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  • 14 hours ago
Uswah - Episode 16 | 8 October 2026 | Omer Shahzad - Saniya Shamshad - Haroon Shahid (Episode 16)

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Transcript
00:07मौला मौला मौला मौला मौला माफ कर दे
00:12लगा चुंदरी पेदाल साफ कर दे
00:22फैरत है तुमने भादी से माफी मांगी है
00:31अपी तो कहते है मामा
00:32के इनसान जब किसी से महभत करता है
00:35प्रो उसे नाराज नहीं करना चाता हू
00:38ये सब कुछ तुमने ईसा के ली किया है
00:41कुछ मामा और किस के लिए करूंगी
00:43ईसा को बड़ी मामा की नाराज़दी की फिकर है और
00:46मुझे ईसा कि
00:49मेरना सौरी और मैं
00:51सौरी का वर्ट में डिक्षनरी में ही नहीं
00:53हम से अच्छा और कौन जानता है
00:55तुमने आज तक हमें तो सौरी किया ने
00:58हमी तुम्हारी सारी बुराईयों को एग्नोर करके हमेशा आगे बढ़ें
01:01अच्छा
01:03मैंने एक चीज डिसाइड किया
01:05शादी के बाद में बड़े बाबा और बड़ी मामा की साथ बिल्कुल नहीं रहने आ रही
01:08मुझे अपनी जिंदगी अपनी मर्जी से जीनी है
01:10जो के यहां पे रहके तुम्हारी जी सकती
01:24अरे आइस्ता बोलो
01:42अब एरह में रूम में जा रहा हूं थोड़ दिया सो जाओंगा नेंद आ रही है
01:45मेरी तो नेंद उड़ गई है ना
01:47पॉपो कैसे कर सकती है ऐसा
01:50वो जानती है कि महाबीर उस्वा को पसंद करता है
01:53फिर भी उन्होंने महाबीर का रिष्टा कहीं और तैय कर दिया
01:59पॉपो ने तो रिष्टों का लिहाज भी नहीं किया
02:04अब जो होना था सो हो गया
02:06डिव इट
02:08प्लीज है अदा आप बात करें पॉपो से
02:10मैं क्या बात करूँ अमी से
02:12हाँ तुम तो ऐसे कह दिए कि अमी से बात करूँगा और में बीरी बात मान जाएंगी
02:17कई हैसा नो अभीरा कि तुम अबनी बेहन की रिष्टे को जोड़ने के चक्कर में अपना रिष्टा बर्बात कर लो
02:29अल्ला ना करे जैद कैसी बाते करते हैं ठीक है अब बैसोने के लिए जा रहा हूँ
02:34अमी
02:37क्या हो तुझ एक बात रता है
02:40मैं, मैं क्या सुतेला हूँ
02:42क्या बखवास कर रहे हो तुम
02:45हाँ
02:45नहीं तु पर सुतेलों माला सलूक क्यों कर रहे है मिरे साथ
02:48हाँ
02:50अमी अच्छी थरा जानती है
02:52कि मैं, कि मैं उस्वा से शादी करना चाता हूँ
02:55उससे महबब करता हूँ
02:57कहीं और जाके मेरे विष्टा तेह करती है, यह क्या तरीक है, यह ज्याती नहीं है, माभीर
03:03देखो माभीर, मैं तुम्हारी फिलिंग समझ सबता हूँ, लेकिन यह सेवप नहीं है अम्नी से बात करने का, उसरक सोच
03:12चुकी है
03:13अगर तुम इस वक उन से बात करोगे तो, बिला वज़ा का वो तुमसे लड़ेंगी, जानते हो वो कितनी जिद्धी
03:20है
03:21तुम ऐसा करो सुबबात कर लेना, मैं नहीं चाहता कि इस वक घर में कोई भी हंगामा करियेट हो
03:25प्लीज, नेरी बात मानो, अम्नी से सुबबात कर लेना, आह मेती हो
03:46प्यार उस्वा, मैं तुम सबको बहुत मिस्च करूंगी
03:50उस्वा तुम में भूलतों नहीं जाओगी
03:54तुम में भूल जाओगी
03:57मजाग करें, तुम्हे कोई भूल सकते है बला
03:59और हम दाप्ते में रहेंगे ला
04:02ये होई ना बात
04:07ये क्या है?
