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'सरकार का फोकस सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि प्रिवेंशन और होलिस्टिक हेल्थ पर भी', बोले जेपी नड्डा
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00:00सबसे पहले तो मैं आज तक को और हमारे इस ग्रुप को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने
00:09Health Wealth Summit 2026 का आयोजन किया है और इस महत्वपूर्ण विशे इंपॉर्टन्ट सब्जेक्ट को
00:20मुख्यधारा में लाकर इस पर चर्चा हो इसका जो आयोजन किया है इसके लिए सबसे पहले तो मैं आपको बहुत
00:28-बहुत बधाई देता हूं आज तक ग्रुप को और इंडे टोडे ग्रुप को
00:32हम सब यहां पर जब इकत्र हुए हैं तो सच पर यह कॉन्क्लेव जिसमें पॉलिसी मेकर्स भी हैं जिसमें इनोवेशन
00:44से जुड़े हुए लोग हैं इंडेस्ट्रीज के कैप्टन हैं हेल्थ के कैप्टन हैं सभी लोग जब यहां पर इकत्राय हैं
00:53तो यह सही तरीके से अ�
00:58बहतवन मंच बन जाता है,
00:59जहां हम हल्थ के बारे में डेलिबरेट करें गे,
01:03और हल्थ के इस्शु के बारे में आगे,
01:05हमें क्या रास्ता अपने जीवन में लेना चाहिए,
01:08और भारत सरकार क्या कर रही है,
01:11उसके बारे में यहां पर चर्चा हो पाएगी.
01:13हम सब जानते हैं कि 2047 के लिए हम विक्सित भारत का लक्ष लेकर के
01:20developed nation, developed India का लक्ष लेकर के चल रहे हैं
01:25और प्रधान मंत्री मोदी जी ने इस लक्ष को तै किया है
01:28उस पर सब लोग लगे हैं
01:30लेकिन हमें ये ध्यान में रखना चाहिए कि
01:34healthy nation होगा तभी developed nation होगा
01:39क्योंकि productivity के दिश्टी से देखा जाए, contribution के दिश्टी से देखा जाए
01:44तो जब तक 140 करोड देशवासी healthy नहीं होंगे
01:49तो यह एक बहुत बड़ा challenge है जिसको हमको समझना चाहिए
01:54इसलिए पहली बात तो यह है कि healthy nation होना बहुत ही आवश्यक है
01:58और जिसके बारे में हम सब को विचार करना चाहिए
02:02हम सब यह भी जानते हैं कि healthy nation के parameters हम कैसे तै करें
02:08तो world health organization ने six building blocks बनाए है
02:14जिस six building blocks पर जगर हम ध्यान दे
02:17तो कुल मिला करके हम healthy nation की तरफ आगे बढ़ते हैं
02:21सबसे पहला तो है कि हमारी service delivery इंप्रूव करें
02:26दूसरा है हमारा health workforce वो अभी strengthen हो
02:31और तीसरा है health information systems का हम उप्योग करें
02:36और medical products और technologies का हम up to the back लाएं
02:40health financing पर हम ध्यान दें
02:43और जो governance है उस पर हम health को prioritize करें
02:49ये six pillars पर हम world health organization के अनुसार अपने आपको देखते हैं
02:56और अगर हम सबसे पहली बात करें service delivery की
02:59तो हमको जो मैं बार-बार कहता हूँ वो मैं आपके साथ share कर रहा हूँ
03:05कि पहले हम लोगों ने सुना होगा
03:09और यहां डॉक्टर सब बेथे हैं डॉक्टर नेने भी हैं
03:12हमें बच्पन में याद होगा कि हम लोग कहते थे कि
03:15डॉक्टर कहता था कुछ भी खाओ
03:18एंटिबाइटिक ले लो
03:20ये एक
03:21हम पूछते थे परहेज करना है कि
03:23ने ने ने खाओ सब कुछ खाओ खाने में कोई दिक्कत नहीं है
03:26अंटिबाइटिक ले लो
03:29इसका मतलब ये था कि हम क्योर पर ध्यान दे रहे थे
03:33हमारा ध्यान होलिस्टिक नहीं था
03:36हमारा ध्यान इंक्लूसिब नहीं था
03:40और
03:422017 में
03:43प्रधान मंत्री मोदी जी की नितृत्तु में
03:46हम लोगों ने न्यू हेल्थ पॉलिसी लाई
03:49और न्यू हेल्थ पॉलिसी का सबसे इंपॉर्टन फैक्टर था
03:52कि इच शुड बी इंक्लूसिब
04:02और फिर अगर कोई प्राबलम है तो क्योरेटिव भी होना चाहिए
04:06फिर पैलियेटिव भी होना चाहिए रिहाबिलेटिव भी होना चाहिए
04:11तो एक होलिस्टिक अप्रोच में 2017 में हमने
04:15हेल्थ सेक्टर को ध्यान में लेकर के काम गया
04:18और दूसरी बात
04:20कि आपने देखा होगा
04:23कि हमारे हाँ छोटी बिमारी हो या बड़ी बिमारी हो
04:26हम सीधे अपने गाउं से एम्स पहुँझाते है
04:31और हम बाइपास करते हैं सारे सिस्टम्स को
04:34तो हमने प्रियास ये किया
04:36कि हम प्राइमरी हेल्थ केर को स्ट्रेंटिन करें
04:42ताकि हमको प्रिवेंशन पार्ट पर ध्यान दिया जा सके हेल्थ पर चर्चा हो सके उसको हम लिंक करें सेकेंडरी के
04:49साथ उसको भी स्ट्रेंटिन करें और फिर अगर टर्शरी हेल्थ केर की जुरूरत परती है तो फिर कोई आदमी हॉस्पिटल
04:55तक पहुँचे इसकी एक चे
05:10में आईश्मान आरोगे मंदर जिसको हम हेल्थ और वेलनेस सेंटर कहते हैं उस हेल्थ और वेलनेस सेंटर पर स्ट्रेंथन करने
05:18का विचार बनाया है और फॉन पॉंट फॉर बिलियन पीपल वन लाक एटी सिक्स थाउजन जो बढ़ करके 90 थाउजन
05:29तक हो रहा है आईश्म
05:40कि कोने कोने तक हमने इसको आईश्मान आरोगे मंदर को सापित करने का प्रयास किया और हमने 12 पैकेज़ दिये
05:49जिसमें सबसे बड़ा पैकेज था रिप्रोड़क्टिव और चाइल्ड हेल्थ केर मैं बड़ी जिम्मेवारी के साथ आज ही कह सकता हूँ
05:56कि भारत के स्वास्
06:02में माता सिर्फ ये जो घुमनतू होते हैं उनको अगर छोड़ दें तो every village, every कस्बा is tracked and
06:13every mother who conceives right from that very date उसी दिन से till delivery, everything is tracked और जब तक
06:24बच्चा 16 साल का नहीं हो जाता
06:26और उसको 11 preventable diseases, 12 preventable diseases के लिए 11 types of vaccination, 26 doses, 16 years तक जब
06:38तक नहीं मिलते हैं, तब तक हम उसको track करते हैं, ये हमारा reproductive and child health care system है
