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नाना पाटेकर: एक कलाकार, कई क‍िरदार लेक‍िन क‍ितना अलग अंदाज, देखें

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00:13यहां ऐसे गुटन सी होती है
00:16मैं इन चार दिवारियों में मरना नहीं चाहता
00:18मुझे वही पासी दे दो करांथी मैदान में
00:20सब के सामने
00:22यहां से इस देश में करांथी की शुरुवात हुई थी
00:26यहां ऐसे
00:28मरो तो ज़रा ज्यादा मरो
00:29इतना समर्ने से क्या फाइदा
00:32आये और गए खेल खतम
00:33तो जी यह मालूम नहीं तो मरे मालूम नहीं
00:38कलम वाली भाई क्रांथी लाना चाहती थी
00:40कलम के जोर पर काले वर्तमान को खतम करना चाहती थी
00:43कौन समझा उसकी बात को
00:44गोली भी चलाई गुरू की जान बचाने के लिए
00:48रज्जा भी शेक हो गया तेरा
00:51तारीक लिख ले
00:52लगी भी पूरी निशाने पे
00:55सला हमेशा मैं तुम्हारी जान बचाता हूँ
00:57आज किसी ने मेरी जान बचाई है
00:59यहां का रिवाज है
01:00पहला शिकार गिराने के बाद
01:02पांच किलो मिठाई खिलानी पड़ती है
01:05राजबीर को कला कन पसंद है
01:06है ना रहे
01:09मुझे मेरी फ्लेवी पे नाज है
01:13मेरी जिंदगी में
01:16मैं सही था या कलग
01:20फ्लेवी ने हमेशा मेरा साथ दिया है
01:25कहा बैठा हूँ
01:26किस से बात कर रहा हूँ
01:27क्या बात कर रहा हूँ
01:28समझ में ने
01:29कंट्रोल
01:49नमस्कार
01:49मैं हूँ नैना
01:50और आप देख रहे हैं मूवी मसाला
01:53शो में आज बात सिनेमा के
01:55बेमिसाल कलाकार नाना पाटे कर की
01:57जिनका 75 साल की उम्र में
02:00गोवा में दिल का दौरा पढ़ने के बाद
02:02निधन हो गया
02:03करीब पांच दशक के अपने फिल्मी सफर में
02:05नाना ने अभिनय को सिर्फ पेशा नहीं बनाया
02:08उसे अपना अंदाज बनाया
02:10नाना की खासियत यही थी
02:12कि वो किरदार में उतरते नहीं थे
02:14किरदार को अपने भीतर उतार लेते थे
02:17परदे का ये नाना अब हमारे बीच नहीं है
02:20लेकिन उनके निभाए किरदार
02:22उनकी आवाज अंदाज सिनेमा के परदे पर हमेशा जिन्दा रहेगा
02:29एक ऐसा भी ने था जिसकी आवाज में गुस्सा भी था, दर्द भी था और समाज की सच्चाई भी
02:37कहां बैठा हूँ, किस से बात कर रहा हूँ, क्या बात कर रहा हूँ, समझ में नहीं, कंट्रोल
02:43गोवा से हाथ सुबस हुआ, नाना पाटेकर की मौत की ख़वर आई, सीने में दर्द के शिकायत पर उन्हें गोवा
02:49के एक अस्पताल में भरती किया गया, लेकिन नियती को कुछ और ही मन्जूर था, नाना नहीं रहे
02:57अना पाटेकर का हमारी अम्बोलन्स को बुलाए गाया, उनका यह कैर्ट आया था शौपितल में, अरण ओर आई, बिन नाश्टीक
03:06में, और इस नाश्डीक में हुआ था, अर उनका देखा तो, ही वह बलाए टेकर आया तो, ही अनरे टीम
03:15ने चालो किया, और आपाटेकर सी �
03:20किया बाई आराउं 420-430 एंड बाई टाइम लिए आस मैक्जिममम सब लोगों ने CPR किया और पांच बर्च के
03:3020 मिनित को डिकलेर किया कि वोट लेट हो गए
03:35नाना का जाना हिंदी सिनेमा की अपूर्णी अक्षति इसलिए है क्योंकि वो एक आसाधरन अभिनेता थी
03:41कि सितारों से भरे बॉलिवड में नाना की एक अलग जगा थी एक अलग मुकाम था
