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  • 38 minutes ago
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की हार से क्या वर्ल्ड ऑर्डर बदलेगा? देखें विशेष

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00:00नमश्कार विशेश में आपका स्वागत है मैं हूं मारिया शकील और आज विशेश में बात करेंगे डॉनल्ड ट्रम्प की
00:06मिड टरम चुनाओ में हार के बाद ये कहा जा रहा है कि ट्रम्प का सिर्फ ताज रह गया है
00:11और बातशाहत चली गई है
00:13उनका पुलिटिकल क्यापिटल खतम हो गया है उनका इकबाल खतम हो गया है क्योंकि ये उमीद तो डॉनल्ड टरम्प को
00:20भी नहीं थी कि उनकी हार इतनी बुरी तरह से होगी
00:24लेकिन अमेरिका की जंता ने डॉनल्ड ट्रम्प को सबक सिखा दिया है
00:28सवाल ये है कि डॉनल्ड ट्रम्प की इस हार के बाद क्या वर्ल्ड ओर्डर बदलेगा
00:33हमारी इस विशेश की रिपोर्ट में देखिए
00:38एसी करारी हार जिसके खुद डॉनल्ड ट्रम्प में भी कलपना नहीं की हो
00:42सिर्फ दो साल पहले जिस अमेरिका में ट्रम्प में अपनी जीत का परचम लहराया था
00:47मातर दो साल में ऐसा क्या बदला कि ट्रम्प और उनकी रिपपलिकन पार्टी भूरी तरह से हार गए
00:53जो राज्य एतिहासिक रूप से रिपपलिकन के थे उन्हें डेमोक्रेक्स ने कैसे जीत जीत दिया
00:58सवाल है कि डॉनल्ड ट्रम्प अमेरिका का मिट्टम इलेक्शन कैसे हार
01:02इरान पर हमला करने के बावजूद भी ट्रम्प क्यों नहीं चुनाव जीत पाए
01:22सेनेट में डेमोक्रेक्स बहुमत हासिल कर लेंगे लेकिन बहुमत इतना बड़ा होगा इसका अनुमान नहीं थे
01:29सेनेट की 100 सीटों में से 35 के लिए चुनाव हुए इन चुनावों में बड़ा उलट फेर करते हुए
01:35डेमोक्रेट्स ने 54 सीटों पर कबजा जमाया और अब वहुमत उनके पास है
01:39ट्रम्प के पास अब सिर्फ 44 सीटे हैं
01:41वही हाउस ओफ रिप्रेजेंटेटिव की 435 सीटों के लिए चुनाव हुए
01:45चुनाव से पहले ट्रम्प यहाँ भी वहुमत में थे
01:48लेकिन अब डेमोक्रेट्स जहां 228 सीटों पर जीत दर्च कर चुके हैं
01:52वहीं ट्रम्प की पार्टी महज 149 सीटों पर ही जीत दर्च कर पाई
01:58अब ये समझिये कि ये चुनाव माईने क्यों रखता है
02:012026 के मध्यावदी चुनाव अमेरिका के इतिहास में इसलिए भी याद रखे जाएंगे
02:06क्योंकि आधुनिक अमेरिकी इतिहास में कोई मौजूदा राश्टपती इस तरह से मिट्टम में रिजक्त नहीं हुआ है
02:12जैसे डॉनल्ड ट्रम्प हुए है
02:141974 में वाटर गेट कांड के बाद अमेरिका में कुछ ऐसा ही घटना क्रम हुआ था जो अब हुआ है
02:20सबसे बड़ा फेर बदल हुआ है टेकसस में जो आम तोर पर रिपब्लिकन का गढ़ था
02:24यहीं से ट्रम्प की मागा कैंपेंग की शुर्बात हुई और यहां से रिपब्लिकन का हारना और डेमोक्रेट्स का जीतना बहुत
02:31बड़ा शिफ्ट है
02:34डेमोक्रेट्स ने अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित रिपब्लिकन गढ़ टेकसस पर एक तरफा जीत हासिल की है
02:39यह जीत इतनी व्यापक है कि तीन बार के गवर्नर ग्रेग अबॉट को भी पत से हटना पड़ा जीना है
02:45नोजोसा टेकसस की पहली लेटिना गवर्नर होंगी
02:49ऐसा नहीं है कि रिपब्लिकन को सिर्फ टेकसस में हार मिली है रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ रहे कई राज्यों में
02:54डेमोक्रेट्स की और भी बड़ी जीत हुई है
02:57डेमोक्रेट्स ने कंसास में 94 साल से चली आ रही हार का सिलसिला तोड़ा है
03:02ओहायो, आयोबा और उत्तरी कैरोलाइना में रिपबिलिकन को सत्ता से बाहर किया
03:06और 1908 के बाद पहली बार दक्षन कैरोलाइना पर कबजा किया है