06:45और ये जवानी जमाखर्स नहीं बोल रहा हूँ, everything is digitized, there is a human portal, every आशा worker, accredited
06:55social health activist को, हर बच्चे को जिस दिन माता कंसीव करती है, उस दिन सो उसको track करना पड़ता
07:02है
07:03तो इसको हम लोगों ने खड़ा करने का प्रयास किया है, और हमने five check-ups, और ये सब digitized
07:11है, noted है, आशा अवरकोर को entry करनी पड़ती है
07:17five antenatal check-ups with one specialist, and for high-risk patients, eight antenatal check-ups with three specialists, three
07:27specialist check-ups, ये कराने का की विवस्ता हम लोगों ने reproductive and child health care में की है, और
07:34इसको हम लोगों ने आगे बढ़ाया है
07:36अब इसके साथ-साथ dental care, mental care, हमारे ENT का check-up, हमारा oral check-up, elderly check-up,
07:46ये सब तो हम लोगों ने जोड़ा ही है, लेकिन इसके साथ-साथ इस काम को भी पूरा किया है
07:50इसका नतीजा क्या हुआ है, मैं एक बात और बताना चाहूंगा, reproductive and child health care में, कि हमारी institutional
07:58delivery पिछले दस साल में 78% से बलकर के 90% हो गई है
08:05और उसका reason क्या है, उसका reason ये है कि हम मदर को incentive देते हैं, और आशा worker को
08:14incentive देते हैं कि तुम institutional delivery के लिए मदर को लेकर के आओ,
08:19transportation free, delivery free, C-section, cesarean free, any complication free, वापस मदर को लाना पड़े, free of cost, transportation
08:32free of cost, इस सब का reason ये रहा है कि हम 90% institutional delivery पर पहुँच गए हैं,
08:39इस तरीके से हम इस काम को आगे बढ़ रहे हैं, और आपको जानकर के खुशी होगी कि maternal mortality
08:44ratio इंडिया में,
08:46इसका decline जो है, वो 86% है, और global decline is only 48%. इसका नतीज़ा ये है कि decline
08:57under 5 mortality जो है, वो 79% भारत में हैं, और global decline is only 61%.
09:04और decline in neonatal mortality, the decline is 70% in India, and the global decline is only 54%. तो
09:14आपके ध्यान में आएगा कि हमारे initiatives के कारण किस तरीके से,
09:18चाहे वो new natal mortality हो, चाहे वो infant mortality हो, चाहे वो under 5 mortality हो, सभी में हमारा
09:27decline बहुत fast है, जो दुनिया की decline से देखा जा सकता है, उसको हमको समझना चाहिए.
09:33आयुश्मान आरोगे मंदिर में, जो हम लोगों ने initiative लिया है, वो है pre-screening का.
09:39We ask the penchayat members, penchayat के सदस्यों को और penchayat के प्रधान, वो ensure करें कि 30 साल की
09:47उमर से उपर के लोगों को हम आयुश्मान आरोगे मंदिर में draw in करें, उनको बुलाएं, और उनकी screening करें.
09:55screening किस चीज की हो, hypertension, diabetes, oral cancer, महिलाओं का cervix cancer, महिलाओं का breast cancer, इन सब चीजों
10:07की screening हो, और इसको हम आगे बढ़ाएं, इस तरीके का, हम आयुश्मान आरोगे मंदिर में कह रहे हैं.
10:13अब आप कहोगे कि, ठीक है, ये तो sweeping statement है, कि हमको हम बुला रहे हैं और हम कर
10:20रहे हैं, नहीं, ऐसा नहीं है.
10:21Everything is trapped.
10:232018 से हमारे records बताते हैं, कि we have screened for hypertension 44 crore people.
10:32जिसमें से 7.6 crore have been found hypertensive.
10:38और उनको हम medication की तरफ प्रेरित करते हैं, कि आप medication की तरफ जाओ.
10:45Diabetes we have screened again 44 crore people, and 5 crore have been detected as diabetic patients.
10:54जुनको पता ही नहीं था, कि वो diabetic है.
10:57और गाओं के लोग तो बड़े भूले बाले होते हैं, तो कुछ नहीं होता, कुछ नहीं होता, कुछ नहीं होता,
11:01ऐसा.
11:01लेकिन जब आप screening कराते हो, तो आपको पता चलता है, इस तरीके का हम लोग ने काम किया है.
11:06Oral cancer, 37.7 crore people have been screened, and 2.5 lakh people have been found with oral cancer.
11:18Breast cancer, we have screened 17.7 crore ladies, जिसमें से 91,000 have been found to be breast cancer.
11:29मतला इनको बैचारियों को पता ही नहीं चलना था, 91,000 were found to have breast cancer.
11:35उसी तरीके से, Cervix Cancer, 9.8 crore women have been screened,
11:40and 1 lakh have been diagnosed as cervix cancer patients, and treatment has started.
11:47तो यह जब हम बात करते हैं, service delivery की,
11:51तो service delivery में किस तरीके से इंडिया ने पिछले 10 सालों में,
11:55प्रधान मंत्री मोधी जी के नेतुतु में, किस तरीके से हम नीचे तक पहुँचे हैं,
11:59और यह काम, this is all digitized, और यह रुकने वाला नहीं है,
12:03यह एक समय में 100 crores प्लस जाएगा, जहां हम 30 crores, 30 years के उपर के लोगों की screening
12:11करेंगे,
12:12और बारम बारम screen करेंगे, इस तरीके का हमने काम किया है,
12:15जहां तक workforce का सवाल है, तो हम जानते ही हैं, कि अगर हम tertiary healthcare की बात करें,
12:24एक तो हमने आईश्मा नारोगे मंदिर में 1.86, आईश्मा नारोगे मंदिर तो खड़े किये किये,
12:29लेकिन अगर हम workforce की बात करें, तो All Indians of Medical Sciences जहां एक होता था,
12:34आज 23 All Indians of Medical Sciences है, जहां हमारे पास 387 Medical Colleges थे,
