00:00जब जब राहुल गांधी जी बाहर जाते हैं वो ऐसे ही अग्यात यात्रों पे जाते हैं और संदिक्द लोगों से
00:07मिलकर आते हैं
00:08नपुना कह रहा हूँ अज्यात इस्थानों पे जाते हैं संदिग्ध लोगों से मिलकर आते हैं और यहां आकर भारत विरोधी
00:16प्रचार करते हैं
00:18और मैं यह भी कहना चाहता हूँ पूरी दुनिया में जो कुछ हो रहा है पर आपने ऐसा उधारन भारत
00:25का जैसा कहीं नहीं देखा होगा
00:28यौरप हो फ्रांस हो इटली हो अलबेनिया हो उपद्र भी उपद्र हो करते नजर आ रहे हैं कहीं पे भी
00:34नेता प्रतिपक्ष प्रधान मंत्री आवाज के सामने लोटपोर्ट करता हुआ आकाश वाणी भवन में घुस्ता हुआ और कहीं कूदपान करता
00:41हुआ नजर नहीं
00:56मिल रही हैं और अब खतरनाक बात यह है कि यह वो है जो कि निरंतर लंबे समय तक
01:07जो कुछ करते रहे अब आज वो यह कहते हैं कि दो सो अधिकारी उनको मैसेज करते हैं उनके संपर्क
01:15में अभी क्या बोले कि
01:19मुख्य चुनाव आयुक्त उनको मैसेज करते हैं फिर क्या बोले कि राश्टी उस्वाम सेवक संग में महिलाएं नहीं हैं मगर
01:27संग की महिलाएं उनको बता रही हैं तब ये बयान ही अपने आप में कितना विरोधवासी है फिर वो ये
01:35कहते हैं कि जो पुलिस वाले उनको पक
01:49व्यक्ति को ऐसा मतिभ्रम उत्पन होता है या विशेश प्रकार के पदार्थों के सेवन के बाद भी कभी कभी व्यक्ति
01:56को ऐसा मतिभ्रम उत्पन होता है कि उसे वही लगने लगता है पर तो महत्पून बात ये है कि कॉंग्रेस
02:03उस मतिभ्रम को सत्यमान कर आचर्ण करने �
02:06लगी है यानि उस मदोशी को सच मानकर कॉंग्रेस ने अपने होश खो दिये हैं और एक मदोश के पीछे
02:16वो अपनी तबाही का पैगाम लेकर आगे बढ़ते जा रहे हैं और यह बात मैं हवा में नहीं कह रहा
02:22हूं ऐसा नहीं कि आप कहें कि भारती अंदर मैंने आपको इतने
02:26उधारण के नाएं और उसके बाद आप यह देखिए उन्होंने स्वैम बोला कि मेरी सिस्टर ने उससे पूछा कि ब्रो
02:35प्लानिंग क्या है उनका प्लानिंग की कोई जरुवत नहीं है तो ना सिस्टर को पता है कि प्लानिंग क्या है
02:40ना ब्रो को पता है कि प्लानिंग क्य
02:55अब आप देखिए उसके बाद जिस दंग से वाकाशवाणी में घुसे ये आपको लगता संतुलित मनुवर्ति का कारे हैं आप
03:04याद करिए भारत की संसर ने पुद्धान मंत्रीशी नरेंद्र मोदीजी के गले पढ़ने के बाद उन्होंने अपनी कुर्सी वे बैठ
03:10के जो �
03:10पकियों से गोली मारे वाला निशान किया था आपको लगता है कि एक परिफक्व गंभीर और इस्थिर मनुवर्ति वाले वेक्ति
03:17का ये आधार है और मैं सब प्रमान बोलना हूँ
03:21बैरक उबामा ने अपनी किताब दो हजार दस की भारत की यात्रा में राहूल गांधी जी से मिलने के बाद
03:27ये लिखा है चैप्टर 24 में उन्होंने लिखा है राहूल गांधी has a nervous and unformed quality about him as
03:34if he were a student who has done a coursework and eager to impress the teachers but deep down lacked
03:44either the aptitude
03:45or the passion to master the subject यानि वो एक ऐसे व्याकुल छात्र की तरह है जो अपने शिक्षक को
03:54impress करने के लिए छटपटा हट तो बहुत दिखा रहा है पर ना उसने विशय के घ्यान को समझा है
04:00ना विशय को समझने के लिए उसके अंदर कोई रुची या प्रयास नजर आ रहा है ये अमेरि
04:16झाल आ रहा है ज note