00:15दीवाली से ठीक पहले इस वक्त हम मौझूद हैं एसिया के सबसे बड़ा थोक बजार सदर बजार में इस बार
00:21सदर बजार का क्या रोनक है क्या ग्राहकों का फुटपॉल है
00:25हम यहां के वैपारियों से जानने ही कोशिश करेंगे एक बार नाम बताएंगे मेरे नाम अर्जीर सिंग चाबड़ा है मैं
00:32सदर निश्वाम वेलपर अच्छे सिंदप रही जाए इस बार बजार में क्या रहो ना कर दीवाली से पहले नहीं रोनक
00:39तो बहुत थी जब यह प्र
00:55करते हैं कि टैम में क्या क्या गर लेंगे कि कुछ बार का कॉस्टमर तो बिल्कुल याना बंद हुए अपको
01:00डर लग रहा है कि बहुत नहीं क्या दंगेंगे ना वजे कुछ हो ना जाए प्लिजी अधर पहली बात तो
01:07यह कोई भी हो चैया देखो BJP और कोंग्रेश हो को�
01:16हमारी तो राजधानी के अंदर कुछ तो अलग हो ना चीए जो आम उसमें होता है पंजाब रियाना में होती
01:23है चीज़े वह यहां पर नहीं होने चीज़े है क्योंकि दिल्ली है हमारी राजधानी है पुर इंडिया को इसमें यह
01:30चीज़े करके इन्होंने उटा काम कराब क
01:33काम चल रहा था सीजन के काम सबके ठप हो गए हैं बहुकु काम नहीं है और हम लोग ने
01:39विपारियों ने राहुल गांदी जी को कितनी अपील करी हमारे जो बड़े बैठे हैं अपर समने अपील करी कि भाई
01:45तुम लोग जो है इसको बिल्कुल प्रोटेश्ट ना करो हमारा
01:48काम खराफ जाए ने एक नहीं मानी उन्होंने प्रोटेश्ट कर दिया
01:53कर दियो किया तो बाकी चलो कर ली कोई बाद की डियन मारा थो काम खराफ करिगा ना है जा
02:16नी कितना नुकसान हुआ होगा
02:17करोड़ों रुपे का नुपसान है जी करोड़ों जो इसाब जोड़ेंगे न तो बड़ा लंबा इसाब बढ़ जाएगा और ये अच्छी
02:24बात नहीं है मैसिज गल चला गया है क्योंकि बुरा ना मानना पार्टी वो अच्छी है जो वेपारी का नहीं
02:31सोचता हो किसी का नहीं
02:32सोचता ही कि वेपार है तो मारी टीच है वेपार नहीं है तो देश का यहांजसे का प्रत हो साल
02:52हम देखते हैं कि
03:02जावर जान्दी जी ने जो किया है तो गलत मैसीज चल गया है और जो जितने भी वेपारी हैं वो
03:09इनके एंटी हो गया है और अब आगरे से जो है लोग करें कि हम कांगरेस को वोट टी करेंगे
03:13आप क्या कहिए अपना नाम बढ़ाईए उपले में नम राजिश शर्मा है जा�
03:31आया हूं मार्कित में माल लेने ही आया हूं तो मैंने यह देखा कि इतना अच्छा काम था सदर बजार
03:37में तो चलते बंदे आ रहे थे तो अब तो यह प्रोटेस के चक्कर में तो सारा जो बाहर का
03:44विपारी आना बिल्कुल खतम हो गया है यह बाहर कि खड़ीदारी करने हम
03:54पर नाम बताएंगे रनम जोगी सिंग है मैं पंजाब से हैंँ सर जाकश जाए घ्रण चारा जी मार जादे थी
03:59से इती दो तिन साल होगे इन से माल ले रहा हूं तो आप खड़ीदारी करने हैं क्या लगा दृफार
04:04से बजार करने हैं ऐसे तो यह बता रहे हैं बाकी अपने
04:10अपने शेर का हरी को अपने हलातों का पता ही होता है जैसे आप दिल्ली बें आते हैं हर साल
04:20आते हैं यहां पर इस बार जैसे धरना पड़तार लगातार हो रहे तो कुछ लोगों से सुचना मिर लई होगी
04:26कि हाँ भी रहा है
04:31कोई स्टोफिश पर मेट्रों नहीं रुकती थी उस वज़ए से थोड़ी सी परशानी होई है जातरी को मेरे जैसे जितने
04:37भी आई हैं सभी को परशानी का सामना करना अपर तो यह बाहर के खड़िदार भी हैं इनको काफी दिकतों
04:46को सामना करना पर नाम बताइए गाप जी व
04:57तो बार बार जो प्रोटेस्ट का चक्तर चल रहा है ना इससे हमारे दिल्ली की राज़ानी के अंदर बहुत अफरा
05:02तफरी फैल जाती है एक ऐसा महौल बन जाता है जिससे दुकांदार भी और बार से आने वाला आदमे भी
05:07बिल्कुल डरे होगे महौल महों हो जाता है तो कहत
05:23पर्मिशन ना दें तो जादा अच्छा हूगा क्योंकि सदर भीयार से सारे काम देरे-देरे खतम हो जारहा है तो
