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  • 13 minutes ago
दिवाली से पहले पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) की 29 अक्टूबर 2026 तक की जिला-वार रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में पराली जलाने की कुल 1,007 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें तरनतारन जिला सबसे आगे है, जहां सबसे अधिक 397 मामले सामने आए हैं। इसके बाद अमृतसर में 171 और फिरोजपुर में 104 मामले दर्ज किए गए हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए मान सरकार की तमाम कोशिशें आखिर जमीन पर क्यों बेअसर नजर आ रही हैं?

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00:29report के मुताबिक पंजाब में पराली जलाने के कुल एक हजार साथ मामले दर्ज हुए है तरंतारन 397 मामलों के
00:41साथ पहले स्थान पर है
00:44378 स्थानों का निरिक्षट 389 जगहों पर पराली जलाने की पुष्टी 17.50 लाख रुपए का जुर्माना 13.15 लाख
00:58रुपए की वसूली
01:01पराली जलाने के मामलों में 246 FIR दर्ज खेतों के रिकॉर्ड में 297 रेड एंट्री
01:09अब आपको ग्राफिक्स के जरीए ये भी दिखा देते हैं कि किस जिले में पराली जलाने के कितने मामले दर्ज
01:17हुए हैं
01:17तरन तारण में 397 मामले अम्रिसर में 171 मामले फिरोस्पूर में 104 मामले गुर्दास्पूर में 72 मामले
01:30कपूर्थला में 63 मामले जलंधर में 22 मामले फरीत कोट में 21 मामले फाजिलका में 28 मामले और भटिंडा में
01:4131 मामले दर्ज किये गए
01:42एक वक्त था जब आपकी पंजाब में सरकार नहीं थी तब केजरिवाल दिल्ली के प्रदूशन के लिए पंजाब को जिम्मेदार
01:51ठहराते थे
01:52लेकिन पंजाब में आपकी सरकार बनते ही बयानबाजी बदल गई है
02:03। । । । । । । । ।
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