Skip to playerSkip to main content
Dhanteras 2026 Kab Hai: दिवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार है। ये पर्व 1 या 2 नहीं बल्कि पूरे 5 दिनों तक मनाया जाता है। दिवाली उत्सव के पहले दिन धनतेरस होती है। इस पर्व से जुड़ी अनेक मान्यताएं और कथाएं प्रचलित हैं। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानें 2026 में धनतेरस कब है और धनतेरस के शुभ मुहूर्त…
#Dhanteras2026 #DhanterasKabHai #DhanterasPujaMuhurat #DhanvantariJayanti #Diwali2026 #Astrology #UjjainJyotish #Religion

📰 Breaking news. ⚡Live updates. 🔍 Trusted stories — all in one app. Download Asianet News App today 👇
🍎 iOS: https://apps.apple.com/in/app/asianet-news-official/id1093450032
🤖 Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.vserv.asianet&hl=en_IN

For the full story:

To get the latest news, subscribe to our channel-

Log In Website- https://hindi.asianetnews.com/

Follow Us On Twitter-https://twitter.com/AsianetNewsHN

Follow Us On Instagram- https://www.instagram.com/asianetnews_hindi

Follow Us On Facebook- https://www.facebook.com/AsianetnewsHindi/

Follow Us On Telegram- https://t.me/AsianetnewsHindi

Follow Us On Kooapp-https://www.kooapp.com/profile/asianetnewshindi

Category

🗞
News
Transcript
00:00कर दो कर दो
00:38जैश्री महाकाल, बात चरते हैं दिपावली जे परवगी, दिपावली का पहला दिव होटा है धन तरस का, इस बार 6
00:47नमंबर को धन तरस, धन तरस में धन की पूजन नहीं, धन तरस के दिन मुख्य पूजन की जाती है,
00:54भगवान धन वन तरी दिन, तो कि इसी दिन समुद्र म
00:58धन वन तरी अमरत कलस लेके प्रकट रोती है, धन वन तरी भगवान भगवान नारायन का ही रूप, इस दिन
01:05हमें हमारे आयू आरुप गता की प्राप्ति के लिए मुख्य तोर से धन वन तरी की पूजन का विधान बताया
01:11रहा, इस दिन बर्तन घर में लाने का नियम है, त
01:26इसमें कुछ चावल के दाने, या कुछ मिठाई, या कुछ फल के साथ में जरू लेके आए, इस दिन चांदी
01:33खरिदने का भी बहुत सुम मुरत होता है, क्योंकि चांदी के कलस में ही अमरत बहार निकला तो चांदी का
01:40कुछ भी आप शिक्का, गेहना लेके आते हैं, तो व
01:54अधिकला शिक्छ चांदी का कुछ कस्राइस के दिन ही भगवान्य शिव के आश्रवाद से कुपेर को यक्छ चाशरी होने का
02:00आश्रवाद मिला, यानि जितने बहर धन हे, उनके सरक-छक कुपेर बने रहेंगे, इसलिए कुपेर की पूजन का जिदा आ
02:08लिए
02:08कुबेर जी लश्मी जी के अधिन है इसलिए धन तेरस के दिन लश्मी की पुजन की जाती है
02:16आएगे कडते हैं च्छे नौमबर दोजा सब्सके सभूत की शुबर लाजा तोगड़ों यह नहीं से नहीं हुद बारा शुत चाल्यां
02:27सबस्कार चांव सफीज जाते हैं
02:36और नो बज़े से लेके दस बस के 30 मिन तक इन में आप धन्वनतरी भगवान की माता लस्नी और
02:43कोवेर के पुजन कर सकते हैं
02:45जैस्री माताल

Recommended