12:42वहां आज 863 Medical Colleges हैं, हमारे post-graduation की, अंडर्ग्राज़ोशन की seats तो 51,000 थी,
12:51वह आज 1,40,000, 43,000 Medical Seats हो गई हैं, उसी तरीके से हमारी PG Seats जो 31
12:58,000 थी,
12:59वो 86,000 हो गई हैं, और प्रधान मंत्री जी ने आपको target दिया है कि by 2029,
13:04we should additionally add 75,000 UG PG Seats, and I'm on the track,
13:11we have now increased to 45,000 in the past two years,
13:16और हम track पर हैं, हम 75,000 seats बढ़ाएंगे, और quality medical education देंगे, इस तरीके का हम काम
13:22करें।
13:23अच्छा, Government of India, Ministry of Health, सिर्फ, लिप सर्विस नहीं कर रही हैं।
13:28हमने 10,000 seats के लिए, पर seat, 1.5 crore रुपे देने का तै किया है,
13:3415,000 crore rupees have been allocated only for these PG seats,
13:39जहां हम 10,000 seats को हम UG और PG को जोड़ेंगे, इस तरीके से हम काम कर रहे हैं।
13:46जहां तक Health Information Systems का सवाल है, यह बहुत ही essential part है,
13:53अगर हमको essential, efficient और accessible health care बनाना है,
13:57modernize बनाना है, digitize बनाना है,
13:59और इसके लिए हम लोगों ने आयुश्मान भारत digital mission शुरू किया है,
14:04और इस आयुश्मान भारत digital mission में,
14:07हमने आभा कार्ड शुरू किया है,
14:09आभा is, आयुश्मान भारत health accounts,
14:13every individual will have a card,
14:16and you will be happy to note,
14:18आपको जान करके खुशी होगी,
14:20कि लगबग 98 crores,
14:23आभा कार्ड शुरू के साथ जोड़ने के लिए,
14:30123 crores have been linked with the health records,
14:36यानि आप अपने health records,
14:38अपने health accounts में,
14:39अब आपको carry करने की जूरूत नहीं है,
14:41आप उसको लेकर के जा सकते हैं,
14:43अपने आभा कार्ड को,
14:45आप डाक्टर को दे सकते हैं,
14:46एक्सेस को करेगा,
14:48confidentiality maintained रहेगी,
14:49और वो एक्सेस करके जान सकेगा,
14:52कि आपने कहां कहां क्या क्या इलाज कराया है,
14:54तो this is how we are digitizing,
14:55and we are trying to go forward,
14:57और इस तरीके से हम health information systems में,
15:01और इतना ही नहीं,
15:02हम confidentiality maintain करके,
15:05research में किस तरीके से ये data use हो सके,
15:08इसका भी हम लोगों ने प्रावधान किया है,
15:10और health management information system के तहद,
15:13HMIS के तहद,
15:14इस काम को भी हम आगे बढ़ा रहे हैं,
15:16मैंने यूविन के बारे में आपको बताया,
15:19कि हम लोगों ने digitize किया है,
15:23तो digitize करने से हमको सब का health record मालूम है,
15:26कि किसको कुछने vaccinations लग चुके हैं,
15:29किस बच्चे को कौन सा vaccination भी लगना बाकी है,
15:32और उसकी मदर को alert कब भेजने की जुरूत है,
15:35यह सब हम उसके माध्यम से कर सकते हैं,
15:37और हम उसके तहद यह gaps को हम identify कर सकते हैं,
15:41इस तरीके का हम जो digitize system के तहद हम काब कर रहे हैं,
15:47real time हम reporting कर सकते हैं,
15:49इसका हम लोगों ने इंतजाम किया है,
15:52जहां तक vaccines का सवाल है,
15:54हम लोगों ने mission इंदर धनुष में जैसे मैंने बताया,
15:58कि 12 तरीके के preventable diseases के लिए,
16:0211 तरीके की vaccination and 26 doses हम 16 years के अंदर देने का काम कर रहे हैं,
16:09तो mission इंदर धनुष में हम healthy child किस तरीके से आगे बढ़ सके,
16:14इस बात को हम प्रयास कर रहे हैं,
16:16यह हम लोगों ने उसको आगे बढ़ाया है,
16:18और अगर हम affordable की बात करें,
16:22तो चाहे वो Amrit हमारी pharmacies है,
16:24288 pharmacies हमारी हैं,
16:27जिसको हम कहते है affordable medicine and reliable implant treatment,
16:31Amrit,
16:32यहां हम 50% discount पर,
16:34हम लगभग 6,500 drugs हम दे रहे हैं,
16:40और implants दोनों मिला करके,
16:43और लगभग 1.2 crore patients,
16:46because it is digitized,
16:48तो इसलिए हम जानते हैं,
16:49कि 8.2 crore people have been benefited,
16:52and 11,120 crore की savings,
16:56इंडिविजुल्स को हुई है,
16:57इस बात को हम लोग ने किया है,
16:59जन और शदी के तद हमने 80%
17:01cheaper और branded medicine को,
17:04हम 2,100 outlets के तहद दे दे रहे हैं,
17:08और 45,000 crore की बचत,
17:13लगभग patients को हुई है,
17:14इस तरीके का हम काम कर रहे हैं,
17:16हमने पहले आपको बताया कि,
17:19universal immunization का जहां तक सवाल है,
17:22वो world's का largest immunization program है,
17:25और उसी के साथ साथ अगर हम बात करें,
17:29तो COVID के दौरान,
17:31220 crore vaccines with booster,
17:35यह हम लोगों ने लगाया,
17:379 months के अंदर,
17:38indigenous vaccine,
17:40एक नहीं, दो,
17:41यहां पर produce हुई,
17:43और लगबख 100 countries को,
17:45हम लोगों ने vaccines,
17:47vaccine metric के तहद,
17:48देने का काम किया है,
17:50तो इस तरीके से,
17:51और मैं यहां पर यह भी आपको बताना चाहूँगा,
17:54कि यह जो,
17:58यूविन है,
17:59इसमें लगबख 20 crore,
18:01लोगों का track किया गया है,
18:04माताओं का और बच्चों का,
18:05इस तरीके से हम काम कर रहे हैं,
18:07जहां तक health financing का सवाल है,
18:11चाहे प्रधान मंतरी dialysis योजना हो,
18:14फिर चाहे वो आईशमान भारत हो,
18:16आप सब को मालूम है,