03:52कि 1978 में फिल्म गमन से उनकी फिल्म इस सफर की शुरुवात हुई शुरुवाती वर्षों में संघर्ष के बाद अंकुष
03:59और फिर परिंदा जैसी फिल्मों ने उन्हें एक दमदार अभिनेता के तौर पर स्थापित किया
04:051989 की परिंदा में उनके अभिने को राष्टी इस्तर पर सराहना में इसके बाद क्रांती वीर में उनके अभिने ने
04:13उन्हें राष्टी फिल्म पुरसकार तक पहुँचाया
04:37उनकी खासियत थी समवात बोलने का अलग अंदाज, आखों से भाव व्यत्त करना और किरदार में पूरी तरह उतर जाना
04:44लेकिन नाना पाटेकर ने खुद को सिर्फ गंभीर भूमिकाओं तक सिमित नहीं रखा
04:49विल्कम में उदाशेटी के किरदार ने उनके अभीने का एक बिलकुल अलग रंग दर्शकों के सामने रखा
04:55गंभीर और तीखे किरदारों के लिए मशूर नाना पाटेकर ने कॉमेडी में भी अपनी खास पहचान बनाई
05:07अभीने के साथ साथ उन्होंने निर्देशन में भी हात आजमाया
05:11प्रहार दफाइनल अटेक में उन्होंने अभीने के साथ निर्देशन भी किया
05:15मराथी सिनेमा में नट समराड जैसी फिल्म ने उनके अभीने की गहराई को एक बार फिर सामने रखा
05:21नाना पाटेकर का जाना सिर्फ कविनेता का जाना नहीं है
05:25ये उस दौर के एक ऐसे कलाकार का जाना है
05:27जिसने परदे पर किर्दार निभाय नहीं उन्हें जिया है
05:48और फिर आया वेल्कम का उदय शैट्टी
05:50जिसने नाना के अभिने का एक ऐसा रंग दिखाया जिसे शायद ही कोई भूल पाए
05:56नाना ने हर किर्दार में अपनी अदाकारी की अलग पहचान बनाई
06:00नज़र डालते हैं नाना पाटेकर के उन यादगार किरदारों पर जिन्होंने उन्हें परदे पर हमेशा के लिए अमर कर दिया
06:20कुछ कलाकार फिल्म में छोड़ जाते हैं, कुछ कलाकार यादे छोड़ जाते हैं
06:25लेकिन नाना पाटेकर ने दोनों के साथ साथ एक ऐसी विरासत भी छोड़ी है जिसकी जगह भरपाना शायद कभी आसान
06:32नहीं होगा
06:39एक ऐसी आवाज जो पूरे कमरे की खामोशी को चीर दे, एक ऐसी खामोशी जो बिना कुछ कहे दिल तक
06:45उतर जाए
06:46और एक ऐसा अंदाज जिसे परदे पर देखते ही पहचान लिया जाए
06:59नारा पाटेकर ने जिस भी किरदार को निभाया उसे सिर्फ परदे पर उतारा नहीं बल्कि उसमें अपनी पूरीद जान डाल
07:06दी
07:09आ गए मेरे मौत का तमाशा देखने आप मुझे लटका देंगे जुबान ऐसी बार आएगी आंके बार आएगी थोड़ी देर
07:17लटकता रहूंगा फिर ये मेरा भाई मुझे निचे उतार लेगा फिर आप चाचा करते घर चले जाओगे खाना खाओगे सो
07:23जाओगे
07:23और इनी यादगार किरदारों में एक का नाम है वेलकम के उदेश शेटी का एक ऐसा किरदार जो खतरनाक भी
07:31था और मज़ेदार भी
07:33नाना ने अपने डेट पैन हुमर, कॉमिक टाइमिंग और शांदार स्क्रीन प्रेजेंस से उदेश शेटी को हिंदी सिनेमा के सबसे
07:41यादगार कॉमेडी के विदारों में सामिल कर दिया
07:44एक हमें कोई पीता जिसे हमें आहाँ अलू लेलू।
07:55कांदे लेलू।
07:58देख देख देख देख देख बड़ा कमाल के डालोग लिख है।
08:00अजय जी बोली-बोली बोली ये।
08:03सुबह ना एक अलू बी गा है ना ही बीका है आदा कांदा।
08:19लेकिन अगर उनके करियर के उन फिर्मों की बात हो, जहां एक आम इंसान असाधारर ताकत बन कर सामने आया,
08:26तो क्रांतिवीर का नाम सबसे उपर आता है.
