00:00रावन की उम्र भहुत थी रावन का जो वे ठीटा था वह भी उम्र में लक्षमण से तो आगे था
00:06है शाइद रामसे भी वह उम्र में बढ़ा रहा हो रावन की इतनी
00:23दूब जाता हूँ उसको बोलते तेरे कूवे जैसे कानों
00:26में डूब डूब जाता हूँ काने ही कुवं हैं जसली है उतके
00:29सामने जुकते हैं बाकी तुम कितना ना टरक कर लो कितना दबाओ
00:34डाल लो इक आदमी खड़ा हुआ है सचमुच जवान है औरиляए हमनां
00:38ये हुआ माद