00:01अल्वानिया में हिंसा के दौर अभी तक लगातार जा रही है
00:03शैस साथ दिन हो चुके हैं हिंसा अभी तक हो रही है
00:05वहाँ की राज़दानी है तिराना
00:06वहाँ पर हालात और ज्यादा बधतर हो गए
00:08कही आगजनी हो रही है कहीं पत्राव हो रहा है
00:10पुलिस के तरफ सासू गैस के गोले छोड़े जा रहे है अब पश्चिमी में जिस तरह से पश्चिमी देशों में
00:15जिस तरह से हंगावा हो रहा है उपद्रा हो रहा है उसको लेकर अब भारत में भी सियासी चर्चा शुरू
00:21हो गई
00:21जिस तरह की चर्चा है शिरूँ और ये एक डिटेल रिपोर्ट आपको दिखाते हैं
00:34अल्बानिया में हिंसा की आग
00:39अल्बानिया में सुप्रीम कोट में आग
00:45संसद सरकारी बैंकों पर भी हमले
00:50साथ दिनों से अल्बानिया में हिंसा का दौर चल रहा है
00:53जनता सडकों पर है और वहां की सरकार के खिलाफ लोगों का आक्रोश फूट रहा है
00:58रष्टाचार, बेरोजगारी, शिक्षा की खराब हालत और महंगाई
01:02इन तमाम मुद्दों को लेकर प्रधान मंत्री एडी रामा की सरकार निशाने पर है
01:07कहा जा रहा है कि प्रदर्शन कारियों ने राजधानी तिराना में सुप्रीम कोट के एक हिस्से में भी आग लगा
01:13दी है
01:13वो चुन-चुन कर सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे है
01:18अल्बानिया से आ रही खौफनाक तस्वीरे किसी भी देश के लिए सतर्क हो जाने का संदेश है
01:23लेकिन भारत में इस पर जम कर सियासत हो रही है
01:26शिवसेना UBT के नेता संजय राउत ने सोशल मीडिया एक्स पर एक विवादास्पत पोस्ट शेर किया है
01:32राउत ने लिखा है
01:33अल्बानिया के लोगों ने सर्वोच चन्यायाले को जला दिया
01:36भरष्ट प्रधान मंत्रियों की मदद करने की वजह से सर्वोच चन्यायाले से जनता आक्रोशित थी
01:42प्रदर्शन कारियों ने संसद और सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ मंत्रियों के घरों पर भी हमला किया
01:47सभी देशों को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए
01:53संजय राउत के ट्वीट पर बीजेपी के किरीट सोमया ने हमला बोला
01:57उन्होंने लिखा
01:58संजय राउत और ठाकरे सेना अलबानिया में सुप्रीम कोर्ट को जलाने का समर्थन कर रही है
02:03संजय राउत ने भारत के राश्ट्रपती और मुख्य चुनाव आयुक्त की निंदा की
02:07उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के लिए अपशब्द कहे
02:10और अब अलबानिया में सुप्रीम कोर्ट को जलाय जाने का समर्थन कर रहे है
02:14वो हताश है
02:15वो सत्ता परिवर्तन के लिए भारत में अराजक्ता पहलाना चाहते है
02:19भारत की जनता ऐसे अराजक्ता वादियों का कभी समर्थन नहीं करेगी
02:23अलबानिया में हिंसा के दौर पर नागपुर से RSS प्रमुक्त मोहन भागवत का भी सत्देश आया
02:29विजया दश्मी के मौके पर विशेश कारक्रम में भागवत ने पश्चिम से आ रही आंधी से बचने की जरूरत बताई
02:36एक पश्चिम से आंधी चली है
02:38जो हर प्रकार की व्यवस्था हर प्रकार की भद्रता हर प्रकार का मांगल्य हर प्रकार की सांसकूर्टिक और मानिवे सांसकार
02:48से विरोध रखती है उसको नष्ट भर्ष्ट उद्वस्थ करना चाहती और प्रगद्देश भी उससे तत्रह अभी दो चार दिनों के
02:58पहले से ज
03:07नेपाल में क्या हुआ ये सब किरा किया कराया उनका है।
03:37नेरेटिव में फिट नहीं बैशता। यानि कि जलते फ्रांस और अलबानिया पर भारत में सियासत की मशाल लगातार जल रही
03:45है। आज तक ग्यूरूप।
04:19पर बेरोजगारी शिक्षा की बुकिड़ी हालत पर हजारो नौजवान सड़कों पर हैं।
04:43अब कुछ लोगों की तरफ से इस सवाल उठाय जा रहा है क्या फ्रांस में जो आंदूलन हो रहा है
04:46ये महज एक सयोग है या फिर प्रदर्शन की आड़ में सरकार गिराने का प्रयोग है।
