00:00दिल्ली के दसेरा के मैदान से एक ऐसी कबर आई है जिसमें पूरे देश की राजनीती और मीडिया में एक
00:05अलग ही भोचाल मचा दिया है।
00:07बैसे तो आज हिंदूओं का एक बहुत बड़ा त्योहार है लेकिन एक तरफ कौकरुचिस जल रहे हैं और दूसरी तरफ
00:14सी इसी ग्यानेश कुमार के चहरे वाला रावण फूका जा रहा है।
00:32लेकिन इस बार तो दो ऐसी अनोकी और विवादित चीजे भी जली हैं जिन्नोंने सब का ध्यान अपनी तरफ खीच
00:39लिया है।
00:39एक तरफ पीतमपुरा में 30 फोट लंबा एक कौकरोच का पुतला आग के हवाले किया जाएगा।
00:46और दूसरी तरफ इंडियन यूथ कॉंग्रेस यानी IYC के मुख्याले पर चीफ एलेक्शन कमिशनर ज्यानेश कुमार के चहरे वाला रावण
00:55का पुतला जलाकर पूरे देश में अब हलचल मचा दी है।
01:00सवाल ये उठता है कि आखिर दिल्ली के इस दशेरा में ये नए प्रयोग क्यूं हो रहे हैं।
01:30और पहल किसने की थी। भाईया पहल तो हुई ही पीतमपुरा में बीजेपी के द्वारा है।
01:36आए इस पूरे विवाद को इसके सियासी माइने और इसके पीछे की असली कहानी को एक एक करके समझते हैं।
01:43सबसे पहले बात करते हैं पीतमपुरा के श्रीक के शवराम लीना कमेटी की।
01:48बीजेपी के मेले अशोक गोयल की अगुवाई में इस बार रावन दहन के साथ साथ 30 फोट उचा एक कौकरोज
01:55का पुतला भी फूका जाएगा।
01:57जब इस पर सवाल उठे तो आयोजको ने साफ सफाई देते हुए कहा कि इसका राजनीती से कोई लेना देना
02:02नहीं है।
02:03उनका तर्क था कि कौकरोज गंदगी और मेलेपन का प्रतीक है। और ये सब स्वच भारत और स्वच दिल्ली अभियान
02:10के तहत किया गया है।
02:12लेकिन जो मैंने आपको कहा कि हर वर्ष एक चोता पुतले का हम धहन करते हैं और अलग अलग विशेप
02:19पर लेकर करते हैं।
02:32यानि उन्होंने सीधे तोर पर माना नहीं किये सीजेपी के लिए हैं। उन्होंने ये भी याद दिलाया कि पिछले सालों
02:38में नकसलवाद और आतंकवाद जैसे समाजिक मुद्दों के पुतले भी जलाये जाते रही हैं। लेकिन क्या जनता और राजनीतिक विशेशग्य
02:46�
02:46इस तरक को मानते हैं। बया साफ सीधी बात है कौकरोच आप क्यों जला रहे हैं हमें बहुत अच्छे तरीके
02:51से पता है। यहीं पर सबसे बड़ा ट्विस्ट आता है। यह घटना ऐसे समय पर हुई जब दिल्ली में कौकरोच
02:56जनता पाटी यानि सीजेपी और अलग अलग
03:16प्रांक और सौरफदास इन प्रदर्शनों के दौरान जेल में हैं। ऐसे में जब अचानक दसेरा का दिन कौकरोच का पुतला
03:23जलते हुए वो देखेंगे तो भाईया उनके सपोर्टर्स और फॉल्वर्स को गुसा तो आएगा। सोशल मीडिया और पॉलिटिकल सिर्कल्स
03:29में ये चर्चा तेज हो गई है कि ये सीजेपी मूवमेंट और एलेक्शन कमिशनर पर एक सीधा संकेतिक हमला है।
03:37अब आते हैं दूसरी और सबसे बड़ी घटना पर जो इससे भी जादा अक्रामत थी। 19 ऑक्टूबर 2026 को रासियाना
03:45रोड परस्तित इंडियन यूथ कॉ
