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नाना पाटेकर के निधन की खबर ने अभिनेता रजा मुराद को गहरे सदमे में डाल दिया है। नाना के साथ काम कर चुके रजा मुराद ने उन्हें याद करते हुए कहा कि अभी भी यकीन करना मुश्किल है कि इतना फिट और मजबूत इंसान अचानक चला गया। उन्होंने नाना की बेबाकी, सादगी, मेहनत और लोगों की मदद करने की आदत से जुड़े कई किस्से बताए। रजा मुराद के मुताबिक नाना किसी की बेवजह तारीफ पसंद नहीं करते थे और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीते थे। उन्होंने नाना की डायलॉग बोलने की खास शैली और मेहनत को भी याद किया। रजा मुराद ने कहा कि नाना अपने पीछे शानदार यादें और बेहतरीन फिल्में छोड़ गए हैं।
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Transcript
00:00इस से ज्यादा शौकिंग कोई खबर हो ही नहीं सकती खवाब में भी नहीं सोचा जा सकता कि नाना पाटे
00:11कर दिल के दौरे पढ़ने से चले गए इतना फिट आदमी इतना कम्पलीट मेंटली फिजीकली वेरी स्ट्रॉंग
00:30नपातुला खाते थे एकसरसाइस करते थे और 75 साल की उम्र में भी बिल्कुल फिट थे 100% फिट थे
00:42उन्होंने जिन्दगी अपने हिसाब से जी उन्होंने काम अपने हिसाब से किया
00:53कभी किसी की ललो पच्चो नहीं की उन्होंने जो दिल में आता था कह देते थे
01:00सबसे अलग इन्सान से फिल्म डक्सी में रहने के बावजूद वो अपने हिसाब से जीते थे
01:10और इतनी जो उनको पापुलरिटी मिली उनके टेलेंट के बल्बूते पर मिली छोटे छोटे छोटे रोल किये छोटे छोटी छोटी
01:20फिल्म है की शुरू में एक अंकुष नाम की फिल्म थी और रवी चुपरा के साथ उन्होंने काम किया आच
01:31ही आवाज में छोटा सा रोल
01:33किया तो वो शेर था शेरों की तरह जिया शेरों की तरह रहा और बहुत मुफट इंसान था जबान करवी
01:49थी लेकिन दिल बहुत नर्म था उस इंसान का
01:56कितने तो गाओं उन्होंने एडॉप्ट किये थे कहते नहीं थे कभी उनकी जो कमाई थी 90% उनकी जो कमाई
02:09थी वो चैरिटी में जाती थी कहते नहीं थे कभी किसी से नहीं कहते थे
02:15चुपचाप कर देते थे जो नहीं करना होता था और मुफट इतने थे कि मैं उनके साथ शूटिंग कर रहा
02:24था किलेंगे मैं जो भी फिल्म करता था तो मैं ये
02:29कंडिशन रखता था कि मेरी पिक्चर में मुझे तीन एक्टर नहीं चाहिए शक्ति कपूर गुर्शन ग्रोवर और रजा मुराद ये
02:37मैं बोलता था
02:37और यही वज़ा है कि आज तक मैंने तो उनके साथ एक ही फिल्म की मज़र काम की मज़र बेराच्छा
02:46दोस्ता अधर बाइस उन्होंने जो कहा वो लोगोंने माना तो किसी भी फिल्म में आपको उनकी शक्ति कपूर गुर्शन ग्रोवर
02:58और रजा मुराद दिखाई नहीं द
03:08मैंने का आजाईए कल घर आजाईए तो मैंने मटन उनके लिए बनवाया तो आए घर खाना खाने के लिए आए
03:17तो सबस वो किसी से आप करके बात नहीं करते थे तुम या तू करके बात करते थे और आप
03:28भी अगर उसे उसी लहज़े में बात करें तो उन्हें अच्छा ल�
03:37बात ये अच्छी नहीं लगती थी, आप ग्रेट एक्टर हैं, आप कमाल के एक्टर हैं, नहीं, मैं जो हूँ मुझे
03:44मालूम है, ये उनका रोया था, किसी की खामाखा तारीफ नहीं करते थे और कभी खामाखा अपनी तारीफ सुनना भी
03:56उन्हें अच्छा नहीं लगता था, �
03:59और एक फिल्म उन्होंने बनाई थी प्रहार राम के, तो वो कमंडोस पे थी फिल्म, तो ऐसा उन्होंने अपने आपको
04:12फिट रखा उस फिल्म के लिए इतनी एक्सराइस की के कमंडोस से ज़्यादा फिट नाना पाटे कर थे उस फिल्म
04:22में, ये देखिए मैं गनपती में �
04:25जाता था उनके घर, माटूंगा गया था पिछले साल, तो इस साल इन्होंने यहां नहीं रखा था, इस साल वो
04:34कुना में रखा था उन्होंने, लास्चर में गया था, उनके घर माटूंगा गनपती पे तो, ये एक यादगार तस्वीर है,
