरत चड़ी थी मिया को
18:32कि इंग्रेज अफसर का सरी भाट दिया
18:34ये भी ना सोचा
18:36कि उनके बाद बीवी और बेटी का क्या हाल होगा
18:39मजर भाईया वापस आ जाएंगे
18:41सरी भाड़ा है
18:43मारा नहीं किया और अक्षिस
18:46अठारा सो सतावन में भी
18:47एक इंग्रेज अफसर का सर भटने से घदर भूट पड़ा था
18:53फिर उसके बाद कितने इंसान तोपों के आगे आकर मरे
18:57सारा हिंदुस्तान जानता है
19:01बेवी जी खता आया जी
19:04किसका है
19:10किसका है
19:12बिट्टो के मामो का खत है
19:13क्या लिखा है
19:19मसर की बदमाशी ने एक भाई को बहन से दूर कर दिया
19:25लिखा है कि एक दा में कतल बहुत बड़ा जुर्म है
19:30और ऐसे शक्स के बच्चों की सरपरस्ती करने पर
19:34उनको और उनकी नौकरी को खत्रा हो सकता है
19:52बिट्टो
19:52पपा
20:02यह रिए है
20:06यह
20:07आ
20:07तब कर दिए
20:20प्रणoftर लेगे
20:26मैं तो डर रही थी कि आप नहीं आप आएंगे
20:30चुप करो
20:33मैं आगे हो
20:37अरे बड़े भाहिया
20:41तुम्हारे माबुचान के आने से पहले आगे
20:44उन्हें तार नहीं मिला होगा
20:50आप हात मुदू लिजे में खाना लगाती हूँ
20:53प्रशॉ तुम्हारे मीजरी तुम्हारे में लिएम, क्कि नहें एफारे में तुम्हारे में जाएंगे
21:20मुम्हार नहें जाएंगे
21:34तुम तुम बहुत धीमे मिजज के आदमी हो भईया
21:40इसा क्या हो गए जिसने तुम्हे यहां पहुचा दिया
21:45छोड़े बड़े भईया
21:48बात को दोहराने का कोई फाइदा नहीं
21:53जो होना था सो हो गया
21:55मैं मैं सुनना चाहता हूं
21:58मुझे यकीन है तुम बेगुना
22:01मुझे जब खबर मिली कि मैथियू साब दोरे के लिए आ रहे
22:06तो तैयारियां उसी दिन से शुरू हो पे थी
22:12हर एक शखस अपनी ताकत से बढ़कर मेहनत करने लगा
22:17ताकि अंग्रेज अफसर को खुश कर सके
22:22मैं भी उन्हीं लोगों में शामिल था
22:25जो पीट पीछे अंग्रेज को गालियां देते हैं
22:31लेकिन जब वो ही अंग्रेज सामने आते हैं तो जुक कर सलाब करते हैं
22:41मैं घर से तहमीना के हाथ के कड़े हुए खिलाफ और मेस पोश को साथ ले आया
22:48ताकि मैथियू साब की इज़त अवजाएं के कोई कमी ना रहे जाए
22:53लेकिन बड़े भाईया उनकी बत्तमीजी मुझसे बरदाशनी हुए
23:01नहीं सिर्फ अपने बूट मेरी मेस पे रखे
23:06पेरी तहमीना की उस उस रुमाल के पर उस खिलाफ पर
23:15मैंने उनको अदब से कहा कि इसको नीचे रखे
23:19उतैश में आए
23:21मैंने तो हराया वो
23:26जब और नहीं माने
24:04मुझसे अपनी बच्ची की मेहनत की ये बेहुरमती परदाशनी हुए
24:15मुझे यकीन है कि मैथ्यू आइदा ऐसी हरकत फिर नहीं करेगा प्रे भाई है
24:23करेगा
24:27जरूर करेगा
24:29अंग्रेज को ऐसी ओची हरकतें करने का शौक है
24:34तहजीब तो छू के नहीं गई फिरंगियों को
24:43मैं तुम्हारे लिए इस शेहर के सबसे बड़े वकील का बंदोबस्त करूँगा तुम फिक्र ही ना करो
24:50मुझे अपनी नहीं
24:53आल्या और असके मा की फिकर बड़े बाई है
24:54मैं अभी जिन्दा हूँ
24:56जब मर जाओं तो ये फिक्रें पालना
25:03अगर अगर हो सके तो आप उन्हें अपने साथ ले जा सकते हैं बड़े बाई
25:09क्या अब सरकारी घर तो नहीं रहे हैं
25:13हाँ
25:15मैं भी यही सोच रहा हूँ
25:20यहां अकेले पड़े रहने से बेहतर है कि अपनों में मिल बैठेंगे
25:25ले जाओंगा हुए
25:28लेकिन तुम्हारे मुकदमे की पैरवी करने और तुमसे मिलने आता रहूंगा
25:32इस तोरान किसी चीज़ की जरूरत हुए
25:35कोई मसला हुए कोई दिक्कत हुए
25:38खत लिखते न भीया
25:40जी बड़ भीया
25:51चलता
25:56पिर आँगा
25:57बड़ भीया
26:02बिट्टो को मेरा प्यार दीचीगा
26:07बड़ी बहु
26:27बड़ी बहु
26:28अलाजाने अमा
26:31कहां गए हैं
26:32पहले कभी मुझे बताया है जो
26:34आज बताके जाएंगे कहां जा रहे हैं
26:36और अजान अजात कराने गए होंगे
26:40उग
26:41क्या बड़ों को मज़ाप में उड़ाया करते हैं बड़ों को भी चाहिए कि घरवालों को बता कर जाएं कि कहां