08:29प्रताब के किरदार में नाना ने एक ऐसे शक्स की कहानी दिखाई जो जिन्नगी में भटक रहा है, लेकिन ध्रश्टा
08:36चार और अन्याए के खिलाफ लड़ते हुए उसे अपने जीने का मकसद मिल जाता है.
08:41गुष्से जुनूर और सही गलत की अपनी मजबूत समझ के साथ नाना ने इस किरदार को ऐसा असर दिया कि
08:48उनिन नेशनल फिल्म अवार्ड और फिल्म फेर अवार्ड से नवाजा गया.
08:52मुझे कहा कि मैं सिर्फ तालियां बजाने के लिए आया हूँ, अवर्ड तुम्हें मिलने वाला है. मुझे लगता है ऐसी
08:59रिलेशन्शिप एक्टरस, एक्टरसेस में हूँ, हमारे परिवार में हूँ, तो हम ज्यादा खुछ रहेंगे, धन्यवार्ड.
09:11फिर आई नट समरा, और यहां नाना ने अपनी एक्टिंग का बिलकुल अलग रंग दिखाया. रंग मंच का एक ऐसा
09:18दिगज कलाकार जो उम्र बढ़ने के साथ अकेले पन और अपनों की बेरुखी का सामना करता है. नाना की आखों
09:25में दिखता दर्द और तूटता हुआ क
09:27किरदार दर्शकों को भीतर तक्ष्टू गया. लेकिन नाना पाटेकर की विरासत सिर्फ एमोशनल किरदारों तक सीनित नहीं रही. परिंदा में
09:42उन्होंने अन्ना सेठ का किरदार निभाया. एक ऐसा बेरहम अंडर वर्ड डॉन जिसकी मौजूद्गी भर से परदे पर ख
09:57के सामने अपनी पहचान बनाने वाले नाना ने कैमरे के पीछे भी अपनी छाप चोली. प्रहार दफ फाइनल अटेक में
10:04उन्होंने निर्देशन भी किया और मेजर वी एस चौहार का किरदार भी निभाया. एक बेहद अनुश्रासित आर्मी ओफीसर जो एक
10:12तूटे हुए
10:39और जहां नाना को अक्सर उनके गुस्से और तीखे अंदाज के लिए याद किया जाता है वही खामूशी दब म्यूजिकल
10:47ने उनके भीतर की संवेदन शीरता को सामने रखा.
10:50एक मूख बधिर पिता की किरदार में उन्होंने बिना शब्दों की प्यार, भेबसी और दर्द को जिस तरह महसूस कराया
10:57वो उनकी अदाकारी की ताकत का एक और उधारन बन गया.
11:22अगनी साक्षी में नाना पाती करड़े अपने किरदार के खौफ नाक और जुरूनी पहलू को इतनी शिद्दत से निभाया कि
11:29उनका हर सीन कहानी में बेच्रेयानी बढ़ाता चला गया.
11:32उपर का टीम, दिखता है? कमान, बड़ाबार, फाल, हम सब सिस्टम का इस्सा है, सिस्टम डिसाइड करता है.
11:47वहीं अब तक 56 में उन्होंने एक सक्त और जुझारू पुलिस ओफीसर का किरदा निभाया. ऐसा ओफीसर जिसके लिए कानून
11:55और अपना मिशन सब से उपर था.
12:06प्रताप से लेकर अन्ना सेट तक मेजर चवहार से लेकर उदर शेत्ति तक नाना पाटेकर ने किरदारों को सिर्फ निभाया
12:14नहीं, वो खुद उन किरदारों में बदल गए. और शायद यही किसी अभिनेता की सबसे बड़ी विरासत होती है.
12:22सिर्फ फिल्मों की लंबी फेरिस्त नहीं, बलकि ऐसे किरदार और ऐसी पॉफॉर्मेंस जिन्हीं वक्त भी परदे से मिटा नहीं पाता.
12:30करीब पाँच दशक के फिल्म इस सफर में नाना पातेकर ने हिंदी, मराठी और अन्य भाषाओं में साठ से ज्यादा
12:37फिल्मों में अभिने किया.
12:39जाहिर है नाना पातेकर का सफर यहीं खत्म नहीं हुआ.
