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अमेरिका का जनादेश ट्रंप की नीतियों के खिलाफ जनता का संदेश है? मारिया के साथ देखें दंगल

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00:00नमस्का मैं हूं मारिया शकील आजब दंगल में अमेरिका की चर्चा करना चाहते हैं
00:05चर्चा इसलिए कि जिस डॉनल्ड ट्रॉम्प ने अमेरिका को दुबारा महान बनाने का दावा किया था
00:11Make America Great Again का नारा दिया था
00:14उसे अमेरिका की जंता ने मध्यावदी चुनाव में जमीन दिखा दी है
00:19जहां डेमोक्राइट्स का खाता भी नहीं खुलना था
00:22वहां भी जीत हासिल हुई है
00:24House of Representatives, Senate और Governor तीनों जगा
00:29ट्रॉम्प की Republican Party को डेमोक्राइट्स ने धूल चटा दिया है
00:33हाला कि अभी फाइनल नतीजे आने में हफते दो हफते लग सकते हैं
00:37लेकिन रुजहानों में डेमोक्राइट्स ने साफ भड़त बना ली है
00:41दिल्चस्प यह है कि ट्रॉम्प अभी कहते हैं कि चुँकि वो ballot पर नहीं थे
00:47अंतलब उन्होंने खुद चुनाओं नहीं लड़ा था क्योंकि यह
00:51मिड्टर्म इलेक्शन्स था प्रेसिडेंचल इलेक्शन्स नहीं था
00:54तब इसी लिए यह हालत हुई वन्ना रिपब्लिकंस इतनी बुरी तरह नहीं हारते
01:01अमेरिका के लोगों ने जनादेश दे दिया है यह जनादेश त्रम की हर नीती के खलाफ है
01:06जनादेश माना जा रहा है चाहे वो इरान युद पर टम की नीती हो इिरने ट्रेयर टारिफ पर टरंब की
01:14नीती हो old अमीर अ�ешों कOPँ इने की से
01:28आम अमरिक्स या ओर्डिनरी अमेरिकंज ने ट्रॉम्ब की इन नीतियों को नकार दिया है
01:34अब अमेरिकी संसद में डिमोक्रेट्स का दबबा होगा
01:37तो दुनिया भी उमीद लगाय कर बैटी है कि
01:40अमेरिकी हुकूमत की नीतियों में बदलाव दिखेगा, तबदीली आएगी, एरान युद पर क्या होगा, टारिफ नीती पर क्या होगा, अमेरिका
01:48की जो स्टेप्स हैं, जो उन्होंने सोचा है, फॉरिन पॉलिसी, उस पर क्या फरक पड़ेगा, अमेरिका की घरेलू, राज
02:06जुड़ेंगे, लेकिन सबसे पहले ये रिपोर्ट देखिए, ट्रम्प ने इरान को पाशान युग में पहुंचा आना चाहा, ट्रम्प के हॉर्मूस
02:13संकट ने इंधन की वेश्विक चुनार की खड़ी की, ट्रम्प की टैरिक ठंकी ने दुनिया में उथल उथल मचाया,
02:19ट्रम्प ने अमेर की अमीरों को टैक्स में चूपी, अमेरिका को दोबारा महन बनाने के चक्तर में ट्रम्प कुमत ने
02:27जो फैसले लिये, उसका मध्याब्दी नतीजा अमेरिका ने सुना दिया है, सारे नतीजा भी बाकी हैं, लेकिन जो नतीजा आये
02:34हैं, उसमें डेमुक
03:07ट्रम्प कहते रहे कि उन्होंने अमेरिका को महार बना दिया।
03:09इंधन के लागत आधी रह गई।
03:11सतर लाख नए रोजगार दे दिये।
03:13बेरोजगारी साधे तीन फिजदी तक गिरा दी।
03:15महगाई दो फिजदी कर दिया।
03:17औसत अमेरिकी परिवार की आए छे हजार डॉलर बढ़ गई।
03:20737 किलोमीटर की बॉर्डर दिवार बना दी।
03:2330 लाग घुसपैठी भगा दिये।
03:26लेकिन अमेरिका ने जब जनादेश सुनाया
03:28तो ट्रम्प के दावों की जमीनी जंग में हवा निकल दे।
03:31वोटर्स ने कैसे वोट डाला सुनी।
03:33और फिर अमेरिकियों ने ऐसा मत्दान किया कि ट्रम्प ने
03:36रिपबलिकन्स को वहाँ भी हरवा दिया जहां का गढ़ था।
03:48ट्रम्प की शेखियां देखिये कि वो सोशल मीडिया पर लिखते हैं कि मैं बैलेट पेपर पर नहीं था।
03:54अगर मैं होता तो बहुत भारी बहुमत से जीतते हैं।
03:57यानि ट्रम्प ने अपनी ही पार्टी के उम्मिद्वारों को बेकार और नाकाम बता दिया।
04:03सबसे पहला बदलाब तो सत्ता प्रधिश्ठान यानि अमीर की संसद्यागा।
04:07जिसमें निचले सादन में स्पीकर डेमोक्रेट पार्टी का हो जाएगा।
04:11उनमें हकीम जेफरीज का नाम सबसे आगे चल रहा है।
04:14सरकारी बजट पास करने पर डेमोक्रेट्स का नियंतरन होगा।
04:17संसद्य समीतियों के अध्यक्ष डेमोक्रेट्स होंगे।
04:19सीनेट में बहुमत के बाद डेमोक्रेट्स ही सुप्रीम कोट के जजों, फेडरल जजों, कैबिनेट मंत्रियों की न्यूप्टी पर नियंतर्ण रखेंगे।
04:27टरंप फिर भी कहते हैं कि चाहे अमेर्की जनता ने डेमोक्रेट्स को जनादेश दिया हो, लेकिन वीटो तो उन्हीं के
04:33पास रहेगा।
04:34यानि डेमोक्रेट्स ट्रम पर नकेल तो कर सकते हैं, लेकिन अपनी मर्जी से काम नहीं कर सकते हैं, क्योंकि ट्रम
04:39के पास वीटो होगा, जिसमें टैक्स, स्वास्ति सेवा, परियावरण, सरकारी खर्च, मंत्रालेओं के बजट, सैनी बजट, रक्षानीती से जुड़े वि�
05:03धरेलू महगाई के खिलाफ हैं, और ट्रम की टैरिफ नीतियों से हो रही उथल पुथल उन्हें पसंद रही, और नापसंदगी
05:10के आकड़े तो ऐसे हैं, कि ट्रम की लोग प्रियता तेजी से गिर रही थी, और उन्हें इसकी परवा नहीं
05:14थी, 2025 से 2026 के बीच, ट्रम की अ�
05:2141 से बढ़कर 64 पहुँच गई थी.
