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  • 9 hours ago
हाईकोर्ट में उठे इस मामले के बाद सरकार कैरिंग कैपेसिटी रिपोर्ट के सुझावों पर क्या कदम उठाती है इस पर नजर, रिपोर्ट- धीरज सजवाण

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00:00सडक पर गाडियों की लंबी-लंबी कतारे, हर तरफ जाम में फसे परिशान लोग, ये तस्वीरे पहाडों की रानी मसूरी
00:07की है, वीकेंड और छुट्टियों से सीजन में जाम लगना आम बात है, मौल रोड हो या शेहर के दूसरे
00:15रास्ते, अकसर हर जगह ऐसा ही नजारा द
00:18दिखता है, परेटकों को पार्किंग की जगह नहीं मिलती, और स्थानियन लोगों को भी अपने घरों तक पहुचने में भारी
00:26परेशानी होती है, मसूरी की परेशानी सिर्फ जाम तक ही सीमित नहीं है, शेहर की सडकों, पानी सीवेज और कच्रा
00:35प्रबंधन पर लगतार �
00:37बढ़ता दपाव, अब उसके भविश्य पर भी सवाल खड़ कर रहा है, मतलब शेहर की जितनी शमता है, उस पर
00:45जन संख्या का बोज उससे कहीं जादा है, जिससे शेहर पर खत्रा लगतार बढ़ता जा रहा है, इन खत्रों से
00:53निपटने के लिए परियाप्त उपाए नही
00:56किये जा रहे हैं, जनवरी 2023 में जोशी मठ आपदा के बाद नाशल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानि NGT ने मसूरी को
01:05लेकर चिंता जताई थी, NGT ने शेहर की कैरिंग केपासिटी का आंकलन करने के निर्देश दिये, इसके बाद उत्रखंड सरकार
01:13की ओर से आई रिपोर्ट म
01:18के मताबिक शहर का 2.31% ब्भुसकलन को लेकर अती उच्च संवेदन शील, 12.94% उच्च संवेदन शील
01:31और 28.65% मध्य संवेदन शील्ता के दाईरे में आता है
01:37यानी शहर का 43.9% शेत्र भूस्खलन के प्रती मध्यम से आती उच्चे समेदन शीर्ता वाले श्रेडियों में आता
01:47है
01:48मसूरी के जिन चार परेटन स्थलों पर भूस्खलन का खत्रा है उनमें भट्टा फॉल, जोर्ज एवरेस्ट, कैंपटी फॉल और बारलो
01:57गंज शामिल है
01:58इन शेत्रों में निर्माड और पहाडी धलानों से जोड़ी गतिविधियों को लेकर विशेश साबधानी बरतनी की जरूरत पर जोर दिया
02:07गया
02:07पहाडी इलाकों में निर्माड के दोरान जमीन की कटाई, बड़े पत्थरों को हटाने और बारिश के पानी की उचित निकासी
02:16नहीं होने से जोखिम बढ़ सकता है
02:18रिपोर्ट में भवनों की सुरक्षा से लेकर पानी, ड्रेनेच, कच्रा प्रबंधन और परेटकों की संख्या नियंतरित करने तक के 19
02:27उपाय सुझाए गए थे
02:29इस रिपोर्ट पर कितना काम हुआ, इस NGT के सामने सरकारों ने आक्शन टेकिन रिपोर्ट भी पेश की
02:36इस संबंध में RTI से जो जानकारी मिली है वो चिंता बढ़ाने वाली है
03:06DSS यानि Decision Support System की बात करें या Irrigation Department जिसकी जिम्हदारी मसूरी का drainage प्लैन बनाने की थी
03:13उसका आज से 13 महीने पहले DPR बनाने के बाद में कोई उस पर काम ना होने की बात करें
03:18या हम मसूरी में परेटकों के पंजी करन की वेवस्ता जो की कागजों पर तो हो गई है
03:23लेकिन चुकि हमारी उस पर भी RTI लगे भी हैं तो उसका भी जब हम आकलन करते हैं तो यह
03:28पाते हैं कि वो सिर्फ कागजी कारवाई तो इस किसम से जो तमाम गतिविदिया हो रही है
03:3319 बिंदों को लेकर कि वो बहुत कमजोर अश्रिथल तरीके के साथ में हो रही है
03:38पर्या वरंड संरक्षन के लिए काम करने वाली संस था
03:41Citizens for Green Dune ने इस मुद्दे को उत्रकंड हाई कोट में उठाया है
03:47हाई कोट ने अभी हमें निर्देशित किया है कि हम मारने चीफ सेक्रेटरी पे जाएं
03:53और उनको अपने सुझाओ दें कि किस तरह से बसूरी का विकास किया जाना चाहिए
03:59तो हमारा विक्तिकत रूप से और संगठन के रूप से ये कहना है
04:02कि जिस तरह से बसूरी के उपर हम छोटा सा शहर है
04:04और उसमें हम निरंतर बोज पे बोज डालते जाने हैं
04:33मसूरी पर परेटको का बोज लगातार बढ़ रहा है
04:36साल 2000 में जहां मसूरी में करीब 8.5 लाख परेटकाते थे
04:41वहां 2019 में 30 लाख से जादा परेटकाए
04:45इसके हिसाब से जरूरी संसाधनों का विकास नहीं हुआ
04:50जो विकास हुआ वो भी बेतर्तीब तरीके से
04:53अब देखना होगा कि हाई कोट में उठे समुद्दे के बाद
04:57सरकार शहर की केरिंग केपासिटी रिपोर्ट के सुझावों पर क्या कदम उठाती है
05:02साथ ही मसूरी के लिए सुरक्षित और टिकाव विकास की ठोस योजना कप सामने आती है
05:09ETV भारत के लिए दहरादून से धीरज सजवार की रिपोर्ट

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