04:08चौकरे, वो कहना कि मैं आथ बहुत खुश हूँ
04:12युनिवस्टी से जान छूट जाएगी
04:13और मैंने तुम्हा अबबा को कह दिया
04:14कि बस अब युनिवस्टी खतम
04:16तो बस शादी कसी शुरू कर दे
04:20शादी करें?
04:21हाँ हाँ, अफकॉर्स अगर अबबा राजी हो गए तो
04:23क्योंकि मेरा ख्याल है ना इंसान के पास
04:25अगर कुछ करने को ना हो ना, तू शादी कर लो
04:29अगरी?
04:30अगरी
04:30देखा, सारा भी मेरी बात से अगरी करती है
04:33कभी-कभी किसी को चुप कर वाने के लिए
04:35भी अगरी करना पड़ता है
04:38अगरे, तुम्हारी सास की उमर ना बहुत लंबी
04:42आमेन, आमेन, आमेन
04:43दुआ दे रहे हो और बदुआ दे रहे हो
04:45तुम दोनों फरसे लड़ना शुरू हो जाओ कि चलो, चलते हैं
04:48चलते हैं, पहली देर हो चलो
04:51अगरी तो इसा था है
04:52क्लास में होगा और और खाँ, चले उच्छे हो और पूछ रहे हो चलो
04:57उच्छी हो पोछी हो, वी ही सा के बारे में
04:59अद्नम्हेरी है
05:00वो बढ़े है
05:03इंपो में की बंती भड़ी हैं
05:05हाँ
05:24नाराज हो अपनी माँ से, है?
05:27मेरी बात सुनो महाबिर, जिस लड़की के साथ मैंने तुम्हारा रिष्टा लगाया है ना
05:33इमान से उसे देखोगे ना, दिल खुश हो जाएगा तुम्हारा
05:37उस उसवा से तो हसार गुना ज्यादा खुबसूरत है
05:42वो मेरी दोस्त नहीं है यासमीन
05:45उसकी सबसे चोटी बैटी है ती प्यारी है इमान से
05:49और सबसे बड़ी बात, डाक्टर बन रही है
05:55डाक्टरी पढ़ने के लिए मुझसे बहाद भी जाएगी
05:58देख तो लो ना एक नजर सरा, अरे देखो तो सही
06:03अरे नहीं देखनी मुझे
06:06जो नहीं फरक पड़ता के वो डाक्टर बन रही है या इंजिनियर
06:10ये बात पता नहीं, आपको नहीं समझा रही है
06:12एक बात मैं तुम्हें बता रही हूँ, साफ साफ
06:16जबान दे चुकी हूँ मैं अब यासमीन को
06:18अब तो कुछ भी नहीं हो सकता, शादी तो तुम्हारी मनाहिल से ही होगी
06:24ठीक
06:27ठीक, अगर आप जबान दे चुकी है तो
06:29मैं भी उस्वा को जबान दे चुकी
06:31और मैं आपका बेटा हूँ
06:34अगर आप अपनी जबान से पीछे नहीं हटेंगी
06:37तो मैं भी अपनी बात से नहीं मुक्रूँगा कभी
06:40महाबीर
06:42तुम्हारी शादी मनाहिल से ही होगी
06:44बस
06:47मैं ना उसे कतल करके खुद जेल चला जाओंगा
06:50हैं?