06:00पार्ते की सबसे बड़ी कमजोरी है.
06:23अमेरिका की मध्यावदी नतीजों से ट्रम की कुर्सी को तो फिलाल खतरा नहीं है, लेकिन डेमोक्रेट्स ने अगर ट्रम के
06:29फैसलों की जांच परताल शुरू की, तो मामला महाभयोग तक भी चा सकता है.
06:33वैसे फिलाल दुनिया इस उम्मीद में है कि इरान जंग पर फैसला बदला तो कच्चे तेल के दाम कम हो
06:39सकते हैं.
06:39भारत चीन को जो टैरिफ धमकियों की तलवार लटक रही थी, उससे रहात मिल सकती है.
06:43ट्रम के फैसलों गोशनाओं से गलोबल मार्केट में जो उथल पुथल था, उसमें स्थिर्था की उम्मीद बढ़ी है.
06:49इसके अलावा अमेरकी विदेश नीती में भी सुधार की उम्मीद है.
06:52खासकर इरान युद्ध के मोर्चे पर अब अमेरकी नीती में कुछ बदलाव की उम्मीद नजर आ रही है.
06:57क्योंकि अमेरका में हुए तमाम सर्वे ऐसा तंदेश दे रहे हैं.
07:00अमिर्कियों से पूछा गया था कि इरान में अमिर्की हमले का फैसला सही था या गलत तो 38 फीजदी ने
07:06हां कहा 69 फीजदी ने गलत बताया
07:08उनसे पूछा गया कि इरान विबात को टरंप ने ठीक से हैंडल किया
07:12अमेरिका में 37 फीजदी ने कहा हाँ, 61 फीजदी ने गलत बताए
07:15सर्वे में पूछा गया कि इरान पर सैन्य का रवाई के साथ हैं या खिलाब
07:1944 फीजदी ने समर्थन किया और 56 फीजदी ने विरोध किया
07:23यहाँ तक कि ट्रम्प के रिपब्लिकन पार्टी के अंदर भी इरान पर हमले को लेकर एक राय नहीं थी
07:30वाशिंटन से रोहिच शर्मा के साथ आज तक बेरो
07:35दंगल परिसीर पर चर्चा होगी हमारे साथ जुड़े हैं
07:37डॉक्टर साइद आसिफ रिजवी इस्लामिक स्कॉलर है
07:40प्रमित माकोदे इस प्रेसिदेंट
07:43ग्लूबल सिटिजन्स फोरम नियॉक से जुड़े हमारे साथ
07:46अजय जन्वतोरिया डिमोक्राट पार्टी के लीडर है
07:49कैलिफोनिया से जुड़े है
07:50आचल मलोतरा फॉर्मर डिप्लोमैट है
07:53प्रोफेसर अंशू जोशी
07:55सेंटर फो किनेडियन यूएस और लाटन अमेरिकन स्टड़ी
07:58इस जेन्यू से है
07:58प्रोफेसर अजय उपादिया स्पोक्सपरसन कांग्रिस से
08:01और हमारे साथ यहां पर
08:02मेरे सयोगी प्रने उपादिया भी मौझूद है
08:05लेकिन दंगल में तीन सवाल
08:07सबसे पहले
08:08क्या अमेरिका का जनादेश
08:10डानल्ड ट्रम्प की युद
08:12और टारिफ नीती के खिलाफ जनता का संदेश है
08:15क्या ट्रम्प के मागा
08:18मेक अमेरिका ग्रेट अगें
08:21जैसे राष्टवादी नारे पर महंगाई
08:24जैसी जमीनी सच्चाई भारी पड़ी
08:27अमेरिकी मध्यावदी चुनाओ
08:29नतीजों का भारत से
08:31रिष्टों पर कैसा असर पड़ेगा
08:33सबसे पहले मैं जाओंगी सीधा
08:35कालिफोनी आज़े जन बतोरिया ये बताइए
08:37क्या कर दिया
08:39डेमोक्राट्स ने
08:44चलिए मैं
08:45मैं उनका आडियो फिक्स करूंगी लेकिन
08:47डॉक्टर साइद रिष्वी साब
08:49कैसे देख रहे हैं
08:51इरान के लोग इस तरह की
08:53हार को डॉनल्ड ट्रम्प
08:55की पॉलिसी इसका रिजेक्शन है
08:57इरान के खिलाफ जो जंग
08:59चिड़ी उसका रिजेक्शन है
09:05जी बहुत शुक्तिया कि आपने इरान से जोड़ा
09:07जी बिल्कुल देखिए पहले तो ये कि
09:09अमरीकन पब्लिक का ये ओपन मैसेज है
09:11कि हम जंग नहीं चाहते थे
09:13और ट्रम्प ने जबहस थी
09:15कि जंग ठोपी और ये आज जो
09:17क्राइसिस आया है पुरेविश में
09:19और खासकर जो इंफलेशन बड़ा है
09:21अमरीका में उसकी वज़ा ट्रम्प रहे
09:22और ट्रम्प की नीती रही है
09:24इरान किस तरह से देखता है इरान
09:26पे बहुत ज़्यादा फर्ख नहीं पड़ता है
09:29क्योंकि मैंने बताया था
09:29इससे पहले कि इरान ऐसे देख रहा है
09:32कि अगर ट्रम्प जंग हारता भी है
09:34तो मुम्किन है इरान पे कोई अटेक करे
09:39चाहे दिखावे का चाहे छोटा चाहे बड़ा
09:41नहीं पता किस तरह का इरान फुली प्रिपेर्ट है
09:48क्या ये एक फियर है
09:50कि हारने के बाद भी वहां पर अटेक हो सकता है
09:54जी बिलकुल देखिए
09:57गधे को गधा साबित करने के लिए
09:59उसके सर पे सिंग नहीं होती है
10:00वो जो उसके जो उसका सौभाव होता है
10:04जो वो करता है जो उसके करतबे होते है
10:07उससे पता चल जाता है कि मैं जड़ा हूँ
10:11सवाल ये है कि
10:13डॉनल्ड ट्रॉम्प परिशान है
10:14उनके जो तीन बयान
10:17एक तीन घंडे के
10:19गाप पर आए टोन टेनर
10:21बदलता हुआ दिखा लेकिन उन्होंने ये भी
10:23कह दिया कि जो
10:24जो उन्होंने मागा कैप लगाया
10:27और उस पर वीटो था
10:28उसमें उन्होंने इंडिकेट किया है कि
10:30उनके पास वीटो पावर भी है
10:31लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि
10:33क्या वो और अग्रेशन से
10:35इस जंग में जाएंगे
10:38क्या वो इरान पर
11:08फिर से अटाप कर सकते हैं.