03:12लगता है कि टरंप को अपनी हार का अंदेशा पहले से ही था
03:15इसलिए वो इस तरह के बयान दे रहे थे कि मौझूदा राष्टपती मिट्टम भी जीते ये बहुत कम होता
03:23लेकिन टरंप को इस हार में भी फेस सेविंग दिख रही है
03:26वो शेखी बगार रहे हैं सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि बैलट पेपर पर मैं नहीं था
03:31अगर मैं होता तो हम बहुत भारी बहुमत से जीत नहीं
03:35अमेरिका में टरंप की हार का एक मतलब ये भी है कि मागा गटबंधन का पतन हो गया
03:40टरंप ने 2024 में जब जीत हासिल की थी तो इसी मागा गटबंधन को अपनी जीत का श्रेय दिया था
03:46मागा मतलब मेक अमेरिका ग्रेट अगें लेकिन इस बार ये नारा हार गया
03:50सवाल है कि टरंप के हार के कारण क्या रहे हैं ये जानना भी जरूरी है
03:54मिट्टम चुनाओ में रिपब्लिकन पार्टी की हार का सबसे बड़ा कारण इरान युद्ध बना
03:59इस सैन संघर्ष और टरंप की विदेश नीती से अमेरिकी जनता में काफी नाराजगी थी
04:03जिसे खुद डॉनल्ड टरंप ने भी सुईकार किया है
04:06देश में लगातार बढ़ते गैस और तेल की कीमतों के साथ-साथ बढ़ती महगाई से जनता तरस थी
04:11आर्थिक मुद्दों और महगाई को लेकर मतदाताओं का गुचसा रिपब्लिकन पार्टी पर फूटा
04:16इसके अलाबा रिपब्लिकन पार्टी की आंतरी कलह भी हार का बड़ा कारण मानी जा रही है
04:21कई रिपब्लिकन नेताओं ने तो इस हार के लिए सीधे तोर पर डॉनल्ड टरंप की नीतियों को जम्यदार खेराया है
04:27अमेरिका में ये भी चर्चा हो रही है कि क्या ये हार 2028 के लिए रिपब्लिकन के राष्टपती उम्मीद्वार की
04:33उम्मीदों पर पानी फेर देगी
04:34टरंप को लग रहा था कि 2028 में जब अमेरिका में राष्टपती चुनाव होंगे तो जनता फिर से रिपब्लिकन प्रत्याशी
04:41को ही चुनेई
04:42उप राष्टपती जेडी बैंस इसी कोशच में थी कि वो 2028 में रिपब्लिकन के आधिकारी को उम्मीद्वार बनेंगे
04:48लेकिन मिट्टम के इसहार में जेडी बैंस की नहें तो कांक्शाओं पर भी पानी फेर दिया है आज तक भी
04:54हो
04:56सवाल है कि टरंप की इसहार से दुनिया में क्या बदलेगा क्या इरान को लेकर अपनी नीतियों में टरंप कोई
05:03बदलाव करेंगे
05:04क्योंकि ये तो साफ हो गया है कि इरान पर हमला डॉनल्ड टरंप को भारी पड़ा नुकसान हो गया उनका
05:12या फिर वो जो पूरी दुनिया पर टारिफ लगाते गुमते हैं उस पॉलिसी में कोई बदलाव करेंगे तबदीली करेंगे
05:20और टरंप की इसहार पर भारत पर क्या असर पड़ेगा हमारी अगली रिपोर्ट में देखिए
05:26सवाल है कि टरंप की इसहार से अब अमेरिका में क्या बदलेगा
05:30सबसे पहला बदलाव तो सत्ता प्रतिष्ठान यानि अमेरिकी संसद में होगा
05:36जिसमें निचले सदन में स्पीकर डेमोक्रेटिक पार्टी का हो जाएगा
05:39उनमें हकीम जफ्रीज का नाम सबसे आगे चल रहा है
05:43सरकारी बजट पास करने पर डेमोक्रेट्स का नियंतरन होगा
05:46संसदिय समीतियों के अध्यक्ष डेमोक्रेट्स होंगे
05:49सेनेट में बहुमत के बाद डेमोक्रेट्स ही सुप्रीम कोट के जज़ों फेडरल जज़ों कैबनेट मंतरियों की नियूक्ति पर नियंतरन रखेंगे
05:57ट्रम फिर भी कहते हैं कि चाहे अमेरिकी जनता ने डेमोक्रेट्स को जनादेश दिया हो लेकिन वीटो उन्हीं के पास
06:02रहेगा
06:02यानि डेमोक्रेट्स ट्रम पर नकेल तो कर सकते हैं लेकिन अपनी मर्जी से काम नहीं कर सकते
06:07क्योंकि ट्रम्प के पास वीटो होगा जिसमें टैक्स, स्वास्ते सेवा, पर्यावरण, सरकारी खर्च, मंत्रालियों के बजट, सैन्ने बजट, रक्षा नीती
06:16से जुड़े विध्यक पर वीटो कर सकते हैं
