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  • 18 minutes ago
इजरायल चुनाव नतीजों पर बवाल, नेतन्याहू ने लगाए धांधली के आरोप

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00:00इस्रेल में चुनाव नतीजों के बाद धांधली और विदेशी दखल के आरोपों से एक नया विवाद खड़ा हो गया है
00:08इस्रेल के प्रधानमंतरी बेंजमिन नेतनियाहू की जो लिकुद पार्टी है वो सबसे बड़ी पार्टी के रूप में तो उभर गई
00:14लेकिन अरब इलाकों में कई मतदान केंद्रों पर जो आरोप उन्होंने लगाया है कि वहाँ पर रिश्वत दी गई, धमकी
00:23दी गई, हिंसा हुई और वोटिंग में गड़बडी हुई
00:26गंभीर आरोप नेतनियाहू लगा रहे है, बेंजमिन नेतनियाहू ने इससे रामगेट बताते हुए ये कहा है कि मामला ये भूकम
00:40की तरह है, इस्रेल में चुनाव चुरा लिए गए है, उन्होंने जस्टिस सॉल्बर्ग का हवाला दिया जिन्होंने कहा था कि
00:47विदेशी
00:56रिश्वत दी गई है, इसे लोकतंतर पर हमला बताते हुए, बेंजमिन नेतनियाहू ने कहा कि इसका इरादा इसरेल की संसत
01:04पर कबजा जमाना और इसरेल का इसलामी करण करना है, बेंजमिन नेतनियाहू ने कहा कि किसी भी जाइनी पार्टी को
01:14राम और जॉइन्ट लिस्�
01:17साथ सहयोग नहीं करना चाहिए उन्हें पैसे दे कर खरीदे गए वोटों के जरीए केनिसिट स्पीकर को नहीं बदलना चाहिए
01:26और नहीं ऐसी सरकार बननी चाहिए जो इसरेल के लोगों के लिए खतरनाक हो
01:31लिकुद पार्टी का दावा है कि कई मत्दान केंद्रों पर नकदी से भरे हजारो लिफाफे और राम पार्टी की परचिया
01:41मिली
01:41पार्टी ने लिखा है कि आरोपों से जुड़े सेंक्रो बयान और सबूत पुलीस, शिन्बेट और केंद्रे चुनाफ समिती को सौपे
01:50जा रहे है
01:51हाला कि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टी नहीं हुई है
01:54इस बीच इसरेल की केंद्रे चुनाफ समिती के अध्यक्ष ने शिन्बेट प्रमुक डेविद जिनी को विदेशी फंडिंग और चुनाफ में
02:02संभावित रिश्वत खोरी के आरोपों की जाच करने का आदेश दे दिया है
02:07जाच का एक पहलू ये संदे भी है कि मुस्लिम ब्रदर हुट से जुड़ा पैसा अरब समुदाए में मतदान बढ़ाने
02:15के लिए इसरेल पहुँचाया गया
02:17शिन्बेट को एक सब्ता के भीतर अपनी रिपोर्ट सौपने को कहा गया है जाच के बाद
02:23अब जाच में ये साफ होरा बाकी है क्यों चुराव में वास्तव में गड़बडी हुई या नहीं और क्या इसके
02:30पीछे किसी विदेशी संगठन या ताकत का हाथ है
02:34फिलाल ये आरोब भी है कि उन्हें साबित करने के लिए जाच के नतीजों का इस्तमाल का इंतजार करना पड़ेगा
02:41और आपको सीधे हम लिए चलते हैं इस्रेल प्रणे उपाध्याय मेरे सहीयोगी हमारे साथ जोड़ रहे है
02:46प्रणे ताजा तस्वीर इस समय क्या उभर कर आ रही है क्या वही 43 पर लिकुद और 38 पर उनके
02:56विरोधी खेमे के लोग हैं और 19 पर अरब पार्टियां अब क्या होगा
03:03पिल्कुल आपने ठीक कहा करीब 53 सीटों के उपर लिकुद और उनका गड़ बंदन है 48 सीटों पर अधियां कॉर्ट
03:10और 19 सीटों के साथ अरब पार्टियां जो हैं वो इसराइल के चुनावी इतिहास की अभूतपूर प्रदानिश्रिन के साथ में
03:16खड़ी नजर आ रही है
03:17लेकिन ये एक फ्रैक्चरड मैंडेट है ये एक त्रिशंकु संसद का मैंडेट है और इसके बाद सरकार बनाना जो है