26:47जा रहे हैं इसरार बता रहा था दुकान पे किसी का तार आया और उसी वक्त खड़े-खड़े स्टेशन को
26:54चल दिये
26:56मुझे मालूम है किसका तार आया था किसका गांधी जी का उन्हें ने लिखा कि बड़े भाईया भगवान के लिए
27:03यहां आएं और अंग्रेजों से हमें अजाद करवाएं और आते हुए अपनी दुकान से मेरे लिए धोती का नया कपड़ा
27:09भी लेते आईएगा पुरानी वा
27:24इस घर में एक मैं ही तो हूँ जो हस्ती मुस्कुराती रहती है वड़ना तो जिसे देखो मो फुलाए इधर
27:32से उधर खुमता फिरता रहता है बहुत बूलती है यह बदसाथ किसी गनवार से इसकी शादी करवाते हैं दादी बेगम
27:44साहबा की बोलती खुद ही बंद हो जा�
27:54मुझ से अपने निकाह पड़वाले ना? हाँ? पड़े आए मेरी बोलती बंद कर आने वाले खुद की शादी तो हुई
28:02नहीं और मुझे किसी गवार से बांदने का मश्वरा दे रहे हैं हाँ
28:20तुम फिकर ना करो चोटी बहू
28:24मज़र को एक दिन की सजा भी नहीं होगी
28:30उसकी जगा कोई भी होता वही करता जो उसने किया
28:35उसे पहली पेशी पर बरी ना कर आया तो तुम मेरा नाम बदल देना
28:41जब जब उन्होंने पहली पेशी पर रहा हो जाना है भाईया
28:45तो हम अपना घर क्यू झोड़े
28:49आरे अडालती कामों में वक्त लगता है
28:54तो क्या उस वक्त अब तुम दोनों को यहीं छोड़ दूँ
28:58ठीक है भाईया जैसे आपकी मरसी
29:01मैंने मजर के बारे में घर में किसी को नहीं बताया
29:07जो ही तुम्हारा तार मिला
29:10निकल पड़ा किसी को बताए बगैर
29:12तुम खुद किसी को बताना चाहो तो बता देना
29:15लेकिन अम्हा को भिनक भी नहीं पड़नी चाहिए
29:20बहुत बीमार है भाई
29:25मजर का सुनके मज़ीद तकलीफ में आ जाएंगी
29:30तो फिक्र ना करें भाईया
29:34मैं अपनी तकलीफें खुदी चेलूगी
29:43अच्छा अपा अब हम भी चलते हैं
29:52खुदा आफिस
30:07सारा सामान रखवा दिया था ना जुमन मिया
30:10जी पहले ही सारा सामान तांगे में रखवा कर इस्ट्वेशन रवाना कर दिया
30:18प्रेवी जी
30:20मुझ से कोई वल्की हो गयो तो माफ करके
30:23हमारे लिए दौा करना मामा
30:27बिटो बिटिया
30:29मुझे फूल तो नहीं चाहोगी
30:33तुमारी तरह बुलकर नहीं हो मामा
30:36तुम्हें और तुमारी अफीम की डिपया को में मर्त दम तक नहीं बूलूंगी
30:47इखत राए साब को दे देना
30:49याद से कहना बिटो दे कर गई थी
30:52जलता
31:20जलता
31:36आदाब चचा जान
31:38अब्बा का ख्याल रखियेगा राय चचा
31:40मैं उने अल्ला और अब्बा से आपकी दोस्ती के आस्रे छुड़े जाती हूँ
31:45इंसान सोचता कुछ है होता कुछ है कभी सोचा नहीं कि अचानक इतनी तबाही हो जाएगी
31:53राय चचा मुझे आपसे एक बात कहनी है
31:56कुसमदीदी को माफ कर दें
31:58उनका कोई कुसूर नहीं था
32:00अचानक नहीं था
32:24वदूद्मिया सामान अंदर रखवादो
32:29आजाओ चोटी बहु आजाओ
32:31बिसमिल्ला बिसमिल्ला
32:32जमील की माँ
32:38इलाही बदद
32:39क्या हो गया
32:41अदाब बड़ी चेची
32:42चीती रहू
32:44गबराने की जुरूत नहीं है चोटी बहु
32:46और आलिया ठके हुए
32:48इनके लिए कमरे में बंदो बस्त करो
32:50मैं तब तक सामान उत्रवाता हूँ
32:54चोटी
32:56क्या हो गया
32:58खुदाया कुछ तो बो
33:01मेरे दिल में हौल उटरे चोटी कुछ तो बो
33:06मज़र का है
33:08सब खेरियत तो है न
33:10अरे ये बाते अंदर पूछ ले न
33:13सारी राम लीला यहीं खड़े खड़े सुनोगी क्या
33:16देख भी रही उनके चेहरों से परेशानी टपक रही और तुम पता नहीं क्या क्या
33:19अंदर जाओ शाबश
33:36अब अभी तक सो रही हैं बजिया
33:39आपने मुझे पहचाना
33:42तुम्हें कौन नहीं जानता चम्मी
33:46बड़े चचा के कहर में एक ही तो लड़की है
33:48जो मुझे बजिया बला सकती है
33:51जो मेरी चोटी पहन है
33:56सूरत देखो तो कितनी मासूम है
34:00लगता है जैसे फरिष्टों ने साया किया हूँ
34:05क्या कर रही थी?
