00:10मुझे बस अपने घर में नहीं रहना
00:16सीधा बोलो, शादी सर पर सवार है और तुम ताबेश की घर जाना चाहती है
00:20है शादी सर पर सवार, कोई कुछ बिगाड़ लेगा मेरा
00:23एक लड़की है हुर्मत अक्रम
00:26एफपी उनिवर्सिटी से पेरेंटली एंबीए का एरिया
00:29पता कराओ कौन है
00:30कल से तुमारा उनिवर्सिटी जाना पन, गर पैठोगी
00:35अब वो आज आखरी शाम की क्लास थी, एक्जाम जोने बार ले
00:38आखों में क्या देख रही हो, एस इक्ती हो उनिवर्सिटी से
00:45ताबेश
00:49क्या सोच रहे हो, बिटा?
00:52कुछ नहीं
00:54चारज अफे मेर पास बेठो
01:04कुछ तो सोच रहे थे
01:06मुझे भी बता दो
01:08कुछ खास नहीं, बस
01:09ऐसे
01:12इसलिए मैं कहती हूँ के शादी कर लो
01:14कोई बाते करने वाली आ जाएगी न तो इस तरह से
01:17खलाओं में घूना बंद कर दोगे
01:20एक्शली, मैं यही सोच रहा था
01:23के शादी कर लो
01:26मैं मजाग कर रहू हमे
01:31पहले कभी इस तरह का मजाग नहीं किया
02:02कोई लड़की पसंद आगी है क्या
02:28आपको क्या लगता है के कोई भी लड़की आपकी जगा ले सकते हैं
02:34आपके कमी बूरी कर सकती है
02:38कभी में नहीं
02:40आपने गई नहीं जाना
02:43आप मेरे साथ ही रहेंगे
02:47हमेशा
02:58तापिश
02:59मिटा
03:07मिटा
03:08आपने कर दे रहेंगा
03:43क्यासा हो अपेपर?
03:44उसे छोड़ो, वो कब आएगा?
03:46टेद टॉक दो बजे है
03:48वो कब बजेंगे?
03:49सुनो, प्लान पर फोकस करना
03:52अगर आज बिचारी बनने की एक्टिंग नहीं कर से की ना
03:54तो सारी जिंदगी बिचारी बनी रहोगी
03:55बननेगी, बहुत अच्छी बचारी बननेगी
03:58ठीक है, चलो, कैंटीन चलते हैं
04:00चाए पीते हैं और साथ साथ तुमाई रहसल भी कराती है
04:02अच्छी
04:06जिस मौशरे में कानून नहीं होता
04:09वो मौशरा बरबाद हो जाता है
04:14ताकत और खौहिश की हवस
04:16यह बनादे है, यह मैं अच्छी बच्छों के थाथ क्या करते हूंगे
04:21उसी नहीं तेखो, तापश को तेखो
04:25आप कौम के में हमार हैं
04:27आप ही इस कौम की तकदीर बदल सकते हैं
04:30झाए तुम नहीं तेखो
04:31बस तुमुझे दिस्टरब ना करो
04:36क्या मैं यह बैठ सकता हूं?
