00:07दुनिया के सबसे आधुनिक लडाकु विमान अर्वो डॉलर के हथियार और अमेरिका की खुफिया मड़त
00:13सौधी अरब के पास हूती विद्रोहियों से लड़ने के लिए इन सब की ताकत हैं
00:18इसके बावजूद यमन के ये विद्रोही सौधी अरब के लिए लंबे वक्त से बड़ी शनोती बने हुए हैं
00:25सौधी अरब ने सालों तक हवाई हमले किये हथियारों पर भारी पैसा खर्च किया और हूतियों को पीछे धकेलने की
00:33कूशिश की
00:34लेकिन लड़ाई का नतीजा उसकी उम्मीद के मुताबिक नहीं निकला
00:38अब इस संगर्ष में तेल और गैस से होने वाली कमाई का मुद्दा भी एहम हो गया है
00:44हूति चाहते हैं कि यमन के संसाधनों से मिलने वाले राज़त सुका बटवारा उनकी शर्तों के मुताबिक हो
00:51यानि लड़ाई अब सिर्फ जमीन के कबजे की नहीं बलकि पैसे, सत्ता और यमन के भविश को लेकर भी है
00:59सौधी अरब के लिए सबसे बड़ी परिशानी ये है कि हूतियों को कमजोर करने के लिए सेन ताकत का इस्तेमाल
01:06करने के बावजूद उनका प्रभाव खत्म नहीं हुआ है
01:09दूसरी और हूतियों ने कम खर्च वाले ड्रोन और मिसाइलों के जरिये ये दिखाया है कि बड़ी सेन ताकत रखने
01:17वाले देशों को भी लंबे वक्त तक दबाव में रखा जा सकता है
01:21इस पूरी कहानी को समझने के लिए यमन में शुरू हुई उस लड़ाई को देखना होगा जो एक दशक से
01:27जादा समय बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है
01:312014 में हूती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना पर कबजा कर लिया था इसके बाद देश की अंतराश्तिय मानता
01:39प्राप्त सरकार कमजोर पड़ गई और यमन में राजनीतिक संकट गहरा हो गया
01:43मार्च 2015 में सौदी अरब ने कई देशों के साथ मिलकर हूतीयों के खिलाफ सेन अभियान शुरू किया
01:51सौदी अरब का मकसद यमन की सरकार को दोबारा सत्ता में लाना और हूतीयों के कबजे को खत्म करना था
01:58सौधी अरब को उमीद थी कि उसकी वायुसेना और आधनिक हतियारों के सामने हूती जादा वक्त तक नहीं टिक पाएंगे।
02:06शुरुवाती दौर में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किये गए, खूतियों के ठिकानों, सैन ठिकानों और हतियारों के भंडार को
02:13निशाना बनाया गया, लेकिन हवाई हमलों के बावजूद खूतियों की पकड़ पूरी तरह खत्म नहीं हुई, समय के साथ ये
02:21लडाई स�
02:24सैन अभियान बन गई, यमन में मानुवे संकट बढ़ा और युद्ध के राजनीतिक समाधान की कोश्चे भी चलती रही, 2022
02:32में सन्युक्त राष्ट की मध्यस्था से हुआ संगर्ष विराम कुछ वक्त के लिए हिंसा कम करने में मददगार रहा, इसके
02:40बावजूद यमन के
02:41राजनीतिक संकट का स्थाई समाधान नहीं निकल पाया, आज भी हूती यमन के बड़े आबादी वाले इलाकों पर नियंत्रण रखते
02:49हैं, उनकी मौझूदगी सौधी अरब की दक्षणी सीमा के पास है और उनके पास ऐसे हथियार हैं जिनसे वे सीमा
02:57पार हमला करने की छ
03:09जवाल ये है कि अमेरिका से आधुनिक हथियार और खूफिया मदद लेने के बाद भी सौधी अरब हूतियों को निर्णायक
