00:00इस से ज्यादा शौकिंग कोई खबर हो ही नहीं सकती खवाब में भी नहीं सोचा जा सकता कि नाना पाटे
00:11कर दिल के दौरे पढ़ने से चले गए इतना फिट आदमी इतना कम्पलीट मेंटली फिजीकली वेरी स्ट्रॉंग
00:30नपातुला खाते थे एकसरसाइस करते थे और 75 साल की उम्र में भी बिल्कुल फिट थे 100% फिट थे
00:42उन्होंने जिन्दगी अपने हिसाब से जी उन्होंने काम अपने हिसाब से किया
00:53कभी किसी की ललो पच्चो नहीं की उन्होंने जो दिल में आता था कह देते थे
01:00सबसे अलग इन्सान से फिल्म डक्सी में रहने के बावजूद वो अपने हिसाब से जीते थे
01:10और इतनी जो उनको पापुलरिटी मिली उनके टेलेंट के बल्बूते पर मिली छोटे छोटे छोटे रोल किये छोटे छोटी छोटी
01:20फिल्म है की शुरू में एक अंकुष नाम की फिल्म थी और रवी चुपरा के साथ उन्होंने काम किया आच
01:31ही आवाज में छोटा सा रोल
01:33किया तो वो शेर था शेरों की तरह जिया शेरों की तरह रहा और बहुत मुफट इंसान था जबान करवी
01:49थी लेकिन दिल बहुत नर्म था उस इंसान का
01:56कितने तो गाओं उन्होंने एडॉप्ट किये थे कहते नहीं थे कभी उनकी जो कमाई थी 90% उनकी जो कमाई
02:09थी वो चैरिटी में जाती थी कहते नहीं थे कभी किसी से नहीं कहते थे
02:15चुपचाप कर देते थे जो नहीं करना होता था और मुफट इतने थे कि मैं उनके साथ शूटिंग कर रहा
02:24था किलेंगे मैं जो भी फिल्म करता था तो मैं ये
02:29कंडिशन रखता था कि मेरी पिक्चर में मुझे तीन एक्टर नहीं चाहिए शक्ति कपूर गुर्शन ग्रोवर और रजा मुराद ये
02:37मैं बोलता था
02:37और यही वज़ा है कि आज तक मैंने तो उनके साथ एक ही फिल्म की मज़र काम की मज़र बेराच्छा
02:46दोस्ता अधर बाइस उन्होंने जो कहा वो लोगोंने माना तो किसी भी फिल्म में आपको उनकी शक्ति कपूर गुर्शन ग्रोवर
02:58और रजा मुराद दिखाई नहीं द
03:08मैंने का आजाईए कल घर आजाईए तो मैंने मटन उनके लिए बनवाया तो आए घर खाना खाने के लिए आए
03:17तो सबस वो किसी से आप करके बात नहीं करते थे तुम या तू करके बात करते थे और आप
03:28भी अगर उसे उसी लहज़े में बात करें तो उन्हें अच्छा ल�
03:37बात ये अच्छी नहीं लगती थी, आप ग्रेट एक्टर हैं, आप कमाल के एक्टर हैं, नहीं, मैं जो हूँ मुझे
03:44मालूम है, ये उनका रोया था, किसी की खामाखा तारीफ नहीं करते थे और कभी खामाखा अपनी तारीफ सुनना भी
03:56उन्हें अच्छा नहीं लगता था, �
03:59और एक फिल्म उन्होंने बनाई थी प्रहार राम के, तो वो कमंडोस पे थी फिल्म, तो ऐसा उन्होंने अपने आपको
04:12फिट रखा उस फिल्म के लिए इतनी एक्सराइस की के कमंडोस से ज़्यादा फिट नाना पाटे कर थे उस फिल्म
04:22में, ये देखिए मैं गनपती में �
04:25जाता था उनके घर, माटूंगा गया था पिछले साल, तो इस साल इन्होंने यहां नहीं रखा था, इस साल वो
04:34कुना में रखा था उन्होंने, लास्चर में गया था, उनके घर माटूंगा गनपती पे तो, ये एक यादगार तस्वीर है,
04:44दिल का हीरा था, दिल का बहुत �
04:48नर्म आदमी था, गरीबों की मदद करता था, जैसे हमारी इंडस्ट्री में फिटनिस के हसाफ ते विनो थन्ना, धरम जी
05:00और नाना पाटे कर, ये तीन सबसे फिट लोग थे इंडस्ट्री के, अब वो कैसे चले गए समझ में नहीं
05:10आ रहा है, इतना फिट आदमी, इतना में�
05:18आप उठा के दिखी, कभी वो इंसान बीमार भी नहीं पड़ा आज तर, वो चला गया, ये तो ना सिर्फ
05:25महराष्ट के लिए, ना सिर्फ हिंदुस्तान के लिए, बलके पूरी दुनिया में उनके फैंस हैं, इस से बड़ा सदमा हो
05:35ही नहीं सकता, मैं अभी भी सदमे में ह�
05:41आया हूं, ये कैसे हो सकता है, जाना सबी को है, लेकिन भरपूर जिन्दगी जी, अपने हिसाब से जी, अपने
05:50हिसाब से काम किया, अपने हिसाब से अपने दोद बनाए, और सबसे अलग था वो, तो अब क्या कह सकते
06:03हैं, चला गया, यादें छोड़ गया है, अच्छी अ�
06:08फार्मसिस छोड़ गया है, और एक ऐसा नौन हीरो टाइप का एक्टर, एंटी हीरो टाइप का एक्टर, जिसकी अपनी ऑडियन्स
06:21ही नाना पाटे करके नाम से लोग फिल्में देखने जाते थे, ये क्या कम है बात, तो बस उनकी आत्मा
06:34की शान्ती के लिए हम दौा कर सकते
06:36हैं और अफसोसी है कि हम उनके आखरी दीदार भी नहीं कर पाएंगे क्योंके उनका अपार्टिक शरीर जो है वो
06:45मुंबई नहीं है रहा है, उनके गाओं में, उनका अग्देख सब्सकार होगा बस, बस अभी इस से आगे मैं कुछ
06:53कहा नहीं सकता, मैं इतने सद्मे में हू
06:58नाना का जो एक ये फांडेशन था नाम उसके लिए काम करते थे काफी काम करते थे गाओं
07:28वो charity में जाती है, 10% अपने पात रखते हैं, इतना बड़े दिल वाला बंदा था, कौन होता है,
07:36कौन सोचता है किसी के बारे में, वो ना नहीं था, एक ही ना नहीं था, आपने कहा कि अलग
07:42तरह की अदाकारी करते थे, उन्चे जो डायलोग होते थे, उसके बारे में, नहीं �
07:48वो मेहनत करते थे, और डायलोग याद करने का उनका एक तरीका था, वो जब तक अपने हाथ से डायलोग
07:57नहीं लिखते थे, उन्हें याद नहीं होता था, कुछ लोग सुनके डायलोग याद कर लेते हैं, कुछ लोग पढ़के डायलोग
08:06याद कर लेते हैं, ये खुद लि
08:13इसके डालॉग वो बहुत आराम से बोल लेते थे, वो उनमें एक बात थी, मेंटली बहुत स्ट्रॉंग थे, मेंटली स्ट्रॉंग
08:20थे, और काने को काना केते थे मुँपे, उसमें कभी उन्हें कोई संकोश नहीं हुआ, जो कहना है कह दो,
08:32जो करना है कर दो, जो फिल्म करनी ह
08:34करो नहीं कर रही है मत करो पैसे के बिल्कुल लालची नहीं थे खुब
08:41उनदा पैसे लेते थे जो कहते थे के इतना लेना है तो उतना ही लेते थे ऐसे इंसां थे
08:49इनके घर पे गए थे जब गनपती के लिएमे जघ जा आपने शाए हम लगता है रजा तू हर साल
09:08आता है अच्छा लगता है रजा थी
09:13ये हिसाब किताब था
09:16तो उनकी एक प्रेस कान्फरेंस हुई थी
09:19तो मैं उसमें गया
09:23तो मेरा शुक्रिया दा किया फून किया रदा बहुत अच्छा लगा तू आया
09:28तिरे आने से एक मुझे मॉरल सपोर्ट मिला
09:33ऐसे इंसान था
09:34देखा जा रहा है कि सभी पूरे मतलब देश से उनके बारे में शोक प्रदान देखी लिए यह तो सपने
09:44में भी नहीं सोच सकते थे
09:46सोची नहीं सकता कोई कि नाना पार्टिकर जैसा
09:52फिजीकली मेंटली स्ट्रॉंग बंदा
09:55जो पूरी जिन्दगी अपने टॉम्स एंड कंडिशन्स पर जिया है वो चला जाएगा अचानक अचानक चला जाएगा
10:04यह बात तो अभी भी हमारा दिल हमारा जहन कबूल नहीं कर रहा है
10:12कि आज नाना पार्टिकर अचानक चले गए, उबली नहीं कर रहा है।
10:42कि आज नाना पार्टिकर अचानक चले गए, उबली नहीं कर रहा है।