18:17आईशमान भारत is the world's largest health coverage program,
18:23जिसमें हम health coverage कर रहे हैं,
18:26और आईशमान भारत में पांच लाख रुपए का,
18:30तो हम health coverage दही रहे हैं,
18:32लगबग 61 करोर लोगों को,
18:34और 70 years से उपर के लोग,
18:36इरिस्पेक्टिव औफ कास्ट,
18:37क्रीड,
18:38सेक्स,
18:40और इरिस्पेक्टिव औफ
18:41financial income,
18:43everybody,
18:44till he or she breeds last,
18:46तब तक हम उसको पांच लाख रुपए का health coverage दे रहे हैं,
18:50which is the world's largest health coverage program,
18:53और dialysis का program हमने आपको बताया,
18:57अमरित आपको बताया,
18:58जन औशदी आपको बताई,
19:00इन सब के कारण,
19:01आज out of pocket expenditure,
19:03वो हमारा 63% जो हम खर्च करते थे,
19:06हमारे जेब से जो खर्च होता था,
19:08वो आज 44% पर आकर के,
19:1143% पर आकर के रुख गया है,
19:13इस तरीके से हम काम कर रहे हैं,
19:15और एक holistic approach में,
19:17health को देखने का नजरिया हम लोगों ने रखा है,
19:22हमने आपको एक macro level पर picture दिखाने का प्रयास किया है,
19:26क्योंकि जब हम 1.4 billion 140 करोर देशवासियों को address करने की बात करते हैं,
19:32तो उसमें हमको health systems को कैसे मजबूत करना है,
19:35ये बहुत महत्तोपूर्ण विशह है,
19:37एक हमारा ज़रूर एक handicap होता है,
19:40health is a state subject,
19:41इसलिए we have to get it done through states,
19:44now states differ culturally also,
19:50administratively also,
19:51और कई states अच्छा respond करती है,
19:54कई states अच्छा respond नहीं कर पाती है,
19:57हमको उस पर special prices देना पड़ता है,
20:00लेकिन हमारा प्रयास है,
20:02कि हम cooperative federalism के तहन हम सब को साथ लेकर के चले,
20:07और सब को health के parameters पर ठीक धंग से उतारे,
20:10financial support, technical support,
20:13ये सारी चीज़ें देने का input देने का हमारा काम है,
20:16बहुत सी चीज़ों में हम lead लेते हैं,
20:19जो काम states नहीं कर सकती हैं,
20:21उनको हम अपने उपर लेते हैं,
20:23जैसे मैंने आपको कहा,
20:24प्रधान मंतरी dialysis योजना,
20:26we can't afford that,
20:28because एक गरीब आदमी dialysis नहीं करा सकता है,
20:31तो हम states के उपर छोड़ दे,
20:33वो हम अपने उपर जिम्मेवारी लेते हैं,
20:35we can't afford,
20:36और मैं तो कही वारे इस बात को कहता हूं,
20:39आईश्मान भारत का कितना फर्क पड़ा है,
20:42आज Lancet कहता है,
20:44कि the day a patient is detected with cancer,
20:49within 90% of the patients get treatment within one month,
20:54and this is because of आईश्मान भारत that we have to understand,
20:58एक समय था, मैं 1993 में MLA बन गया था,
21:03तो 1993 में हमारे पास लोग आते थे,
21:07नड़ा जी, इसका बाइपास होना है,
21:10ये गरीब है, इसको एक लाख रुपे चाहिए,
21:13ये नहीं इंतिजाम कर सकता है,
21:15मैं मुख्यमंत्री के पास जाता था,
21:17application लेकर के,
21:19मुख्यमंत्री बोलते थे,
21:19मैं कितना दूँगा, चलो मैं पचास हजार दे देता हूँ,
21:22हम पचास हजार उन से लेते थे,
21:24पचास हजार में कठा करते थे,
21:26किसी को cancer हो जाता था,
21:28तो बुजर्ग बोलता था,
21:29मेरा इलाज छोड़ो,
21:30मेरे चक्कर में कहीं,
21:32तुम बच्चों का भविशे नहीं खराब कर देना,
21:34गरीब आदमी की ये सिती थी,
21:36मकान भिग जाता था,
21:37जमीन भिग जाती थी,
21:39आज,
21:40एवरी इंडिविजूल हाज बिन इंपावर्ड,
21:44और 61 करोड लोग,
21:46और जिसमें से,
21:4770 साल से उपर के सब लोग,
21:49जब तक वो जीवन के अंतिम सांस नहीं लेंगे,
21:52तब तक उनके 5 लाख रुपए की विरस्ता हर साल भारत सरकार कर रही है,
21:57इस तरीके से हम लोगों ने आईशमान भारत के तहद परिवरत नाना चाहा है,
22:02हेल्थ के दिश्टी से,
22:03तो एक होलिस्टीक अप्रोच के तहद हम लोगों ने प्रियास किया है,
22:07मैंने आपके सामने कुछ बिंदू रखे हैं,
22:10हेल्थ कोई 15-20 मिनट में समझा दिया जाए,
22:14ये बड़ा मुश्किल होता है,
22:16लेकिन हमने इसके ब्रॉड कॉंटूर्स को टच करने का प्रियास किया है,
22:23और कोशिश किये कि हम किस तरीके से हेल्थ सर्विसेज को आप तक पहुँचा सकें,
22:28और एक मजबूत भारत बनाने में हेल्दी इंडिया होना आवश्क है,
22:34उसके तरफ हम कदम बढ़ा रहे हैं,
22:36आप सबसे भी मेरा एक निवेदन जरूर अंत में मैं परसनल तौर पर करना चाहूंगा,
22:42कि समस्या न करने में ही समाधान है,
22:46इसलिए समस्या न करें और अपने उपर ध्यान रखें और अपने शरीर को पहचानें,
22:53डोंट अब्यूस यूर बॉड़ी, डोंट टेक इट फॉर ग्रांटेड, आखिर सिस्टम्स है, शरीर है, मशीन है, इसकी भी मेंटेनन्स की
23:07आवशक्ता होती है,
23:08इसलिए मैं आप सबसे एक ज़रूर निवेदन करूँगा, कि आप सब लोग, यहां मैं देख रहा हूँ कि यंगर जेनरेशन
23:15यहां बैठी है और यंग्स्टर्स बहुत हैं, आप सबसे मैं एक निवेदन करूँगा,
23:21हेल्दी लाइफस्टाइल डेवलब कीजे, हेल्दी हैबिट्स डेवलब कीजे, एक वार गलत हैबिट पढ़ जाती है, फिर उसके बाद मैंने देखा
23:29है, कि लोग उसके बहाने ही ढूंते रहते हैं, कि अपने हैबिट्स को जस्टिफाई करने के लिए, और सारी उमर
23:36निकल
23:49आप सब लोग हेल्दी रहें, इनी शब्दों के साथ, बहुत बहुत बहुत धन्यवाद आपका, इतने साफगोई और मदूर भाशी मंतरी
23:59हैं, कि पूछिय मत अंत में उनों कह दिया कि क्या क्या तरीके लोगों को मतलब आपने जनता को टास्क
24:04पे लगा दिया, सही है माइ