04:37जी जी
04:40आज वेरेंटेंस टे है
04:42कुप्यार मिल रहा है
04:44तेंक यू
04:51डॉक्टर इलामा मुहमद अक्बाल ने कहा था
04:53खिरत को गुलामी से आजाद कर
04:56जवानों को पीरों का उस्ताद कर
04:58हमारे अगले महमान
04:59एक यंग ऑफिसर है
05:01नहायती काबलिया इतराम
05:03असिस्टेंट कमिशनर
05:04अब मैं दावत देना चाहूंगा स्टेज़ पर
05:06मिस्टर ताबश को
05:07आईए सर
05:13असाम लेकुम
05:14मेरे नाम ताबश है
05:17आपसे एक बात कर लिया है
05:19जी जी
05:20मुझे पता है बुझ अपसत करते हैं
05:22मैं आप सब को कुछ समझा सको
05:24मैं तो
05:25खुद समझने की कोशिश कहा रहा हूँ
05:27लेकिन हाँ
05:28कुछ मेरे एक्सपिरियंसे ऐसे हैं
05:30जो मैं आप सब से शेयर करना चाहूंगा
05:33इस अच्छी मुबत में अलोक कुरबानी देते हैं
05:36प्लीज आप हुमत को संझाए ना
05:40प्लीज
05:40मैं सको बहुत खुछ रखो ना
05:42बहुत
05:44स्रास मेन आपको एक बात संझानी है
05:46हुमत आप से नहीं
05:48उस इंसान से महभबत करती है
05:49जो स्टेज पर खड़ाव है
05:53आप करता है
05:54अज़ फूचर लीडर्स एंड यंग लीडर्स फ़ पाकिस्तान
05:57और वह हुमत के कहने यहाँ है
05:59मुझे तो लगता हुमत के चकर में इतने अंदे हो जोके हैं
06:03कि आप इस इंसान की शकल भी नहीं पहचान पारे
06:07शायद आप सब को इस से कुछ समझ मिल सके
06:10और वैसे भी अगर आप पहचान भी लें
06:12तो आप इसका कुछ बगार नहीं सकते
06:13आपका बाप नहीं बगार सकता ता आप क्या बगार
06:18रवद मेरीएट
06:22मेरीएट
06:25और और और
06:26इटिरेथ gardening!
06:32आटिरें दोइ
06:33क्या है एकथोअ नी दोड़ा!
06:36य॥ओना जीज्ड़ाज गौड़ highest!
06:37अर्माउने मेरियेथ!
06:40मेरियेथ!
06:41मेरिये test,
06:42तो यूड़ा यूड़ा
06:44मेरिये serv,
06:49ँर्माउने,
06:50ँर्माउने,
06:51प्रमाउने,
06:51अर्माउने!
06:53मुच
06:55I'm really sorry
06:56extremely sorry
06:58हम इस लड़के को अभी युनिवर्स्टी से निकाल रहे हैं
07:02आप आईए मेरे साथ चलिए
07:03आफिस में बैठते हैं
07:15फराज उर्मत से महबत करता है
07:17मैं सोच भी ने सकती थी
07:19वो ऐसे बेफ करेगा
07:22तो इसने मुझे पर क्यों हमला किया
07:24क्योंकि हुर्मत आपसे महबत करती है
07:32क्या?
07:33इस बात का क्या मतलब है?
07:35आप जानते हैं इस बात का क्या मतलब है
07:36और वैसे भी
07:38महबत करने पर कोई कानून लागू नहीं होता
07:40महबत करने का हक सबको है
07:45जा रही है
07:46आगे बढ़के रोक ले
07:48इतनी महबत करने वली लड़की आपको दुबारा नहीं मिलेगी
07:52मुझे लगता है कि आप फिल्मे बहुत जादा देखती है
08:26मुझे लड़के को अभी यूनिवर्स्टी से निकाट है
08:41महबत करने पर कुछ आनू लागू नहीं होता
08:44महबत करने का हक सबको है
08:49जा रही है आगे बढ़के रोक ले
08:52एक्स्क्यूज मी एक्स्क्यूज मी आप ताबिश है
08:56सॉरी
08:57आप ताबिश है
09:04आप मेरे हीरो हैं
09:05मुझे पता एप पहन नहीं है
09:08क्या पता कल आपसे मुलाकात हो ना हो
09:11प्लीज
09:18अंदी हो गया
09:32हुर्मत ये रोती वी शकल बनाने से कुछ नहीं होगा
09:35देखो, मैं तुम्हारा तुक समझ सकती हूँ
09:39अल्ला ने सारे रोगी मेरी नसीब में लिखती है
09:43समिस्ते खतम हो है, घर बैठने के दिन थे लिखे
09:45तुम मत आती, क्यों आई हो फिर?