34:07आपका इंतिजार
34:10क्यो?
34:12मैंने सोचा आपके साथ ही नाश्ता करूँगी
34:14ये सब तो खापी चुके आजाएं नाश्ता करते हैं उठे
34:20तो तुमने भी कर लिया होता?
34:22क्यों? आपके बेना क्यों करती?
34:24यहां तो किसी को किसी की कोई परवार नहीं
34:26सब बहुत खुदगर्ज हैं आजाएं
34:35मेरे अल्ला ने चाहा है तो मजर बहुत जल्द वापस आ जाएगा
34:39तुम बिल्कुल फिक्ट ना करो चोटी बहु
34:41तुम्हारे बड़े भाईया की कॉंग्रेस में बहुत अच्छी जान पहचान है
34:46कॉंग्रेस क्या करेगी भाबी?
34:49मजर सहब की कुर्टूत कॉंग्रेस और बड़े भाईया से नहीं समलने के
34:54आदा बड़ी चाची
34:55ए जीती रह पिट्टो उठ गे हैं तुम
34:59मैंने तो तुम्हें जल्दी नहीं उठा आई ये सोचके के
35:02नहीं जगा पर अच्छी तरह निंदाए भी होगी के नहीं?
35:05नहीं बड़ी चाची
35:08मैं तो खूब सुई
35:11फिक्रों की धूल और शब्दारी अभी तक चेहरे पर ओड रही है
35:17वो तो आपके चेहरे पर भी है मालक मुजफफर के जमाने में
35:21घी में गुंदी हुई ऐसी पूरियें होती थी कर दस दिन भी रखो तो नहीं सूकती थी
35:28बस जमाने जमाने की बात है
35:30अरे हमें किस जमाने में नाश्ता मिलेगा बुआ
35:33बाते कम और काम ज्यादा किया करो
35:36वैसे मुझे लगता है तुमसे काम शाम नहीं होता
35:38हमारा भी को बंदो बस करना पड़ेगा
35:42हाँ बई ये भी जमाने जमाने की बात है
35:46चम्मी भी हमें दमका रही है
35:48सुन रही हो बड़ी बहू
35:49ए मजाग कर रही है बुआ
35:52अब जल्दी से आलिया के लिए नाश्ता ले आओ
35:55चल बहां बैठे
35:57बुआ
35:59दुकान जाने के लिए देर हो रही है
36:01नाश्ता तो बिजबा दो
36:03भी हद होगी ये बेशर्मी की
36:05है यह मेमान भूखे बैठे है
36:08और इसरार मिया को अपने नाश्ते की पड़ी है
36:10जब तक कुछ मिल ना जाए
36:12मजाले जो आराम से बैठ जाए
36:15भाई इसरार मिया को तो से बुआ ही ठीक करती है
36:18बैठे
36:26इसरार मिया अभी तक यहीं पड़े है
36:30बड़े भाईया का ही कारनामा होगा
36:32ए तो कहां जाए बचारा आप वो
36:34फिर दुकान भी तो देखता है
36:40वा भाई वा
36:42क्या पराठा बनाया है
36:44बिल्कुल करीमन हुआ की खाल की तरह खुश्क
36:51नाश्टा कर चुको तो ज़रा सामान भी खुलवा ले ना
36:54जी राट से ऐसे ही बन पड़ा है
36:57एलो ये क्या खुलवाएगी बला
36:59जमील और शकील आ रहे हैं ना सब सम्हाल लेंगे
37:03बिटो तुम तो उपर ही का कमरा पसंद करोगी ना
37:06अकेली बैट के खुब पढ़ाई करना
37:09वैसे जमील का कमरा था वो
37:12लेकिन उसने कहा के आलिया को देदो
37:14हुआ हुआ हुआ हुआ है