00:26।
00:29प्रसव के बाद शरीर का नीशला हिस्सा लक्वा ग्रस्त होने से स्वाती की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई
00:35लंबी समय तक डिप्रेशन और एंसाइटी से जूशने वाली स्वाती ने एक दिन तियंदाजी को अपनी नई उम्मीद बनाया
00:42बीलचेर पर बैठ कर उन्होंने जिस सफर की शुरुवात की थी वो सफर अब अंतराश्टिय मंच तक पहुँच गया है
00:49मैं पहरा आर्श्री में डबली उन केटिग्री में मैंने खेला है हाँ और मेरा पहरा इशन गेम्स में अभी इंडिविच्वल
00:58में सिल्वर मेडल रहा है
01:00तो संभीए कहां से आप इस प्रेश की शुरुवात ही
01:04दो हजार तेईस में मैंने शुरू की थी पहरा आर्श्री और उसके बाद अभी बंकोग मेरा एप्रिल में इंटरनेशन क्लासिफिकेशन
01:14हुआ होँपे मैंने अपने पहला मैच किला और उसके बाद दीरे दीरे अभी पहरा इशन गेम्स तके
01:19तो किस तरह से शुरुवात हुई थी कहां से आपको प्रेड़ा में ही थी दोजार सत्रा में मेरे को डिलिवरी
01:26के टाइम पे कॉंप्लिकेशन हुए थे उसके बाद मैं पैरलाइज हो गई थी तो कापे टाइम मतब रिप्रेशन में एंसाइटि
01:35में पिकार चब रहा था उस
01:49पिर मैंने उनके कहने से एक बाद ट्राइ किया और उसके बाद दीरे दीरे हम आर्चरी में बढ़ते चले गया
01:54थे जापान के आईची नागोया में आयजित एशिन पैरा गेम्स 2026 में विमेन डेवलीवन इंडिविज्वल कैटिगरी में सिल्वर मैडल जीत
02:04स्वाती ने न
02:05किवल अपनी मेहनत का लूहा मनवाया है बलकि देश का भी अंतराष्टिय मंच पर मान बढ़ाया है
02:57पैरा एथलेट स्वाती की काम्यादी के पीछे उनके पती गौरव चौधरी का महत्पूनी उगदान रहा
03:03स्वाती बताती है कि जिस दिन से वे वील चेर पर आई उसी दिन से उनके जिन्दगी में चुनौतियों का
03:09दौर शुरू हो गया था
03:10ऐसे समय में पती ने हर मोड पर उनका साथ दिया और आगे बढ़ने के लिए प्रिरित किया
03:17वह प्रॉड मोमेंट है एक लिए जिस कंडिशन में जो इनकी हेल्थ कंडिशन से उसके बावजूद इतना हार्ड वाकिंग गीम
03:25खेलना और उसमें इतना बड़ा अचीवमेंट ना वह प्रॉड मोमेंट ने मिलें
03:28किस तरह से आपने सयूब किया तुछ आपके पत्नी का कहना यह है कि वो सिर्फ चरह है असकी मेंट
03:34जो है वावब की है नहीं यह ऐसा तो पुछ नहीं है हार्ड वरक उन्हीं ने किया है मैं तो
03:38बस एक सपोर्ट था कि अगुने खेलना था तो मैं उन्हें ग्राउंट तो प
04:19स्वाति कहती है कि मुश्किले जंदीगी का हिस्सा है लेकिन इंसान को कभी हार नहीं माननी चाहिए
04:25मुश्किलों को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए बलकि उनका डट कर सामना करना चाहिए
04:31जब ध्यान लक्षे पर केंद्रित होता है तो कठिन रास्ते भी धीरे धीरे आसान लगने लगते हैं
04:39ETV भारत के लिए शहजाद आबित की रपोर्ट