24:18बीमारी से डर नहीं लगता, सहब, बीमारी के खर्च से डर लगता है, तो कोशिशे सरकार कर रहे हैं आयुष्मान
24:25भायरत के जरीया, आपने भी बताया कि कैसे आप लोग महनत कर रहे हैं, स्क्रीनिंग तक कर रहे हैं, लेकिन
24:30जो स्वास्त नी थी, राश्ट्रे स्वास्त �
24:35वो कह रहे थी कि हम धाई पसेंट तक एक्सपेंडिचर बढ़ाएंगे, जो जीडीप का, जीडीप का धाई पसेंट हम स्वास्त
24:42पर खर्च करेंगे, लेकिन अगर जो आंकडे मुझे आखरी मिले वो 1.3 पसेंट था, तो यहीं से शुरुआत करते
24:48हैं, क्योंकि आपका मतल
25:04मुझे जी को, हेल्थ पर खर्च करने में कोई गुरेज नहीं है, कोई कुता ही नहीं है, हम हेल्थ पर
25:14जितनी आवशक्ता है उतना हम खर्च करने के लिए तेया है, हमारी दिक्कत क्या है, हमारी दिक्कत है कि स्पेंडिंग
25:25की केपैसिटी नहीं है, और इसलिए हम केपैसि�
25:30बिल्डिंग कर रहे हैं, मैं आपको
25:32दो आकड़े देता हूँ, फिफ्टींद
25:34फाइनेंस कमिशन में,
25:35जो हमने हेल्थ को दिया,
25:38वो स्टेट्स नहीं खर्च कर पाई,
25:41जो हमने आईश्मान भारत
25:44हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर
25:46मिशन में चौंसट हजार करोड रुपए दिये,
25:49लोग फिफ्टी परसंट भी धी खर्च कर पाएं,
25:54कोई बिल्डिंग टेंडर में फसी है,
25:57मैं फिल्ड की रिपोर्ट की बात,
25:58राज्यों की बात कर,
26:00राज्यों को ही देना होता है, हम तो उन्हीं को देते हैं,
26:02उन्हीं के थुरु खर्च करते हैं,
26:03तो यह दो एक्जाम्पल से ही मैं आपको बताता हूं,
26:06वी हव टू डेवलब कि उनकी कपैसिटी इंक्रीज हो,
26:11वो उसको खर्च कर सके,
26:14क्योंकि हेल्फ इंक्रस्ट्रुक्चर मिशन में 2021 में प्रधान मंत्री मोदी जी ने 64,000 क्रोड रुपीज दिये,
26:22आज 2026 हो गया,
26:25हमको यह स्कीम 2025 में समाफ्त करनी थी,
26:28मैंने अब इसको एक साल और एक्स्टेंड किया,
26:30कि भाया खर्च करो,
26:33इसको तुम कंप्लीट करो,
26:35और 15th Finance Commission को तो हम नहीं कर सकते थो,
26:37तो 16th Finance Commission आ गया,
26:39लेकिन पीपल वोड़ नॉट स्पेंड दी मनी,
26:42तो इसलिए यह एक गलत सोच आ जाती है,
26:46कि हमें स्पेंड करने में कोई दिक्कत दिकत नहीं हो रही है,
26:50हम तयार हैं स्पेंड करने के लिए आप उसको स्पेंड करने की केप्रसिटी बनाईए,
26:54तो दी तो वेस्ट जाता है,
26:56तो इसलिए हम तयार हैं 1.3 के आम 2.5 तक जाएंगे,
27:00हमारे 2017 की पॉलिसी में एनिशियेटेट है,
27:04कि we have to go towards till 2.5% और हम उसके लिए तयार हैं।
27:09सर अगला सवाल चुकिए आपने भी एम्स के विस्तार की बात की कि अब कई राजियों में कई जगों पर
27:13खुल गया है,
27:14तो अगला सवाल मेरा उसी से है, क्योंकि अब जो एक सेंट्रलाइज सिस्टम हम देखते थे अब
27:19सीट्स भी जादा आन्ने मेडिकल कॉलेज़ में देश में बढ़ रही हैं। तो वो पुरी विवस्ता आप कैसे आगे ले
27:24जा रहे हैं।
27:25टियर टू, टियर थ्री सिटीज में उनको कैसे स्पेशलाइज केर में ले अपने खुद ही का कि सब सीरे दिल्ली
27:31पहुंच तो अभी भी चल रहा है।
27:33एम्स, दिल्ली ही सब के लिए डेस्टिनेशन है। वो यह कैसे यह वियावस्ता कैसे आप तीस से इसमें हम लोगों
27:49ने बहुत बहुत कदम उठाया है।
27:56और यह जो 157 मेडिकल कॉलजेज खोले है। यह हमने उन जगहों पर खोले जहां पर डिस्टिक्ट में कोई भी
28:07प्राइवेट और पॉब्लिक में गर्मेंट मेडिकल कॉलेज नहीं है।
28:11जैसे मैं आपको अधारन देता हूँ कि अब टियर टू ही है टियर थी सिटी है ना अपना फॉर बेटर
28:19अंडिस्टैंडिंग बिहार में सीवान अब सीवान मेडिकल कॉलेज खोला पुर्णिया पुर्णिया मेडिकल कॉलेज खोला अगर मैं जार्खंड की बात करूं
28:29तो �
28:30दुमका में कभी हम सोच नहीं सकते थी कि हम मेडिकल कॉलेज खोलेगी देवघर में अल इंडिया इंस्टोप मेडिकल साइंसेज
28:36खोला जो हम कभी सोच नहीं सकते थी कि देवघर में मेडिकल कॉलेज अल इंडिया इंस्टोप मेडिकल साइंसेज खोलेगा उसी
28:42तरीके से �
28:44वह हम पर एक ऐनुड़ क्वलेज खोला इसका अंतर क्या पड़ेगा जब एक
28:48मेडिकल कॉलेज आता है तो मेडिकल कॉलेज के साथ साथ तो हनड़ेट सीट साती हैं
28:53हनड़ेट नर्सिंग सीट साती और इसी के साथ साथ 30 to 40 PG सीट साती तो यह
29:02टेर टू सिटीज ही हैं, टेर फ्री सिटीज ही हैं, जहां आज जब मेडिकल कॉलेज कुलेगा, तो स्पेशलिस्ट सिस वहाँ
29:09पर पहुचेंगे, और वहाँ पर हम वो वेवस्था दे सकेंगे.
29:12लेकिन मैं अभी भी वापस सवाल पर जा रही हैं, स्पेशलाइज ट्रीटमेंट, क्योंकि मैंने एक बार जानकारी हासिल की, कॉक्लियर
29:19इंप्लांट की एक सरजरी के लिए बच्चों को महीनों का इंतजार करना पड़ता है, जो सुविधा एम्स दिल्ली में है,
29:27वो अन्ने �
29:27एम्स में शायद अभी नहीं पहुँच पाई, यह आप कैसे सुनिष्ट करेंगे, कि टियर टू, टियर थी में एम्स तो
29:33खुल या, लेकिन उसको ऐसी एक सरजरी के लिए बच्चे को इतने महीने इंतजार ना करना पड़े, दिल्ली की रादना
29:38देखे, इसमें एक बात कह�
29:54पहुच्च पाई इक एक All India's of Medical Sciences था. अब मैं All India's of Medical Sciences के बारे में
29:59भी कहना चाहूँगा और Medical Colleges के बारे मी कहना चाहूँगा, मैं जब प्रदेश में स्वास्तमंतरी था, तो मैं मजाक
30:04में कहता था, एक फष्च कोहिश का नियर नहीं टीडिबान नहीं इंच्च को रिइ�
30:21में टेक्स टेनियर्स, फैकल्टी को डेवलब करना पड़ता है, दो दिन में फैकल्टी डेवलब नहीं होती है, आप पिछले दस
30:29वर्षों में तैईस All-Indians of Medical Sciences हुए हैं,
30:38फैकल्टी को भी एक अप्शन मिल रहा है, कि अगर हम All-Indians of Medical Sciences गुरकपुर में हैं, तो