11:10टैरिफ की रियायत में भी जब वो रैश्टर सेक्यारिटी का जिक्र कर चुके हैं तो फिर ये तो युद्ध की
11:14एक हिस्तिती है और अभी भी अमेरिका ने वहाँ से अपनी फौजें हटाई नहीं हैं. जो उंगली है वो अभी
11:20भी ट्रिगर पर मौजूद है. ट्रिगर दबा
11:34प्रमित ये भी कहा जा रहा है कि जो वहाँ पर भारतिये रहते हैं अमेरिका में उन्हों जो शायद कभी
11:42डॉनल्ड ट्रॉम्प की तरफ चले गया थे रिपब्लिकन्स की तरफ चले गया थे वो फिर से वापस डेमोक्राट्स में आ
11:48गये हैं क्योंकि इमिग्रेशन एक बड
12:03अगेन की स्टोरी में और डॉनल्ड ट्रॉम्प अंडर्माइन कर रहे हैं हिंदुस्तानियों को
12:16तो दो साल पहले जो परम साहब को सपोर्ट था इंडियन कम्यूनिटी का उसमें काफी हद तक कमी आई हैं
12:23और अजी रैटी सेट थे एच्वन भी एंड इमिग्रेशन इस वन इशू बट ओवर जो एक तरह से जो अन्रिस्ट्रिक्टिड
12:30पावर या चेक्शन बैलनसे से के �
12:32इंडियन कम्यूनिटी नहीं अक्रॉस दो बोर्ट पीपल वेर थेंकि कि वही प्रेसिडेंट शुड नाट हैव अन्हेंज अन्रिस्ट्रिक्टेड विदाउट एनी चेक्शन
12:42बैलनसे पावर तो यह एक तरह से डेमोक्रसी की जीत है कि पीपल वरडिक्ट इस वेरी क्लियर
13:00आखरी जीत हुई है 1998 में 28 साल के बाद डेमोक्राथ जीत रहे हैं कैंसेस 94 यह के बाद यह
13:10जीत हो रही है यह टोटल रिजेक्शन है यह चोटी मोटी हार जीत नहीं मानी जाएगी यह रिपबिलिकन पॉलिसी और
13:20डॉनल्ड ट्रॉम्प का रिजेक्शन माना जाएगा
13:25त्रॉम्प का व्यूल्ट करना जाएगा है यहुआ है यह रिजेक्शन मारते दिश्ट पॉलिस दीख ऑप और त्रॉम्प करना कई ट्रॉम्प
13:48का व्यूल्ट से तरह बिजेए
13:49at the hit the right chord
13:52जो affordability की जो वो बात कहते हैं
13:54आप चाहे वो ममदानी जीते हैं
13:56चाहे अब्दुल सायद जीता है या तमाम
13:57जो democratic जीते हैं
13:59in democracy the populist measures always
14:01wins और affordability
14:03is one area where it is a big issue
14:06लेकिन ये भी कहा जा सकता है
14:07उसको दूसरे नजरिये से ये दिखा जाएगा
14:10आचल मलोतरा के
14:13जो diversity के नाम पर देखा जाता था
14:16United States of America को कहा जाता
14:18diverse society है
14:19अगर बहुत सारे देश से
14:22लोग आते हैं
14:23वहाँ पर melting pot माना जाता था
14:26वो शायद उस पर threat था
14:28अगर make America great again
14:30का नाड़ा लगाते थे
14:32Donald Trump तो वो
14:33किसी cost पर आता था ये कहा जाता था
14:40आप Muslim community को target करिए
14:42इस तरह से target करकर के
14:44वो अपने आपको बहतर बताने की
14:46कोशिच कर रहे थे आचल मलोतरा
14:48former diplomat इसका जवाब दीजे
14:52बिल्कुल आपने सही एक्टम
14:54hit किया है
14:57बारा काबोमा
14:58और दूसरे जो leaders है डेमोकरेट्स के
15:10उसके खिलाव आवाज उठाई थी
15:12और उनकी ये अप्पील मुझे लगता है
15:14कि आम पब्लिक में resonate भी करिए
15:16जैसा कि आप जानते हैं
15:18कि American society
15:19बहुत ही लाइवर्स है तो आप
15:22एक सिर्फ white supremacy या
15:24को ध्यान में रखके
15:25या ये प्रिटेक्स बना के कि
15:27अमेरिका को अगर दुबारा से ग्रेट
15:31बनाना है तो एक दो कॉस्ट आफ
15:33माइनियोरिटी या दूसरी रेसिस के
15:35कॉस्ट पे करेंगे तो डेफिनेटली
15:37उसका जो है उन्हें खाब्यादा उगलना
15:39पड़ेगा बड़ी बड़ी कोई
15:42अब इसे नंबर्स छोटे नंबर्स नहीं है
15:43मिलियंस में है और वोटर्स की भी तालाद
15:45बहुत बड़ी है तो आप किसी
15:47एक को प्लीज करने के लिए
15:50आप इतनी जाला देश की जलता को
15:53नरास नहीं कर सकते हैं तो यह तो आपने
16:09बड़ी जो मुझे लगता है प्राड़ेटाइस करें तो महिंगाई
16:11इंफलेशन जो कॉस्ट अव लिविंग बड़ी है इरान वार भी मैं यह कहने में
16:18हिच्प चाहूंगा नहीं कि अमेरिकन्स आर यूस्टू कि अमेरिका किसी ना
16:22किसी हर समय किसी ना किसी वार में इन्वार रहता है तो इस वार ने उनकी आम आदमी की रोज
16:29मरा की जिन्दगी को एफेक्ट किया तू कॉस्ट अफ लिविंग तू इन्फलेशन तो इसलिए पिंच जादा हो रहा है आपने
16:37देखा आपके सरवेर में बहुत बड़ी संक्या
16:39में लोगों ने कहा था कि वार के साथ हैं लेकिन किस तरह से वार को कड़क किया जाए या
16:45उसका जो उसका जागा रपर केशन जो जो है अगर उनके उनकी आम जिद्दीगी पर असर नहीं करता तो ठीक
16:52है वार और कर रहा है तो फिर खम्यादा भुगलता पड़ेगा और आ�
17:09और जो उनका रुख है जो उन्होंने साफ कहा कि एरान के साथ हमारी पॉलिसी में बदलाव नहीं आएगा तो
17:16हमें हैरान नहीं होना चाहिए अगर वो कोई क्लास्टिक मेशर्स नेतन याहू के साथ मिलकर एरान के खिलाफ लेते हैं
17:25शायद इस उमीद में कि अगले दो महिन
