Skip to playerSkip to main content
Ayodhya Deepotsav 2026: 30 लाख दीयों से जगमग होगी रामनगरी अयोध्या, 56 घाटों पर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी पूरी! जानिए कैसे 34 हजार वालंटियर्स दिन-रात मेहनत कर इस दीपोत्सव को ऐतिहासिक और अलौकिक बनाने में जुटे हैं।

उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या एक बार फिर नया इतिहास रचने जा रही है। दीपोत्सव 2026 को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए रामनगरी में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार दीपोत्सव के पावन अवसर पर अयोध्या में एक साथ 30 लाख दीये जलाकर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का भव्य लक्ष्य रखा गया है।

इस विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए लगभग 34 हजार स्वयंसेवक (Volunteers) दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। सरयू नदी के तट पर स्थित 56 प्रमुख घाटों पर दीपों की सुंदर सजावट की जा रही है। हर घाट को दीयों की रोशनी से नहलाने के लिए व्यापक स्तर पर सुरक्षा और प्रबंधन के इंतजाम किए गए हैं।

दीपोत्सव के दौरान जब सरयू तट पर लाखों दीये एक साथ प्रज्वलित होंगे, तो रामनगरी का दृश्य अद्भुत, अलौकिक और विहंगम होगा। योगी सरकार और स्थानीय प्रशासन इस आयोजन को भव्य रूप देने के लिए राम की पैड़ी से लेकर पूरे अयोध्या शहर को दुल्हन की तरह सजा रहा है।

About the Story:
Ayodhya is gearing up to create a world record during Deepotsav 2026 by lighting 30 lakh earthen lamps across 56 ghats along the Saryu River. Over 34,000 volunteers are working tirelessly to decorate the ghats, transforming the holy city of Lord Ram into a mesmerizing spectacle of lights and grand celebrations in Uttar Pradesh.