06:52अल्ला माफ कर दे, क्या ओल फॉल बखे जा रहे हो
06:56अबर्दार जो इस किसम की फजूल गुफटबू की आइंदा तुमने तो
07:00वो उस उसवा के इस कबूत उतरेगा ना चार दिन के बाद तुम्हारे सर से
07:05खुद बाखुद मनाहिल अच्छी लगने लग चाहेगी तुम्हें
07:08यह ना वम पे न ऐसा कभी ने होगा
07:11तो फिर मेरी एक बात कान खोल कर सुन तुम्हारी शादी उस उसवा से तो नहीं होगी कभी भी
07:21ठीक है आप ना करवाएं मेरी शादी ना कोट मेरेज कर लूँगा है क्या कहा तो तुम यह मनसुब अबंदी
07:33कर रहे थे उस वक्त से बैठके
07:36एक बात मेरी कान खोल के सुन लो तुम महावीर अगर तुमने इस किसम की कोई हरकत की ना मेरे
07:44इस घर में तुम्हारी कोई जगा नहीं की समझ आईए
07:51ठीक जिस घर में मेरी महबत के लिए जगा नहीं है तो इस घर में मैं नहीं रह सकता
08:01मैं घट छोड़के जा
08:04है अदमाग खराब हो गया तेरा
08:08उस्वा के इसका भूत चड़ गया तुम्हारे दमाग के उपर
08:30हां यह काँ अव में अव अभी दिया है अभी आ काँ सा अषा लिट आप यह का उपर एंपर
08:36और या इन जोऻ थे नवाल को लिए
08:37तड़ थे शुलरण है तरह बहां ऐसके साथ लच्त के गाया है
08:43अनस इतनी सारे लड़कें तो इक काम क्यों गड़ता सब लड़कियों की लड़कें लेस्ट पनागे न अपने पास रख ले
08:49देख इतनी सारी है किसी कर नाम भूल गया तो मसला हो जाएगा
08:52तुझे कह लगता है तेरे भाई ने लेस्ट नी बना ही हो गी
09:01अफल गल्ड गल्ड़कर तेरा ने तुझे के लागए निए होग ड्यार्भ है व्लॉख अजल बता भी में रिसा नीनिव घट
09:07निशानी तू किसे लें ले गड़ अज़ाय बुझे वगए अज इस्वादि निशानियों तू के ले फुझे हो गए नुझे सुझे
09:12लिए भी �
09:25I wanted to say I'm sorry.
09:31Sorry.
09:34यह केन में नहीं नहीं?
09:36तो मुझ से sorry करें?
09:39अस्वात?
09:42हम...
09:43यह सुपर्ण तुम्हें अची लड़की हो.
09:46हाग की बात करती हो.
09:50कि तुम्हार लिए?
09:52एसा...
09:53मुझे बिल्कुल यहीं नहीं आ रहा जो तुम कह रहे हैं.
09:56और यह तुम्हें मुझे दे लिए.
09:58क्या हुआ मैं नहीं दे सकता उसाइ?
10:00नहीं, तुम जैसे लोगों के लिए हग की बात भी तब हग की बात होती हैजब वो तुम लोगों के
10:05हख में होती है.
10:05अच्छा बस करो ना यारब, ना शर्मिंदा करोगी
10:11शर्मिंदा, इसे तुम शर्मिंदा भी होते हो
10:14अच्छा, नहीं तन करी, तो क्या कहना साथ हूँ
10:19मैं बस यह कहना चाहता हूँ के
10:22जरूरी तो नहीं है ना के
10:24हम एक दूसरे को नहीं इजाद से तकलीफ ही पहुचाएं
10:28हुश भी तो रख सकते हैं
10:31हाँ
10:32तो पाँ
10:36प्रीस, एकसेप्रेट
10:39और हम दोस बन सकते हैं
10:44दोस्त
10:46हाँ, क्यों नहीं
10:48वो बात पते क्या है साब
10:52जो इंसान ने अपने दोस्तों से पहर्षाना जाता है
10:55हाँ और मैं कभी भी
10:59सारा
11:01सारा
11:03क्ये देखो ना
11:05इसा तुम्हारे लिए कितने प्यारे फ्लावर्स लेकर रहा है
11:08कबसे दून रहा था तुम्हें देने के लिए
11:10मेरे लिए? हुँ, थैंक यू, बुलू
11:30यह लड़का क्या समझता है
11:32मैं उसकी दंकियों से लर जाँगी
11:36अभीरा समझा दो के मैं उसकी दंकियों में आने वाली नहीं हूँ
11:39मुझे बिलावजा बिलाएक मेल करना बंद कर दे
11:43पपो में जैद को कॉल करती हूँ
11:45अरे, जैद को क्यो बुलाओगी
11:48दफ्तर में बैठा होगा, काम कर रहा होगा, परिशान हो जाएगा
11:51जैद को बुला लूँगी
11:54अभू, आपको क्या लगता है, महाबीर सच में घर छोड़के चला जाएगा
11:57अरे, कहीं नहीं जाएगा ये लड़का
12:01ऐसे मुझे परियाश्र डालने के लिए ये हरकतें कर रहा है, जानती हूँ मैं उसे
12:05बच्पन में कोई जिद्बूरी करवानी होती थी थी न, तो धम्किया देना चुरू कर देता तो मुझे
12:10देख लूँगी खैर, देख लूँगी
12:14हाँ तो मेरे सर पे क्या खड़ी हो तुम तो जाओ न यहाँ, सर पे सवार
12:19उस वार अम्मी को जब पता चलेगा, कि पपो ने महावीर का रिष्टा कहीं और तेय कर दिया है
12:25उन्हें बहुत दुख होगा
12:28है? क्या सोच रही हो?