17:28में वो वो चीज कर दिखाएं जो वो करना चाहते थे यारी इस इश्यू को कंक्लूसिव ली अमेरिका की फेवर
17:36में रिजॉल्व करें नेतन याहू तो अपने ही संकट में फसे हुए हैं वो क्या फैसला लेंगे एक प्रफेसर जोशी
17:50जी मरिया बिल्कुल आपने सही बिं�
17:58है और वहाँ पर नेतन याहू ने अपनी अपोजिशन पार्टी जो याशिर पार्टी जिसका नेतरत्व कर रहे थे उनको अब
18:04अलाइंस के लिए बुलाया तो वहाँ का केस अभी एक अलग केस ड़रा है अमेरिका के केस पर आते हैं
18:09डॉनल ट्रम्प की जो यह हार है इसको म
18:24के आज ही रिजर्ट आया है जिसमें जो दो साल पहले के रिजर्ट थे वो बिल्कुल उलट फेर होते हुए
18:29दिखाई पड़े और चाहे हम हाउस की और देखें चाहे हम उच्छे सदन सीनेट की और देखें अमेरिकन पार्लियमेंट के
18:34दोनों जगें दब-दबा जो है वो �
18:38ओहायो, पैंसिलविनिया, नॉर्स केरोलीना, साउथ केरोलीना, न्यू जर्सी ये कुछ ऐसी जगें है जहां रिपबिकन का दब-दबाता वहाँ पर
18:45डेमोक्रेट्स जो कैंडिडेट्स थे उन्होंने इनको हरा करके और विजय हासल की एक्सर्स, कैंसर्स, ये जो लिस्ट
18:53है, बहुत लंबी है, जो ट्रेडिशनल रिपबिकन स्टेट्स थे, जो शायद डेकेड्स से, सालों से वो रेड्स स्टेट्स माने जाते
19:04थे, उनका फिलिप करके ब्लू स्टेट्स बनना, ये रिपबिकन्स को भी रिजेक्ट किया है और डॉनल्ड ट्रम्प को भी रिजेक
19:18किया गया है, वो नहीं हारे है, ये रिपबिकन्स की हार है, लेकिन जिस तरह की हार है, जिस स्केल
19:24की हार है, वो माना जाएगा कि ट्रम्प की नीती को भी बहां की जनता ने नका रहा है, और
19:31उसके साथ साथ रिपबिकन पार्टी को भी नका रहा है, ट्रम्प की नीती को तो
19:52आप यदि उसके साथ अपने रिलेशन्स जिस तरह के ट्रम्प ने किये जिस तरह से असीख मुरी को लंच पर
19:57बुलाया और जिस तरह से अमेरिका-पाकिस्तान के रिलेशन्स को एक अलग टेंजेंट पर वहां की जनता ने जाते हुए
20:02देखा तो ये भी एक एंगल है जिसको ह
20:18सबसे पहले क्या बदला जाएगा क्या एरान के साथ जो जंग चल रही है उस पर कोई फैसला होगा
20:26देखिए आज अमेरिका की जनता ने दिखा दिया है कि सरकार और सत्ता जनता की है किसी एक व्यक्ति की
20:33नहीं है तो ये और उन्होंने ये भी कह दिया कि नफरत की राजदिती का अंतर उमीद की राजदिती की
20:38सुरुआत है तो ये बिलकुल होगा कि कॉंगर्स नहीं कॉंग
20:53करेंगे वार के उपर वो resolutions लेके आएंगे लेकिन या चार अगर कुछ बड़े फैसले अगर इसकी बात की जाए
21:00तो किस तरह के फैसले हो सकते हैं क्योंकि आपने चुनाओ के
21:04campaign के दौरान बहुत सारी चर्चा की positive campaign करने की कुशिश की और जो जो फैसले लिये थे
21:11डौनल्ड ट्रम्प ने उसको सबको आप लोग ने नका रहा है और कहा है कि डिसमिस करते हैं वो तो
21:16अगर क्योंकि आपके पास clear
21:18majority अभी जो numbers है 54 Senate में आपके पास है साथ flip कर गया है house में स्वीप है
21:25231 है डिमोक्राट्स के पास
21:29सो अगर देखा जाए तो इसको हम अगर कहें कि पहले checks and balances oversight में तो house committee जो
21:36है सब्प्योना करेगी और investigate करेगी
21:38किस को जो tariffs लगाए हैं उनको वापस रोल बेक कर सकती है और जो मस्क एलान मस्क का रोल
21:46है conflict of interest है
21:49आइस जो लोगों को इमिग्रेशन में ट्रीट कर रही है उसके उपर वो कंट्रोल करेंगे और जहां economy की बात
21:55करें तो Congress जो बजट है उसके उपर
21:58कंट्रोल करेगी और unnecessary spending और जो वो है उसके उपर कंट्रोल करेगी ट्रंप को ब्लैंक चेक मिलने का टाइम
22:07खतम हो गया और इसके अलावा Congress
22:10can end the emergency tariff powers जो ट्रंप और उसको वीटो कर सकते हैं पर वो emergency tariff power को
22:16रद करेगी
22:17so tariff rollback करेंगे उसके इलावा Elon Musk के roll को investigate किया जाएगा tax पर revisit होगा और immigration
22:27जो directly भारतियों को impact करता है उस पर आप चर्चा करेंगे
22:31बिल्कुल immigration के उपर जो है जहां पर H1B visa है green card holders है इन issues को डेमोकेट हमेसा
22:41supportive नजर से देखते हैं जब तो इसके उपर जो
22:45Trump की जो policies थी hundred thousand dollar की seventy thousand dollar की fees for OPT और immediate termination होने
22:55से immediate country को छोड़ के जाना इन सब चीज़ों को डेमोकेट्स revisit करेंगे
23:00रेमोकेट्स ने पहले वीडियो उसी समय भी challenge किया था और अब revisit करेंगे और जो सही policies है उनको
23:06उनके उपर यह bill pass करेंगे तो ऐसा उमीद है
