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  • 1 hour ago
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र को निर्देश दिया कि वह 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन से पहले मेट्रो और रेल सेवाओं पर लगाई गई रोक को हटाए. कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नियम पूरी तरह रोक नहीं हो सकते. यह देखते हुए कि आयोजक खुद मौजूद नहीं थे, पीठ ने इसके बजाय आने-जाने वालों के बिना किसी परेशानी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के अधिकार पर ध्यान दिया. सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा, "आनुपातिकता का एक सिद्धांत है... इसका मतलब यह नहीं है कि आप मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल करें." इस मामले की सुनवाई सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने की. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र की तरफ से केस लड़ा.

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Transcript
00:02Supreme Court has a day before that you should be able to come to the city of New York City.
00:09At that point, you should be able to come to the city of New York City.
00:13The city of New York City has been able to come to the city of New York City.
00:42CGI Suraikanth की Bench ने केंद्रे से कहा कि
00:45यात्रियों को कोई परेशानी ना हो
00:47इसके लिए सेवाओं को नियंत्रित तरीके से चलने दिया जाए
00:51सुप्रीम कोट ने मौखिक रूप से कहा
00:53अनुपातिकता का एक सिध्धान्त है
00:55इसका मतलब ये नहीं है कि आप मक्खी मारने के लिए हथोड़े का इस्तिमाल करे
01:00सॉलिस्टर जनरल तुशार महता ने सुनवाई के दोरान कहा
01:04कि हम ये साफ करते हैं कि मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जाएगी
01:11ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो
01:14साथ ही कोट ने निर्देश दिया कि मेट्रो और अन्य रेलवे सेवाओं के बंद नहीं होने
01:20और नियंतरत तरीके से चलाने के फैसले का ठीक से प्रचार प्रसार किया जाए
01:26जिससे आम जनता को होने वाली असुविधा कम से कम हो
01:29कोट ने सडकों पर बैरिकेटिंग के पारे में फिर से विचार करने और वैकल्पिक रास्तो का ठीक से प्रचार प्रसार
01:36करने को कहा
01:37ब्यूरो रिपोर्ट एटीवी भारत

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