00:00बड़ी खबर आपको देते हैं और बड़ी खबर कॉलकता से जहां पर बहुत बड़ा हाथसा हुआ है चौरबागान इलांडाल में
00:05दुरगाप पूझा पांडाल में यहाथसा हुआ हुआ जिसमें 17 l Bayern पार बाहर निकल नहीं पाए
00:21और इस बज़ा से बड़ा हादसा हुआ, 17 लोगों के जान चले गए है, घायलों को मेडिकल कॉलेज में भरती
00:28करा गया है, अलग-अलग अस्पतालों में ले जा गया है, जहां उनका उप्चार चल रहा है, और पांडाल में
00:32अचाराक भीड बढ़ने की बज़ा से भगदर मच
00:35एक के बाद एक लोग आते चले गए और फिर दमते चले गए, मुख्यमंतर शुबेंदो अधिकारी ने साथ से के
00:41बाद अस्पताल पहुँचकर घायलों से मुलाकात की है, उनका हाल चाल जाना है, जाज के निर्देश भी दिये का है,
00:46इस मामले में एविडेंस रखने के ल
01:02लेकिन पश्री मंगाल वहां तो बारिश होती है, तो ऐसे इंतिजाम तो होने ही चाहिए थे कि बारिश वाली परिस्थिती
01:07में लोग आये हैं, दर्शन भी करें और लोग सामाने और सही तरीके से बाहर में निकल पाएं, ऐसे इंतिजाम
01:13नहीं थे, इस हादसे के बाद से र
01:29पारिकरम आज के स्थागित कर दिये हैं, रक्षा मंत्री राजनाथ सेंग में और तमाम दूसरी काबिनेट मिरिसरस ने दुख प्रकट
01:36किया है, और अलग प्रदेशों के मुख्य मंत्रियों ने भी दुख प्रकट किया है, उत्तर प्रदेश के सेम विग्यादी तिनात,
01:41अ
01:42सम के सेम हेवन तब इस वसमा, शुबेंद वादिकारी, परशिमंगाल के सेम सब ही ने इस पर दुख प्रकट किया,
01:48अब तक की जो इन्वेस्टिगेशन है और अब तक की शुबाती जान्च या प्रतेक्ष दर्शियों किसे मिली जानकरी, क्या बता
02:07रहे हादसे का प्रमु
02:10कारण थी है, लोगों के गलते के वज़ा से हादसा होगा।
02:40यहां पर बारिश हो रही है कोलकाता में, भीर भी काफी जादा था, आप देख सकते हैं यह है चोडबागान
02:45दुर्गापुजा कमिटी का पंडाल और आपको थोड़ा सा नजारा हम अगर दिखाएं और यह रास्ता दिखाएं ताब आपको पता चलेगा,
02:52क्योंकि एक अब
03:08आप खुद देख लीजिए, हजारों के तादाव में हर दिन लोग यहां पर इस पंडाल देखने आते, यह पीछे का
03:17एक रास्ता है और आप देख सकते ही एक बाइलेन है और कितना नैरो यह बाइलेन है और एक्जिट रूट,
03:23अगर हम इसको अल्टरनेट एक्जिट रू�
03:36और इसी रास्ते से अभी पुलीस जो है, पुलीस की टीम, मीडिया का जो जितने भी मीडिया कर्मी है उनको
03:42इसी रास्ते से लेके गई है, पंडाल तक मीडिया एंक्लोजर बना दिया गया है, क्योंकि कुछ देर में CM का
03:49आने का संभावना है, खुद इस जगा का जाइजा �
03:53लेने के लिए वो आ सकते है, लाइट जरूर लगाया गया है, जो पूजा कमीटी है, उन्होंने यहाँ पे लाइट
03:58जरूर लगाया है, ये एक alternate exit route हो सकता है, ये जो volunteers हैं, आप देख रहे हैं, वो
04:04जा रहे हैं, ये सब civic volunteers है, कोलकता पुलीस के, जो हजारों के तादाद में
04:11तैनाद रहते हैं, पूरे शहर में, हर एक दुरगापुजा पंडाल में, और ये रास्ता मैं आपको दिखा दू, करीबन मुझे
04:19लगता है, 100 मीटर का ये रास्ता होगा, ये छोटा सा बाइलेन है, तो और इसके बगल में एक parallel
04:25रास्ता है, जिसके अंदर ये दुरगापु
04:41दुरगापुजा तक आपको ले चलेगा, तो मैं कामरा परसन तापस बैरी को कहूंगा आपको दिखाने के लिए दर्शकों को भी
04:48थोड़ा सा समझा दू, मेरे बाइं तरफ है Central Avenue, ये जो रास्ता आपको दिख रहा है, ये ही है
04:54चोडबागान दुरगापुजा में आने का
04:56main entrance, वहाँ पे Central Avenue है, जो आप कह सकते है, कोलकाटा का life line माना जा सकता है,
05:02और उसी रास्ते से अगर हम लोग इस lane से, main Central Avenue से इस lane में आना पड़ेगा पहले,