23:10और इसके अलावा social programs और healthcare जो cut इसने किये थे ट्रंप ने जिसके कारण बारा मिलें लोगों की
23:19healthcare लूज ओबामा केर से लूज दूए थी उसके ओपर भी वो करेंगे तो ट्रंप रास्टेपती जरूर है अब अब
23:27बे लगाम नहीं है अगले दो साल पैसा कानून जाच तीनो
23:31की चीजे जनता के और Congress के आप लोग experiment करेंगे एक नया चहरा से और हकिम जेफरी इस क्या
23:38बनेंगे speaker यह भी तैमाना का है बिल्कुल हमारे speaker होंगे और इस बार जो नया टेलेंट उबर के आया
23:47है जॉन ऑसॉप उबर के आया है सेनेटर अब्दुल सयद आया है टेलरी को है �
23:52जो टेकसस से आया है तो यह एक नया टेलेंट उबर के यह नेक्स लेवल नेक्स अगले कुछ साथ दस
23:58सालों के लिए नई लिडर्शिप उबर के आई है और हो सकता है इन में से कोई जो है presidential
24:03candidate भी बने और presidential election के लिए भी इन में से कोई बाहर उबर के आए चली अजय जी
24:21हमार
24:21की परिस्तिती पूरे अमेरिका में रही और नारों से यदि देश चलाया जाना महतौपूर्ण होता तो अमेरिका के जनता ने
24:27असपस्ट कर दिया कि नारे नहीं सच पुछे तो आधार पर काम क्या हुआ अमेरिका ग्रेट अमेरिका जरूर कहते रहे
24:35टरम साहब लेकिन टरmber
24:36प्रुम जी ने जो बात रखी है पूरे वैस्वी कस्तर पर, सही पुछिए तो अमेरिका की जो एक डिमोक्रिटिक कल्चर
24:42एक सोच थी, उस सोच पर कहीं ने कहीं पर हार करने काम, उन्होंने लगतार वैस्वी कस्तर पर भी किया,
24:47और देश के अंदर भी किया, हटधरमिता और
25:02अराजक विश्व बनाने का प्रयास उन्होंने किया है अंतरास्टिय कानून को धका बताकर इससे भी अमेरिकन लोगों में कहीं नाराजगी
25:10बड़ी होगी मुझे ऐसा लगता है दूसरी बात जिस तरह से आपने भारत के लोगों के साथ मैं कहूंगा है
25:16एच वन वी वी जा मे
25:17भारत के 55% नौजवानों का भविस कहीं न कहीं दुखदाई रहा भारत ही यह वहाँ एक बड़ी मात्रा में
25:23है उनको भी यह लगा है कि अमेरिका को इस तरह का ट्रम्प को इस तरह के हटदार्मिता नहीं अपनानी
25:28चाहिए तिसरी बात भारत और यूएस दील के ताद बेत
25:45मेरिफ जो लगाया कि हमारे थेल को लेकर के और रुजा जिरूरतों के हिसाब से कहीं ने कहीं वह भी
25:50तरफ से अवाने वाले समय में बदला होगा
25:52मुझे लगता है कि अप्रवासन को लेकर के भी जिस तरह हतकडिया लगा करके ठीक है हर राजिस का ये
25:58दाई तो बनता है कि अवैद अप्रवासन कहीं है तो उसको वहां से हटाया जाए पर इसका मतलब भी नहीं
26:03कि मानुए गरीमा का ख्याल न रखा जाए और जिस तरह हमा
26:21करें लेने का एक रास्ता दिखाया है सामभा का निताने अहूं का मुक्ती मिल चुका है और मुझे लगता है
26:26आने वाले समय में बिस्व में जो भी लोग तंत्री के विरुद्धकालियां है जहां जहां ये काम कर रहे हैं
26:31उन सबको वहां की जंता लोगतंत्री तरिक से हटा
26:51बड़ा मुद्दा कहा जा रहा है कॉस्ट ओफ लिविंग के बार में जो बार बार हम लोग चर्चा करते हैं
26:56बिल्कुल मारिया मैंने पहले जब बोला था तो मैंने यही कहा था कि अगर अगर आप जो लीजन जो कॉसे
27:02जून रहे हैं
27:21महां इंफलेशन काफी है और खास सोर से उसके जो कैस्केडिंग एफेक्ट हुएं तो डेफिनेटली इसका बहुत बड़ा असर इस
27:29चीज के उपर पड़ा है और बाकी चीजों ने फिर उसका क्यूमिलेटिव एफेक्ट हुआ एक यही नहीं है उनकी पूरी
27:36छवी जो बनी ड
28:10सब्सक्राइब करेंगे और आने वाले दो साल में क्या वो अपनी पॉलिसी में ऐसा बदलाव लाएंगे
28:20कि रिपब्लिकन्स के लिए इज़त वापिस हो और वो नेक्स इलेक्शन में कहीं खड़े हो पाएंगे या फिर वो यही
28:27चीज़े दोराएंगे कि नहीं मैं तो ठीक हूँ इरान को सबत सिखाना है उसका नुक्लियर एमिशन को खतम करना है
28:35और जो मैं कह रहा हूँ वही ठी
28:37है वो कर भी पाएंगे क्योंकि सिस्टम ऐसा है ना अमेलिकन सिस्टम इस सच कि इतनी बड़ी मैजॉरटी होने के
28:44बाद जूत कॉंग्रेस में आपोनेंट्स की प्रेजिटेंट के पास पावर अभी भी बहुत जाधा है और वो प्रने इसी पर
28:51चर्चा करते हैं कि आप अभ
29:07की हार और वीवी नितनियाहू की हार तो Mr. and Mrs. दोनौा का आजिक राफ ने कर दिया लेकिन कहीं
29:12ने कहीं यह बताता है कि वेस्ट इशिया का जो पूरा क्राइसिस है उस क्राइसिस का फॉल आउट इस्राइल के
29:18चुनावों पर भी नज़र आया और यहां पर राशपती डॉ
29:35भाविद बताते हैं ऐसी किसी चीजों से उनके पास राश्पती भवन के अंदर वाइट हाउस में उनके पास अधिकार हैं
29:40और देखिए अभी भी वेस्ट एशिया सिचुवेशन को लेको और जैसे अभी जिक्र भी कर रहे थे हमारे जो साथी
29:46पैनलिस्ट हैं कि अभी भी दो
30:00उनका एलान क्या कहिए उसके उपर आगे भी बढ़ सकते हैं लेकिन सवाल यहां पर है कि उसका फॉल आउट
30:06क्या होगा क्योंकि अमेरिकी जन्ता का फैसला तो सामने आ गया लेकिन अब राश्पती डॉनल्ड ट्रम को ये ताय करना