09:47मिंते करके बुलाया है, अब नख्रे कर रही हो
09:49तुमसले का हल निकालने के लिए बुलाया था ना, मजाक उड़ाने के लिए नहीं
09:53यार मेरे पास जितने हलते मैंने बता दिये
09:55तुम्हारे उस ताबिश को समझाने की भी कोशिश की
09:58लेकिन कोई फर्रक नी पड़ा, अब मैं क्या करूँ?
10:11वर्मत वो देखो ताबिश
10:15और आलो मजाग
10:17देखो तो सही
10:25आप
10:27आप
10:28आप
10:28आप
10:29आप
10:30आप
10:37आप
10:45मेरा ओदा मुझे
10:46इस तरह युनिवेस्टी में बैटके कॉफी पीने के इजाज़त ने देता
10:53मैं आप
10:54आप
10:54जरूरी बात करने आया हूँ
10:57बोले
11:01अगर आप मुझे पसंद करती है तो
11:02आप मुझे खुछ से भी जादा पसंद है
11:16ठीक है
11:17तो फिर कल मैं अम्मी को आपकी खेयर रिष्टे के लिए भीज़ दू
11:49आप
11:51अगर लगता है एला ने तुमारी सारी मुझेलों का कॉम्पंसेशन तुमें दे दिया
12:17रबाजी को फोन कर रहा था, फोन नहीं उठा रही है
12:24अक्रम भाई, भाजी, आपकी बेगम फोन नहीं उठा रही है, फिस के हवाले से बात करने थे
12:31मेरी पेगम्बर तू क्यों फोन कर रहा है
12:40अक्रम भाई, बाबी फोन करती है, बेटी के पेक अंट आप के उकाद बताने के लिए
12:45नंबर दोने, किस नंबर शकाद करती है
12:48मैं नंबर भेज दे तू, लेकिन वो मेरी फीस
12:51फोन नंबर भेज तू
12:52अदिया तू
13:22नंबर तू
13:22नंबर तू
13:23नंबर तू
13:49नंबर तू
13:52नफीजा
13:59ताबिश साब, आप यहाँ खेरियत है
14:01आप मुझे जानते हैं
14:04सराब को को नहीं जानता हूँ
14:08भाई साब, मैं ताबिश की वालना हूँ
14:11अच्छा साब ने को
14:13आप तो बेटें पीस, खड़े के हूए
14:15थाइक यू
14:19सबसे पहले तो
14:20भाई साब माजरत चाहूंगी
14:22कि हम लोग बगहर बताई ही आगए है
14:26दूसरा यह कि
14:27इरा अर ताबिश का और कोई है नहीं
14:29तो इससे मैं ताबिश कोई अपने साथ लेकर आई
14:32यह नहीं बहुत अच्छा किया आप ताबिश से कौन वाकिफ नहीं है
14:37इसने जो शेहर के लिए किया है सब जानते ही है
14:41आपका अपने ही घर है आप
14:45बहुत शुक्रिया
14:48हम दरसल आपकी बेटी
14:51हुरमत के बारे में बात करने के लिए आई है
14:58हुरमत के लिए क्या बात करना है
15:01वो हुरमत की सहेली है ना काइनात
15:04मेरी दोस्त की बेटी है
15:07उसने बहुत आरिफ की है
15:08हुरमत के किरदार की उसकी तर्बियत की
15:10तो
15:14मिलवाएंगे नहीं वैसे आज हुरमत से
15:25उन्हों क्यों जी खेमार रहे थे
15:26कुछ नी कुछ नी है जर बुला रहे हैं
15:28अब्दू उन्हों नहीं काई
15:30क्या काई
15:31तो
15:37अरे असाम ने कौई
15:39वालेक मसलाम माशाथाळा
15:41कितनी प्यारी बेटी है
15:43बिलकुल अपनी अमा जसी है
15:45आओ मेरे पास बेटो
15:53शर्मा रही है
15:57जब से खुरमत पैदा हुई है दस इसी का सोचा है
16:02दिन रात इसी की हिफाज़त की है
16:05अपना आप तो पूली गए
16:10मैं समझ सकती हूं भाई जी
16:13ओलाद की तर्वियत बहुत बड़ी जिम्मेदारी है
16:15और इस माशरे में अअलाद अगर बेटी हो तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती
16:23जे
16:29ताबिश के वालिद साहब
16:35उनकी काफी अर्सा पहले वफात हो की थी
16:41अच्छा भाई साब हम खानदानी लोग है