05:09और उसके बाद इस lane में आने के बाद, जिस तरह का lane आपको मैंने दिखाया, उससे थोड़ा सा चोड़ा
05:15होगा, क्य
05:21यह है main lane, मुखह, entrance, main lane जो है, वो यह है, इसके अंदर से चोड़बगान के दुरगापुजा, जो
05:29दर्शनार्थी है, वो लोग जा सकेंगे, और आप देख सकते हैं, कितना narrow यह lane है, तो एक lane, यह
05:36है by lane, और इसके अंदर है पंडाल, 1936 में यह पूजा शुरू की गई थी,
05:411990 साल का पुराना यह पूजा है, और यह जो इलाका है, मैं थोड़ा camera person को बता दू दिखाने
05:47के लिए, यह उत्तरी कोलकाता का छेतर है, कोलकाता में जो प्रसिद राम मंदिर है, central कोलकाता में, उसके बिलकुल
05:55बगल में, उसके पीछे ही यह चोड़बगान का दुरगाप�
06:09तो इसलिए इन सब जोगों में movement करना अमोमन बहुत difficult रहता है, और यही कारण है कि जब बहुत
06:18जादा भीर हो जाती है, तो एक exit होना बहुत ज़रूरी है, अगर यह पंडाल का मुखदवार है, और इस
06:25तरफ से मेरे right से अगर लोग यहां से आएंगे, तो इसी रास्ते से �
06:30या उस तरफ से निकलने का और इसी रास्ते से आप दूसरे तरफ विधान सरनी का रास्ता आता है, वहां
06:35से लोग निकल सकते हैं, लेकिन जो entrance और exit है वो बहुत ही narrow है, और हर पिछले कुछ
06:42सालों में यह चोरबगान का जो पंडाल है, जो दुरगापुजा है, वो काफी famous ह
06:47हर एक दुरगापुजा में कोलकाता, यह जितने भी पंडाल होते हैं, उनके बीच में competition होता है, awards दिये जाते
06:54हैं various companies से, जो सबसे स्रेश्ट पंडाल बनाता है, सबसे ज़्यादा क्रेटिव वो होता है, और उसमें यह होता
07:01है कि जब real viral होता है, social media में जब भव्य पंडाल �
07:05और मूर्ती देखने को मिलता है, तो लोगों का हुजूम भी बढ़ जाता है, लोग आते हैं यह आपे, और
07:10पिछले कुछ सालों में वही हुआ है चोडबागान के साथ, यहां का जो इंदरिजीत बिल्कुर यह पंडाल भी, famous तो
07:16हो गया, बड़ा भी हो गया, भव्य भी हो
07:21पाए, यह चिंता जनक बात है, हमारे साथ समधाता अनुपम भी उनके पास जाएं, उसे पहले बड़ी ख़बर आपको देते
07:26हैं, रास्ट्रपती ने एक्सपर पोस्त रिखा है, खौलकिता में हुए इस हाथसे के बाद से उन्होंने पोस्त करके दुख प्रकट
07:33किया है, �
07:49हुए, दो-दो-लाक रुपे के अनुगरे राशिक के आइलान किया है, पचास जाद गाहिलों के लिए एलान किया है,
07:53राहूल गांज ने दुख प्रकट किया है, और कॉलकता पंडाल हाथसे से मैं दुखी हुए ठीक हुए, यह उन्होंने लिखा
07:58है, मलिक आरजुन करड़
08:18है, तो यहाँ पर तो इंतिजाम भी वैसे ही होने चाहिए थे, लेकिन इंतिजाम ऐसे नहीं, मताब उस रेस में
08:24आप दौड रहे हैं, जहाँ पर भव यदिव यदिव यदिखाना चाहते हैं, लेकि सेफ बनाना भूल गया इस पंडाल को।
08:48इतने संकरे हैं कि वहाँ पर बहुत ज़्यदा भीड को समालना बड़ा मुश्किल होता है, ऐसे में यहाँ पर यह
08:54देखिए, इस वक्त मैं दिखा रहा हूँ, काफी संक्या में मीडिया कर्मियों को आप देखेंगे, क्योंकि मुख्यमंत्री शुवेंदू अधिकारी के
09:00य
09:13बाहर में एक एक खिष्टों में भीड को छोड़ाया सकता था, भीड को रोक कर पहला एक बैच या फिर
09:20दूसरा बैच कई तरह के इंदर्जाम किये जा सकते थे जो किये भी जाते रहे हैं और हमेशा से होते
09:24रहे हैं, फिर आखिर यहाँ पर अचानक से यह अगर बारिश हो
09:30रही थी, चले बाहर निकलना मुश्किल था, लोग फिर अंदर चले गए, लेकिन लोग अपनी जान बचाने के लिए भीगना
09:37पसंद करेंगा, जिन्दगी दाउट पर लगाना तो पसंद नहीं करेंगे, तो ऐसा कैसे हो सकता कि लोग बारिश की बारिश
09:44की बारिश की बार
09:45रगे क्यों भीतर ही थे, क्या कुछ और भी है जो अभी तक सामने नहीं आया है?