03:23वो अभी सभी पक्षों के लिए एक चनौती है लेकिन यहां पर प्रदानमत्री बेंजबर नितन याहूर उनकी लिकुद पार्टी ने
03:28एक तीर से दो �
03:44के हाथ में है तो प्रदानमत्री नेतन याहू एक तरफ अपने विरोधियों पर पर दबा बनाना चाहते हैं क्योंकि जितनी
03:50भी जोईश पार्टी है उनके लिए ये बड़ी चुनौती होगी अगर वो अरब पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाती है
03:55चाह समर्थन बाहर से हो
03:57अत्वा अंदर से हो ऐसे में वो संभावना ये खड़ी निकालने की कोशिश कर रहे हैं कि उधर से चाहे
04:02डिबर्मेंट तूट जाए या कोई और आना चाहे तो इस से प्रदार्मिति नेतन याहू के पास में बहुमत मिल जाए
04:10और इसके अलावा जो दूसा निशाना हो सा�
04:24इने का इंतजार करना होगा और उसके बार वापस से यही मैंडेट लेना अरब पार्टियों के लिए बड़ी चुनाती होगी
04:29और उनके विपश के लिए बड़ी चुनाती होगी तो एक तरीके से रितन याहू अपना एक इंशुरेंस भी खरीद रहे
04:34हैं इस आरोप के जरि
04:51देखें लिकुट पार्टी की तरफ से जो चिठी देजी गई है इलक्शन कमिटी को उसमें तो उन्होंने कहा है कि
04:56उन्होंने कुछ सबूत दिये हैं लगी वो क्या सबूत हैं क्योंकि यहां पर पुलिस या रिपोर्टिंग को अगर आप देखें
05:00एजनसी की रिपोर्टिं
05:18तो आई भी आप कह सकते हैं उसको आई भी और पुलिस तोनों ही मिलकर इस चीज की जांच करेंगे
05:23कि आखिर क्या इसमें कोई फॉर्टिंग इंवाल्ड रहे है कि तरी के पैसे का बूपमेंट वा है क्योंकि का दुका
05:28चोटी घटना एक घटना जरूर कोई थी जिसके अं�
05:44इसी कोई रिपोर्टिंग तो नहीं हुई है एक लाग लोगों को टिप्लाइ किया गया था प्री एंफेर इलेक्शन के लिए
05:49तो इलेक्शन कमिशन या इलेक्शन टमिट तो अभी यही कह रही है कि वो इस मामले की जाज करेगी और
05:53जाज के बाद ही किसी निश्करश पे प
06:11दिने जा रहे हैं ये ऐसे वोट हैं जो सेनिकों के होते हैं और ऐसे लोगों के होते हैं जो
06:16ड्यूटी के लिए मतदान केंडरों पर नहीं जा सकते हैं लेकिन इसके बावजूद किसी भी गटबंधन को सपश्ट महुमत दिखता
06:24मिलता नहीं दिख रहा है अच्छा ऐसे में
06:26इस्रेल के प्रधानमंतरी बेंजमिन नेतनियाहू
06:29और उन्हें सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहे
06:31विपक्षी चेंज गडबंधन के बीच
06:34सरकार बनाने को लेकर कई हफतों तक
06:37बाची चल सकती है
06:38और इन चनावों में जो सबसे चौका देने वाला प्रधरशन रहा है
06:42वो अरब नित्रित्व वाली पार्टियों का रहा है
06:45उन्हें कुल मिलाकर इस बार 19 सीटे मिली है
06:48लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये
06:50कि क्या बेंजमिन नितनियाहू का विरोत करने आए
06:53आईजिन कोट गादी अरब पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे
06:58हाला कि अरब पार्टियों ने उन्हें बाहर से समर्थन देने की पेशकश कर दी है
07:03उन्होंने अरब पार्टियों के लिए दर्वाजे खोले तो है
07:05लेकिन कुछ शर्ते भी रखी हैं जो अरब पार्टियों को स्वीकार करना होगा
07:09कि इस्रेल एक यहूदी राश्र है और हमास एक आतंकी संगठन है
07:16ये लिखित में देना होगा
07:18इस्रेल में फिलिस्तीनियों और उनके वंशजों को अधिकार देना और स्वीकार करना बेहद समवेदंशील मुद्दा है