16:45आप जहां से चाहें हमारे बारे में त�हकीक कर सकते हैं
16:49हम सोच समझ कर फैसला करकर आएं हैं खरमत बेटी के लिए
16:53और यकिन कीजे अगर आप मेरे बेटे ताबिश को खरमत की हफाज़द की समयदारी दे देंगे न
16:59तो ये अपनी जान से ज्यादा आपकी बेटी की हिफाज़त करेगा
17:06तावेशी खाब्दियत पर पूरा फरोसा है मैं
17:18अरे पॉस्टर मीली बच्ची आजकल ऐसी बच्चीयां कहां है
17:23लेकिन मुझे असास है कि
17:26आप लोगों को सोचने के लिए वक्त नहीं मिलाए
17:29तो आप वक्त ले लीजे
17:31सोच समझ कर हमें जवाब दीजेगा
17:34हमें आपके फैसले का इंतसार रहेगा
17:37बहन जी सोचने की क्या बात है
17:40तावेशी कवाई तो सारा शहर देता है
17:43मुझे कोई अतराज नहीं है
17:48बहुत बहुत शुक्रिया भाई सब आपका
17:50फिर तो मुबारक को आपको
17:51मुबारक को बिटा
17:59अल्ला ने बहुत बड़ा करम किया
18:04देखा ये फाइदा होता है अच्छी तर्भियत ना
18:08उसकी सहीदी ने भी उसकी गवाई दी
18:12किल्दा का शुकर है
18:15पिर ताविश तो बहुत मिशूर अफसर है
18:18एसी है भी
18:21एसी होता क्या है
18:25असिस्टन्ट कमिशनर
18:29तुरा शेहर चदाता है
18:31तरक्की हो तो फिर
18:33डीसी बन जाता है
18:36डेप्यूटी कमिशनर
18:38फिर कमिशनर
18:40हर साल उनकी ताकत
18:42बढ़ती ही जाती है
18:45और पिर तो बहुत मशूर अफसर है
18:47कहा तक जाएगा कौन कह सकता है
18:51लगा ने बहुत करम किया
18:58हुरमत के वेनवाले को तुम फोन करती थी
19:05मेरे पास तो फोन ही नहीं
19:07पिर कौन करता था
19:08अबू काइनात मेरी दोस्त
19:18वेनवाले को क्लासिस की टाइमिंग्स का बताना होता था
19:21और अपने ऐसार डराया हुआ था कि बता नहीं सकते थे
19:28तो काइनात की अमी बनके उनको बता देती थी
19:51तुम्हारे बाबा ने कुछ नी कहा फॉरल से हा करती तुम्हारे बाबा ने किश नी कहा फॉरल से हा करती
20:02tym
20:02अब नहीं चाहेंगे, ताविश की गवाई तो पुरा शहर देता है, हमें कोई अतराज नहीं है
20:07अजीब बहुत है, आमसी बात है, ताकत के आगे तो बड़े-बड़े बाच्शा पर गल जाते है, खुरमत की अबबू
20:13तो फिर मासूम से हैं, मेरे बाबा कहते हैं, ये महबबत, तालोग, ताकत के आगे सब धेर हैं, महबबत भीना
20:21सिब कुछी केसे में अंधी होती है, वरन
20:36एक मरज जाते हैं और एक जीत जाते हैं, पता हो, फीमेल माकूर किसके साथ जाती है, जीतने वाले के
20:42साथ, वो दूसरे मात को से ये नही बूछती कि तुम कैसे हो, तुमारी फिलिंग से हो तो नही हुए,
20:47क्यों? बग्यूस इस वर्ल इस वर्ड़ इस विनर और ताबिश �
20:51विनर है, वो लूजर नहीं है, लूजर से याद आया, और आस केस है, वो गॉड नाम ना लो साथ
20:59को का, तुम दुनों को पता है, एक लड़की मुझे बदा रही थी, उसे मल्टिपल परसनालिटी डिसॉर्डर है, उसके अब
21:04ने थाने में रिपोर्ट्स तिखा कर ना उसक
21:24जा कर भी लूजर से वो पता है, और आ पर फफ़स्ट पूब यहां भी बटन्य में जाओगान प्लाओपक रला
21:35बादी ने ने एूजर्ब ने वीड़की मुशन से से वाद़ कि विल्ड़की मुशन. के लुड़की मुशन से विपिन से वाद़
21:51मुशन. के बदार में लो �
21:51अब
22:10शुक्रिया
22:13शुक्रिया किस लिए?