04:52वोटिंग के जरीए या फिर महभी योग के जरीए संसद में सरकार नहीं अटेगी सड़क पर आप राजकता कीजिए सड़क
04:58पर आप दर्धना प्रदर्शन कीजिए और सड़क पर आप आगजनी कीजिए क्या इससे आप सत्ता परिवर्तन करवाने की चाहत रखते
05:05हैं।
05:05ये बहुत से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ये प्रदर्शन जो हो रहा है आगजनी जो हो रही है
05:09तोड़ फोर्ड पत्राव हो रहा है ये क्यों हो रहा है इसके पीछे की वज़ा क्या एक रिपोर्ट देखिए।
05:35इन जलती बाइस पर नजर डाली ये खुद फ्रांस में भड़ती हिंसा की कहानी बया कर रहे हैं।
05:41इन तूटी खिल्कियों और सामान लूटते नकाब पोश्ट दंगाईयों के वीडियो सोशल मीडिया पर वाइरल हो रहे हैं।
05:49फ्रांस के कई शेहरों में कोहराम मचा है, सड़कों पर संग्राम है, जगा जगा आपजनी हो रही है।
05:55पेरिस में बड़े-बड़े ब्रैंड्स के शोरूम लूटे जा रहे हैं, दंगाई तोड़ पोड़ पर आमदा हैं।
06:02दुनिया भर में इन शेहरों की तबाही की तस्वीरे वाइरल हो रही है।
06:07प्रदर्शन के नाम पर धंगाई सारवजनिक संपत्यों को नुकसान कमचा रहे हैं।
06:12CCTV कैमरों के कनेक्शन काट रहे हैं और लूट के दोरान जो हाथ में लग रहा है उसे लेकर रफूचक
06:18कर हो रहे हैं।
06:20कहने को पुलिस शासन कह रहा है कि दंगाईयों को बक्षा नहीं जाएगा।
06:25लेकिन जो आसामाजिक तत्व माहौल बिगाड रहे हैं उन्होंने न सिर्फ अपने चेहरों को पूरी तरह से ढखा हुआ है
06:30बलकि अपने हाथों को भी दस्तानों से छिपाया हुआ है ताकि किसी तरह के कोई निशान छूटने न पाएं।
06:38फ्रांस के हालात बिगलने के बाद पीम सेबैस्ट्रियन को केबिनेट की एक आपात बैठक बुलानी पड़ी है।
07:06जोर अर्थवेवस्था और बढ़ते कर्ज की वज़े से सरकार पर दबाव भी बढ़ गया है।
07:11इस बीच फ्रांस की राश्कपती इम्मैनुवल मैंक्रो ने दो टूप कह दिया है कि जो भी नुपसान हुआ है उसकी
07:17भरपाई दंगाईयों को ही करनी होगी।
07:21यह हिंसा बवाल कई हफतों से चल रहे चात्रों के प्रदर्शनों के बाद हुआ है।
07:25जिसके दौरान बीच-बीच में सडकों पर हिंसा भी देखने को मिली।
07:31फ्रांस में करीब 6 लाग से जादा लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।
07:34अब तक हिंसा करने वाले 2000 से जादा दंगाईयों को पुलिस ने गिरफतार कर लिया है।
07:38हिंसा में सैकडों लोग गंभीर रूप से घायल बताये जा रहे हैं।
07:41जिसमें 1000 से जादा पुलिस करमी भी घायल है।
07:46फ्रांस के कई शहरों में कहने को महगाई और बेरोजगारी के खिलाफ देश व्यापी प्रदर्शन हो रहे हैं।
07:53दंगाई छोटी दुकानों और स्टोर से भी रोजमर्रा का सामान लेकर भाग रहे हैं।
07:57बीच सलक गाड़ियों को आग लगाई जा रही है और पुलिस को हालात पर काबू करने में खासी मशक्कत करनी
08:02पड़ रही है।
08:05पेरिस समयत फ्रांस की जिन मशूर जगों को देखने के लिए दुनिया भर से सैलानी आते हैं।
08:09वहाँ कौफ का साया पसरा हुआ है जो रास्टपती मैक्रों की टेंशन बढ़ा रहा है।
08:14फ्रांस में ठीक एक महीने पहले पेरिस के एक स्कूल में आंदोलन की शुरुआत हुई थी।
08:18स्कूल से शुरू हुआ जंजी का आंदोलन देश भर में फैल गया और धीरे धीरे इसमें महगाई और बेरोजगारी का
08:24मुद्दा भी जुड़ गया।
08:36फ्रांस 24 की रिपोर्ट के मताबिक पेरिस में तो प्रेसिडेंट पहले से सर्फ 400 मीटर दूर प्रदर्शन कारियों ने हिंसक
08:43प्रदर्शन किया और गालियों में आग लगा दी।
08:47वहीं लीमोज शहर में नकाब पोश्ट प्रदर्शन कारियों ने टाउन हॉल में आग लगा दी
08:52जिससे 143 साल पुरानी इमारत लगभग पूरी तरह तबाह हो गई है