07:26दूसरी तरफ बेंजमिन नेतनियाहू अरब पार्टियों के साथ सरकार बनाने की संभावना को सिरे से खारिज कर चुके है
07:32उन्होंने इसे देश के साथ गदारी करार दिया है
07:37अरब पार्टियों ने भी नेतनियाहू के साथ सरकार बनाने की किसी संभावना से इंकार कर दिया है
07:42इस्रेल की कुल आबादी में जो अरब समुदाए है उसकी हिस्सेदारी लगभग 20-21 प्रतिशत है
07:48अगर कोई भी पक्ष बहुमत का अकड़ा नहीं जोटा पाता
07:52तो अगले साल की शुरुआत में दुबारा चुनाव करने की स्थिती बन जाएगी
07:57जिसमें बहुत जादा पैसा खर्च भी होगा
07:59वैसे इस्रेल में चुनाव के बाद अरब पार्टियों की 19 सीटे सरकार बनाने में
08:04जो भी अगली सरकार बनेगी उसमें बेहत महत्वपूर साबित हो सकती है
08:08लेकिन इन दलों के साथ गड़ बंधन करना आसान भी नहीं है
08:12क्योंकि इसकी जो सबसे बड़ी वज़े है वो हमास को लेकर
08:16राम पाटी के नेता मनसूर अब्बास का एक बेहत विवादित बयान है
08:23मनसूर अब्बास ने एक इंटर्व्यू में कहा था कि हमास फिलिस्तीनी लोगों का हिस्सा है
08:29जब उनसे पूछा गया कि क्या हमास को आतंकी संगठन माना चाहिए
08:34तो उन्होंने सीधे तोर पर इसका जवाब नहीं दिया
08:37और इसी बयान को लेकर इसरेल में तीक ही प्रतिक्रिया हुई
08:41हाला कि अब्बास ने 7 अक्तूबर 2023 के हमलों की निंदा जरूर की
08:45और कहा था कि हमास ने अपराद किये
08:48लेकिन इस बयान का असर सरकार बनान की कोशिशों पर भी दिख रहा है
08:52वही दूसरी अरब पार्टी जो जॉइंट लिस्ट है
08:54वो इसरेल में सरकार पर रंग भेद और नरसाहार का गंभीर आरोप लगा चुकी है
09:01और इसी वज़े से नेतनियाहू के विरोधी आईजिन कोट गादी ने भी जॉइंट लिस्ट को
09:06इसरेल और यहूदी विरोधी बता कर फिलहाल उनसे दूरी बना रखी है
09:17तो जैसा इस समय की तस्वीर है इसरेल में किसी भी ब्लॉक को बहुमत नहीं मिला है
09:22लेकिन इसरेल में जो अरब पार्टियां हैं उन्होंने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया
09:28अरब पार्टियों ने जो 19 सीटे जीत दर्ज की
09:32इसरेल में जो यहूदी अरब एकता सरकार बनाने की मांग अब कुछ हलकों में तेज हो रही है
09:38और इस मांग को लेकर चाहे यरूशलम हो तेलवीव हो और हाइफा हो यहाँ प्रदर्शन हो रहे है
09:45जैसा आप इन तस्वीरों में देख सकते हैं लगभग 300 लोग सबकों पर उत्रे
09:49प्रदर्शन कारियों ने सभी को आजादी और यहूदी अरब सरकार के नारे लगाए
09:55वही नेतनियाहू ने इसरैली अरब दलो को सरकार में शामिल करने का कड़ा विरोध किया है
10:00उन्होंने दक्षरपंती राश्रबादी सरकार बनाने की अपील की
10:04दूसरी तरफ एक राजनितिक आकलन के मताबिक यहूदी राजनितिक दलों की जो आंतरिक हिचकिचाहट
10:10और शर्तों के कारण अरब समर्थन से एक स्थिर सरकार का गठन बेहत मुश्किल नजर आ रहा है
10:17अगर गादी आईजन कोट या नेतनियाहू में से कोई एक छोटा दल भी अरब गुटों के साथ सहमती नहीं बना
10:26पाता
10:26तो इस्रेल में फिर से राजनितिक गतिरोत पैदा हो सकता है
10:30और देश को अगले साल की शुरुआत में एक बार फिर नए से रे से चुनाफ का सामना करना पड़
10:37सकता है

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