22:15वो दर्वासा को लिए
22:17यह तो मैंने सारी जिंदगी करना है
22:21आप हमेशा शुक्रिया भोलेगी
22:28आप डर रही है?
22:33आप इतने तेज कैसे हैं?
22:36मेरा काम ही कुछ ऐसा
22:38तेज होना पड़ता है
22:40अच्छा आप यह बताएं कि कॉफी पिएंगी या खाना खाएंगी?
22:49अच्छा मेरा का बताएंगी
22:50पर खाना पर काफी
22:51पर इंद न पर काफी
22:52यह जलो बैल पर दो
23:01मैं पहली दवा किसी शक्स के साथ ऐसे रेस्टराउंट में आकर बैठी हूँ
23:06इसलिए इसलिए तना डरी विए थोड़ा सा ख्वाब सा लग रहा है
23:12आप मेरी फैमिली से मिल के कैसा फील करें?
23:15I feel good. पता है जब आप नहीं थी ना तो बस मैं जिन्दगी काट रहा था
23:21अब जब से आपके साथ जिन्दगी गुजारने का सोचा है तो जिन्दगी अच्छी सी हो गई है
23:28मैं खुद को बहुत लगी समझती हूँ क्या आप मुझे मिले?
23:34आप मेरी नंबर वान है
23:36अच्छा?
23:38नंबर टू कौन है?
23:40अम्मी
23:44खुर्मत आपसना मुझे बहुत प्योर वाइबस आती हैं
23:52मैं जब आपकी तरफ देखती हूँ तो इसे लगता है कोई खौफ देख रही हूँ
23:58डर लगता है या आंख ना खुल जाए
24:02आप बहुत एग्जाजरेट करती हैं
24:04नहीं मैं सच
24:11मैं सच कह रही हूँ
24:13मैंने ना खौबों ख्यालों में कहीं दफ़ा ऐसे बैठके आपके साथ बाते किये
24:18रिली? स्ट्रेंज
24:21इतने पक्के विजूल खौब आते हैं?
24:23हम लड़कियों को आते हैं
24:26दिन राद चार दे बारी में बंद रहने के बाद
24:28हमारा दमाग हमें कहानियां दिखाता है
24:31और हम देखने लगते हैं
24:34मैजिनेशन इतनी स्ट्रॉंग हो जाती है
24:36कि हम सब देख लेते हैं
24:42हुरमत
24:43मैं आपको ऐसे जिन्दगी दूँगा
24:45जिसमें आपको ये
24:46जहन के बनाईवोई कहानियों में जीनाना पड़े
24:50कि आपकी कहानियों को हकीकत बना दूँगा
24:59आपकी कॉफी ढ़नने हो जाएगी
25:15तुमारे साथ बाक्स कैसा गुदरता है पता है नहीं लगता
25:18मुझी भी
25:20अब हाथ तो नहीं कापत है
25:23आथ प्राकर दिखाओ
25:26घुट
25:28तुम्हें किसी से डरने की जुरूरत नहीं है
25:30किसी से डरने की जुरूरत नहीं
25:31अब नहीं दुट
25:33घुट
25:37अब आपस
25:39आपस
25:57आपस्ट
25:59क्याव
25:59आपस्ट
26:01आपस्ट
26:02आपस्ट
26:06आपस्ट
26:06आपस्ट
26:06आपस्ट
26:22आपस्ट
26:23किसे गुजारते हैं भाईजी?
