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एक साथ भागे 17 कैदी, रास्ता भटके, सब वापस जेल पहुंचे; देखें वारदात

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00:00नमस्कार मैं हूं शम्स का हर खान और आप देख रहे हैं वारदाद
00:03अगर किसी एक जेल से 7-17 कैदी फरार हो जाए तो इसे आप क्या कहिएगा
00:09पर अगर फरार होने के बाद 1-7-17 के 70 कैदी रास्ता ही भटक जाए
00:16तो फिर उसे आप क्या कहिएगा
00:17तमिलनाडू की एक जेल में कुछ ऐसा ही वाक्या हुआ है जो अजब भी है और गजब भी है
00:24एक जेल की सिल में एक साथ बंद सत्रह कैदी जेल स्टाफ को पीटते हुए जेल से बाहर भाग जाते
00:31हैं
00:31मगर बाहर जाते ही वो रास्ता भटक जाते हैं
00:34अब भटके हुए राही, वापस जेल ही तो लोटेंगे, सोने भी जेल लोटना पड़ा
00:46तमिल्लादू की राजधानी चन्नाई से करीब 500 किलो मेटर दूर, थेनी जिले में ये थिकम पट्टी जेल है
00:58इस जेल के बाहर इस वक्ट एक ड्रोन को उड़ाया जा रहा है, ये वही ड्रोन अब ड्रोन उड़ा है,
01:06तो तस्वीरें भी दिखेंगे, ये रही ड्रोन की अलग-अलग एंगिल से ली गए तस्वीर
01:14आसपास घने जंगल है, पहाड़ी है, और तब ही अचानक ड्रोन उन्ही रास्तों से जाते एक साथ कई लोगों को
01:23कैमरे में कैट कर लेता है
01:27ड्रोन का एक एंगल फिर बदलता है, अब जेल के गरीब आसपास के बाकी लागों पर उसकी नजरे है, तस्वीर
01:35में एक सुनसान सड़क दिखाई दे रही है, उस सड़क पर एक अकेला श्रक्स जाता हुआ नजर आता है
01:43इसी तरह बाकी तस्वीरें कुछ न कुछ ऐसा दिखा रही है, जने पुलिस देखना चाहती है, तभी एक आटो भी
01:50नजर आता है, पुलिस आटो की तरफ भागती है, और आटो में बैठे शक्स को इतना भी मौका नहीं देती
01:57कि वो उतर पाए, बलकि उसे पूरी इज़त स
02:00आटो समेत इसी ठिकम पट्टी जेल के दरवाजे तक ले आती है, और फिर आटो में बैठे शक्स को दरवाजे
02:09के अंदर कर दिया जाता है, ड्रोन से लैस तीन सो पुलिस वाले, सत्रह अलग अलग तीम, पुलिस की गारियां,
02:19नाके बंदी, यहां तक कि किरलम बॉर्डर त
02:30ताकि सत्रह ऐसे चेहरों को पहचाना जा सके, जिन्होंने तमिल नाडू के इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जेल ब्रेक की
02:38है, इन सत्रह लोगों ने एक ही रात में अचानक 31 साल पुरानी वो कहानी दोहरा दी, जिसने अपने दोर
02:46में सिर्फ तमिल नाडू ही नहीं, बलक
03:00जिन लोगों की आपको तस्वीरे दिखाए, वो सारे के सारे कैदी है, कतल समें अलग-अलग जुर्म में पकड़े गए
03:09वो विचारा धीन कैदी, जो पिछले कुछ वक्त से इसी ठिकम पट्टी जेल में बंद है, काइदे से तो इस
03:17जेल में कुल 334 कैदी बंद है, लेकिन �
03:21ये वो सत्रा कैदी थे जिनोंने एक साथ एक ही रात में, एक ही वक्त में, एक ही तरीके से
03:27जेल तोड़कर भागने की अनोकी साजश रचे, एक ऐसी साजश जिसकी भलक जेल स्टाफ को तो छोड़िये, जेल के अंदर
03:37उनके साथ बंद बाकी के 317 कैदियों तक को नहीं लग
03:49की है, सोंवार देर रात की, जेल में तमाम कैदी खाना खाने के बाद अपने अपने बैरक में लोट चुके
03:56थे, ज्यादातर सो भी चुके थे, लेकिन सत्रा ऐसे कैदी थे, जिनें पूरी रात जागना था, क्योंकि आज रात के
04:04लिए इनों कुछ खास प्लैन कर रखा था,
04:07यह सभी सत्रा के सत्रा कैदी, जेल के अंदर एक Soumyई की सेल एक साथ बन थे, साज़िश की शुरवात
04:15देर रात एक कैदी से हुई, इन ही सत्रा में सेुके कैदी को अचनक मिर्गी का दोरा पड़ा, इस कैदी
04:23को पहले भी एक दो बार मिर्गी का दोरा पढ़ चुका था, ल
04:37एक गाट बदत के लिए