30:48हमको दिल्ली में चांस मिल जाएं, अच्छा, दिल्ली में चांस मिल जाते हैं, फिर हम कैफेंस में पहुंझ जाएं, फिर
30:53हम जहजर में पहुंझ जाएं, तो वह भी आचा, हम रोक नही
30:56सकते हैं, तो यह अभी ट्रांजिशनल स्टेज है, स्टैब्लिश होने में, इत विल टेक, अगर टेल एवरीबड़ी, गुद इंस्टिउशन टेक्स
31:05नाइन तो तेन यह तो डेवलप इस ओन फाकल्टी इन इस ओन वेएं, और आफ तो सी तो आएगा जरू,
31:12और हम जही कहें
31:25पर चोटी सी cataract surgery, या कोई भी लेंस का काम है, वो कहते हैं कि इसके लिए तो आठ
31:31हजार ही हम देंगे, जब कि वो कहते हैं कि इसका थीजार खर्चाएगा, तो कई जगा प्राइवेट हॉस्पितल्स जो है,
31:35वो आयुषमान भारत में कितना का रिंबस्मेंट होगा, इसको
31:39लेकर वो पेज पेज़ कर रहे हैं, या या फिर वो उस कार्ड को अक्सेप्टी नही कई जगों पे कर
31:43रहे हैं, यह चालेंज आप लो कैसे दूर करें इसके लिए हम लोगों ने बहुत अच्छा सिस्टम डेवलब किया है,
31:50स्टेट्स में और डिस्टिक्स में ग्रांसिस कम
32:05समधान हो जाएगा लेकिन एक महीने के अंदर उसको इसका इसकी में से हम उत्तर देने का प्रेयास करेंगे
32:13अब मैं आना चाहती हूं सीधा कैंसर के ड्रग्स पर और वो इसलिए क्योंकि आज ही सुभा की ये खबर
32:17है कि NPP यानि नाशल प्राइसे फार्मसूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने कैंसर की जो गंभीर दवाईयां थी उनकी कीमतों में 90
32:24से 93 फीजदी की गिरावट की है
32:26लेकिन होता क्या है सुप्रीम कोट की कल या परसों की सुनवाई थी जिसमें 11,000 का कैंसर की जो
32:34दवाती इंजेक्शन था वो एक लाग 30,000 रुपे में अस्पताल दे रहा था ये कैसे रुकेगा और कोट ने
32:41सुप्रीम कोट ने स्वास्तमंचाने से पुछा है
32:43बहुत सी दवाईयों के बारे में हम शेडूल मेला रहे हैं बहुत सी दवाईयों को जो नॉन शेडूल डग्स है
32:49उनको भी हम कैपिंग कर रहे हैं लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि भारत सरकार ने अमरित में ब्रांड़ेड
32:56मेडिसिन 50 परसेंट कम पर हमने देने का जो �
33:01किया है जिसमें मैंने आपको बताया कि लगभग अब मुझे आकरे याद नहीं रहे लेकिन टू थाउजन प्लस क्रोड रुपीज
33:09का फाइदा आम बजट आम लोगों को हुआ है जो नौशदी है 21,000 आउटलेट्स हैं सारे कैंसर के ड्रग्स
33:17मिलते हैं 80% कम पर मिलते हैं उ
33:23जहां तक इनकी सवाल है प्राइवेट हॉस्पिटल्स के बारे में हम लोगों ने मॉडल कोड अफ कंड़ ट्रीटमेंट के बारे
33:32में हम लोगों ने एक्ट बनाया हुआ है स्टेट्स हब टू एढ़र करेंगे तो इसमें भी फाइदा होगा हम अपने
33:40तरफ से प्रयास रहत
33:53वो इंफरास्ट्रक्चर और अवेरनेस आपने भी लास में यही का कि भई खुद से सब को यह करना पड़ेगा और
33:59असल ट्रीटमेंट तो वही है कि आप कैसे उसको रोग पाएं प्रिवेंशन उसके लिए सरकार क्या करें यह सबसे ज़ादा
34:04तो बहां पर कदम उठाने की �
34:06तो प्रधानमंत्री ने कहा कि आप अपना जो खाना खाते है उसमें तेल घटाईये तो यह जो पूरी स्ट्राटेजी है
34:12अवेरनेस वाली वो आप कैसे बता है वो मैंने कहा ना आईश्मान आरोग्य मंदिर में 1.4 बिलियन पीपल के
34:19लिए that is the first contact point और एक करोड़ चासी ला
34:36चेक अप करा लो डाइबटीज को चेक अप करा लो हाइपर टेंशन को चेक अप करा लो जरा मू दिखा
34:42लो और वहां कम्मुनिटी हेल्थ ओफिसर और मैंने आपको आकड़े वी दिये 44 क्रोर पीपल बिन स्क्रीन और उसमें से
34:49जिन जिन को जो जो बीमारियां थी वो भी मै
34:53बिसिकली हमको हेल्थ पर एक अच्छा अच्छी चर्चा हो इसकी हमको तैयारी करनी पड़ेगी हम अपने तरफ से हेल्थ इंस्टिटूशन
35:04के तरफ लोग प्रेरित हों और वो जाने से डरे नहीं अभी क्या होता है कि लोग समझते हैं कि
35:12अवाइड करो जितना अवाइड ह
35:24हमको डर्ना नहीं चाहिए हमको अपने आपको इलाज कराना चाहिए और समय पर पहुंचना चाहिए और इसके आप जानकार नहीं
35:34हो इसका जानकार तो डॉक्टरी है तो वाइड यू शाय फ्रॉप्टर आपको कोई प्रॉब्लम है बोड़ी में आपको कुछ दिख
35:46रहा है
35:47सम्थिंग रॉंग इस गॉइंग ऑन गेट यूरसल चेक्ट और आपका कॉंफिडेंस लेवल भी बढ़ेगा तो मैं और हम लोगों ने
35:55इसके लिए व्यवस्था ये की है कि हम प्रधानों को कह रहा है कि भई तीस साल से उबर के
36:00सा जितने लोग हैं उपर उसब को आप हेल्
36:05जादो बाकी फिर हम देखेंगे तो यही है उसका तरीका कुछ लोग हेल्थ कॉंशिस होते हैं कुछ नहीं होते हैं
36:12हमारे ही समाज में होते हैं वो कहते हैं कि जब तक हमने फलाने की चाट नहीं खाई तब तक
36:20शाम शाम नहीं हुई तो ऐसे लोग भी हैं अब आप जाहिए
36:27आपको पता चल जाएगा, कि लोगों को कितना प्यार है, तो मैं उनको देखता हूं, तो मुझे कहता हूं, यह
36:35मेरे उपर ही आप अटाने वाली है, बाकी तो ठीक है, और क्या कहसे है?
36:39मैंने सचा कि आपका मोभंग कैसे हुआ वो आप बताएं, क्योंकि हम लोगों ने आपका वो फेस भी देखा यह
36:44पेस भी देख रहे हैं, जहां आपने परस्नली भी, यू अपने पर्स्नली भी यू श्लाष्ट आउन और इटिंग हाबिट्स, एक्ट्रा
36:51जो आपका था, आप
36:52सब एकदम अतिरिक टाइब की चीज़े क्या किया है? नहीं, एक तो अंडेस्टैंडिंग होनी चाहिए कि क्या खाने से तकलीफ
37:02बढ़ती है और क्या खाने से तकलीफ नहीं होती है, फिर उसके प्रती आपको अवेर्मेस जब हो जाती है, तो
37:10अपने आप ही आपका मन धीरे
37:12और अगर आपको बहुत इच्छा हो रही है, तो माइंडफुल इटिंग कीज़ेगा, तो कम खाईएगा, और उन सब चीज़ों को
37:19आप अवाइड करियेगा, तो जादा अच्छा रहेगा, हम लोग ऐसे यूग में जी रहे हैं, जब ऐसे रील करके, ये
37:23तीन चीज़ें छो
37:47अपने डिटेशन तो फ़ॉट नहीं कर सकता है, तो उसके लिए कुछ किया जाए?