26:25यहां की आपध
26:27मजब शेरी हैं का बहुत अचा ख्यार लगती है
26:30बहुत अच्छा वोगत का जरू
26:32पर भी
26:34अपनों के ख्याल रिखने में और दूसरों के ख्याल रिखने में फर्क तो होता है
26:38असलाम लेकूम
26:40अर्मत आई
26:41जी जी वही है
26:43बात खरो
26:45आँ
26:47असलाम लेकूम ताया जान
26:49वालेकूम असलाम बिटा
26:51अभी याद कर लिया करो
26:52ताया जान
26:53रोज याद करती हूँ आपको
26:56लेकिन इंटरनेट वाला फोन नहीं है
26:58इसलिए आपको कॉल नहीं कर सकती
26:59ठीक है, मैं अकरम शे कहता हूँ
27:02तुम्हें फोन ले देगा
27:04नहीं, नहीं, ताया जान उसकी बिलकुल जरूरत नहीं है
27:06जरूरत है बिटा
27:09और वैसे भी
27:24बिटा, जिंदगी इसनी असानी से समइख लूरत है
27:28जब समझ आती है न तो जिंदगी बदल जाती है
27:32सब्सक्राइब
27:33चाही कह रहे है, मेरी जिंदगी तो बहुत बदल गई है
27:36अच्छी बात है बिटा
27:39तब डीली बेतर होती है
27:43बिटा, वो ली नारी है
27:46इंजेक्शिन का हसर है
27:48तुम दरो अकरम को फोन दो
27:50ठीक है बेंजा
27:52लाफिज
27:52अलाफिज बटा अबू
27:54जी दिरो
27:56जी भाई जी हो कम
27:57अकरम वो माजीज आजकल पाकिस्तान में है
28:01पाकिस्तान में क्या कर रहा है
28:03सोशल कामस है आप है
28:05हुँजा में को चैरिटी इवेंट है
28:07वो सिल्सले में आप
28:08तुम से मिलने दे हो रहाएगा
28:10अच्छा अच्छा ठीक है
28:14अलाफिस
28:16अलाफिस
28:21अजाप वाबिस्तर पे पढ़ा है
28:23और ये पहाड़ पे चुड़ने
28:26सोशल वायर करने है
28:27तो अपने बाप की खिद्मत करना
28:32अच्छा नहीं आज की नसल को होता क्या जा रहा है
28:39खंडी है
28:56अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा रहा है
29:33मुबारको आपको भाई साम
29:34आपको यवात मुबारक
29:36भाभी जी आपको भी बहुत मुबारक
29:38मुबारको बिटा
29:41मेरी बहू को भी बहुत मुबारक
30:00लुख दो लुख दूख जा रहा है वापिस गुट जार है
30:11कुछ दिनों तक यह वैसे जितना भी मैं अपने मुल्क को बरा बला कहलू ना
30:18यहां से वापिस जाते वक्त हमेशा एक अदुख सा होता है रुजाना सोचता हूँ कि मैं आज चला जाओंगा है
30:23कल चला जाओंगा लेकिन दिली नहीं करता है यह दिलन अब तेरे सामने ही बैठो
30:28साहीज अब अपने मैं जसी जगह कोई होड ही नहीं सकती बेशक इनो 9 अच्छा खेर मुझे उसके बारे में
30:36बताल बो 35 क्या बनौ इसका कुछ अपडेट्स हैं हम्हम कैसी अपडेट्स मिलने आयी थी मिलने आई थी नहीं मिलने