04:38सिल का ताला खोलकर अंदर चलाया
04:41और यहीं उसना गलती करती
04:44गाट के अंदर आते ही
04:46सिल में बढ़ी के खिए उस पर
04:48हमला बोल देते हैं
04:49उसके सिर में चोट आती है
04:51इसके बाद अफ सभी سत्रह के सत्रह
04:53के दबे पाउ मेंगेट
04:55की तरह बढ़ते हैं उन्हें पता था कि मेंगेट पर रात को दो ही गाट की ड्यूटी होती है
05:02असल में इस जेल में कोई ऐसा होगार कैदी बंदी नहीं जिसकी वज़ा से जेल की सुरक्षा ज्यादा कड़ी की
05:09जाती है
05:10जेल के मेंगेट पर सिर्फ दो गाट और इधर एक साथ सत्रा कैदी तोड़ी देर में दोनों गाट पर भी
05:17हमला कर उन्हें बेदम कर सत्रा के सत्रा कैदी जेल की मेंगेट से बड़ी आसानी से बाहर निकल जाते हैं
05:27जेल के बाहर आते ही प्लैन यही था कि सब अपने अपने रास्ते निकल लेंगे पर इने पता ही नहीं
05:33था कि जेल से बाहर निकलना तो इतना मुष्किल नहीं था
05:37लेकिन जेल के बाहर आने के बाद अपनी मन्जिल तक पहुँचना कहीं ज्यादा मुश्किल था
05:43खने जंगल छाडिया गाओं की तरफ जाने वाली भूल भुलया भरी सडके और बेनाम रास्ते उनके साम में थे
05:52उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था किधर जाएं और किधर जाना है इसी गफलत में सत्रा के सत्रा कैदी
06:00जेल के इर्द गिर्धी शुरुवाती कई घंटे तक भटकते रहे उधर तब तक जेल ब्रेक की खबर आला अफसरों तक
06:09पहुँच चुकी थी
06:10जेल स्टाफ और जेल प्रशासन में हरकम मच चुका था एक साथ सत्रा कैदियों का भागना छोटी बात नहीं थी
06:17आनन्फानन में देर रात को ही पूरे राज्जे में इलर्ट जारी कर दिया गया
06:22सत्रह टीमें बनाई गए तीन सो पुलिस वालों को सड़कों पर उतार दिया गया हर गारी की तलाशी ली जाने
06:30लगी गाओं कस्बों तक में घुस घुस कर पुलिस हर कैदी को ढूनने लगी पास में लगते केरलम बॉर्डर तक
06:37पर सुरक्चा कड़ी कर दी गई एक तरफ �
06:40पैदल उन्हें ढूंडा जा रहा था तो दूसरी तरफ आस्मान में ड्रोन उन्हें ढूंडता फिर रहा था उधर पुलिस इन
06:50सत्रह कैदियों के पीछे पड़ी थी और इधर ये सत्रह कैदी रास्तों की भूल भुलया में भटके हुए थी इसी
06:57भटकाओं का फाइदा प�
07:10हुए हलकान मिल गए ये सभी के सभी जेल से मुश्किल से दस से पंद्रह किलोमेटर के दाहरे में पकड़
07:17लिए गए वज़ा ये थी कि ना ये किसी गाउं तक पहुच बना सके नपकी सड़क या हाईवे तक पहुच
07:24पाए इसलिए जेल से ज्यादा दूर भी ना जा सके इ
07:39एक नाके पर जैसे ही आटो में पुलिस वालों की उस पर नजर पड़ी हैरान परेशान हलकान और ठके हारे
07:46चेहरे को देखते ही पुलिस समझ गई कि ये उन 17 में से एक कैदी है पुलिस ने भी कमाल
07:52किया खुद भी उसी आटो में उसके साथ बैठ गई और फिर ये आटो व
08:01अब ये कैदी वापस अपनी जगा पहुँच चुका था जाहिर है आटो वाले को शायद उसका इराया भी न मिला
08:07हो देख चौबीस घंटे के अंदर अंदर 17 में से 13 कैदी पुलिस के हाथ लग चुके थे पर चार
08:15अभी भागे हुए थे ये सर्च ऑपरेशन जारी था और �
08:20फिर आखिरकार करीब 43 घंटे बाद यानि बुदवार तक बाकी के चार कैदी भी दो किष्टों में पकड़ लिए गए
08:27इस तरह गिंती पूरी हुई सुमवार रात इस थिकम पट्टी जेल से 17 कैदी भागे थे और बुदवार रात तक
08:3617 के 17 वापस अपनी अपनी सेल में प
08:49इसी जेल ब्रेक की कहानी सुनाने मीडिया के सामने तमिलनाडू के डीजी जेड संधी प्राय अरोडा सामने आए उन्होंना जेल
08:59ब्रेक पर पूरी सफाई दी आक्शन की भी बात कहीं सुनें
09:19विचासर कांगा ज्यू वरू इल्ल्थ सोलेटेपिलेपसी वंद इरिकक सोलेटु पिट्स वंदेर कमारी एण रामा पनेट्ट वोर्रेस पने पनेट्कादा आप तेरियादु