03:46के मुख्या लेके बाहर IYC ने एक शांदार और हंगामेदार प्रदर्शन किया। यहां विरोध करने का तरीका बिलकुल अलग था।
03:55प्रदर्शनकारियों ने एलेक्शन कमिशन अफ इंडिया के मुख्या युक्त यानि CEC घ्यानेश कुमार के चेहरे का कट आउट एक र
04:16और CEC के तुरंत इस्तीफे की मांग की गई। IYC का अरोब था कि चुनावायोग पर भीतर से दबाव और
04:23एलेक्टोरल प्रोसेसिस में ऐसी कमिया की जा रही हैं जो लोग तंत्र के खिलाफ हैं। इस प्रदर्शन की अगवाई कर
04:30रहे IYC के नाशनल प्रेजिडेंट उध
04:46नावायोग के फैशनों से कितने क्रोधिद हैं। दूसरी तरफ इलेक्शन कमिशन अफ इंडिया ने इन सब यारोपों को हमेशा की
04:53तरह सिरे से खारिच किया है। लेकिन दर्शकों आयोग का साफ कहना है कि उन्होंने कोई पक्षपात नहीं किया पर
04:59ये मामला विजे तश
05:00दश्मी का था, दसेरा का था, कैसे भाईया सियासी खेल बना दिया इतने बड़े त्योहार को। यहाँ पर दिल्ली के
05:08अंदर ही एक तरफ ग्यानेश कुमार का पुतलार रावन की तरह फूका जा रहा है। दूसरी तरफ कौकरुच इसको गंदगी
05:14और बुराई का प्रतीक
05:15मान कर उन्हें जलाया जा रहा है। एक दूसरे परारोप प्रत्यारोप चल रही है। लेकिन सवाल इतना सा है कि
05:23क्या दसहरा वाले दिन, विजे दश्मी वाले दिन ये करना जरूरी था। क्या तियोहार की अंदर इस तरह से सियासत
05:30को घुसाना जरूरी था। शुरूवात
05:33किसने की ये भी आपको तै करना होगा लेकिन दर्शकों एक बात साफ है
05:38जब हम इन दोनों गठनों को आपस में जोड कर देखते हैं एक बहुत दिल्चस्प तस्वीर सामने आती है
05:44एक तरफ जहां सांस्कृतिक और साजिक मंचों पे गंदगी और बुराई के प्रतीक के रूप में कौकरुजिस को जलाया जा
05:50रहा है
05:51ये जैंजी और कौकरुजिस के खिलाफ बाकी जन्ता को बढ़काने की साजिश हो सकती है
05:57वहीं दूसरी तरफ राजनितिक मैदान में सीधे तोर पर सम्विधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को रावन के रूप में पेश
06:04करके उनके खिलाफ महायुद छेड़ दिया गया है
06:07लोकतंत्र में विरोध जताने के तरीके बदल रहे हैं और अब तिहारों के प्रतीकों का उपयोग सियासे निशाने साधने के
06:15लिए खुल कर किये जा रहे हैं
06:16क्या ये सभी प्रयोग सिरफ आम जनता का ध्यान खीचने के लिए एक स्टंट है या फिर आने वाले चुनावी
06:23समय का एक ट्रिलर
06:25एक तरफ जहां सरकार और उसके समर्था किसे स्वच्चता और शासन की निश्ठा से जोड़ रहे हैं
06:30महीं दूसरी तरफ यूवा और विरोधी दल इसे लोक तंत्रो और चुनावा योग की पार तरशिता पर एक बड़ा प्रिश्ण
06:37चिन बता रहे हैं
06:38इस पूरे विवाद ने देश की राजनीती में एक ऐसी चिंगारी लगा दी है जो शान्त होने का नाम नहीं
06:44ले रही है
06:45लेकिन ऐसे में जो भी आपकी राये हैं हमें कॉमिन सेक्शन में ज़रूर बताईएगा अब देख रहे हैं One India
06:50मैं हूँ अकर्श कौशेक