04:44दिल का हीरा था, दिल का बहुत �
04:48नर्म आदमी था, गरीबों की मदद करता था, जैसे हमारी इंडस्ट्री में फिटनिस के हसाफ ते विनो थन्ना, धरम जी
05:00और नाना पाटे कर, ये तीन सबसे फिट लोग थे इंडस्ट्री के, अब वो कैसे चले गए समझ में नहीं
05:10आ रहा है, इतना फिट आदमी, इतना में�
05:18आप उठा के दिखी, कभी वो इंसान बीमार भी नहीं पड़ा आज तर, वो चला गया, ये तो ना सिर्फ
05:25महराष्ट के लिए, ना सिर्फ हिंदुस्तान के लिए, बलके पूरी दुनिया में उनके फैंस हैं, इस से बड़ा सदमा हो
05:35ही नहीं सकता, मैं अभी भी सदमे में ह�
05:41आया हूं, ये कैसे हो सकता है, जाना सबी को है, लेकिन भरपूर जिन्दगी जी, अपने हिसाब से जी, अपने
05:50हिसाब से काम किया, अपने हिसाब से अपने दोद बनाए, और सबसे अलग था वो, तो अब क्या कह सकते
06:03हैं, चला गया, यादें छोड़ गया है, अच्छी अ�
06:08फार्मसिस छोड़ गया है, और एक ऐसा नौन हीरो टाइप का एक्टर, एंटी हीरो टाइप का एक्टर, जिसकी अपनी ऑडियन्स
06:21ही नाना पाटे करके नाम से लोग फिल्में देखने जाते थे, ये क्या कम है बात, तो बस उनकी आत्मा
06:34की शान्ती के लिए हम दौा कर सकते
06:36हैं और अफसोसी है कि हम उनके आखरी दीदार भी नहीं कर पाएंगे क्योंके उनका अपार्टिक शरीर जो है वो
06:45मुंबई नहीं है रहा है, उनके गाओं में, उनका अग्देख सब्सकार होगा बस, बस अभी इस से आगे मैं कुछ
06:53कहा नहीं सकता, मैं इतने सद्मे में हू
06:58नाना का जो एक ये फांडेशन था नाम उसके लिए काम करते थे काफी काम करते थे गाओं
07:28वो charity में जाती है, 10% अपने पात रखते हैं, इतना बड़े दिल वाला बंदा था, कौन होता है,
07:36कौन सोचता है किसी के बारे में, वो ना नहीं था, एक ही ना नहीं था, आपने कहा कि अलग
07:42तरह की अदाकारी करते थे, उन्चे जो डायलोग होते थे, उसके बारे में, नहीं �
07:48वो मेहनत करते थे, और डायलोग याद करने का उनका एक तरीका था, वो जब तक अपने हाथ से डायलोग
07:57नहीं लिखते थे, उन्हें याद नहीं होता था, कुछ लोग सुनके डायलोग याद कर लेते हैं, कुछ लोग पढ़के डायलोग
08:06याद कर लेते हैं, ये खुद लि
08:13इसके डालॉग वो बहुत आराम से बोल लेते थे, वो उनमें एक बात थी, मेंटली बहुत स्ट्रॉंग थे, मेंटली स्ट्रॉंग
08:20थे, और काने को काना केते थे मुँपे, उसमें कभी उन्हें कोई संकोश नहीं हुआ, जो कहना है कह दो,
08:32जो करना है कर दो, जो फिल्म करनी ह
08:34करो नहीं कर रही है मत करो पैसे के बिल्कुल लालची नहीं थे खुब
08:41उनदा पैसे लेते थे जो कहते थे के इतना लेना है तो उतना ही लेते थे ऐसे इंसां थे
08:49इनके घर पे गए थे जब गनपती के लिएमे जघ जा आपने शाए हम लगता है रजा तू हर साल
09:08आता है अच्छा लगता है रजा थी
09:13ये हिसाब किताब था
09:16तो उनकी एक प्रेस कान्फरेंस हुई थी
09:19तो मैं उसमें गया
09:23तो मेरा शुक्रिया दा किया फून किया रदा बहुत अच्छा लगा तू आया
09:28तिरे आने से एक मुझे मॉरल सपोर्ट मिला
09:33ऐसे इंसान था
09:34देखा जा रहा है कि सभी पूरे मतलब देश से उनके बारे में शोक प्रदान देखी लिए यह तो सपने
09:44में भी नहीं सोच सकते थे
09:46सोची नहीं सकता कोई कि नाना पार्टिकर जैसा
09:52फिजीकली मेंटली स्ट्रॉंग बंदा
09:55जो पूरी जिन्दगी अपने टॉम्स एंड कंडिशन्स पर जिया है वो चला जाएगा अचानक अचानक चला जाएगा
10:04यह बात तो अभी भी हमारा दिल हमारा जहन कबूल नहीं कर रहा है
10:12कि आज नाना पार्टिकर अचानक चले गए, उबली नहीं कर रहा है।
10:42कि आज नाना पार्टिकर अचानक चले गए, उबली नहीं कर रहा है।

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