30:11है कि इस गेंद को वो दो कदम पीछे ह�
30:29है, if you do look at for last 18 months or even the first term, he will, there is no
30:35way he is going to back down, usually उनकी personality है कि अगर उन पे कोई जादा प्रेशन आलता है
30:39और उनकी बाते नहीं सुनी जाती है, तो ही डबल्स दाउन on that question and then goes to negotiation tables,
30:45yeah, so he always goes with it, into the negotiation table with the position of power or at least उनको
30:52ये लगता है कि I will double down and then try to negotiate and यही उनकी
30:57style I don't think he is going to change और जैसा भी एक पैनलिस ने का, प्रणाव जी ने कहा,
31:02in next 60 days is still very crucial, because अगले 60 दिन तक नहीं कॉंग्रेस नहीं आ रही है, तब
31:07तक इनके पास कोई restrictions नहीं रहेंगे, और बोथ नितिनियाहू and Donald Trump now don't have that political compulsion or
31:15constraint for next 60 days, so they will do immense diplomatic move there, but more importantly we are expecting, अगर
31:23कोई मूव भी कर लें
31:28अगर Donald Trump all out जाते हैं, क्योंकि BB और Donald Trump एक तरह से देखा रहा तो same city
31:34में है, उन वहाँ पर भी अभी सरकार नहीं बनी है, और इनके पास 60 दिन का वक्त है, तो
31:39क्या, अगर वो all out जाते हैं, तो क्या कर सकते हैं, और उसका replication क्या होगा, ना केवल ये
31:44comparison है, बलकि ये भी कह सकते ह
31:45हैं, कि इसराइल में जब तक सरकार नहीं बनती है, तब तक कारेवाग प्रधानमंत्री के तौर पर मेंजबन नितिन्या हुई
31:49रहेंगे, और कारेवाग प्रधानमंत्री के तौर पर उनके पास लगभग वो सारे अधिकार हैं, finance will या taxation को छोड़
31:55दीजे, और भारत में भी
31:57देखें तो कारेवाग प्रधानमंत्री के तौर पर अटल बिहार इवाजपई ने कारगिल का युद्द लड़ाता, तो national security के ऐसा
32:01issue है, फाइदे का जहां तक आपने जिक्र किया, कि फाइदा क्या हो सकता है, देखें, यहां पर चिंता Republican
32:07Party के सामने भी है, कि Donald Trump, जो उनका asset �
32:10कहीं वो liability तो नहीं बन गए है, इस election को पढ़ा जा रहा है, बड़ी बारी किसी अमेरिका के
32:16अंदर, कि आगे की leadership के लिए क्या challenge है, अगर red state भी blue हो रहे हैं, American bastion,
32:21जो Republican या GOP के जो bastions हैं, वो भी ढह रहे हैं, वो गड़ और किले तूट रहे हैं,
32:26तो नए सीरे से सोचना हो�
32:27अपनी उस popularity को reclaim करने के लिए, अपने मागा लॉट को एक pressure group की तरह इस्तमाल करने के
32:33लिए, Donald Trump यहाँ पर वो करने की कोशिश कर सकते हैं, जो उन्हें इस table को turn करने का
32:38मौका दे, लेगेसी, लेगेसी की चर्चा होगी है, अब क्या Donald Trump की क्या लेगेसी होगी, लेगेसी की चि
32:56वसला था कि इस लड़ाई की क्या जरूरत थी, और इस लड़ाई की जरूरत के बाद उसका जो fallout अमरीकियों
33:02पर आ रहा है, उसको लेकर लोगों में चिंता थी, अगर वो नहों तो इरान को punish करने को लेकर
33:08लाज़ली अमेरिका में मूड जो है वो लगभग एक ही जैसा है,
33:11और अगर आप देखें तो 2014 के अंदर mobilization खुद वाराक उबामा ने किया था, वो 2015 का जो JCPOE
33:17की deal हुई थी, वो भी pressure में ही deal हुई थी, इसलिए उसमें bipartisan support है, आपको याद होगा
33:22कि जब अमरीकी Congress में भी debate हो रही थी, तो Congress में कहा गया था कि आप इस लड़ाई
33:29को जारी रख
33:46मिलता है या negotiation से मिलता है?
34:08जो है पूरे global economy पर पढ़ा है, एरान पर सर्फ नहीं पढ़ा है, एरान तो क्योंकि एरान पर attack
34:15हुआ और इतने लोगों को उन्हें ने मारा और शहीद किया, तो वो एक अलग बात है, लेकिन एक दूसरी
34:20चीज़ बहुत important वो यह है, कि देखिए अब वो दोबारा अगर य�
34:38जो इरान के निवर्स कंट्री हैं, वो जवाब दे नहीं रहा, कितने हैं इन्डों ने जो इनके पस टेक्नोलोजी को
34:47यूज कर लिया है, लेकिन उसके कुछ हासिल नहीं कर पाए, पिजले साथ, आट मेने से नहीं हासिल कर पाए,
34:52तो अब यह दो मेने में क्या हासिल कर रहे
34:53दो मेना करेंगे, इनके पस जी जाता जाता यह है कि, मदर आफा आलबम और यह जो बाते économर बाते
34:57करतें को यह बात इरान को इसके लिए ए्रन भी त Conan की तयार रहे है, और हम भी ऐसे
35:03टकनी कि हमें शे, स्बीडेगी यूज करेंगे, जिससे आपको नुखसान होगा, है। त
35:52आप किस तरह से देखती हैं?
