00:00आकिर फ्रांस में प्रदर्शन में हुई हिंसा के बीचे वज़े क्या है?
00:03क्या महेंगाई और शिक्षा विवस्ता में सुधार वज़े है?
00:07क्या दोहजार सथाइस में होने वाले राश्च्पती चुनाव का एंगल है?
00:10या फिर हिंसा से प्रवासियो का कनेक्शन है?
00:30फ्रांस से आई हिंसा की तस्कीरों ने पूरी दुनिया को जग जोड कर रख दिया
00:34क्योंकि फ्रांस के लोगों ने ही अपने शहर में आज़णी और लूट पार्ट की
00:38अब सवाल यही है कि प्रदर्शन के दोरान हिंसा की वज़़ क्या है?
00:42क्यों लोग अराजक्ता पर उतारू हो गए?
00:44अचानक शांतिपूर प्रदर्शन आज़णी और हिंसा में कैसे बदल गया?
00:50दरसल 18 सितंबर को शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर
00:54पेरिस के उपनगर क्रेतेई में छास्र सड़कों पर उत्रे
00:57सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की
01:00लेकिन 18 सितंबर को शुरू हुआ आंदोलन 17 अक्टूबर को अराजक्ता में बदल गया
01:07वजह नमबर एक
01:08फ्रांस के स्कूलों की बदहाली आंदोलन की सबसे बड़ी वजह बनी
01:12आंदोलन की शुरुआत स्कूलों में टीचरों और बजट की कमी से हुई
01:16छात्रों का आरोप है कि स्कूलों में टीचरों की कमी है
01:19और यही बज़े है कि एक क्लास में जरूरत से ज्यादा बच्ची है
01:22लेकिन मौजूदा सरकार की तरफ से स्कूलों की बदहाली पर कोई ध्यान नहीं दिया गया
01:27बजट बढ़ने के बजाए घटा दिया गया
01:29लेहाजा चात्रों को अपनी मागों के साथ सरकों पर उतरदा पड़ा
01:3318 सितंबर को अंदूलन शुरू हुआ और धीरे धीरे फ्रांस के कई हिस्सों में पहुँच गया
01:39इसी के साथ फ्रांस में बढ़ती महगाई और दूसरे बुद्धे जुखते गए
01:43चात्रों के साथ साथ सरकार के कामकार से असंतुष्ट लोग भी अपनी मागों के साथ प्रदेशन से जुड़ गए
01:51वजह नमबर दो प्रदेशन से मांगे बनवाने का भरोसा
01:54लोगों को लगा कि प्रोदेशन के जर्ये सरकार पर दबाव बना कर अपनी मांगे बनवाई जा सकती है
02:00क्योंकि माई 1968 में चाकरों से शुरू हुए आंगोलन से सभी वर्ग के लोग जुड़ गए थे
02:06अपनी मांगे बनवाने के लिए लाखों कर्मचारियों ने हर्ताल की नतीजा सरकार को जुकना पड़ा था
02:12ठीक ऐसे ही उनीस सो पेच्चारवे में पेंशन सुधारों के खिलाफ आंगोलन हुआ
02:16और सरकार को अपनी पेंशन सुधार बीदी को वापस देना पड़ा था
02:36राशपती चुनाव के चलते सियासी दलों की तरफ से आंदुलन का समर्थन और विरोद किया गया
02:41प्रजशन को लेकर अपने अपने सियासी बाइने तलाशे गए
02:46वजह नमबर तीन
02:47दोहजार सताइस का राशपती चुनाव
02:50अगले साल फ्राश में राशपती का चुनाव होना है
02:52इमैन्वल मैक्रो हैट्रिक के लिए तीसरी बार चुनाव लड़ेंगे
02:56लेकिन 2024 के संसदिये चुनाव में किसी गड़ बंधन और दल को पूर बहुमत नहीं मिलने से
03:02सियासी टक्राव की सित्य है
03:04नतीजा ये हुआ कि मौझूदा सरकार के लिए बजट और दूसरी दीतियों को संसद में मंजूरी दिलाना मुश्किल है
03:10बजट और सरकारी खर्च में कटौती के चलते राज़ दीतिक गलों के बीच खीश तांच जानी है
03:15इसका असर ये हुआ कि मजट में कटौती से सरकार की तरफ से मिलने वाली सारजनिक सोविधाओं पर फैस्टे अटक
03:21गए
03:21लहाजा विपक्ष को परदर्शन की आड़ में 2027 राजपती चुनाव के लिए चुनावी अजंडा सेट करने का मौका मिल गया
03:30परदर्शन को लेकर सियासी टकराव आज भी जारी है
03:33परदर्शन मंतरी सेबेस्टियन लेकोनू और वामपंधी रेता जियान लुक मिलेंचो के बीच चातर आंदुलन को लेकर दीखी बयान बाजी हुई
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