Skip to playerSkip to main content
  • 31 minutes ago
वर्ष 2026 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अमेरिकी अर्थशास्त्रियों रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को संयुक्त रूप से दिए जाने की घोषणा की गई है. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि दोनों को यह प्रतिष्ठित सम्मान ऐसे आधुनिक आर्थिक मॉडल विकसित करने के लिए मिला है, जिनसे मंदी और महंगाई जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने के वास्ते बेहतर नीतियां बनाने में मदद मिलती है. उनकी यह रिसर्च सरकारों और केंद्रीय बैंकों को यह समझने में मदद करती है कि आर्थिक संकट के समय किस प्रकार के प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए. इस पुरस्कार के तहत दोनों विजेताओं को कुल 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर यानी लगभग 11.5 करोड़ रुपए की राशि बराबर बांटी जाएगी.

Category

🗞
News
Transcript
00:02दोहजर चब्विस का एकोनोमिक्स का नोबल पुरुसकार अमेरिकी अर्धशास्त्रियों रॉबर्टी हॉल और माइकल वुटफोर्ट को मिला है।
00:30अंदी और महेंगाई जैसी समस्याओं से निपटने के लिए बहतर नीतियां बनाने में मदद मिलती है।
01:00अंदी कमपनियों को अपना उत्पादन कम करना पड़ सकता है। इससे नई भरतियां रुख सकती हैं और कुछ करमचारियों की
01:07नौकरी भी जा सकती है।
01:09अर्ध शास्त्री जौन मेनार्ड किन्स ने करीब 100 साल पहले बताया था कि अर्थ विवस्था में मांग कम होने पर
01:16सरकार खर्च बढ़ा कर हालात सुधारने में मदद कर सकती है।
01:21इससे कारोबार को सहारा मिलता है और रोजगार के मौके बढ़ सकते हैं।
01:26रॉबर्ट हॉल की रिसर्च ने इस बात को समझने में मदद की कि परिवार अपनी कमाई और भविशे की उम्मीदों
01:35के आधार पर खर्च तै करते हैं।
01:37अगर लोगों को लगता है कि आगे उनकी आमदनी घट सकती है तो वो आज ही खर्च कम कर सकते
01:43हैं।
01:44जब बहुत से परिवार ऐसा करते हैं तो इसका असर पूरी अर्थ विवस्था पर पड़ता है।
01:50महेंगाई सिर्फ लोगों के ज़ादा खर्च करने से नहीं बढ़ती। कमपनियों के फैसले और भविशे को लेकर उनकी उम्मीदे भी
01:57इसके पीछे एहम भूमी का निभाती है।
01:59माइकल वुटफॉर्ट के आर्थिक मॉडल बताते हैं कि कमपनियों की कीमत तैक करने के फैसले और भविशे को लेकर उनकी
02:07उम्मीदे महेंगाई को कैसे प्रभावित करती हैं।
02:11इससे केंद्रिय बैंकों को ये समझने में मदद मिलती है कि ब्याज दरों में बदलाव का कीमतों पर क्या असर
02:18पड़ सकता है।

Recommended