12:31नहीं कुछ ने, पपो, मैं काम करो
12:35बटतन दोने वाले पड़े है, खाना पगाने वाले पड़ा है
12:57झाले पड़े है
12:58झाले वाले पड़े है
13:06झाले याले पुझे है
13:21प्रेंग यू थेस्टा से तुम उसको अफ्रिशेटी कर तो हो गया तुम अच्छा गाया से अब चले अच्छे बहुत वाहत
13:37वाहत वाहत वाहत वह तुम बहुत फानो
13:48जबान दे चुकियों मैं अब यासमीन को
13:51अब तो कुछ भी नहीं हो सकता
13:52शादी तो तुम्हारी मनाहल से ही होगी
13:59तुम्हारी शादी
14:00उस उस्वा से तो नहीं होगी
14:02कभे भी
14:17बात सुनो अबीरा
14:19ये खाना खिला के ही आना उसे
14:22मैं तुम्हारी साथ नहीं जा रही
14:24खामखब गुस्टा करेगा
14:26ठीक है ना? जाओ
14:39माबीर
14:41मैं खाना लाए हूँ
14:45माबीर
14:48खाने से कैसी नाराज़की है
15:18तुम्हारी साथ ट्रेले के वापिस आगे तुम्हे तुम्हे तो कहा था उसको खाना खिला ग्याना अबादेट्स एलाग्यारी ना?
15:37आप야, है अल्ला
15:46नहीं है ना पुपो
16:06महाबीर
16:09महाबीर
16:12महाबीर
16:16ऐला कहा चला गये लड़का
16:19महाबीर
16:21महाबीर
16:38आरी हूं
16:45चानल
16:46यहां अचानल
16:48हाँ
16:49यह किसका सूटकेस है?
16:51जाहिरी बात है, मैं लेकर आया हूं तो मेरा ही होगा
16:53कहीं जाये?
