00:03सोचिये एक इंसान सालों तक मेनत करके करोडो रुपे बचाता है उसका सपना होता है एक शांदार कार खरीदने का
00:11लेकिन अचानक एक दिन वहाँ अपना सपना छोड़ देता है क्योंकि उससे एसास होता है कि किसी और की जिंदगी
00:19बचाना अपनी लगज़री से कहीं ज्या�
00:29किरदार उनकी फिल्मों के किरदारों से भी ज्यादा प्रभावसाली है नाना पाटेकर को आपने परदे पर गुसे में देखा होगा
00:38उनकी बुलंद आवाज आखों का गुसा और डायलोग बोलने का अंदाज उन्हें बाकी अभीनिताओं से अलग बनाता है लेकिन उनकी
00:47जि
00:59सूखे कर्स और मजबूरियों से जूज रही थी नाना पाटेकर ने एक इंटर्व्यू में किसानों की आत्मत्याओं और उनके परिवारों
01:07की परिशानियों के बारे में बात की थी
01:09किसानों की हालत देखकर उनका मन विचलित हो गया वह चाहे तो इन खबरों को देखकर आगे बढ़ सकते थे
01:16आखिर वह एक अभीनिता थे
01:18किसानों की समास्याओं का समाधान करना उनकी जिम्मदारी नहीं थी लेकिन उन्होंने खुद से एक सवाल पूछा अगर मेरे पास
01:27पैसा है तो क्या मैं किसी जरुद मन की मदद नहीं कर सकता
01:31और यहीं से उनकी जिन्दगी का एक अलग पहलू सामने आता है नाना ने एक इंटर्वी में बताया था कि
01:39उनके पास लगपक एक से डेड़ करोर रुपे की बचत थी वह इस पैसे से अपने लिए एक कार खरीटने
01:46के बारे में सोच रहे थे लेकिन किसानों की हालत देखकर
01:50उन्होंने अपनी प्राथमिक्ता बदल दी जिस पैसे से वह अपने लिए एक कार खरीच सकते थे उसी पैसे से उन्होंने
01:58जरूरत मन किसान परिवारों की मदद करने का फैसला किया जरा सोचिये जिस दुनिया में लोग अपनी सफलता दिखाने के
02:06लिए महंगी गाडिया औ
02:10वहां एक अभीनेता अपनी मेहनत की कमाये का इस्तमाल उन परिवारों के लिए करना चाहता था जिनके घर का कमाने
02:18वाला सदस्य ही दुनिया छोड़ चुका था लेकिन नाना सिर्फ एक बार मदद करके रुपना नहीं चाहते थे उन्होंने मर्याठी
02:26अभीनेता मकरन अनास
02:38सियाओ की जड़ तक पहुंचना भी था सुखे से प्रभावित गाओं में जल सरक्षन ग्रामिन विकास और किसान परिवारों की
02:47सहाइता जैसे काम इस पहल का हिस्सा बने नाम किसानों को सिर्फ आकणों की तरह नहीं देखते थे वहां उनके
02:56दर्द को एक इंसान की तरह सम
03:03करा चीन जाता है तो उसे केवल सांतवना नहीं बलकि समय पर वास्तविक मदद की भी जरूरत होती है और
03:11शायद यहीं वजह है कि नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ बहतरी अभीनेता तक सिमित नहीं रही क्योंकि असली महानता इस
03:20बात में नहीं है कि आपने जिंदगी में
03:23कितना पैसा कमाया बलकि इस बात में है कि आपके होने से किसी दूसरे की जिंदगी कितनी बहतर हुई नाना
03:32पाटेकर की यह कहानी हमें एक सवाल छोड़ देती है अगर हमारे पास किसी की परेशानी कम करने की शमता
03:40है तो क्या हम अपनी जिम्मेदारी सिर्फ इसलिए भूल
03:45सकते हैं क्योंकि वह परेशानी हमारी नहीं है आपकी नजर में असली हीरो कौन है वह जो परदे पर लोगों
03:53को बचाता है या वह जो असल जिंदगी में किसी टूटे हुए परिवार का सहरा बनता है अपनी राए कमेंट
04:01सेक्शन में ज़रूर बताईए गया