00:12कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रिय ग्रिहमंत्री
00:17अमित शाह पर टिपणी से जुड़े मानहानी मामले में सुल्तानपुर की अदालत से बड़ी राहत मिली है
00:23सोमवार को MP MLI कोर्ट ने इस मामले में राहुल गांधी को भरी कर दिया
00:28साल 2018 में दायर इस मुकदमे में राहुल गांधी पर आरोप था
00:46अदालत का दर्वाजा खटखटाया था
00:48हालांकि मुकदमे की सुनवाई के बाद अदालत ने राहुल गांधी को दोशी नहीं माना
00:53इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चल रहे इस मामले में राहुल गांधी को राहत मिल गई है
00:59फैसले के दिन राहुल गांधी खुद सुल्तानपुर की अदालत में मौजूद रहे
01:03MPMLA कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था
01:09अदालत में फैसला सुनाय जाने से पहले राहुल गांधी को निजी बंध पत्र और जमानत नामा दाखिल करने का आदेश
01:16भी दिया था
01:17इसी के मद्दिनजर राहुल गांधी ने सुल्तानपुर पहुँचने के बाद अदालत में अपना निजी बंध पत्र जमा किया
01:23इसके बाद मामले में फैसला सुनाया गया। राहुल गांधी के अदालत में पहुंचने और फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में
01:30भी चर्चा रही।
01:30मानहानी का ये मामला करीब आठ साल से कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहा था।
01:35दरसल पूरा मामला मई 2018 का है जब करनाटक में विधान सभा चुनाव का प्रचार चल रहा था।
01:42इसी दोरान राहुल गांधी ने बेंगलूरू में एक प्रेस कॉन्फरेंस की थी।
01:46आरोब है कि इस प्रेस कॉन्फरेंस के दौरान राहुल गांधी ने भारतिय जन्ता पार्टी के ततकालीन राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह
01:53को लेकर ऐसी टिपणी की थी जिसे मान हानिकारक बताया गया.
01:57इस टिपणी को लेकर भाजपा, नेता और सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के
02:04खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दायर की
02:12थी. उनक
02:2623 नवंबर 2023 को सामने आया. जब अदालत ने सुनवाई के बाद राहुल गांधी को आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ
02:33समन जारी किया. इसके बाद 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी खुद सुल्तानपुर की अदालत में पेश हुए थे. अदालत
02:41में पेशी के दौरान उन्हो
02:54मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ी और शिकायत करता की ओर से अपने पक्ष में साक्ष पेश किये गए. अब अदालत
03:00के फैसले ने इस मामले की दिशा बदल दी है और राहुल गांधी को आरोपों से राहत मिली है. मुकदमे
03:06की सुनवाई के दौरान शिकायत करता विजय
03:08मिश्रा की ओर से कुल तीन गवाहों के बयान दर्ज कराए गए. इनमें खुद शिकायत करता विजय मिश्रा के अलावा
03:15अनिल मिश्रा और रामचंद दुवे शामिल थे. शिकायत करता की ओर से मामले को साबित करने के लिए इन गवाहों
03:21के बयान अदालत के सामने रखे ग�
03:37हालां कि ट्रायल कोर्ट ने इस अर्जी को खारिज कर दिया था। इसके बाद शिकायत करता ने सेशन कोर्ट का
03:43रुक किया लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली।
03:46मामला आगे इलाहबाद हाई कोर्ट तक पहुँचा जहां से भी राहुल गांधी का वोईस सैंपल लेने की मांग वाली याचिका
03:52खारिज कर दी गई। राहुल गांधी के खिलाफ इस से पहले भी अलग-अलग बयानों को लेकर कानूनी कार रवाई
03:59की मांग की जाती रही है�
04:01रोधी टिपणी के आरोप से जुड़ाई करने मामला भी इन में शामिल था। इस मामले में मुजफर नगर में करीब
04:0613 साल पहले हुए दंगों के दौरान, मुस्लिमों के कथित संबंध, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जोड़ने वाले बयान को
04:15लेकर अधिवक्ता
04:16मोहम्मद अन्वर ने याचिका दाखिल की थी। याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई थी।
04:23हाला कि MPMLA की विशेश अधालत ने ठोस साक्ष नहीं मिलने के आधार पर पिछले साल इस याचिका को खारिज
04:30कर दिया था। इस तरह उस माम
04:32मामले में भी राहुल गांधी को राहत मिली थी। सुल्तानपुर की MPMLA अदालत में इससे पहले भी कई नेताओं से
04:39जुड़े मामलों की सुनवाई हो चुकी है।
05:02करने में सफल नहीं रहा था। जिसके बाद संबंधित नेताओं और आरोपियों को बरी किया गया। फिलहाल अमित शाह पर
05:09टिप्पेणी से जुड़े मानहानी मामले में राहुल गांधी को बरी किये जाने को कांग्रिस के लिए एक अहम कानूनी राहत
05:17के तौर पर देखा
05:18जा रहा है। साल 2018 में शुरू हुआ ये मामला कई चर्णों से गुजरने के बाद फैसले तक पहुँचा। हालांकि
05:25इस फैसले का दाइरा इसी मामले तक सीमित है। अदालत ने इस मुकदमे में राहुल गांधी को दोशी नहीं माना
05:31है। ऐसे में इस घटनाक्रम को लेकर �
05:34अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती है।