10:15जानक से जब बारिश शुरू ही है, तब जो ये प्रवेश द्वार है, यहां से कई लोगों का कहना है
10:21कि हजारों के संख्या में भीड अंदर गुसी है, और जो एग्जिट गेट था, वहाँ पर लोग बारिश की वएश
10:26से बाहर निकलना नहीं जा रहे थे, तो जो मुख्
10:32लोग एग्जिट गेट के वहाँ पर हुई है, जो गहमा गहमी हुई है, तो इसका मतलब यही हुआ कि एग्जिट
10:39गेट का जो पैसेज था, वो काफी कम था, वहाँ पर समुचित धंक से व्यवस्था नहीं की गई थी, अगर
10:45भीड एक बार में बाहर निकले, तो कैसे निक
11:00गेट है वो थोड़ा ज्यादा चोड़ा है तो ऐसे में जब एंट्री गेट से पब्लिक घुसी है हजारों के संखा
11:05में भीड घुसी है और एक्जिट गेट से भीड नहीं निकल रही थी तो दबाव वही पर हुआ है या
11:09निकलने की कोशिश भी की गई होगी तो अगर जगा �
11:12इतनी सी है तो ऐसे में भीड घुस के निकलने की कोशिश जब करेगी तब भगदर हो सकती है ये
11:17एक एक जो कारण मुझे समझ में आ रहा है लेकिन सीसी टीवी वेगरा हैं आखिर एक्जैक्ली क्या हुआ था
11:24वो सीसी टीवी वेगरा देखके जो आई बिटनेस हैं जो खास
11:41इंद्रजीत कुंडू भी हमारे साथ लगाता है इंद्रजीत दुर्गा पूजा और समय में पंडाल लगना मतलब यह बहुत बड़ा फेस्टिबल
11:49है पश्यमंगाल के लिए तो ऐसे में क्या नियम है किसी दुर्गा पूजा पंडाल के लिए और उन नियमों को
11:56माना जा र
12:10रहते हैं मैंने वह आपको दिखाया कि बहुत ही पुराना इलाखा है उत्तरी कोलका ताका और एक घर के बीच
12:17में जो लेंज बाइलेंज होता है वह बहुत ही नेरो होता है यहां कि कुछ लोग है उनसे बात करेंगे
12:22आपको क्यों लगता है आप लोग इस इलाके से हैं यह �
12:29तो बारिश भी हो रही थी, और जो कमीटी की तरब से उतनी लोगों की वेवस्ता नहीं थी, आपको खुद
12:47आप अंदर जाते हो उसमें, आपको एक साधारन आदमी हैं, आपको खुद पता चल जाता है, कि यहाँ इस चंपेज
12:52हो रही सकते हैं.
12:58अबनाल के अंदर लोग बाहर नहीं निकले ताकि बीग ना जाये और जो लोग बाहर थे वो लोग अंदर जाने
13:03की कोशिश कर रहे ये कारण था ये बहुत बड़ा कारण था लेकिन एक क्राउज में कंट्रोल करने के लिए
13:09वॉलेंटियर और जो पुलीस बल होना चाहिए था
13:12वह नहीं था वह लेकिन बारी शुरू हुई तो मुझे यह बताई यह तो भीर को अंदर आने क्यों दिया
13:17गया वहां पर रोका क्यों नहीं गया वह तो पुलीस का गहलती है ना यह लोग वालेंटियर नहीं था कुछ
13:22नहीं था सब भाग गया तो क्राउट तो इस दिख रहे ह
13:30सब जब हो गया तब लेकिन आप यह कह रहे है कि पुलीस का जो डिप्लामेंट जिस हिसाब से होना
13:36चाहिए था वो नहीं हुआ था क्योंकि पिछले कुछ दिनों से सोचल मीडिया वे वाइडल चल रहा था कि यहां
13:39पर भी बहुत भीर थी हजारों में नहीं लाकों में भीर
13:55लोगों में पहली पूजा से ही बहुत जादा अरस था तो पहली दूसरी पूजा में ही समझ में आ जा
14:01रहा था कि यहां पर भीर बहुत जादा आप समझ सकते हैं क्राउड कंट्रोल जो है क्राउड कंट्रोल करने का
14:05जो मैनेजमेंट है यह जो डिप्लाइमेंट होता है वो
14:08जो लोग यहां पर रहते हैं वो कह रहे हैं कि इतने सालों से पूजा देख रहा है, पिछले कुछ
14:13सालों में जैसा कि हम लोग कह रहे थे, पिछले 5 साल से कोई कह रहा था, बहुत जादा famous