16:56नहीं
16:58यहां आया हूं
16:59इंते बड़े सूटकेस के साथ
17:00पुपो निकाल तो नहीं दिया
17:04आये ही समाजी
17:05आये ही समाजी
17:06खेर अब सारी बातें यही पूछोगी यह अंदर भी आने का काऊगी
17:10हां पीस
17:12आओ
17:24बापी
17:35मेरे साथ इतनी बड़ी ज्याती कैसे कर सकती है
17:37कि मेरे रिष्टे की बात कर रके आ गई
17:40किसी को बताया नहीं मुझे तक नहीं बताया
17:44अपने उलाग के साथ कोई इतना जालिम कैसे हो सकता है
17:47इतना बड़ा जुम कैसे कर सकता है
17:52मापीर
17:53वो तुम्हारी माँ है
17:56उन्हें हक है
17:58वो जहां चाहे तुम्हारी शादी तैकर सकती है
18:04ठीक है
18:05मानता हूं मुझ पर हक है
18:08लेकिन किसी और की जिन्दगी पे तो उनका कोई हक नहीं है
18:11किसी और को उस घर में लेके आएंगी
18:14जानती है कि मैं उसे खुश नहीं रखूँगा
18:17लेकिन उसके बावजूद भी बस अपनी जिद में वो ये सब कर रही है
18:22मेरी जिन्दगी तो वो बरबाद करेंगी
18:25लेकिन ये कितना बड़ा जुल्म है कि किसी और की भी जिंदगी साथ साथ बरबाद करेंगी, ये बात उनको समझ
18:29नहीं आ रही
18:32अमीर, माभीर भाई बिल्कुल ठीक कह रहे हैं, वो पिला वज़ा की जिक कह रही है
18:36माभीर भाई की शादी उस्वा से ही होनी चाहिए, माभीर भाई आपको की बातों में मत आएं, प्लीज
18:42तुमसे किसी ने कोई राय मांगी है, जाओ यहां से
18:50बड़ों में बैटके पटर पटर कर रही है, जाओ, जाओ
18:54जी
19:01माभीर बेटा, अपा तुम्हारी माँ है
19:07वो तुम्हारे लिए जो भी फैसला करेंगी, तुम्हारे बेटरी के लिए करेंगी न, देखो बिटा, तुम्हें अपनी अम्मी को इस
19:16तरह से नराज नहीं करना चाहिए, इस तरह से घर छोड़की नहीं आना चाहिए था
19:22नहीं मुवानी जाने
19:25अब मैं वापस नहीं जा सकता
19:26मैं इस घर में नहीं रह सकता
19:51शाजी आप दुम लोग सब खाना खाऊ और पिर चले जाएं ठीक है
20:08इम्तिहान के बाद क्या इरादा है क्या करना है
20:13चाजू पेपर्स के बाद तो मेरा बिजनस क्या इरादा है
20:17वेरी गड़
20:18मुझे तुमसे यह उमीद थी
20:21जब भी बिजनस करना है
20:23मेरी कंपनी जॉइन्ट करना
20:28मेरा बेटा सुधी कारोबार नहीं करेगा
20:35भाई जान
20:36अब तो हर बिजनस में इंट्रेस्ट है
20:39और इंटरनेशनल कंपनियां तो इसके बगार काम ही नहीं करती
20:42अगर पाकिस्तान में बिजनिस करना है तो उसका कोई फाइदा नहीं
20:47इससे तो बेतर है कि महले में पर्चौन की दुकान खोल ले
20:51तो अच्छा खासा मुनाफ़ा मिल जाए
20:56अद्मी कम आमदनी वाला को छोटा कारोबार कर ले
21:01पर्चौन की दुकान से कमाये हुए पैसे
21:05सूधी कारोबर से कमाये हुए पैसों से कई दर्जे अफसर है
21:12मुझे ये बताईए भाईजा
21:14क्या मैं मेहनत नहीं करता
21:16क्या मैं डाके मारता हूँ
21:18दकेतियां करता हूँ
21:20अब हमेशा मेरी कमाई को हराम की कमाई क्यों कहते हैं?
21:25सूध हराम होता है
21:27अरे चोड़े ना हम भी किस पहस में पढ़ गया
21:32खाना खाते हैं ना खाना ले तबसुम
21:36रुको खाना खाके जाओ प्लीज
21:38मैं भापी
21:40मेरे शाहर ने तो सुकूंट से खाना नहीं खाया
21:42फिर मैं कैसे का सकते हूँ?