12:42क्योंकि उनके जैसे कलाका और भले ही जिन्दगी के रंगमंच से विदा हो जाएं, मगर अपने किर्दारों में हमेशा जिन्दा
12:50रहते हैं, दर्शकों के दिलों में धरकते हैं.
12:52आज तक ब्योरो.
12:58नाना पातेकर की आवाज में वो असर था, जो एक साधारन से डायलोग को भी यादगार बना देता था.
13:04गुस्सा हो, हंसी हो, दर्द हो, या फिर जबरदस्त इंटेंसिटी. उनके डायलोग्स में हर भावना अपनी अलग छाप छोड़ती थी.
13:13यही वज़े है कि नाना के कई डायलोग्स आज भी लोगों की जुबान पर हैं और पॉप कल्चर का हिस्सा
13:19बन चुके हैं. तो आईए, याद करते हैं नाना पातेकर के कुछ ऐसे ही आईकॉनिक डायलोग्स जिन्हें उनकी आवाज ने
13:27हमेशा के लिए अमर कर दिया.
13:44बच्चाओ, बच्चाओ, कौन आएगा? अरे दाश सिर्फ खाने चबाने के लिए नहीं है. कटो उसको. यह मुसल्मान का खून, यह
13:51हिंदू का खून. बता, इसमें मुसल्मान का कौन सा हिंदू का कौन सा? बता, शालेब बनाने वाले ने इसमें फरक
13:59नहीं किया, तू को �
14:11सुखदुख बाढ़ते थे, अपने चखले पे गनपदी लेके काई को जाता था, पानी में गनपदी वाप्पा मोरिया काई को नाश्ता
14:19था, आ गए मेरे मोत का तमाशा देखने, आप मुझे लटका देंगे, जुबाना इसी बाहर आएगी, आंके बाहर आएगी, थोड़
14:40यह सब ना देख सकते हैं, क्योंकि उन्हें मालूम है, यह मुर्दो का देश है, वतन के लिए किसी को
14:44कोई हमदर्दी नहीं है, इसे तोड़ना बिलकुल आसान है, मैं हिंदु, मैं मुसल्मान, मैं सीख, मैं फलाना, मैं धिमका, एक
14:54लाटी को तो कोई भी तोड़ सकता है, �
14:55लेकिन लाटी के भारे को तोड़ना मुश्किल है, मैंने बच्पल में बढ़ा था, स्कूल में, तिस्री में, मैं क्यो समझा
15:01रहा हूं तुमको, क्यो समझा रहा हूं, पागल हूं, मैं भूसा बरा पढ़ा है मेरे दिमाद में, जो बाते कर
15:06रहा हूं इन पत्थरों से, हसो!
15:12भगवान का दिया हूआ सब कुछ है, दौलत है, शौरत है, इज़त है, अरे, excitement मतलब क्या, कहां बैठा हूं,
15:20किस से बात कर रहा हूं, क्या बात कर रहा हूं, समझ मैंने, control, control, उसमें क्या है? आपके बस
15:28वक्त है इस काम के लिए, इस काम के लिए तो वक्ती वक्त है, हालो,
15:34हालो, ले लो, कांदे, ले लो, हालो, ले लो, अटाए!
16:05तोलाथ
16:06बड़ी उम्मिद थी आपसे
16:09लेकिन अब पता चला आपका रास्ता अलग मेरा रास्ता अलग
16:12आप नर्म खुनके मैं गर्म खुनका
16:15हम एक साथ काम नहीं कर सकते सको
16:21तुम खुश तो मैं खुश
16:23मैं खुश तो आप मां खुश
16:26अगर किसी चीज के जरूरत हो तो मांग लेना
16:31अगर मैं आपसे कुछ मांगू
16:35तो क्या आप दे सकेंगे?