37:57लेकिन चीनी की कोई आवशकता नहीं है,
38:00आप बिना चीनी के रह सकते हैं,
38:03तो उसको आप अवाइड करें.
38:06नहींन लें हिंज
38:08वैट लेगें पर तो ईयादा अच्छा है।
38:19और वैसे तो अगर आप भाईज़ेटेबल्स कहें,
38:23दो आब अच्छा है।
38:24सबसे अच्छा हैं जितना आप अवाइड करें और शाम को छे वजे के बाद भोजन को गुडबाय कह दें तो
38:31सबसे अच्छा हैं तो यह सब चीज़े बटिट इस a matter of habit एक दिन में तो आती नहीं है
38:36जैसे आपने डाइट प्लाइन बनाना शुरू कहें सारे वीडियो ओन हो गए मुबाइल के सारे बच्छों ने का आज से
38:42यही करना है और खूब खाये खाने में कोई कमी न करें लेकिन क्या खाये यह बहुत बहुत बहुत और
38:49फिजिकल एक्सरसाइज बिल्कुल फिजिकल एक
38:57आजनीती के सेहत पर जरा आपके साथ आना चोगी क्योंकि जेपी नदा जी है और कहते हैं कि जो बीजेपी
39:02का एक बार अध्यक्ष रह गया उसके अंदर वो फिलिग और एमोशन हमेशा रहती और आपके अंदर भी रहती है
39:08लेकिन आज भी हम लोग कई जगों से सर तस्वी
39:25अभी भी जो मुझे लगता है कई जगों पर अस्पतालों में जाएगे तो आपका दिल दहल जाता है मतलब जिसको
39:30कहते हैं वाल्यू ओफ लाइफ और जो रिस्पेक्ट फो लाइफ है आप देखते हैं कॉरिडॉर में लोग बैठे हुए है
39:35ये व्यवस्था कैसे बदलेग
39:49देखे दो बाते हैं पहली बात तो ये है कि इल न्यूस ट्रावल्स फास्टर इसलिए कोई गरबड़ी होती है तो
40:00उसकी चर्चा बहुत होती है एक डॉक्टर से पेशेंट थोड़ा सा कोई कोई गलती हो जाए तो वो आल इंडिया
40:10न्यूस होती है लेकिन उसने लाखों प
40:13पचाया है ये न्यूस नहीं होती है ये हमको पहला समझना पड़ेगा वरी गुड़ वर्क इस बिंग डन यूसी 1
40:22.4 बिलियन पीपल को सम्हालना ये असान काम नहीं है उनकी हेल्थ की चिंता करना उसके बाद ये जो मैने
40:29पैरामिटर्स आपके सामने रखे ये छोटी घट
40:43है और सोचल मीडिया का जबाना है नोट आप ये जिस्टिफाइगा ये इसके लिए स्टेट्स की के बढ़ाना उनकी सेंसिटिविटी
40:54को बढ़ाना उनकी वर्क्शॉप्स कराना ये इस ए कंटिनिवस प्रोसेस लेकिन हर क्षेत्र में कुछ एथिकल कुछ अने थिकल लोग
41:13हम जस्टिफाइग नहीं करते हमें इस पर ध्यान देना चाहिए और हम वारी कोशिश रहती हैं श्ते चेस के साथ
41:19हम बेस प्रैक्टिस को शेयर करते हैं साल में हम एक वार मिलते हैं जहां हम सारे स्टेट्स को एक
41:28प्लाट्फॉर्म पर लाकर के उनके जो उनकी जो कमिया है �
41:32वो भी बताते हैं, हर स्टेट को अलग-अलग वीडियो कॉन्फरेंसिंग करता हूं है,
41:37अब अट माइ लेवल, तो आइकें असेंसिटाइज माइ हेल्थ मिनिस्टर,
41:43माइ स्टेट हेल्थ मिनिस्टर, माइ डिरेक्टरेट अफ दे स्टेट,
41:47रेस्ट आफ तो तो तो दिकत तो आती है और इन सारी चीजों को करने में लेकिन फिर भी बहुत
41:56काम हो रहा है,
41:57उसकी चर्चा नहीं होती है, वो भी, और वो सभाविक है, मैं इसको कोई गलत नहीं मानता हूं,
42:05जो चीज हो रहा होता है, वो अच्छी हो रही होती है, वो तो ठीक है, आपने ये तो कर
42:09दिया, ये नहीं हुआ, तो वो महत्वपून बन जाता है,
42:13लेकिन हाँ, there is a scope of improvement, and we are sensitive towards it.
42:17बिल्कुर, अब जड़ा स्वास्थ पर आते हैं सरकार की, हालिया, आंदोलनों और राहुल गांधी की ललकार के बीच, बतोर स्वास्थ
42:28मंत्री ही सही, सरकार की सेहत कैसी है?