35:53कि एक all-out war अभी बचा हुआ है, एरान और अमेरिका के बीच में मुझे वो होता वा दिखाई
35:57पड़ा है, क्योंकि आपने बहुत मात्वपून बिंदू चर्चा में रखा था, आपके प्रशन का आप जवाब देना चाहूंगी, निश्चित तोर
36:03पर नकेल तो कसेगी, क्यों
36:17भारत के परिप्रेक्ष में मैं आपको बताऊं, क्योंको बहुत अच्छे से पिछले कुछ समय से समझ में आ चुका है,
36:22कि भारत को लेकर कि उन्होंने जो रुख अपनाया, उसका असर नसर्फ उनके अपने छवी पर पढ़ा, अमेरिका की राजनीती
36:29पर पढ़ा, आज जो
36:30ये चुनाव हारते में नजर आ रहे हैं, इसमें बहुत बड़ा कारण भारत के साथ किया गया विवार है, भारत
36:35के प्रती लिया गया रुख है, तो मुझे रगता है कि ट्रेट डील को लेकर के हो सकता है कि
36:39जो स्टेकोर्डर्स, नेगोसियेशन टेबल पर हैं, वहां पर भ
37:00प्रती लिवारत के साथ जुड़े थे, उन्होंने साथ तौर पर कहा है, कि टारिफ को रोल बैक किया जाएगा, तो
37:05शायद ये पहला डिसिजिन हो, और इस पर रीधिंग भी अगर होता है, डिप्लोमाट मलोतरा, तो ये भारत के लिए
37:14फेवरबल होगा, जी ट्वेंटी मे
37:16प्रदानमंत्री मयामी में होंगे, लेकिन क्या उससे पहले आप देखते हैं, कि ये जो रोल बैक है, वो हो जाए,
37:23तो शायद ट्रेड डील, जो काफी महीनों से उस पर काम चल रहा है, वो फाइनली उस पर सिगनेचर होगा,
37:32तो करेंगे, नहीं तो दो महीने कम से कम इतिज
37:36करना पड़ेगा, दो भी का दो, अधाई, तीन महीने भी लग सकते हैं, नया कॉंग्रेस गठित होगा, उसके बाद प्रॉसस
37:43शुरू होगी, तो कहना बड़ा मुश्किल है, ट्रेड डील मुझे लगता है, जान भूच कर डोनल्ड ट्रम्प उसमें टांगल आते
37:49रहते हैं
37:50ताकि समय समय पे भाधास्त से बार्गें किया जा सके, उनने लगता है कि ट्रेड डिल सिर्व भारत के इंटरस्ट
37:57में हैं, तिकि दो यह चीजे, दो-तीन चीजे हैं, डिफेंस अप्लाइफ हो गई, ट्रेड डिल हो गई, और इमिग्रेशन
38:03रिलेटिड इस्जूस हो गई,
38:04mobility जो है हमारी उसको लेकर क्योंकि उसका भी हमारे उपर असर पढ़ता है हमारे
38:11यंग से उसको वहाँ मुश्किल पहला करना तो यह उनके bargaining points है कोई urgency नहीं दिखाई देरी मुझे
38:18को कि मिट्रम में सेट बेक होने के बाद वो तुरंत भारत के साथ सभी चीज़े नॉमलाइज करने की दिशा
38:24में काम करने लगे उनका
38:26प्राइमरी फोकस अभी फिलाल इरान पर ही रहेगा और इफ दवाइस सेंस प्रिवेज़ आई वोप इट प्रिवेज़
38:34अज़े परेज़ ए सटनगा वा करी करने आथ सूर्प उपिर नकहीं भी गंटे में ने कभी सारे इंटिव्यूस दिय
38:44और वहँक कि जंता शायद लोंग तर्म में इनका डिसिजिन को समझ जाय, शोट mommy जरूर उनकी हार हुँ है
38:53तो उनको अभी भी उमीद है कि दो साल के बाद
38:56अमेरिका की जनता और ही कोई फैसला लेगी प्रमिता पाना चाह रहे थे
39:00दिल को बैदाना को गाली खायाल अच्छा है
39:03जी
39:07अब आपके माधियन से लेकिन कुछ अपने भारत वंशी
39:11इंडियन ओरिजिन जो पॉलिटिशन है उनको बदाई देना चाहता हूँ
39:15पिया डांडिया जी जो फ्लोरिडा से शी इस फर्स ताइम कॉंग्रेस्वोमन
39:19शी जग्रेट प्रो इंडिया प्रो इंदू सपोर्टर हम लोगों ने भी उनको काफी सपोर्ट किया
39:25काफी उनकी मदद की चुनाव में and now she has won
39:28so she will be a great new voice in Washington for us
39:31Suhas Subramaniam तो Washington के पास नहीं है Suhas Subramaniam has also won
39:35so he is also going to be a great voice for us
39:37Vivek Ramaswamy की हार को कैसे देखते है
39:39I think there are some silver linings for Indian community
39:43again Vivek Ramaswamy he is a great intellect
39:46उनकी पास पैसा भी उन्होंने काफी लगाया
39:49और लेकिन क्या है कि देखे
39:51he was completely overshadowed with the Trump policies
39:54so Trump policies का एक तरस से जो विरोध हुआ
39:58या उसके अगेस में अरडिट आया
40:00उसका खामिया जा Vivek Ramaswamy को भुगतना पड़ा
40:03तो इसी पर बताईए कि अगर
40:05जैसे आपने जैन बतोरिया को सुना
40:09कि उन्होंने चार जो प्रायोरिटी है वो बताया
40:12कि Democrats के लिए क्या चार प्रायोरिटी होंगी
40:14आपके मताबिक Donald Trump के लिए
40:16अगले कुछ दिनों में क्या प्रायोरिटी हो सकती है
40:20Republicans के लिए भी
40:24Republican से ज्यादा में Democratic
40:25जो leadership है
40:28Everybody was talking about affordability
40:30affordability that was the main issue
40:33that they have ran with
40:35and that has resonated a very good
40:37chord with the electoral voters
40:39और यहाँ पर Indian American
40:41community can play a very important
40:43role तो कि Indian American
40:44community हम सबने मैंडम
40:46affordability को जिया है
40:47we have lived that affordability
40:49through our life जिसे उधारण के लिए मैंने
40:51पूरे अपने education में
40:52kindergarten से लेके bachelor से लेके
40:54master's तक मातर तीन हजार डॉलर