#AyodhyaDeepotsav2026 #AyodhyaDeepotsav #RamMandirAyodhya #YogiAdityanath

~HT.318~PR.514~GR.506~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:10अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने के लिए तैयार है।
00:30सीमित नहीं रहने वाला। आस्मान में 2100 ड्रोन के जरिये रामायन के प्रसंग दिखाये जाएंगे। सर्यू तठ पर भव्य महा
00:38आरती होगी और पांच देशों की राम लीला टी में अपनी प्रस्तुतियां देंगी। इस दसवे दीप उत्सव को खास बनाने
00:45के लिए करीब
00:4635,000 स्वयम सेवक जुटे हुए हैं। राम की पैडी के 56 घाटों पर दीप सजाने का काम तेजी से
00:53चल रहा है। 5 नवंबर से शुरू हुआ पांच दिवसिया उत्सव अपने मुख्य आयोजन के लिए तैयार है जो 7
01:00नवंबर को होगा। सवाल ये है कि इस बार अयोध्या म
01:14का सबसे बड़ा आकर्शन सर्यू नदी के किनारे स्थित राम की पैडी के 56 घाट होंगे। इन सभी घाटों पर
01:2130,000,000 से ज्यादा मिट्टी के दिये जलाने की तैयारी है। आयोजन के लिए करीब 33,000,000 दिये
01:28मंगाए गए हैं ताकि तूट पूट या किसी दूसरी वजह स
01:31कमीना हो। दियों को घाटों पर निर्धारित ब्लॉक और कतारों में सजाया जा रहा है। हर घाट के लिए अलग
01:38जिम्मिदारी तै की गई है जिससे दीप प्रजवलन के समय किसी तरह की अव्यवस्था ना हो। इस काम में डॉक्टर
01:45राम मनोहर लोहिया अवध विश्व �
01:46विद्याले के साथ साथ उससे जुड़े कॉलेजों और स्थानिय शिक्षन संस्थानों के विद्यार्थी भी शामिल है। करीब 35,000 स्वयम
01:54सेवकों को इस काम की जिम्मिदारी दी गई है। 5 नवंबर तक करीब 12 लाख दिये सजाय जा चुके थे
02:01और लगभग 25,000 स्वयम से
02:15और 27 पर्यवेक्षक लगाए गए है। 2025 का रेकॉर्ड तोड़ने की तैयारी। अयोध्या का दीपोटसव हर साल अपने ही पुराने
02:25रेकॉर्ड को पीछे चोड़ने की कोशिश करता है। साल 2017 में जब पहली बार दीपोटसव का आयोजन हुआ था, तब
02:32करीब 1.71 लाख द
02:43दिये जलाकर विश्व रेकॉर्ड बनाया गया था। अब 2026 में 30 लाख से ज्यादा दिये जलाने का लक्षे है। यानि
02:51इस बार पिछले साल के रेकॉर्ड से करीब 4 लाख ज्यादा दिये जलाने की तैयारी है। ये सिर्फ एक आंकड़ा
02:57नहीं बलकि इतने बड़े आयोज
02:59जनको कुछ घंटों में सफलता पूर्वक पूरा करने की चुनाती भी है। 2100 ड्रोन दिखाएंगे आसमान में रामायन। इस बार
03:07दीपोचसत में तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम भी देखने को मिलेगा। रात के समय 2100 स्वदेशी ड्रोन आसमान में
03:15रामायन के अल�
03:21बनाई जाएंगी जिनमें रामायन की कहानी दिखाई देगी। 2025 में 1100 ड्रोन का इस्तिमाल हुआ था जबकि इस बार इनकी
03:29संख्या लगभग दो गुनी कर दी गई है। इसके अलावा राम की पेड़ी पर फ्लोटिंग स्टेज तैयार किया जाएगा जहां
03:36रित्य, संगी
03:37और हिंदी वर्णन के जरिये भगवान राम की अयोध्या वापसी का द्रिश्य प्रस्तुत होगा। आयोजन में 8 मिनट का लेजर
03:45शो और करीब 20 मिनट का प्रजेक्शन मैपिंग शो भी आकर्शन का केंडर रहेगा। सर्यू तट पर महा आर्ती और
03:525 देशों की रामलीला।
03:53दीपोट्सव के मुख्य दिन सर्यू नदी के तट पर भव्य महा आर्ती का आयोजन होगा। इसमें 2147 लोग शामिल होंगे।
04:02वैदिक मंत्रो चार और आर्ती के बीच सर्यू तट का नजारा बेहद खास रहने वाला है। इस बार रामलीला की
04:09प्रस्तुतियां भी अंतराश
04:11रंग में रंगी नजर आएंगी। दक्षिन अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाइलैंड से आईटी में राम कथा का मंचन करेंगी।
04:19इन देशों की भाशा, वेशभूशा, संगीत और नात्य परंपराओं के जरिये रामायन के अलग-अलग रूप दर्शकों
04:26के सामने आएंगे। इसके साथ ही करीब बचीस सो कलाकार बारा मंचों पर सांस्कृतिक कारिक्रम प्रस्तुत करेंगे। 22 जहांकियां और
04:35रामायन के प्रसंग। अयोध्या की सडकों पर 22 जहांकियों की शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। ये जहांकियां रामायन के सा
04:53दूसरे आकर्शक इंस्टलेशन भी देखने को मिलेंगे। शहर में 13 थी माधारित प्रवेश द्वार और 20 सेलफी पॉइंट बनाए गए
05:01हैं। लता मंगेशकर चौक से राम की पैडी तक अलग-अलग स्थानों पर रामायन के प्रसंगों को दर्शाने वाली सजावत
05:07की गई
05:08है। इसके अलावा एक विशेश डिजिटल अनुभव के तहत मोबाइल आप के जरिए दर्शक दीपोट्सव का हिस्सा बन सकते हैं।
05:38हुआ हुआ है।

Recommended