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  • 2 days ago
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00:08The Supreme Court judgment upholds the judgment of the Andhra Pradesh High Court and what did
00:15the Andhra Pradesh High Court hold? It had held that once an individual, if that individual
00:23converts to, in this case, it was Christianity. He cannot be regarded as a member of scheduled
00:30caste. Sarvodh Jaldeh نے کہا, कि संविधान की परिदी में आप अगर
00:36scheduled caste हैं और आप convert करते हैं. Convert करते हैं Christianity
00:41में और जो logic है judgment का, तो Islam में भी. तो जो benefit है
00:47reservation का, रक्षण का, या SCST Act के संदर्ब में ये कहा, वो benefit
00:55आपको नहीं मिलेगा. और court ने बिलकुल स्पश्टा से कहा,
01:00no person other than who performs or professes Hinduism, Sikhism and Buddhism can be regarded
01:12as a member of schedule caste. कोई और व्यक्ति इन तीन धर्मों को छोड़ दीजे,
01:19Hinduism, Sikhism and Buddhism. वो अपने आपको schedule caste बता नहीं सकता है
01:26और उसका लाब भी नहीं ले सकता है. और ये सरवोध्याले ने बड़ी
01:31स्पश्टा से कहा है कि constitution का schedule caste order 1950 बिलकुल स्पश्ट कर देता है
01:38कि इसमें जो बार है, कोई और धर्म का व्यक्ति नहीं हो सकता schedule caste,
01:45ये absolute है, कोई condition नहीं है इसमें. और सरवोध्याले ने एक बात और बड़ी
01:50स्पश्टा से कही कि ये जो caste system है, ये Christianity धर्म में कहीं पे भी नहीं है.
01:58इसलिए reservation आरक्षण का lab हो या जो special acts है, SCST act है, इसका lab वो व्यक्ति नहीं ले
02:07सकता
02:07जिनके धर्म में जो इस्लाम में भी है और Christianity में भी है नहीं ले सकता है.
02:14इस पे एक राजनितिक बात जरूर सामने आई, हम सब ने देखा है किस तरह से तुष्टी करण की राजनिती
02:23का विशैला
02:26सोच, राजनिती में Congress Party, समाजवादी Party, TMC, घोल घोल के भारत की जंता में डालती हैं.
02:47और मैं यह क्यों कहता हूँ, आप याद करिए 2024 के चुनाव लोकसवा के, पहले Congress की बात करते हैं.
02:56भारत की जंता ने जिन्ना Congress Party, Congress Party को बुलाना शुरू किया. क्यों? जिन्ना की सोच थी, आरक्षर धर्म
03:10के आधार पे भी होगा.
03:13इसेंबली डिबेट्स हुई. डॉक्टर बियार अंबेडकर सहाब के साथ, जितने विद्वान लोग थे, सम्मिदान निर्माता कहते हैं नहीं.
03:26धर्म के आधार पे आरक्षन नहीं हो सकता और यह हमारा सम्मिदान भी कहता है.
03:32लेकिन कॉंग्रिस का मेनिफेस्टो उठाईएगा, मुझे याद है. कॉंग्रिस के मेनिफेस्टो में बिलकुल स्पष्टा से
03:44अपीजमेंट पॉलिटिक्स करते हुए, तुष्टी करण की राध्दिती करते हुए कहा गया
03:49कि मुसल्मानों को भी आरक्षण मिलना चाहिए. और करनाटिका में, अगर मेरे तत्थे
04:00सही हैं तो मैं बता सकता हूँ किस तरह से पीछे के दुआर से मुसल्मानों को पिछले समाज का आरक्षण
04:12की जगा उनको अरक्षण मिल जाए, ये सुनिश्चित करने के लिए करनाटिका सरकार लगी हुई है.
04:21अच्छा, राहुल गांदी और अखिले जादव में एक और समानता है, दोनों समिदान नहीं पढ़ते हैं.
04:29सुबह उठे, तुष्टी करन के लिए क्या करना है, सोचा, दुपहर और शाम तक आते आते सम्विदान विरोधी बात कर
04:40देते हैं, और कहते हैं,
04:42अखिले जादव, इनका भी मेनिफेस्टो समाजवादी पार्टी का देख लीजे, धर्म के आधार पे सुविदाएं देंगे, आरक्षर देंगे, और तो
04:56और मुझफवर नकर दंगे हुए, आदे मुखे मंत्री अखिले जादव थे, कानून विवस्ता भंग हो गई, कु�
05:12दंगे हुए थे, तो पीड़ तो हिंदू भी थे, मुसल्मान भी थे, लेकिन अखिलेश जादव मौलाना अखिलेश को केवल और
05:21केवल, तो इस्टी करण की राज्यती करनी थी, सर्वोत न्याले ने जब फटकार लगाई, तो उस आदेश को इन्होंने बदल
05:27दिया,

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