40:56खर्ची है मेरी जब बच्ची अमेरिका में
40:5915 साल पहले अगर में जाओंगा
41:0015 साल पहले तो एक मेहने का
41:02kindergarten का खर्चा अठारा सो डॉलर आता था
41:04so this America has become
41:06unaffordable in many states and Indian
41:08American community can provide
41:10lot of solutions in affordable innovative
41:12solutions that could help
41:13Democrats that could help America
41:16and ultimately the entire world
41:18so यह affordability पर अगर
41:19Indian American community contribute करे
41:21तो इंडिया अमेरिका के ब्रीच को मजबूत करने में
41:24बड़ी मदद मिली इस इंडिन
41:25Americans का रोल की बारे में बात करेंगे
41:27और यह जो shift दिख रहा है
41:29Indian Americans में खास करके
41:31और Texas जहां पर
41:33बहुती बड़ा कारिकरम हुआ था
41:35Howdy Modi कारिकरम हुआ था
41:37उसके बाद Texas में हार
41:40फिर यह जो
41:42Republicans का विवेक रामस्वामी की हार
41:44और लेकिन उसके बाद नए-नए
41:46चेहरे इमर्ज हुए है
41:48इस चुनाव में भी
41:48तो Indian Americans को
41:51उनकी भूमिका को कैसे देखते हैं
41:53प्रनयाप क्योंकि
41:55क्या यह माना जाए कि
41:56Indian Americans जो
41:58Republicans के तरफ चले गए थे
42:00अब फिर से Democrats के तरफ आ गया है
42:01देखिए अगर पारमपरिक तोर पर देखा जाएंगा
42:03तो चुकि प्रमीर जी वहाँ पर है
42:04बहुत सारे लोग अमेरिका जाते रहते हैं
42:07उन्हें अच्छी तरीके से पता है
42:08कि Democrats ही माना जाता था
42:10आम तोर पर भारत वंशियों को
42:12या भारती मूल के जो अमेरिकी लोग है
42:1462% था और अगर आप देखें
42:17Capital Hill के उपर जो समोसा कॉकस है
42:19चाहे कमला हैरिस हो, रोख हना हो, प्रमिला जैपाल हो
42:22या सोहा सुपरमन्यम होगी
42:23सारे लोग जो हैं डिमोक्राटिक साइड से ही आए
42:27Republicans के बीच में नए चेहरे उभर रहे थे
42:29उसके अंदर आप
42:31George W. Bush के 2002 का जो कारेकाल था
42:342000 से लेकर 2004 तक का कारेकाल
42:36123 Agreement के बाद में Republican Party के प्रती कुछ जुकाव बढ़ा था
42:40जो कि consolidate हुआ
42:41Donald Trump के पहले कारेकाल के दौरान
42:43लेकिन जो कुछ बीते दो सादों में हुआ
42:45चाहे वो Operation सिंदूर में हो
42:47Donald Trump के बयान हो, उनका रवया हो
42:49चाहे वो Tariff का मामला हो, चाहे वो Immigration का मामला हो
42:52इसने भारती मूल के अमरीकियों को जटका दिया है
42:55उसे उन्हें एक Rethink करने का मौका भी दिया है
42:57और इसके साथ-साथ चाहे भारती मूल के लोग हो
43:00या Hispanic हों, Latinos हों, Afro Asians हों
43:03सभी के लिए महंगाई तो हर देश अंदर एक मुद्दा है
43:06लेकिन यहाँ पर सवाल यह है
43:07कि यह सारे वो लोग थे जो Trump का समर्थन कर रहे थे
43:10अचानक क्या यह U-turn आया कि भारती मूल के जो अमेरिकी हैं
43:14क्योंकि Donald Trump की तो यही कह रहे हैं
43:15कि वो economy fix करने की कोशिश कर रहे हैं
43:18और long term में fix हो जाएगे
43:19long term में fix होगी की नहीं होगी यह तो देखना होगा
43:21लेकिन यहाँ पर एक तरीके से बड़ा
43:24tactically भारती अमरीकियों ने अपनी side shift कर ली प्रमी जी
43:30जिदर दम उदर हम
43:33कि किसी को यह इस तरह से जो बहसा होती है
43:36कि आप अगर रशिया से पहले बाग कर रहे हैं
43:39कि अगर आप रशिया से तेल खरीद होगे तो आप पे टरिफ लगा दिया जाएगा
43:42फिर बाद में आप खुदी रशिया के साथ किसी प्रकार का एक समझता है
44:00अगरिमेंट कर लेते हैं
44:06अगरिमेंट कर दो अगरिमेंट कर दो अगरिमेंट कर दो आप रहे हैं
44:31डॉनल्ड ट्रम्प कह रहे हैं कि बहुत सारे बिलियंज और डॉलर अमेरिका में आ रहे हैं
44:34इन्वेस्मेंट हो रहा है तो फिर ये डिस्पैरिटी कहां आ रही थे
44:37फिर ये जो महगाई बढ़ रही है ये भाव बढ़ है ये आखिर क्यों और कैसे बढ़ गए
44:40क्या टैरिफ का दा उल्टा पढ़ गया डॉनल्ड ट्रम्प पे मानेंगे
44:45इसके लिए टाइम लगता है यू कैनाट है यू कैनाट है लिए इस नो मैजिक स्विच्च आज में तई लोगों
44:50को जानता हूँ एक उधारण के लिए छोटे-छोटे उधारण दोंगा एक अतुल बेकरी करके
44:53एक अपने इंडियन ओरीजिन की विगरी है न्यू जर्सी में नाओ अर्लियर ही यूज तो गेट रेडिमेट पैकेज इस फ्रॉम
45:00इंडिया बट आफ्टर टैरिफ यह स्टार्टे वेकिंट इन न्यू जर्सी इट्सव तो वहां पर उन्हों ने पंदरा से पचीस लोगों
45:05को जॉब दी एक हमारे मित्र हैं उनके पास नीन दक्षी आने के लिए उनके एक एक लेक्रानिक डिवाइस है
45:10वो ताइवान में मनाते थे विकॉज आफ टैरिफ ही स्टार्टे वेकिंट इन मालवरो मैसेश्यूसेट तो छोटे-छोटे द्योगी अपने हां
45:16पर दिया जान
45:31हमारे साथ जुड़ने के लिए बहुत बहुत बहुत शुक्रिया डॉक्र सायद आसिफ रिज्वी प्रमित मकवडे अजय जैन बतोरिया अचल मलोतरा
45:38प्रोफेसर अंशल जोशी और प्रोफेसर अजय वपादिया यहां पर प्रने वपादिया

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