21:45आप लोग आप लोग केरी आउन करें
21:48एंजोई
22:12नहीं
22:14मैं माबीर को इस घर में नहीं रख सकते
22:19आप अको पता चलेगा
22:21तो वो तो एक हंगामा खड़ा करतेंगी
22:27पहले ही उन्हें लगता है जैसे
22:28हम उनके बेटे को भैकाते हैं
22:32अगर अब उन्हें यह पता चला कि माबीर यहां रहेगा
22:36तो पता नहीं क्या क्या अल्जाम लगातेंगी
22:40नहीं माबीर को यहां नहीं आना चाहिए था
22:44कैसे बाते करें अम्मी
22:45क्या मतलब आपका कि उससे यहां नहीं आना चाहिए था
22:48हमारे लावा कौन है माबीर का
22:51क्या यह उसका घर नहीं है
22:54ये बात तुम्हारी भुप्पु नहीं समझेंगी ना
23:03उन्हें पता चलेगा तो
23:06वो बहुत नरास होंगी
23:10और बात सिर्फ माबीर की नहीं है
23:14माबीर को तुम्हें रख भी लेती
23:16लेकिन बात अब पहली जैसी नहीं है बिटा
23:18अब भुपो सिर्फ तुम्हारी भुपो नहीं है
23:21तुम्हारी बेहन की सास भी है
23:28नहीं
23:31मैं अपनी एक बेटी का घर वसाने के चक्कर में
23:34दुसरी बेटी का घर ने उजाड सकती
23:39अच्छा हमनी
23:41अब आप बेग को एक दो दिन तो रहने देना यहां पर
23:44मैं उसे अभी यहां से जाने के लिए नहीं कह सकती
23:48आपने देखा न
23:48वो कितना परिशान है
23:50अगर मैं उसको यहां से जाने के लिए बोलूगी
23:53तो बहुत हर्ट होगा
23:54उसे तकलीफ होगी अमी
23:56आप दो चार दिन यहां रहने दीजे
23:58मैं आपसे वादा करती हूँ कि मैं उससे बात करूँगे
24:01समझाओंगे उससे वो घर चला जाएगा
24:03अप ही नहीं प्लीज
24:04अजवात तु मेरी बात दी समझ रही हो
24:09बात एक दो दिन की नहीं है
24:14आपको पता चलेगा
24:16तुम वो जितना घुसा मुझ में उतारेंगी न
24:21उससे कहीं बुरा हशर अभीरा का करेंगी
24:26यह सोच के भी मुझे डल लगता है
24:30जब उन्होंने अपनी
24:33सगी होला को नहीं बक्षा है
24:35तो सोचो
24:37वो मेरी बीटी का क्या हाल करेंगी
24:42अमी, आप अप जो भी कह रही है ना प्रिकुर ठीक कह रही है
24:46क्या आज रात हुमसे यहां रुपने दे सकते हैं
24:49अमी, इस व्क्ष हो कहां जाएगा
24:52मैं आपसे कह रही हूँ रहे हैं, सुबा होते भी उससे बाग करोंगी
24:55आप प्लीज फिकर मत करें, बस आज रात के लिए, आज रात के लिए उसे या रहने दें, प्लीज, प्लीज
25:02अम्मिए, उसके खाने का पंदो हुष्ट, एक जाओ देखो खाने का,
25:41यह ब्राएं भाईव अपने आपको समझते क्या है, इनका जब दिल चाहता है,
25:45आपकी इंसल्ट कर देते हैं, एतिशाम हमें यहां आना ही नहीं चाहिए था, आपको पता है, सिर्फ इसा की शकल
25:53देखकर मैं खामोश थी, और ना इब्राहीम भाई को ना मैं खरी खरी सुनाती, कुछ तरीका है, बच्चों के सामने
26:00इतनी बाते कर दी, अरे भाई अगर आप
26:14इनका मसला क्या है, तुमने कोई बात नहीं करनी, बस यहीं खड़ी रहो, एतिशाम, इतनी बेज़ती उन्होंने आपकी की है,
26:23और आप कुछ उन्हें कहते भी नहीं, इसी की वज़ा से आज उनको इतना मौका मिला हुआ है, वो मेरे
26:29बड़े भाई हैं, वो कुछ भी कह सकत
26:31इसका मतलब यह हर्गिस नहीं है कि मैं उनसे बत्तमीजी करूँ, वो बड़े होने के नाते, जो मर्जी कहें, उनकी
26:40आदत अब्बा मर्हूम पे गई है, अब्बा मर्हूम को जब गुस्सा आता था, तो वो मुँपे ही सब कुछ बोल
26:46दिया करते थे, यह तो आपने बात ही
27:00कहना चाहिए था, मैं अपने किये पर बहुत फिर्मिंदा हूँ, बेकार है आपसे बहस करना, तबस्तम, कैसे समझाओं मैंसे,
27:39हेलो, हाँ, आमिर सॉरी यार मैं इस टाइम पर कॉल कर रहा हूँ, आइ होब डिस्टर्ब तो नहीं किया तो
27:44मैं, वो एक फेवर चाहिए था तुम से, कुछ दिन के लिए, आरा अपार्टमेंट मिल सकता है, वो जो खाली
27:52था तुम बता रहे थे, हाँ हाँ, बिलकुल, तु
28:00तुम मैं आ जहूं फिर अभी चापी लेने के लिए, बस ठीक है, बीस मनेट तक मैं पहुंच रहा हूँ,
28:06सॉरी हा, लेट कॉल करने का, बस आ रहूं, बस आ रहूं, ओके-ओके-धे, ती मज़े की हुश्बू आ
28:26रही आज, क्या बनाये खाने में?
