00:28सब्सक्राइब
00:29जब आप्टूर के पुब हुआ यह पुआ हो आप नहीं को बडादे दोस्ती है
00:56कि एंपर स्बिक काप़ों
00:59में देंगे यह में जब आपकों
00:59ए मिलस पीछे хозяй लिहा
01:03सिर्दके की बिलस अिरा राई
01:14लेफाबरे लीए
01:19गय से चईयों फु Fi
01:20कि न सिर्दकी ऊपज की न सिर्दका
01:20ल见 लिहाब़वाब सोझ साचा
01:20सん cela दो
01:29हु कि जए ठाल
01:38कि यस यह सद्वर कजिए एंड पिर भी गुज़ार पड़ता हैं। अड़्ट जब को ने अच्टन करना पर टाहिं अच्छी
01:50की वज़ाइब भुज़ू करना पड़ार हैं।
01:56अच्छी के पांदा लागए अच्छी का ने मुझा भाएं, वह जो तक बने करना हैं।
01:5916, 18 शुले आते थे थे, अब साथ आठ सो से गुजारा तो नहीं नहीं होता है
02:17खाना पीने चोड़ रहे हैं और क्या करना है?
02:20खाना पीने चोड़ रहे हैं जिदर हम तीन टाइम कहते थे, अब दो टाइम कर दी है
02:25अभी मैं सुबह कर निकला हूँ अभी आया हूँ बच्चों ने दोपैर की भी खानी है
02:31तो चाम को मैंने आना तो रात 11, 12 बजे मैंने आना है
02:34तो उस वक्त मैंने बाइर से लेकर आनी है
03:19चाहर पाइच दवाता है
03:22तिन तिन 40 prova 500 कetr बमभान दूनकों के गैस समय में नहीं और कि ढूरे को सिद है इलिए
03:32जाना अरीप
03:48जना करनाय जो
03:56मैंने बर्कत मार्केट जाना मैंने पूचा कि किया कर यह बोगे पांच सब लुपरे हुए यह फेला सबते जाना तो
04:06वह कहता जी मेंगी यह थेलपीजी वेजय तें जीड़ाना पांनीधाई पांच सब सतर पांच सब शक्याज नहीं जा सकताब।
04:16पंच से तो कड़नी जाना, तो मैं तो पैदल चला जामागा, जाकर कुछ चिंग्षी तो बैठ जामागा, जाकर पस्ते बैठ
04:24जामागा.
04:59कभी कहते हैं, बाइडर बांदें, कभी कहते हैं, कभी कहते हैं, राजते हैं, तो इसकी वज़ से
05:06जो प्लांट वाले अपनी मनमानिया कर रहे हैं, जहां उनका दिल माने वहाँ पे बहज यही जिते हैं,
05:12जो रेट प्लांटों वालों की मर्जी से चलता, दुकानदार की मर्जी से नहीं चलता है।
05:30प्लांटों वालों की मर्जी से चलता है।
05:53और इसी ही फ्यूल को जंग का बहाना बना कर माफिया ने खूब लुटा
06:03गरीबों के चूले ठिंडे किये ये खाली रख्षाड ड्रैवर की मैं बात नहीं कर रहा है
06:09मैं तो हर उस शक्स की बात कर रहा हूँ जो LPD से मुतासर हो रहा है
06:23कर दो कर दो हाँ
06:24कर दो है
06:33कर दो है