16:36जान मत मांगना इसकी बादार में कोई कीमत नहीं है
16:48कैसे बता मैं तुम भड़कनों का गीत हो
16:52जीवन का तुम संगीत हो
16:55तुम जिन्दगी तुम बंदगी तुम रोशनी तुम तासगित तुम हर खुशी तुम प्यार हो तुम प्रीथ हो मनमीथ हो
17:03आखों में तुम यादों में तुम सांसों में तुम आहों में तुम
17:08नींदों में तुम खाबों में तुम हो मेरी हर बात में तुम हो मेरे दिन रात में
17:17तुम सुबा में तुम शाम में तुम सोच में तुम काम में
17:24मेरे लिए पाना भी तुम मेरे लिए खोना भी तुम
17:27मेरे लिए हसना भी तुम मेरे लिए रोना भी तुम
17:31जाओं कहीं देखू कहीं तुम हो वहां तुम हो वहीं
17:35कैसे बताओ मैं तुम्हें तुम्हें कुछ भी नहीं
17:38कैसे बताओ मैं तुम्हें मेरे लिए तुम कौन हो
17:45नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है
17:49बॉलिवुट सितारों से लेकर राजनीतिक जगत तक हर कोई उन्हें श्रद्धानजली दे रहा है
17:55एक बेमिसाल कलाकार और दमदार आवाज के खामोश होने का दुख हर किसी के चहरे पर नजर आ रहा है
18:02देखिए ये खास रिपोर्ट
18:23कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जिनकी अदाकारी को सिर्फ सीखा या रिहर्स नहीं किया जा सकता
18:28उसे महसूस किया जाता है
18:30नाना पाटेकर के अभिने में भी कुछ ऐसा ही जादू था
18:34उनका ठहराओ, उनकी आवाज, उनकी आखें और भावनाओं का वो उफान जो स्प्रीन पर आते ही हर पल को यादगार
18:41बना देता था
18:44लेकिन आज भारतिय सिनेमा ने वो अदाकार खो दिया, जिसकी मौझूदकी को दोहराना शायद कभी आसान नहीं होगा
18:51नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर को 75 साल की उम्र में गोवा इस्तित उनके घर पर काडियक अरेस्ट के बाद
18:58निधन हो गया
18:58उन्हें अस्पतार ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका
19:04नाना के निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दोर गई
19:09नाना के करीबी दोस्त रहे रजनी कांत ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया
19:14और कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि उनके प्यारे दोस्त अव उनके बीच नहीं है
19:19अक्षि कुमार ने भी अपने वेलकम और हाउसफुल फाइव के कोस्टार को याद करते हुए उन्हें बेहत अनोखा कलाकार बताया
19:26नाना की आवाज, उनकी तीवरता और अभिने में उनकी इमानदारी उन्हें सबसे अलग बनाती थी
19:31सनी देवल ने भी नाना के निधन पर शोग जताया और उनके साथ साजह की ये खास रिष्टे को याद
19:37किया
19:38रितेश देश्मुग ने नाना को असाधारन कलाकार बताते हुए उनके जाने का दुख जाहिर किया
19:43वही प्रकाश राज की श्रद्धान जली बेहद निजी रही उन्होंने नाना के साथ हुई बातचीत असहमतियों साथ बिताए गए पलों
19:51और उनसे मिली सीख हो याद किया
19:53संजे दत जूनेर एंटियार, राजकुमार राओ और अनुपम खेर समेत कई सितारों ने भी नाना पातेकर को श्रद्धान जली दी
20:00क्यारा आडवानी और सिध्धार्त मलोत्रा से लेकर वरुंधवन रकुल प्रीट सिंग, सोनु सूर और जैकी शौफ तक बॉलिवूड के कई
20:07सितारे इस दुख की घड़ी में नाना को याद करते नजर आए
20:11सियासी गलियारों से भी श्रद्धान जलियों का सिरसिला जारी रहा
20:14प्रधान मंत्री नरेंद्र मोधी और राष्ट्रपती द्रॉबदी मुर्मू समेत कई नेताओं ने नाना पातेकर के निधन पर शोग जताया
20:22नाना पाटेकर कर जाना सिर्फ एक अभी नेता का जाना नहीं है
20:25ये उस आवाज का खामोश हो जाना है जिसे सुनते ही किरदार याद आ जाते थे
20:30क्योंकि नाना अपने पीछे सिर्फ फिल्में नहीं छोड़ कर गए
20:34वो छोड़ गए ऐसी आवाज जिसे हम आज भी सुन सकते हैं
20:38ऐसे किरदार जिने हम आज भी याद कर सकते हैं
20:41और ऐसी अदाकारी जो परदा गिरने के बाद भी खत्म नहीं होगी
20:45आज तक ग्योड़ो
20:52मूवी मसाला में आज के लिए बस इतना ही
20:55कल हम फिर हाजिर होंगे मनोरंजन जगत की तमाम चटपटी खबरों के साथ
20:59तब तक के लिए हमें दीजिये इजाजत और देश दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रहिए आज तक

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