03:17रूप से क्यों नहीं हरा पाया, इसका पहला कारण दोनों पक्षों के लड़ने के तरीके में अंतर है, सौधी अरब
03:24एक बड़ी और आधुनिक स
03:38हथियारों, तकनीक और खूफिया जानकारी के छेतर में सहयोग मिलता रहा है, लेकिन खूटी किसी दूसरे देश की नियमित सेना
03:46की तरह लड़ाई नहीं लड़ते हैं, वे छोटे समूहों में काम करते हैं, अपने ठीकाने को बदलते रहते हैं और
03:53ऐसे हथियारों का इस्त
04:07प्रानी और हमले दोनों में कामा सकते हैं, ऐसी इस्थिती में सिर्फ जादा आधुनिक हथियार होना जीत की गारंटी नहीं
04:15देता, किसी हमले को रोकने के लिए पहले उसका पता लगाना, फिर ये तै करना कि वो किस दिशा से
04:21आ रहा है, उसके बाद सही समय पर उसे रोकना
04:25जरूरी होता है, अगर एक साथ कई दिशाओं से ड्रोन और मिसाइले आती हैं, तो हवाई सुरक्षा व्योस्था पर दबाव
04:32बढ़ सकता है, दूसरी बड़ी चुनोती खर्च की है, एक सस्ता ड्रोन बनाने या इस्तिमाल करने में जितना पैसा लग
04:39सकता है, उसे हवा में
04:41नश्ट करने के लिए इस्तमाल होने वाली इंटर्सेप्टर मिसाइल की कीमत उससे कई गुना जादा हो सकते हैं, हर हमले
04:48का खर्च एक जैसा नहीं होता, लेकिन ये अंतर सौधी अरब जैसे देशों के लिए महतपूर है, माल लीजिए, हूती
04:55कम कीमत वाले कई ड्रोन भे�
04:57सौधी अरब को अपने तेल ठीकानों, हवाई अड़ों और शहरों की सुरक्षा के लिए उन्हें रोकने के वास्ते महंगी हत्यार
05:05इस्तिमाल करने पड़ सकते हैं, अगर ऐसा लंबे समय तक चलता है, तो सुरक्षा पर होने वाला खर्च बढ़ता जाता
05:12है, यही असमानता
05:14हूतियों की रणीती का एक एहम हिस्सा है, उन्हें सौधी अरब की पूरी सेन ताकत को खत्म करने की जरूत
05:20नहीं है, वे सीमित संसाधनों से भी लगातार खत्रा बनाए रखकर सौधी अरब को अपनी सुरक्षा पर भारी रकम खर्च
05:29करने के लिए मजबूर कर सकते हैं, स�
05:41किसी विद्रोही संगठन के ठिकानों का पता लगाना आसान नहीं होता, हवाई हमले किसी इमारत या सेन ठिकाने को मुकसान
05:49पहुचा सकते हैं, लेकिन इस से ये तय नहीं होता कि उस इलाके पर अस्थाई नियंतन भी मिल गया है,
05:55हूती लंबे वक्ट से यमन में सक्रिये है
05:58उनके पास अस्थानी एस्तर पर संगठन, लडाई का अनभव और राजनीतिक प्रभाव हैं, उन्हें पूरी तरह पीछे हटाने के लिए
06:06केवल हवाई हमले काफी नहीं हो सकती, इसके लिए जमीन पर नियंतन, स्थाई समर्थन और एक सिर राजनीतिक व्योस्था की
06:14भी ज
06:26इसी वज़ा से सैन ताकत होने के बावजूद किसी विद्रोही संगठन को पूरी तरह खट्म करना बेहत कठिन हो सकता
06:33है, इस लडाई में इरान की भूमिका भी महतपूर है, इरान और हूतियों के बीच लंबे वक्त से संबंध है,
06:40सौधी अरप और अमेरिका आरोप लगा
06:42आते रहते हैं कि इरान हूतियों को हत्यार, प्रशिक्षण और तकनीकी मदद देता है, इरान पर लगे इन आरोपों को
06:49समझना इसलिए भी जलूरी है क्योंकि इससे ये पता चलता है कि यमन का संगर्ष केवल दो पक्षों के बीच
06:57सीमित नहीं है, इसे पीछे मिडिलिस्�
06:59चेत्रिय राजनीती भी काम करती है, इरान और सौधी अरप लंबे वक्त तक चेत्र में एक दूसरे के प्रतिदुन्दी रहे
07:06हैं, ऐसे में हूतियों की ताकत सौधी अरप के लिए सुरक्षा की चिंता बढ़ाती है, हाला कि हूतियों को केवल
07:13इरान के इशारे पर चलने व
07:27यही वज़ा है कि संगश को केवल हथियारों की मदद से समझना मुश्किल है, इसमें यमन की घरेलू राजनीती, छेत्रिय
07:35प्रतुदनता और आर्थिक खित भी जुड़े हुए हैं, इसका असर सौधी अरप की तेल वियोस्था पर भी पढ़ता है, सौधी
07:42अरप की अर्थ
07:56बाजार और निवेशकों के भरोसे पर भी इसका असर पढ़ सकता है, भूतियों ने अतीत में सौधी अरप के भीतर
08:04तेल पुतिष्ठानों और दूसरे एहम ठीकानों पर हमले किये हैं, तैसे हमलों ने दिखाया है कि यमन की लडाई का
08:10असर सिर्फ सौधी अरप की सीमा तक
08:26बटवारा भी एक बड़ा मुद्दा बन गया है, यमन में तेल और गैस से मिलने वाला राजस लंबे समय से
08:32राजनीतिक विवात का हिस्सा रहा है, देश में अलग-अलग इलाकों पर अलग-अलग पक्षों का प्रभाव है, ऐसे में
08:39तेल उत्पादन, निर्यास से होने वा
08:53और दूसरी जरूरतों को पूरा करने में किया जाए, वे राजस के बटवारे में अपनी भूमी का चाहते हैं, उनका
09:00तर्क है कि देश के संसाधनों से मिलने वाली कमाई का इस्तेमाल जनता की जरूरतों के लिए होना चाहिए, दूसरी
09:07और यमन की अंतराश्टिये मानता प
09:23उसके पास प्रशासन चलाने, कर्मचारियों को वेकन देने और अपने प्रवाव को मजबूर करने के ज़्यादा साधन होगी, इसलिए तेल
09:32और गैस की कमाई का बटवारा यमन की सत्ता की लड़ाई से सीधे जुड़ा हुआ है, सौधी अरब के लिए
09:37भी ये मुद्दा मह
09:38पूर है, क्योंकि यमन में इस खिरता उसके अपने सुरक्षा हितों से जुड़ी हुई है, अगर राजस्त के बटवारे पर
09:46कोई सहमती नहीं बनती, तो राजनीतिक तनाव जारी रह सकता है, लेकिन अगर किसी समझोते में हूतियों की मांगों को
09:53जगा मिलती है, तो उससे
09:54यमन की सत्ता व्योस्था और छेत्रे संबंधों पर असर पड़ सकता है, इसका मतलब ये नहीं है कि हूतियों ने
10:01सौधी अरब को पूरी तरह हरा दिया है, या वे अपनी हर मांग मनवा चुके हैं, असल इस सित्ती इस
10:08से ज़्यादा जटिल है, सौधी अरब के पास अब भ
10:21पूनिक हथियारों से ले सेना के लिए घी किसी विद्रोही संगठन को हराना केवल बंबारी या मिसाइल हमलों का मामला
10:29नहीं होता, जब विरोधी पक्ष कम खर्चवाले हथियारों अस्थानिये पकड़ और लंबे संघर्ष की रणीतिक सहारे टिकता है, तो सेन
10:37बढ़त क
10:38राजनीतिक जीत में बदलना मुश्किल हो जाता है, सौधी एरब भूतियों के बीच जारी संगर्ष इसी का उधारन है, एक
10:45तरफ आधरिक लड़ाकों विमान है, अमेर की मदद महेंगे सुरक्षा सिस्टम है, दूसरी तरफ ऐसे विद्रोही जो सिमित संसाधनों के
10:53बाव
11:07जानीतिक लिए और आपना स्थाइब और आपना के लिए लिगनान पंदेव जान देवनान है, सौँए सौदि अण विए दूसरी है,
11:14आपनाम है, जो लादे खनाला मुश्किल है, लिए टाजसरी आपनों पिल्क्स्तार है, आपना के लिए्स तरफे जाते हैं सौफेरिक �