05:31दिल्ली के अंदर आएका कौन बार से तो एक तरब बी देखते हो उसके और के महोल को देखते वह
05:35देखा जाए कि इस तरह कि परमिशन ना दी जाए
05:37और खासकर तुवारों के मावल के हैं
05:40मेरा नाम कमाल वो रहे है
05:42SKR टेटर नाम की शौक है
05:44इस बार सवतर बजार
05:46मैंने कितनी रौना के दिवाली
05:48आने वाला है
05:49और कहांगी दिक्री
05:52को लेके चाहे ग्राहत को लेके
05:53कितना तरह है पहले
05:56के मुकाबले काफी फरक है
05:59पहले के मुकाबले
06:00उतना रश नहीं है उतना काम नहीं है
06:02उसकी में वज़ा यह है कि
06:04कुछ दिन पहले मार्किट बंद होगी
06:06एक पीछ में तल रैली की वज़ा से
06:09कस्टमर बार बार डिस्करब हो रहा है
06:11उसके वज़ा से बहुत दिक्तादारी है, बहुत परशानी है, वो काम नहीं है जो पहले होता था, बहुत फरक्राइब
06:18आप कह रहे हैं कि बाहर-बात दिल्ली में परदर्शन, धर्न्य वगर्शाण आते हैं, इसे लोग ठरशान था लोग भारThat
06:27लोग आजा नियुक और आवनी रहे हैं और अगर वो किसी पो भेज भी रहे है तो वह रास्ते में
06:32रुक जाते हैं, उसकी वज़ए से काम नहीं हो प
06:49जो एक मानलो किसी रेस्टोरेंट वाले ने अपना माल बना के रखा हुआ है और आपने अनॉंस कर दिया कि
06:55कल बंद है उसका आप हिसाब लगा हो कि अगले दिन फिर दुबारा वही प्रसीजर करेगा और उसका जो खर्चिया
07:09है वो तो हई है उसको तो आप बंद नहीं कर सकत
07:12तो इसलिए बहुत परिशानी है बहुत दिक्तत है वो काम नहीं है जो पहले होता था अब वो काम नहीं
07:18है
07:18अब कुछ दीनौ रहा है कहा है, किया मत्या है?
07:23अगर लिली पुलिस अपनी तरफ से बहुत कोशिश कर रही है,
07:27ट्राफिक पुलिस भी बहुत कोशिश कर रही है,
07:30लेकिन जो कस्फमर ने आना था और जो माल अगर कोई आएगा भी,
07:40अगली दिवाली से क्या करेंगा उसमार तो बहुत प्राब्लम है लिक्तत है का पारियों का साथ तौर पे कहना है
07:49कि इस बार दिवाली में वहले जैसा रौनत नहीं रहा कि लगातार कई धरने पर दर्सन हुए हैं देश के
07:56राजधानी में जिससे लोग और जो भी ग्राहक है स
08:04मेरा नाम अमन प्रीट सिंगर और यह जो धरना यह जो प्रोटेस्ट हुआ है से बिल्कुल नुक्सान हुआ है सिरफ
08:10एक या दो दुकानदार या चार दुकानदर नहीं आई तिंग पूरी दिली में ही जितने भी दुकानदार है उन सब
08:16को काफी फरक बड़ है और इससे अ
08:44दो आना पसंद नहीं करते हैं वह फरक पड़ा है उसके फरक पड़ा उस आप से भीड़ नहीं है लेकिन
08:50अगर देखा जाए तो जो पहले दिवाली हो थी वह दिवाली लगी निरिया उस टाइप से क्योंकि मार्चट मर्होंने की
08:56नहीं है तो प्रमी फिल बड़ी मार्केट
08:57जो चोड़ी मार्केट से उनमा रोना की नहीं तो कहीं न कहीं इसका जो फरक पड़ा है यह जो प्रोटेस्ट
09:04होए है जंतर मंतर पर उससे बहुत बढ़ा यह फरक पड़ा है तो इसके विज़े से पर नाम बताएं गार
09:18सर में बागपत करें ने वागपत अच्छा सतर बजार
09:24में आते रहते हैं पहले हैं पर्दान घी के पास तरह थे तो अभी दिवाली दिवाली से पहले कितना या
09:30पीजार
09:33क्या लगता है कि लोग बड़े बजारों से पाने क्तरा थे हैं इहां प्याने में किनी कटरा दी कोरी फूल
09:44भीड चम जम � 32 क्र शरक नेतनि कर्क्तिक
09:55करने इनको चल रहा हो देखो है लिए परेशान होगे है अंकल लिए नहीं को पड़िया था तो गजिक्ट तो
10:09हो रही थिया आपर अपे अधिक्त होई है
10:10अब क्या दिक्त हो रही है मज़ा ठीक है अंकल ली ग्राहकों का मेला जूला असर है और इनका साफ
10:30दोर पर कहना है कि इस बार जो पजार में रॉनक होना चाहिए था दिवाली से पहले
10:36वो फिलाल अभी नहीं है लेकि अभी दिवाली का कुछ समय और बाकी है हो सकता है आने वाले समय
10:42में ग्राहक का फुटपॉल बढ़े दिल्ली से आनंत कुमार आज तक