30:52आई थी रिजदत कर भापी यह तेरी
30:56भाभी, इतनी जल्दी, हाँ मेरे मंगनी कर लिया
31:01मंगनी, तुन्हे मंगनी कर लिए किस से
31:06खर्मत से, पूर्मत से, कभ भाई और मुझे पताया भी नि
31:12I know मैं, I'm sorry, यह सब कुछ अतना जल्दी हुआ कि
31:16honestly मुझे मौकाई नहीं नहीं, वरना मैं तुझसे कुछ शुपा सकता हूँ
31:21तु ड्रामे लगाता था ना तू, शादी नहीं करूँगा, शादी नहीं करूँगा, अब समझाई है
31:26अब जब लड़की मिली ही नहीं थी, अब जब अगे मिल गई है तु नहीं सचा कि अंगुठी लेके उसके
31:31पास चला जाओ हूँ
31:35लड़की नहीं, बाभी
31:38मेरे शुक्री अदा करो, उस्तानी मानती हो ला फिर
31:41उस्ताद दोहोत, कैसे स्कीम काम आई?
31:44स्कीम तो नहीं थी
31:45स्कीम नहीं थी, तो फिर क्या था?
31:48महब्द, पिओ लौषए बातें सुनो इसकी
31:51पिर लौषए पिर लौष�it अप्लाब ऐसे प्लैंड करके नहीं होता
31:55प्लैंड कहा है
31:56यह तो सब उपर वाले की प्लैनिया, सब अलामिया करते है
32:00तीके हुरमत, दिल की तसली को ख्याल अच्छा है, यह सारी सिंदेगी अपने आपको कहेगी, मेरी तो लाव महरेज हुई
32:05थी
32:08क्या, मारी की मुझे? हाँ, अब तो असिस्टिंग कर मिरसे से से शादी होने वाली, अब तो तो मार भी
32:13सकती हो
32:14मुझे अच्छी ताबर से महबबत है, मैं उसकी ने परी जान भी दे सकती है
32:18अच्छा, अच्छा, अच्छा, अच्छा, कुछ और किरते हैं
32:22चलो, चाय मंगात
32:23वजाना
32:24लेकराई
32:25तुम दुनों हमेशा मुझे ही भेजते हो
32:28सैंड़िच में
32:39आजे हैं
32:47जी अच्छा, जीब
32:48मैं तुम्हारे लिया
32:56शुक्री अबो
33:01मैं तुम्हारे साथ बहुत सक्ती की, लेकिन
33:06मैं नियत सिर्फ तुम्हारे हिफाज़त की थी
33:14अगर कई मुझसे कोई गलती हो गई हो, कोई कोता ही हो गई हो
33:18तो मज़ माफ करते ना
33:22भूल जाना
33:26माफ कर सकती हूँ अबो
33:29भूल नहीं सकती
33:34अपनी सक्ती की आपने, इतनी सक्ती
33:39मेरे यूनिवर्सिटी में इसी लड़की के अबो ने अपनी बेटी पर इतनी सक्ती ने की जतनी आपने मेरे की
33:46मेरी नियत सिर्फ मैं और मेरा अल्ला जानता है
33:52एक उन तुम भी समझ जाओगी
33:53नहीं समझूंगी मैं, कभी नहीं समझूंगी
33:57पाप से किस लेज़े में और क्या बात करती
33:59अमीर लेज़ा गलत हो सकता है लेकिन मेरी बात गलत नहीं है
34:03किल बात नहीं
34:07अब यह मेहमान है
34:11और मेहमानों की बात का बुरा मी मानते है
34:18सोजाने तो इसे
34:29खामन मिलकिया तो बाप का रुदपा मत भूल
34:34सबान को लगाम दे