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  • 6 minutes ago
दिल्ली में मोबाइल इंटरनेट सेवा निलंबित किए जाने के मामले में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांग ली है। उन्होंने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया कि अदालत के आदेश का उल्लंघन किसी भी तरह से जानबूझकर नहीं किया गया था। सरकार ने तर्क दिया कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया था। यह प्रतिबंध केवल 9 और 10 अक्टूबर की दरमियानी रात रायसीना हिल्स के चार किलोमीटर के दायरे में सेलुलर इंटरनेट सेवाओं तक सीमित था, जबकि वाई-फाई और ब्रॉडबैंड सेवाएं सुचारू रूप से चालू थीं। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन को रोकने से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया था। गृह सचिव ने अदालत से नोटिस खारिज करने और अपने आदेश में बदलाव करने का अनुरोध किया है।

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Transcript
00:00दिली में मुबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक लगाने के मामले में केंद्रिय ग्रहस अचीव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोट से
00:08बिना शर्त माफी मांगी है
00:09उन्होंने अपने हलफ नामे में कहा कि कोट के आदेश का उलंगन जान बूच कर नहीं किया गया
00:16सरकार ने दलीर दी कि अफवाहों को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये कदम उठाया गया था
00:23ग्रहस अचीव के मुताबिक 9 अक्टूबर की रात 11 बजे से 10 अक्टूबर की रात 11 बजे तक
00:29राय सीना हिल्स के 4 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवा लंबित की गई थी
00:36उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध केवल सेलूलर इंटरनेट तक सीमित था
00:40वाइफाई और ब्रॉड बैंड सेवाओं पर रोक नहीं लगाई गई थी
00:45दरसल 11 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस द्वारा रोके जाने के मामले
00:52में
00:53सुप्रीम कोट ने ग्रहस अचीब दिल्ली पुलिस कमिशनर और DMRC के चेर परसन को अवमानना नोटिस जारी किया था
01:01कोट ने ये कदम अपने पहले के आदेश के कथित उलंगन को लेकर उठाया था
01:06अपने हलफ नामे में ग्रहस अचीब ने कहा कि दिल्ली पुलिस से इंटिनेट सेवा निलंबित करने का अनुरोध मिला था
01:13स्थीती की गंभीरता और सारवजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत को देखते हुए इस पर कानून के मताबिक विचार किया
01:21गया
01:21ग्रहस अचीब ने सुपरीम कोट से अनुरोध किया है कि वो अपने 11 अक्टूबर के आदेश में बदलाव करे
01:27ताकि कानूनी प्रावधानों और निरधारित सुरक्षा उपायों के तहत जरूरत पढ़ने पर इंटिनेट सेवा निलंबित की जा सके
01:36उन्होंने कोट से अभमानना नोटिस खारिच करनी की भी अपील की
01:41ब्योरो रिपोर्ट एटीवी भारत
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