28:27अम्मी ने महाबीर का फेवरिट खाना बनाया, गोश्थ
28:32ओ, भूली गई थी, कि महाबीर भाई भी घर पे है
28:34पर यब वो जब भी आते है, उन्हीं की पसंद का खाना बनता है
28:37चलो, इसी बाहने हम भी कुछ अच्छा खा लेंगे यार
28:39हाँ हाँ, जैसे, रोज तो तुम अपरी मरजी का खाना खाती नहीं हो
28:44बैटनी की शुरूत नहीं है, जा, जाके महाबीर को बुलाओ, खाना तंडा हो रहा
28:47अम्मी मुझे बहुत भूख लग लग दिया, उस्वा तुम जाके बुला लो ना प्लीज
28:51नहीं, उस्वा क्यों जाएगी, बहुतली कमी हो की, एक काम नहीं करती है, जल्दी से जा, जाके बुला के लिए
28:56कराू से
28:58अस्वा मुझे यह बताओ, तुम्हारी वपो की तरस से कोई फॉन तो नहीं आया, किसी ने पूछा तो नहीं महाबीर
29:04का
29:08महाबीर नहीं माना किया था
29:10कि घर में किसी को नहीं बताना कि वो यहां आए
29:13उस्वा
29:14महाबीर ने माना किया
29:15और तुमने उसकी बात मानी
29:17कम से कम
29:19अभीरा को तो बताओ कि महाबीर या
29:21तो सब लोग कितना परिशान हो रहे होंगे
29:25हमी
29:26मावीर भाई अपने कम्रे में नहीं है
29:28और जो बैक साथ लए ते अजो भी नहीं है
29:30कम्रे में नहीं है, अटे ऐसेये
29:32कां गये है?
29:32पता नहीं
29:35तुम से कुछ कहा है है?
29:36यह जा रहे है क्या?
29:38नहीं, मुझे नहीं परता वो कहा है
29:41तुर फ़ो जो रो शे
30:06मुझे लग रहा है कि उसने हमारी बाते सुन लेए
30:09अब चानती है माभी को
30:11कुछ से जादा हमारी फिकर है कभी नहीं चाहेगा कि हम उसकी वज़ा से परिशान हो
30:19दोबारा फॉन करो
30:22कितनी तकलीफ ही होगा अगर उसने मीरी सारी बाते सुन लेऊंगे तुम
30:26बन जा है
30:28या अलला कहा चला गया ये लड़का फिकर हो रही है मुझे
30:35चब और यहां था आप तब भी परिशान थे आप ज़ख ला गया अब भी परिशान है
30:39क्यों परिशान नहूं पिटा
30:42अगर उसने मेरी सारी बाते सुन ली होगी
30:44तो क्या सोच रहोगा
30:47वो मानी एक दो दिन भी नहीं रख सकी मुझे
30:53यहां होता तो कम से कम तसली तो रहती न
30:55अब इतनी रात को बतनी कहां गया होगा
30:59दुबारा फॉन करो ना
31:01करती रहो
31:02अगर उनको फोन उठा ले ना
31:04तो फॉरण मेरी बात कराना
31:06यहां बहुता नहीं कहां होगा
31:23इपराहिम जब आप जानते हैं
31:25कि एतशाम को आपकी बातें बुरी लगती हैं
31:28तो फिर आप क्यों उसको कहते रहते हैं
31:31उनको उनके हाल पे छोड़ देना
31:36अरे कैसे उसे उसके हाल पर छोड़ दूँ
31:39भाई है वो मेरा
31:41कौर्ण पाक में लटाला वाज़ें फरमाता है
31:43कि जहन्नम की आग से बचाओ
31:46खुद को भी और अपने रिश्टदारों को भी
31:52जब यह परदास्त नहीं कर सकता