42:31सरकार की बहुत अच्छी सहत है, प्रदान मंत्री मोदी जी के नेतरतों में देश बहुत तेवर जी से आगे बढ़
42:38रहा है, मैंने पार्लेमेंट में ओन रिकॉर्ड कहा है, कि विपक्ष को अगर ओपोजिशन करना है, तो हम 40 साल
42:50विपक्ष में रहे हैं, हम से टूशन ले �
42:54हम उनको बता देंगे, आज उनका जो विपक्ष का हाल है, वो हास्यासपद है, और रेली फिल पिटी फॉर दें,
43:09किस कहां पहुंच गए, सड़क पर, सड़क पर तो है ही, लेकिन विचार से भी सड़क वाले हो गए, अब
43:20खरगे जी ने, जो मोदी जी पर
43:23कहा, इसके बाद क्या रह गया, I feel ashamed, that Indian National Congress, National
43:31President, using such type of words, कहां तक कंडेम करूं, और सबसे बड़ी बात, मांसिक दीवालिये पन की,
43:43Congress Party justify कर रही है, कहां पहुंच गे तुम, where have you reached,
43:51तो पिटी नहीं करेंगे, तो और क्या करेंगे, भाषा की मर्यादा तो अपनी जगह पर है, लेकिन विपक्ष क्या पेपर
43:57लीक के मुद्दे से लेकर आज अगर वो बोट चोरी के मुद्दे पर सडकों पर उतरे हैं, और सरकार के
44:03खिलाफ आंदोलन एक के बाद एक कर रहे
44:18यह ऐसे विपक्ष का नेताब, ओपोजिशन पार्टी, ग्रूब, देश की ओपोजिशन पार्टी इस तरीके से बिहेव करती है, सडकों में
44:29फैसला होगा, कल का नतीजा देख लिया बैलेट पेपर का, क्या निकला, कौन सा जवाब निकला, यह लोग, मैं फिर
44:41कहता हूँ,
44:42मैं इमानदारी से बुल रहा हूँ, देखिए, इनको ट्यूशन लेना पड़ेगा उपोजिशन के लिए, मैं तयार हूँ, और मैंने तो
44:50यहां तक कहा, पार्लेमेंट में अन रिकॉर्ड कहा है, कि स्किल डेवलेप्मेंट में कोर्स चला दो, यह कम सिकाम अपनी
45:07स्किलिंग
45:11तब तक उपोजिशन किस बात का, क्या कर पाओ गए, यहां नौट बेन इस्टाबलिश, यहां नौट बेन अबल तो इस्टाबलिश
45:18इन लास्टन यहां थे वोन क्रेडिबिलिटी, आज 470 प्लस देज हो गए हैं, जब उसने करनाटक में कौन सा जगा
45:31था, महादेवपुर
45:33उसमें उन्होंने चैलेंज किया कि एक लाख वोट गलत है, आज 470 डेज हो गए हैं, एक भी एक भी
45:43एक भी इलेक्शन कमिशन को आपने ओन ओथ कंप्लेंट नहीं दी है, महराष्ट्र में, हर्याना में, हर जगा, यह क्या
45:52है पत्थर बारो और भाग जाओ, यह तो हम लोग
45:55प्रिंसिपल के साथ करते थे ऑ कॉलज में, इंवरस्टी में, यह तो हम लोग जाओ करने है, जगा, टालेशन करते
46:09हैं, इस दिए नहीं दू लेक्शन कमिशन क मिशन के लुट किया थाओ, जगा भी टिरिधाना में, हर बाग जगा
46:13हैं, आपके लगाओ, नहीं अन्य का पर्
46:26सुप्रीम कोर्ट में जलूस के साथ जाते हो, क्या हो गया है तुपारा?
46:31कैसी सिती बन गई है? मती भंग है?
46:34जलिए अब यह जनता पर छोड़ते हैं कि वह किसका साथ देते हैं?
46:38जनता ने कल भी हमारे ही साथ दिया है.
46:41तो जा कर आप भी ने लाइजनिंग किती,
46:43सब्सक्राइब के नेताओं से आप ही ने बातचीत की ती.
46:45लेकिन कुल मिलाकर स्वास्त के क्षेत्र के ही एक सवाल के साथ अंत करूंगी इस पूरे सेशन का.
46:50मुझे लगता है आप जितने बच्चे हैं वो अपना मुबाईल बनाकर रील की तयारी कर सकते हैं.
46:56पीम से भी आपकी चर्चा होती होगी, आपका खुद का है.
46:59स्वास्त से रिलेटेड क्या सजेशन है, लोगों को क्या करना चाहिए?
47:03तीन ऐसी बातें आप बता दें, जिससे लगे कि ऑथेंटिक तरीके से ये करने पर,
47:07और ये सारे बच्चे बुबाईल उठा चुके तो इतनी रिले आपकी आपकी आज बन जाएंगी, कम से लिए से.
47:11जो उनको करना चाहिए.
47:13जिससे लिए स्वास्त के लिए सबसे पहले तो,
47:16अंडेस्टैंड यर ओन बोड़ी.
47:18पहली चीज तो ये है,
47:20हरे की बॉड़ी अपने तरीके से रियक्ट करती है,
47:24तो फिर्स्ट अवल यूशुड अंडेस्टैंड यर ओन बोड़ी,
47:26नमबर वन.
47:27नमबर तू यूशुड गो फोर रेगुलर एक्सरसाइज.
47:32एक्सरसाइज मेंस,
47:37इक्सरसाइज उतना ही करो जितना बॉड़ी ले सकती हो,
47:41कमफर्टेबली आप कर सकते हो,
47:43वो आपको एक्सरसाइज करनी चाहिए,
47:46और तीसरा है,
47:47कि फूड हैबिट्स में परिवर्तन लाइए,
47:49हव टेस्टी फूट,
47:51जितना खाना खाये,
47:52लेकिन healthy चीज़ खाये,
47:55और इतना मैं जरूर कहना चाहूंगा,
47:59mindful eating कीज़े,
48:01और शाम को सुरियास्त के बार,
48:04भोजन को avoid कीज़े,
48:06आपके लिए वो लाबकारी रहेगा,
48:08ऐसा मैं मानता हूँ.
48:10स्वास्त के ना,
48:11बहुत बहुत धन्यवाद आपका,
48:12स्वास्त मत्री जी आज तक के मंच पर आने के लिए,
48:15लेकिन आप मैं अपनी
48:16Vice Chairperson Kalipuri को सेज पर बुलाना चाहती हूँ,
48:21आप आईए, और Dr. Nene को भी सेज पर बुलाना चाहती हूँ,
48:23एक पुस्तक के विमोचन के लिए,
48:26आप दोनों का बहुत-बहुत स्वागत है यहाँ पर.
48:39किताब लेकर आते हैं और इसके विमोचन के लिए,
48:42आप Dr. Nene की किताब का विमोचन कर रहे हैं,
48:45स्वास्त मत्री जी तो तालियों के साथ आप नंदन कर दीजे.
48:56और सबसे अच्छी बात यह है कि 21 days to good health,
49:00पर ही अपसे कुछ seconds में Dr. Nene का यहाँ पर session होने वाला है,
49:04तो वहां से भी बहुत सारी स्वास की चीज़ें आपको बता चलेंगे.
49:08मैं जरूर कहूंगा कि इसको आप लोग सब कोई जरूर पढ़ें,
49:11और इसको आप जरूर अपने जीवन में उतारें, इसका आपको लाब मिलने वाला है.
49:18धन्यवाद, तालियों के साथ अभी नंदर.
49:20Thank you.
49:22लेकिन इससे पहले कि हम स्वास्तमंत्री जी को जाने दें,
49:28हमने एक बड़ी दिल्चस्प चीज इस बार की है सर हेल्स समिट में,
49:31और वो यह है कि देश की सेहत के लिए एक prescription लिखने का हर किसी को मौका मिलेगा.
49:37तो स्वास्तमंत्री जी आपको अब इधर आना है और यहां पर आप prescription लिखेंगे,
49:42जो बड़े screen पर भी दिखेगा कि वो क्या लिखते हैं,
49:45लेकिन यह है जेपी नडड़ा साहब का prescription जो आपको लिखना है,
49:51तो यह screen पर सर आ गया है,
49:53आज आपकी handwriting भी सब देखेंगे.
50:00आएगा सिल्ली.
50:42स्वस्त भारत, समर्थ भारत, विक्सित भारत और मुझे लगता है,
50:47आपके हस्ताक्षर भी डॉक्टर का हस्ताक्षर बहुत जरूरी होता है.
50:54तो तालियों के साथ बहुत बहुत अभिनंदन देश के स्वस्त मंत्री का,
50:57जिनका नारा जिनका prescription है,
50:59स्वस्त भारत, समर्थ भारत, विक्सित भारत.
51:02बहुत बहुत धन्यवा.