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  • 9 hours ago
JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. राजेश कुमार सिंह की रिपोर्ट.

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Transcript
00:00सरकार ने recommendation को accept किया है और governor के आदेश से सभी को नुक्ती दी गई है जो notification
00:08होता है under article 166 के provisions के तहद जारी किया जाता है और notification के तहद उनकी appointment होती
00:16है अब यहाँ सरकार क्या किया रद करने का आदेश आप लोग सब देखिएगा सरकार ने ये बोला कि हम
00:21examination रद करते वे advertisement cancel करते हैं
00:25ये सरकार के पास power ही नहीं है advertisement और examination ये domain केवल commission के पास power है और
00:31commission under article 320 में independent body है
00:34सरकार को at best ये करना चाहिए था कि notification जिनके द्वारा उनकी नुक्ती हुई है उस notification appointment order
00:42को cancel करना चाहिए था
00:43with the consent and power of the honorable governor तो इस तरह से सरकार का examination cancel करना एक तरह
00:50से public service commission के domain में जाके करना हुआ
00:53जो कि completely असमविधानिक है दूसरे तरह हम लोग ने ये बहस किया कि कई सारे मामले हम लोने से
01:01जर्खंड का ही मामला था
01:03जिसमें appointment रद कर दी गई तो सुप्रीम कोट मामला गया था दो हजार पचीस में और सुप्रीम कोट बोला
01:08था जहां भी बास in mass cancellation की आती है
01:11वहां पर कोट को बहुत cautious होके ध्यान देके calibrated approach लेते हुए ही कुछ order करना चाहिए ये नहीं
01:21कि बस किसी तरह का कोई allegations है किसी तरह का कोई
01:24कि सबूत नहीं है सारा चीज after product है cancellation के बाद investigations चीज़े आ रही है और उसे प्रड्यूस
01:32करिया जा रहा है यह सब कहीं भी न्याय पुरुवक नहीं है यह हमारे तरफ साथ submissions किया है
01:37तो सर समझना चाहिए क्या JCCCGL का मामला की सुनवाई अब फतम हो चुकी है हमारे justice honorable दीपक रोशन
01:49सर ने आज यह बताया कि arguments of JCCCGL has been concluded
01:54now अब कल जो हमारे justice honorable justice दीपक रोशन सर ने बोला कि कल यह भी मामले होंगे वो
02:00JPSC से संबंदित होंगे जैसे CDPO 11-13 JPSC और
02:04food safety officers तो मतलब इस मामले में order reserve conclude हो गया है हो सकता है orders कल reserve
02:13कल भी इस मामले के सुनवाई रहेगी लेकिन यहां तक JCCCGL का मामला अब सुनवाई conclude हो गई है समाप
02:20तो हो चुकी है
02:23और यह हमने दिखाने का काम किया और हमारा भी जो arguments हुआ intervention के तरफ से
02:28intervenor के तरफ से हमने court को यह बताने का काम किया यह systematic failure का का
02:33में यह शुरुआत से और यहां तक जो बिल ओर्डर है अब जिसमें जिर्जेक्शन हुआ है अभे तीवारी का जो
02:39मामला बनता है और जिस तरीके से राहुल कुमार करके एक और व्यक्ति हैं जिसका
02:43में यह चीज सामने आता है कि जो प्रिंटिंग है और उसका जो प्रिंटिंग होता है वहां से शुरुआती तोर
02:52पर पर एक्जामनेशन पेपर लीक का मामला बनता है जब यह पूरा
02:56systematic leak का मामला बनता है जो breach किया गया है वह बहुत systematic way में किया गया है और
03:02यह
03:02कि जो systematic leak leakage हो रहा है इससे यह नहीं पैचान में आ सकता है segregation नहीं हो सकता
03:08है कि सही कौन है और गलत कौन है साथ-साथ हमने यह बताने का काम किया कोड को कि
03:13यह जो भी examination
03:14conduct कराए गया है उसके जो beneficiary हैं वह एक ही member of the family से भी belong करते हैं
03:21और साथ-साथ जो भी
03:22communication किया गया है WhatsApp से communication भी किया गया है और साथ-साथ और भी social media platform से
03:29इसका कहीं न कहीं आपका leakage सामने आता है और साथ-साथ एक तरह से
03:47से यह leakage किया गया है जिससे यह नहीं पता चल सकता है पूरे sanctity of the examination जो है
03:53वो compromise हो चुका है polluted हो चुका है इसलिए हमने मांग रखी है कि यह जो cancellation किया
03:59किया है वो cancellation को uphold करना चाहिए जिससे public confidence बने रखे और इंस्टिल रखे और यहां तक कोट
04:08ने भी यह पूछने का काम किया कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि आंदोलन के चलते सरकार ने दवाव
04:13के कारण यह किया खारी काना में जितने भी examination है वो खारीश करने का काम किया लेकिन को�
04:23अबे तीवारी का ग्रिफ्तारी हो चुकी थी 16 और 2026 में 16 और 2026 जो CID PS case number है
04:31जिसमें अभे तीवारी का ग्रिफ्तारी हुई थी उसके बाद जितने भी प्रकरन निकल के आते हैं वो प्रकरन अब यह
04:38पता चलता है कि यह systematic fraud है और इसका जो allegation हम पहले भी लगाते आ रहे हैं
04:43पियायल में यह को लाने का काम अनुसंदान में नहीं किया गया था अभी अनुसंदान में ये विशह आ चुके
04:50हैं और यह systematic fraud का मामला बनता है इसलिए हम यह court के समक्ष में अपने पक्रश्य रखते हुए
04:55यह कह कि systematic fraud है और यह इसमें cancellation नहीं हो सकता है आप, reconciliation हो सकता है, cancellation
05:02हो
05:12I have worked on the court, and we worked on our submissions and we worked on the court
05:19that sometimes the fraud detects, sometimes the crime detects, then the measures will be
05:24taken place.
05:25If 10 years later, they will be taken place, or they will be taken place, and the detection
05:30will be taken place many days later.
05:32This means that the measures can be taken place.
05:35Yeah, it's got punishment.

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