14:17हो चुका है ये पूजा, लेकिन ये 90 साल का पुराना पूजा है, और आप सोच सकते ह
14:20ये पूजा इसी गली के अंदर होता है, ते सालों से हो रखा है, लेकिन पिछले कुछ सालों में उनका
14:26theme माने या उनका artwork देखने के लिए बहुत जादा लोग आते हैं और हर साल पिछले कुछ सालों में
14:31हमने दिखा है, उनका प्रतिमा, उनका पंडाल होता है, वो वाइरल ह
14:36हो जाती है social media में, इसके बज़े से लोगों में जादा उत्सा होता है इसको देखने के लिए, लेकिन
14:41problem ये है कि जो main road है, उस main road से करीबन कितना दूर होगा, ये 100 meter का
14:46दूर होगा, ये 100 meter के फासला तैग करके आपको पहले इधर आना है, ये थोड़ा सा चोड़ा है, लेकिन
14:52जब आप entrance के तरफ अगर ध्यान दे, तो आप देखेंगे कितना narrow एक by lane है, जिससे main entrance
15:00होता है, मैं तापस दा को मैं कहूंगा, थोड़ा सा camera आगे लाए, ये जो main entrance है, आप देख
15:05सकते इतना ही चोड़ा है, इससे जादा नहीं है, ठीक है, और उसके बगल में थोड़ा सा ज
15:11जगा रखा गया है VIP entrance के लिए, मैं camera person तापस बहरी को कहूंगा, ये हर एक अमोमन हर
15:17एक दुरगापुजा पंडाल में होता है, कि एक main entrance होता है, उसके बगल में एक VIP entrance होता है,
15:21क्योंकि इतने सारे VIP movements होते है, मंत्री या film stars हो या जो भी आते हैं इनको देखने के
15:27लिए तो उ
15:40जिफ्ट और राइड, दो exit route है, एक central avenue के उपर लोगों को discharge करता है, दूसरा विधान सरनी
15:46है, दूसरे तरफ वहाँ पे लोगों को discharge करने का जो exit route बनाया गया है, लिए
15:53खादसे हुआ क्यों? चश्मदीदों ने क्या देखा? चश्मदीदों के मताबिक खादसे के वज़ा क्या है? आपको सुनाते हैं
16:00दो-चाल लोग हैं, हमने उनसे यहां पर बात भी की है, और एक और, यह देखी, कुलकाता पुलिस की
16:07एक टीम भीतर में डिप्लॉई किया गया है, यह एक ramp टाइप का बनाया गया है, जिससे चल कर ऊपर
16:12लोग जाते हैं, प्रतिमा दर्शन करते हैं, फिर वहां से निकलते ह
16:16हैं, तो इसके, जब यहां से लोग घुज रहे थे, उसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई, हमारे साथ एक
16:22और, एक और, हैं, उनसे बात करते हैं, यह हादसा कैसे हुआ, क्या वज़े लग रही हैं? यह हादसा वो
16:30इससे हुआ कि अचानक तेज बारिश आ गई, तो ज
16:46अफ्तार से जो अंदर घुशन लगे, तो अंदर में क्राउड हो गया, एक दूसरे में धक्का मुकी के चलते हैं,
16:50बारिश से, सिर्फ बारिश के वज़े सी यह दुर भागे पूर्ण घटना करते हैं, बारिश तो हर साल होती है,
16:54क्राउड मेनेजमेंट हर साल बारिश में ह
17:06होता है, ऐसे घटना कभी नहीं हुई है?
17:2510 आदमी हाँ पर क्राउड को रोकने वाला है, और 100 आदमी धक्का मुकी कितने लोग उस वक्त भीतर थे
17:31अंदाजन भीतर सोल लोग से कम नहीं थे, और यह जो रफ्तार से इवा घुसे, एक्चल में इवावों को जो
17:41है, वो बारिश से भीजने के लिए इस्पिडली घुसन
17:55जो सुनने में आघारा है बहुत, नहीं अंदर ख्राउड नहीं थि, यह जो बारिश होई नहीं, बारिश तो रफ्तार तेज
18:02हो गई, बारिस से बचने के लिए लोग घुस्ते गए, और बाहर जो इनको निकलना था, बाहर जिनको निकलना था
18:11ओवार हाँ, जब यहां से ए
18:22झाल झाल