06:21अमेरिका में मध्यावधी चुनावों में अक्सर सताधारी दल हारते रहे हैं लेकिन इस बार के चुनाव नतीजों ने साफ कर
06:27दिया है
06:29कि इरान युद्ध को लेकर अमेरिकी टरम के साथ नहीं है, महंगे इंधन और घरिलू महंगाई के खिलाफ है
06:34और टरम की टैरिफ नीतियों से हो रही उथल पुतल उन्हें पसंद नहीं है
06:39और नापसंदगी के आंकड़े तो ऐसे हैं कि टरम की लोग प्रियता तेजी से गिर रही है
06:462025 से 2026 के बीच टरम की अप्रूवल रेटिंग कैसे 47 से गिर कर 32 पर आ गई
06:52और डिस अप्रूवल रेटिंग 41 से बढ़कर 64 पर पहुँच गई थी
06:56कि जिस तरह से एक अकॉनमी जो है वो अच्छा नहीं कर पा रही है
07:02इंफलेशन काफी बढ़ा हुआ है लोगों एक पास अभी तक जॉब्स नहीं है
07:04अफॉर्डबिलिटी बार बार बार बात की जारे के लोग घर अफॉर्ड नहीं कर सकते
07:07लोग रेंट अफॉर्ड नहीं कर सकते
07:09खाना जो है काफी महंगा हो गया है
07:11जो बेसिक बुन्यादी चीजे हैं
07:13जो महंगाई को लेके जो चीजे हैं
07:16उसके साथ साथ जो इरान युद को लेकर
07:19एक तहा से असंतोष लोगों में है
07:21ये रिपब्लिकन पार्टी की सबसे बड़ी कमजोरी है
07:27इन नतीजों के बाद अमेरिकी संसत की कारिवाहियां
07:29देखने लायक होंगी
07:30क्योंकि अब संसत के सदनों में ब्लूस का राज होगा
07:34जिसके बाद डेमोक्रेट्स वार पावर रिजोलूशन के जरिये
07:38इरान युद्ध खत्म करने पर दबाव डाल सकते हैं
07:40ट्रम्प जो बॉर्डर वॉल बना रहे हैं
07:42उसका फंड रोकने की कोशिश कर सकते हैं
07:44अमीर अमेरिकियों और बड़ी कम्पनियों को जो टेक्स में छूट दी थी
07:48उस पर संकट है
07:49नए जीते गए राज्यों में से अबॉर्शन एक्ट्स हटवा सकते हैं
08:08और उनको कहते हैं कि आप आपस में मिल जुल के काम करें
08:11अगले दो साल में अमेरिका तभी आगे बढ़ेगा जब दोनों पार्टी साथ में मिलके काम करें
08:34अमेरिका के मध्यावदे नतीजों से टरंप की कुरसी को तो फिलाल खतरा नहीं है
08:38लेकिन डेमोक्रेट्स ने अगर टरंप के फैसलों की जाच परताल शुरू की
08:41तो मामला महाभियोग तक भी जा सकता है
08:45वैसे फिलाल दुनिया इस उम्मीद में है
08:47कि इरान जंप पर फैसला बगला तो कच्चे तेल के दाम कम हो सकते है
08:51भारत चीन को जो टैरिफ धमकियों की तलवार लटक रही थी उससे रहात मिल सकती है
08:55और घोशनाओं से ग्लोबल मार्केट में जो उथल पुतल थी उसमें इस्थरता की उम्मीद बढ़ी है
08:59इसके लावा अमेरिकी विदेशनीती में सुधार की भी उम्मीद है
09:05सवाल यह है कि ट्रम के इसहार में भारत को अपने लिए कुछ खोजना चाहिए
09:09विदेशनीती के एक्सपर्ट को लगता है कि भारत को अभी वेट और वाच करना चाहिए
09:23प्रणा चाहिए
09:44स्थ फट्टि안 स्ट त्रची कि आए लागा नारे Voc knots that are you know the way
09:47he's the mistreated are
09:51India badly treated India because before that for
09:54two and a half decades you know all the president
09:58I BRAD work to make this a strategic partnership
10:02are very vibrant very dynamic full of trust
10:05and confidence and just within a mass
10:09matter of a year plus, Trump has been able to shake those foundations, shake those rooms.
10:39सर्वे में पूछा गया कि इरान पर सेन्ने कारवाई के साथ है या खिलाफ तो 44 फीजदी ने सबर्थन किया
10:45और 56 फीजदी ने विरोध है।
10:47तहां तक कि ट्रम्प की रिपबलिकन पार्टी के अंबर भी इरान पर हमले को लेकर एक राय नहीं थी। वाश्टिंटन
10:53से रोहिश शर्मा के साथ आज तक भी हो।

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