08:56जगा जगा प्रदर्शन कारियों और पुलिस के बीच हालात तनाव पूर्ण बने हुए है
09:01आज तक भी और रहाओ
09:38प्रांस से आई हिंसा की तस्वीरों ने पूरी दुनिया को जग जोड कर रख दिया
09:43क्योंकि फ्रांस के लोगों ने ही अपने शहर में आजजनी और लूट पाट की
09:47अब सवाल यही है कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा की वज़े क्या है
09:51क्यों लोग अराजिक्ता पर उतारू हो गए
09:53अचानक शांती पूर्द प्रदर्शन आजजनी और हिंसा में कैसे बदल गया
09:59दरसल 18 सितंबर को शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर
10:03पेरिस के उपनगर क्रेटई में चात्र सडकों पर उत्रे
10:06सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की
10:09लेकिन 18 सितंबर को शुरू हुआ आंदोलन 17 अक्टूबर को अराजक्ता में बदल गया
10:16वजह नमबर एक फ्रांस के स्कूलों की बधाली आंदोलन की सबसे बड़ी वजह बनी
10:21आंदोलन की शुरुआत स्कूलों में तीचरों और बजट की कमी से हुई
10:25चात्रों का आरोप है कि स्कूलों में तीचरों की कमी है और यही वजह है कि एक क्लास में जरूरत
10:31से ज्याद़ बच्ची है
10:31लेकिन मौझूदा सरकार की तरफ से स्कूलों की बधाली पर कोई ध्यान नहीं दिया गया
10:36बजट बढ़ने के बज़ाए खटा दिया गया लेहाज़ा चात्रों को अपनी मागों के साथ सरकों पर उतरना पड़ा
10:5218 सितंबर को अंदूलन शुरू हुआ और धीरे धीरे फ्रांस के कई हिस्सों में पहुच गया
10:57इसी के साथ फ्रांस में बढ़ती बहगाई और दूसरे बुद्धे जोगते गए
11:02चात्रों के साथ साथ सरकार के कामकार से असंतुष्ट लोग भी अपनी मागों के साथ प्रदेशन से जुड़ गए
11:09बजह नमबर दो प्रदेशन से मांगे बनवाने का भरोसा
11:13लोगों को लगा कि प्रदेशन के जरिये सरकार पर दबाव बना कर अपनी मांगे बनवाई जा सकती है
11:19क्योंकि माई 1968 में चात्रों से शुरू हुए आंगोलन से सभी बर्ग के लोग जुड़ गए थे
11:24अपनी मांगे बनवाने के लिए लाखों कर्वचारियों ने हर्तार की नतीजा सरकार को छुटना पढ़ा था
11:30ठीक ऐसे ही उन्नीस सो पे चानवे में पेंशन सुधारों के खिलाफ आंगोलन हुआ
11:35और सरकार को अपनी पेंशन सुधार बीदी को वापस लेना पढ़ा था
11:39मतलब फ्रांस में सरकार के खिलाफ आंगोलन नई बात नहीं है
11:42लेकिन आंगोलन अराजकता में बदल जाएगा आकलन करना मुश्किल था
11:56अंगोलन के हिंसक होने को फ्रांस के सियासी दलों से जोड़ कर भी देखा जा रहा है
12:01कुछ लोग मानते हैं कि 2027 राजपती चुनाव के चलते सियासी दलों की तरफ से अंगोलन का समर्थन और विरोध
12:08किया गया
12:09प्रदेशन को लेकर अपने अपने सियासी बाइने तलाशे गए
12:13वजह नमबर तीन
12:152027 का राजपती चुनाव
12:17अगले साल फ्रांस में राजपती का चुनाव होना है
12:20इमैन्वल मैक्रो हैट्रिक के लिए तीसरी बार चुनाव लड़ेंगे
12:23लेकिन 2024 के संसदिय चुनाव में किसी गड़ बंधन और दल को पूर बहुमत नहीं मिलने से सियासी तक्राफ की
12:31सित्य है
12:31नतीजा ये हुआ कि मौजूदा सरकार के लिए बजट और दूसरी दीतियों को संसद में मन्जूरी दिलाना मुश्किल है
12:38बजट और सरकारी खर्च में कटाउती के चलते राज़नीतिक गलों के बीच खीश तांच जारी है
12:43इसका असर ये हुआ कि बजट में कटाउती से सरकार की तरफ से मिलने वाली सारजनिक सोविधाओं पर पैस्ते अटक
12:49गए
12:49लहाजा विपक्ष को प्रदर्शन की आड़ में दोहजार सटाइस राजपती चुनाव के लिए चुनावी अजंडा सेट करने का मौका मिल
12:56गया
12:58प्रदर्शन को लेकर सियासी टकराव आज भी जानी है
13:01प्रदर्शन मंतरी सेबेस्टियन लेकोड़नू और वामपंधी रेता जियान लुप मिलेंचो के बीच चात्र आंदुलन को लेकर ठीक्री बयान बाजी हुई
13:09थी