31:54कि कोई दुनिया में मेरे भाई को तक्लीफ पहुँचाए तो
31:57यह कैसे बरदास्त कर सकता हूँ कि
31:59आखरत में मेरे भाई किसी अज़ाब मुबतला हो
32:05पस यही सोच कर उसे समझाता हूँ
32:09मैं जानती हूँ आपकी नियत बुरी नहीं है
32:14देखे ना इबरहीम जमाना बदल गया है
32:17अब तो बच्चे अपनी वालदैन की बात नहीं सुनते
32:20आप तो फिर भी बड़े भाई हैं
32:23और तबस्व को भी यह बात बिलकुल अच्छी नहीं लगी
32:26देखे ना किसी ने ठीक से खाना ही नहीं काया
32:30तबस्व को तो बस सिंग अली को शोला बनाना आता है
32:37उसे अगर अचिशाम के इतनी फिक्र होती ना
32:40तो ख्याल रखती इस चीज़ का
32:42कि वो हराम कमारा है यह हलाल
32:45आम दिनी कहां से आ रही है
32:47लेकिन उसे सिर्फ पैसा समेटने से मतलब है और कुछ नहीं
32:51देखिये ना एतशाम तबस्व को क्या देता है
32:55और तबस्व में इतशाम से कितने पैसे लेती है
32:58यह उन दोनों का परसनल मामला है
33:00हम यानि मैं और आप इस मामले में बात करेंगे तो
33:05तबस्व को छोड़े है इतशाम को भी बहुत बुरा लगेगा
33:10यही सोच कर तो मैं खामोश रहता हूँ
33:15इबराहिम आप अपना दिल खराब ना करें
33:22मैं इतशाम से बहुत महबत करता हूँ
33:24भाई है वो मेरा अगर मैंने उसे कभी भाई नहीं समझा
33:28हमेशा अपनी आउलाद की तरह समझाए
33:31तो पते हैं जब अबबजी का इंतिकाल हुआ था
33:34उस वक्ट उस्रिफ चौदा परस का था
33:37मैंने एक बाप बनकर उसका ख्याल रखा है
33:42हलागे मेरी उसकी अमर में कोई साथा फर्क नहीं है
33:46अगर जब से उसकी शादी हुई है वो सब कुछ भूल गया
33:52शफकत को मापबत को हमारे रिष्टे को सब कुछ
33:58आप उसके लिए दूआ करे ना कि अल्ला उसे हदायत दे और यकीनन अल्ला उसे हदायत देगा
34:07हाँ
34:09तो मेरे को ठीक कहती हूँ
34:12इनसान का काम सिर्फ कोशिश करता है
34:16हदायत देना उसका काम है
34:20हाँ उसके लिए दूआ कर सकते हैं
34:23कि परवर्दिगार उसे हिदायत दे
34:25आमी
34:26आमीन, आमीन
34:29अप परिशान ना हुआ करेब रही
34:32सब ठीक हो जाएगा
34:34इंशालल सब ठीक हो जाएगा
34:47अबीरा आपी का फोन है
34:51हेलो आपी
34:53हलो उस्वा, उस्वा महाबीर घर पे नहीं है
34:56घर छोड़के चला क्या है शायद हो
34:58यहाँ पे तो सब बहुत परिशान है, पुपका तो रोरो के बहुत बुरा हाल है
35:02तुम्हें कुछ पता है, बात हुए है उसकी तुमसे
35:07अपी वो
35:09अपीर यहाँ आया था हमारे कर
35:11अपीर यहाँ पता है
35:44अपीर यहाँ पता है
36:20मौला मौला मौला मौला मौला माफ कर दे
36:24लगा चुम्हें पेदाद साफ कर दे

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