00:02कावली सुक सम्रुद्धी स्वास्त और सकारात्म खूर्जा का महापर्व है।
00:30पूरे घर में गंगाजल छिड़कर पवित्रता सुनिष्चित करे।
01:00बताशे, लाल कमल या गुलाब की फूल के साथ साथ मीठा पान जरूर चड़ है।
01:06पूजा स्थल पर एक बड़ा सरसो के तेल या शुद्धगी का दीपक जला है जो राद भर जलता रहे।
01:11पूजा में मिट्टी की खंडक मूर्तियों का इस्तमाल ना करे।
01:14पूजा के समय काले या गहरे मीले रंग के वस्तर ना पहने।
01:18माता लक्ष्मी और गड़ेशी की पूजा में तुल्सी के पत्ते और पित ना करे।
01:21दिया जलाते समय 11, 21, 51 या 101 की विशम संख्या में ही मिट्टी के दीपक जला है।
01:28पहला दिया पूजा स्थान पर रखें।
01:30फिर मुख्य द्वार की दोनों और रसोई तुल्सी के पौधे के पास, पीने के पाने के स्थान पर, कचरी की
01:37जगर, घर की चट, बैलकनी में भी रखें।
01:39मिट्टी के दियों और प्राकृतिक तेल का ही अधिक उपियोग करें।
01:43ध्यान रखे की पुख्य पूजा का दिया हवा से ना बुझे, नरके किसी भी कोने में पूरी तरह भीरा ना
01:49रहने दे।
01:50वियापारी वर्ग और ग्रिहस्त अपनी तिजोरी बही खाते या लैप्टॉप या बिजनस टूल्स का पूजन जरूर करें।
01:56सामर्त अनुसार गरिबो जरूरत मंदो या सफाई करमचारियों को अनाज कपडे में ठाया या दक्षना का दान करें।
02:03दिपावली के दिन ना तो किसी को पैसे उधार दे और नहीं उधार ले, इसे धन प्रवा का बाहर जाना
02:08माना जाता है।
02:38लेकिन दान देना शुब होता है।
02:40पूजा के बाद घर में ताला लगा कर पूरा परिवार बाहर ना जाए, घर में किसी न किसी को होना
02:45ज़रूरी है।
02:46साथ इस दिन सूरन खाने की भी नियम है, तो उसका सेवन भी ज़रूर करें।
02:51फिलहाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेर करें।
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