09:32अड़क्त विचाने पनी पनी तरिको अप्डेट्यू फ़र्धरवारी अधे इंधे इडिया
09:38कुट्र वालेकल precaंकि है
09:40इत अपीचिए द उत फुर्ग कर देप बादर
09:44बच्ए� wasoda the two
09:45अभी खिंग नमर्स उत आउ खिंग हो एक्शेकंडर ँख वहाऊनłę
09:53पुलीस पर शुद्छह के एंज इसको
09:56जो एंपुलीस हा रिसे इसेफां
10:17पर फिर हुआ यूँ कि जिस तरह थोग के हिसाब से कैदी जेल से भागे थे उसी तरह थोग के
10:24हिसाब से जेल स्टाफ पर भी कास करिए
10:26थे कमपटी जेल के नौँ स्टाफ को जिन डीजी जेल सहब ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के इल्जाम ने कुछ
10:34घंटे पहले सस्पेंड कर दिया था
10:36कुछ घंटे बाद उन डीजी जेल सहब का ही ट्रांसफर कर दिया गया
10:40यानि कम से कम तमिलनाडू सरकार में सजा देने में छोटे बड़े के बीच कोई फर्थ नहीं किया
10:50जो 17 प्रिजिनर्स जो थे उन्होंने एपिलेपसी है कहके नाटक किया था
10:57उसके बाद जेल गाद जेल प्रिजिनर्स को ओवर पावर करके उनको फिजिकली असॉल्ट करके वो सब लोगों ने एसकेप किया
11:06उसके बाद दो तीन दिनों में तमिलनाडू पोलिस ये सारे के सारे 17 लोगों को पकड़ गए और उसी दिन
11:16थोड़ी देर के बाद पाँच प्रिजिनर्स को पकड़ गए है
11:20तो ये बहुत बड़ा एंबरिसमेंट था तमिलनाडू गावरमेंट के लिए कि कैसा ऐसा एसकेप हुआ है उनका अड्मिनिस्ट्रेशन में
11:29तो इमीडियेटली वोही दिन नो पोलिस परसनल जेल में जो काम करते हैं वो सब को सस्पेंट किया गया था
11:38और अभी आज हम देख रहे हैं हाई प्रोफाइल का एक ट्रांसफर हुआ है संदीप रायरा तो डीजीपी प्रिजिनर्स पोजिशन
11:47में जोते उनको अभी ट्रांसफर करके केश अंकर एडीजीपी रैंग का आईपेस ओपिसर है उनको एलिवेट करके अभी डीजीपी प्
12:08यहरी सुरंग खोद कर जेल से भाग निकले थे यह कैदी को याम कैदी नहीं थे बलकि सभी भागे हुए
12:15कैदी ल्टी टी यानि लिबरेशन टाइगर तमिल इलम के मिलिटेंट थे हाला कि बाद में इनमें से कुछ पकड़े गए
12:22तमिलनाडू के इतिहास में यह अब तक की
12:25सबसे बड़ी जेल ब्रेक की घटना थी
12:55दुरे आतंकवादी थे एक साथ इन तेतालीस आतंकवादियों का भागना तब पूरे देश में सुर्खियां बनी थी
13:031995 में वेलूर में ऐसा फर्स्ट प्रिजिन ब्रेक हुआ था
13:0843 LTT ही अक्यूस्ट जो वेलूर प्रिजिन में थे उन सब एसकेप करकर बाहर गया था
13:25तानल अंडरग्राउंड पर डिग करके उन्होंने एसकेप किया था और उसके बाद एक रिवर था उस रिवर के अंदर स्विमिंग
13:34करके वो सब लोगों को बाहर जाना था
13:37बहुत चालेंजिंग प्रिजिन ब्रेक था ये तेनी में हुआ था अभी 17 लोग और 1995 में वेलूर में 43 LTT
13:47एक्यूस्ट ने ऐसकेप किया था
13:49वेलूर में ये हाई सीक्रिटी स्पिशल कैम वेलूर किले के अंदर थी किले के चारों तरफ 20 फुट उची दीवारें
13:58खड़ी थी
13:58यहां से भागने के लिए इन कैदियों ने 153 फुट लंबी सुरंग खोड़ दा ली और फिर उस सुरंग से
14:05रेंगते हुए बाहर निकले
14:07बाहर 10 फुट गहरे पानी से भरी 50 फुट चौड़ी खाई थी जिने तैर कर इन लोगों ने पार किया
14:14इसके बाद सडक तक पहुँचे बाद में इन में से दस कैदी ट्रेन से एक मोर रेलवे स्टेशन पहुँचे फिर
14:21मदुरही जाने की कोशिश करने लगे तब तक खबर फैल चुकी थी रेलवे पुलिस ने इन दसों को घेर लिया
14:28तब उन में से दो ने अपने गले में बं�
14:43कानी चाहती हूँ आज तक प्यों तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाके खबरों के
14:52लिए आप देखते रही आज तक

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