00:26।
00:30कुल से दूर यहाँ पहुचकर श्रधालू प्रकृति की शांती के बीच माता के दर्शन करते हैं
00:51मा चांग देवी को चांग भखार रियासत की कुल देवी के रूप में पूजा जाता है
00:56पीडियों से चली आ रही पूजा पधती और धार्मिक परमपराओं ने इस मंदिर को शेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जोड
01:04रखा है
01:04यहाँ के आस्था केवल धार्मिक विश्वास तक सीमित नहीं है
01:08बलकि यह स्थानिय इतिहास जनजातिय परमपराओं और पूर्वजों से मिली विरासत का भी प्रतीक है
01:15और स्थानिय जो भग्त हैं वो हमेशा आना जाना बना रहता है
01:19और ऐसा कोई ऐस कभी नहीं होता कि कभी मनोकामना पूर्ण ना हो
01:25और कभी संते स्था के साथ और भग्ती के साथ आते हैं
01:31अपने मननत पूर्ण लेकर अपने मनोकामना की ओर घर की ओर चल देते हैं
01:37We are now brand new things that we call our body, and we are selling our own property and our
01:46own property.
01:47We are selling our own property as we call it.
01:47Mata'i ki darshan ka ni ke liye keval 36 geraht se hi nothing,
01:51balki as-paas kare raji yon se bhi bhakti pa hiunchta hai.
01:54Bhakti kata ka ki hana hai ki Mata'i ki her mana-kaam na'i puuri ka tii hai.
01:57Thank you very much.
02:27ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
02:58ॐ ॐ ॐ ॐ